धनबाद *बेंगलुरु में धनबाद की युवती की संदिग्ध मौत, परिवार का दावा - मजबूत थी, सुसाइड नहीं कर सकती* Anchor :--- बेंगलुरु में झारखंड के धनबाद की रहने वाली 34 वर्षीय पूजा दत्ता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है, जिसने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पूजा का शव उनके किराए के फ्लैट से नग्न और खून से लथपथ अवस्था में बरामद किया गया। शव अर्ध-सड़ी हुई हालत में था, जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि उनकी मौत दो से तीन दिन पहले हो चुकी थी। घटना का खुलासा तब हुआ जब अपार्टमेंट के लोगों ने फ्लैट से दुर्गंध आने की शिकायत पुलिस से की। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया और शव को बरामद किया। मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, हालांकि कमरे में फटे हुए कागज जरूर पाए गए हैं। पुलिस आत्महत्या और अन्य संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। मृतका पूजा दत्ता मूल रूप से धनबाद के हीरापुर स्थित इंद्रदेव टावर के पास की रहने वाली थीं। वह एक सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल थीं और पहले बस इंडिया लिमिटेड कंपनी में कार्यरत थीं। वर्ष 2018 में कंपनी के काम से उन्हें जर्मनी भी भेजा गया था। बाद में उन्होंने कंपनी की नौकरी छोड़ दी थी। इस संबंध में कंपनी का एक पत्र उनके घर भी पहुंचा था, जिस पर परिवार ने पूछताछ की तो पूजा ने कहा था कि सब कुछ जल्द ही ठीक हो जाएगा। परिजनों के अनुसार, पूजा के पति इंदरनील बीट की मृत्यु मार्च 2021 में कोविड के दौरान हो गई थी। इस घटना से वह जरूर टूट गई थीं, लेकिन उन्होंने हिम्मत दिखाते हुए एक महीने के भीतर ही वर्क फ्रॉम होम के जरिए दोबारा काम शुरू कर दिया था। वर्ष 2023 में उन्होंने परिवार को बताया था कि वह अब पूरी तरह ठीक हैं और बेंगलुरु में रहकर काम करना चाहती हैं, जिसके बाद परिवार ने उन्हें वहां शिफ्ट होने में मदद की। हालांकि, वर्ष 2024 से पूजा ने परिवार से पूरी तरह दूरी बना ली थी। उन्होंने सभी परिजनों के फोन नंबर ब्लॉक कर दिए थे और किसी से कोई संपर्क नहीं रखती थीं। परिवार का कहना है कि पूजा आत्महत्या जैसा कदम नहीं उठा सकती थीं, वह काफी मजबूत और हिम्मत वाली थीं। फिलहाल पुलिस ने संदिग्ध मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। Byte :--- कुणाल दत्त ( मृतिका के भाई ) Byte :--- माना दत्त ( मृतिका की मां )
धनबाद *बेंगलुरु में धनबाद की युवती की संदिग्ध मौत, परिवार का दावा - मजबूत थी, सुसाइड नहीं कर सकती* Anchor :--- बेंगलुरु में झारखंड के धनबाद की रहने वाली 34 वर्षीय पूजा दत्ता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है, जिसने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पूजा का शव उनके किराए के फ्लैट से नग्न और खून से लथपथ अवस्था में बरामद किया गया। शव अर्ध-सड़ी हुई हालत में था, जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि उनकी मौत दो से तीन दिन पहले हो चुकी थी। घटना का खुलासा तब हुआ जब अपार्टमेंट के लोगों ने फ्लैट से दुर्गंध आने की शिकायत पुलिस से की। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया और शव को बरामद किया। मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, हालांकि कमरे में फटे हुए कागज जरूर पाए गए हैं। पुलिस आत्महत्या और अन्य संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। मृतका पूजा दत्ता मूल रूप से धनबाद के हीरापुर स्थित इंद्रदेव टावर के पास की रहने वाली थीं। वह एक सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल थीं और पहले बस इंडिया लिमिटेड कंपनी में कार्यरत थीं। वर्ष 2018 में कंपनी के काम से उन्हें जर्मनी भी भेजा गया था। बाद में उन्होंने कंपनी की नौकरी छोड़ दी थी। इस संबंध में कंपनी का एक पत्र उनके घर भी पहुंचा था, जिस पर परिवार ने पूछताछ की तो पूजा ने कहा था कि सब कुछ जल्द ही ठीक हो जाएगा। परिजनों के अनुसार, पूजा के पति इंदरनील बीट की मृत्यु मार्च 2021 में कोविड के दौरान हो गई थी। इस घटना से वह जरूर टूट गई थीं, लेकिन उन्होंने हिम्मत दिखाते हुए एक महीने के भीतर ही वर्क फ्रॉम होम के जरिए दोबारा काम शुरू कर दिया था। वर्ष 2023 में उन्होंने परिवार को बताया था कि वह अब पूरी तरह ठीक हैं और बेंगलुरु में रहकर काम करना चाहती हैं, जिसके बाद परिवार ने उन्हें वहां शिफ्ट होने में मदद की। हालांकि, वर्ष 2024 से पूजा ने परिवार से पूरी तरह दूरी बना ली थी। उन्होंने सभी परिजनों के फोन नंबर ब्लॉक कर दिए थे और किसी से कोई संपर्क नहीं रखती थीं। परिवार का कहना है कि पूजा आत्महत्या जैसा कदम नहीं उठा सकती थीं, वह काफी मजबूत और हिम्मत वाली थीं। फिलहाल पुलिस ने संदिग्ध मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। Byte :--- कुणाल दत्त ( मृतिका के भाई ) Byte :--- माना दत्त ( मृतिका की मां )
