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सरकारी कर्मचारी नहीं, कृष्ण भक्ति में डूबे विनोद कुमार गन्ना, देखें अद्भुत भक्ति का रंग चित्तौड़गढ़ कलेक्ट्रेट के प्रशासनिक कर्मचारी विनोद कुमार गन्ना की अनोखी पहचान—कार्यालय में कर्मयोगी, तो भजन संध्या में मीरा जैसी कृष्ण भक्ति में लीन होकर झूमते आए नजर
Hello Chittorgarh News
सरकारी कर्मचारी नहीं, कृष्ण भक्ति में डूबे विनोद कुमार गन्ना, देखें अद्भुत भक्ति का रंग चित्तौड़गढ़ कलेक्ट्रेट के प्रशासनिक कर्मचारी विनोद कुमार गन्ना की अनोखी पहचान—कार्यालय में कर्मयोगी, तो भजन संध्या में मीरा जैसी कृष्ण भक्ति में लीन होकर झूमते आए नजर
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- नाली अतिक्रमण विवाद ने पकड़ा तूल: मौन सत्याग्रह के बाद दूसरा पक्ष भी कलेक्ट्रेट पहुंचा, लगाए प्रताड़ना के आरोप, उधार नहीं देने पर अतिक्रमण की शिकायत करने का आरोप भवानी नगर में सरकारी नाली पर कथित अतिक्रमण को लेकर शुरू हुआ विवाद अब आमने-सामने की लड़ाई में बदल गया है। शुक्रवार को प्रकाश गुर्जर द्वारा जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर मौन सत्याग्रह किए जाने के बाद मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे दूसरा पक्ष भी अपने परिवार और छोटे बच्चों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचा और पूरे मामले को आपसी रंजिश का परिणाम बताया। राधे प्रजापत ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया कि प्रकाश गुर्जर उन्हें लगातार धमका रहा है और झूठी शिकायतों के जरिए परेशान कर रहा है। प्रजापत का कहना है कि कुछ समय पहले प्रकाश गुर्जर उनकी दुकान से उधार में सामान लेने आया था। उधार देने से इनकार करने के बाद से वह रंजिश रखने लगा और विभिन्न विभागों में लगातार शिकायतें कर रहा है। प्रजापत ने दावा किया कि मौके पर सभी दुकानदार और मकान मालिक वर्षों से निर्धारित सीमा के भीतर ही हैं तथा किसी प्रकार का अतिक्रमण नहीं किया गया है। दुकान के बाहर रखा मामूली सामान भी उन्होंने स्वयं हटा दिया है। उनका आरोप है कि प्रकाश गुर्जर बेवजह उन्हें निशाना बना रहा है, जबकि उसका खुद का सर्विस सेंटर कथित रूप से अतिक्रमण में संचालित हो रहा है। साथ ही, उसने अपने मकान के पीछे भी पक्का निर्माण कर अतिक्रमण कर रखा है। प्रजापत ने जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराने और झूठी शिकायतों के आधार पर उन्हें प्रताड़ित नहीं किए जाने की मांग की।1
- पुलिस कप फुटबॉल टूर्नामेंट का शुभारंभ1
- श्री सांवरिया सेठ टुडे लाइव श्रृंगार दर्शन कर लो प्यारे भक्तों श्री सांवरिया सेठ टुडे लाइव श्रृंगार दर्शन कर लो प्यारे भक्तों1
- दिल्ली पुलिस ने की हुसैन समेत 5 दोषियों के लिए फांसी की मांग नई दिल्ली । दिल्ली दंगों के दौरान मारे गए इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड में सजा को लेकर बहस तेज हो गई है। दोषियों को सजा सुनाने से पहले दिल्ली पुलिस और पीड़ित परिवार ने पूर्व आप पार्षद ताहिर हुसैन समेत 5 दोषियों के लिए फांसी की मांग करते हुए इसे रेयरेस्ट ऑफ रेयर मामला बताया है। दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट में सजा पर सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने ताहिर हुसैन, नाजिम, काशिम, अनस और जावेद के लिए अधिकतम सजा यानी फांसी की मांग की। पुलिस ने अदालत में दलील दी कि यह हत्या बेहद क्रूर, सुनियोजित और जघन्य तरीके से अंजाम दी गई, जिससे समाज में भय और सांप्रदायिक तनाव फैलाने की कोशिश की गई। कोर्ट ने अब सजा सुनाने के लिए 31 जुलाई की तारीख दी है। हत्थकित शर्मा में हुई कोर्ट ने 13 जुलाई को इन्हें ठहराया था दोषी कड़कड़डूमा कोर्ट ने 13 जुलाई को पूर्व आप पार्षद ताहिर हुसैन, नाजिम, काशिम, अनस और जावेद को हत्या, अपहरण, दंगा और सांप्रदायिक वैमनस्य फैलाने सहित कई गंभीर धाराओं में दोषी करार दिया था। अब अदालत इन दोषियों को मिलने वाली सजा पर अंतिम फैसला सुनाएगी, जिस पर सभी की नजरें टिकी हैं। नाले में मिला था आईबी अधिकारी शर्मा का शव यह मामला दयालपुर थाने में अंकित शर्मा के पिता रविंदर कुमार की शिकायत पर दर्ज हुआ था। आरोप है कि 25 फरवरी 2020 को ऑफिस से लौटने के बाद अंकित शर्मा दोबारा बाहर निकले, लेकिन वापस नहीं लौटे। अगले दिन उनका शव चांदबाग पुलिया के पास खजूरी खास नाले से बरामद हुआ। परिजनों का आरोप था कि तत्कालीन आप पार्षद ताहिर हुसैन और उसके साथियों ने उनकी हत्या कर शवाको नाले में फेंक दिया। इसी मामले में अब दोषियों की सजा पर अदालत का फैसला आना बाकी है। बचाव पक्ष ने किया विरोध वहीं, बचाव पक्ष ने फांसी की मांग का विरोध करते हुए कहा कि हर हत्या का मामला मौत की सजा का आधार नहीं बन सकता। वकीलों ने अदालत को बताया कि 91 गवाहों की गवाही और लंबे ट्रायल के बाद 11 आरोपियों में से केवल 5 को दोषी ठहराया गया, जबकि 6 आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया।1