- Post by Niraj Kumar1
- धनबाद,रिमांड पर ‘मेजर’: प्रिंस खान गैंग के राज़ खुलने की उलटी गिनती शुरू!1
- झारखंड में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां स्वास्थ्य मंत्री Irfan Ansari की मौजूदगी में एक पत्रकार के साथ कथित मारपीट की बात सामने आई है। घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अब तक इस मामले पर मौन क्यों हैं? क्या पत्रकारों की सुरक्षा खतरे में है? क्या इस मामले में कोई सख्त कार्रवाई होगी? रांची प्रेस क्लब में पत्रकारों के विरोध ने इस मुद्दे को और बड़ा बना दिया है। अब यह सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि लोकतंत्र और प्रेस की स्वतंत्रता से जुड़ा गंभीर सवाल बन चुका है। पूरी जानकारी के लिए वीडियो अंत तक देखें। #JharkhandNews #BreakingNews #HemantSoren #IrfanAnsari #JournalistSafety #PressFreedom #Ranchi #NewsUpdate #IndianPolitics #ViralNews1
- Post by संतोष कुमार दे1
- धनबाद : धनबाद में गैस रिसाव और लगातार हो रहे भू-धसान के मुद्दे ने एक बार फिर गंभीर रूप ले लिया है। इस संदर्भ में बियाडा के पूर्व अध्यक्ष एवं समाजसेवी विजय झा ने गांधी सेवा सदन में प्रेस वार्ता कर कोयला खनन कंपनियों और सुरक्षा के लिए जिम्मेदार एजेंसियों पर गंभीर आरोप लगाए। प्रेस वार्ता के दौरान विजय झा ने कहा कि क्षेत्र में गैस रिसाव और अवैध उत्खनन की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं, जो स्थानीय लोगों की जान के लिए बड़ा खतरा बन चुकी हैं। उन्होंने बताया कि CISF द्वारा लगातार हजारों बोरिया अवैध कोयला बरामद किया जा रहा है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि अवैध खनन बड़े पैमाने पर जारी है। उन्होंने भू-धसान के मुख्य कारणों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि खदानों के अंदर के पिलरों को काटा जा रहा है, जिससे जमीन की स्थिरता कमजोर हो रही है और धंसान की घटनाएं बढ़ रही हैं। विशेष रूप से केंदुआडीह क्षेत्र में हो रहे गैस रिसाव को उन्होंने अत्यंत चिंताजनक बताया और इसे गंभीरता से लेने की मांग की। विजय झा ने कहा कि डीजीएमएस (DGMS) का दायित्व है कि वह समय-समय पर वैज्ञानिक तरीके से खदानों की जांच करे। इस संबंध में संबंधित विभाग को पत्राचार भी किया गया है, जिसमें खतरे के निशान वाले क्षेत्रों की तत्काल जांच की मांग की गई है, ताकि जन-धन की हानि को रोका जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि गैस रिसाव के कारणों की पहचान कर उसे पहले ही रोकने के उपाय किए जाने चाहिए। अब तक भू-धसान की घटनाओं में कई लोगों की जान जा चुकी है, जो प्रशासन और कंपनियों की लापरवाही को दर्शाता है। अंत में विजय झा ने चेतावनी दी कि यदि उनके आवेदन और मांगों पर समय रहते संज्ञान नहीं लिया गया, तो धनबाद की जनता की सुरक्षा के लिए जनहित याचिका (PIL) दायर की जाएगी। यह मामला न केवल प्रशासनिक जवाबदेही का सवाल खड़ा करता है, बल्कि खनन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंताएं उत्पन्न करता है। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।1
- ईसीएल के राजपुरा खदान 13 वर्षीय बच्ची डूबी,एनडीआरएफ का रेस्क्यू जारी।1
- चिरकुंडा से इस वक्त की बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है, जहां बिजली विभाग की कथित लापरवाही ने एक गरीब परिवार पर कहर बरपा दिया। बताया जा रहा है कि चिरकुंडा नगर परिषद वार्ड संख्या 9 के सोनारडंगाल निवासी सुनील यादव रोज़ की तरह आज सुबह करीब 8 बजे अपने दर्जनों मवेशियों को चराने के लिए निकले थे। लेकिन उन्हें क्या पता था कि आज का दिन उनके लिए तबाही लेकर आएगा। जैसे ही वे चिरकुंडा-पंचेत मुख्य मार्ग के 3 नंबर चढ़ाई मोड़ के पास पहुंचे, अचानक 11 केवीए बिजली का तार टूटकर जमीन पर गिरा हुआ था। करंट से भरे उस तार की चपेट में आते ही मौके पर ही तीन भैंसों की दर्दनाक मौत हो गई। घटना इतनी खतरनाक थी कि उसी समय चासनाला काम पर जा रहा एक कर्मी भी इसकी चपेट में आने से बाल-बाल बचा। उसने तुरंत अपनी मोटरसाइकिल छोड़कर किसी तरह अपनी जान बचाई।1
- Post by Niraj Kumar1