Shuru
Apke Nagar Ki App…
झारखंड के धनबाद जिले में गैस की कालाबाजारी के कारण आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, जिसमें आरोप लगाया गया है कि रसूखदार व्यक्तियों और आम जनता के लिए अलग-अलग कानून लागू होते हैं।
JH Media Dhn Zahir Khan Kcn Tv
झारखंड के धनबाद जिले में गैस की कालाबाजारी के कारण आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, जिसमें आरोप लगाया गया है कि रसूखदार व्यक्तियों और आम जनता के लिए अलग-अलग कानून लागू होते हैं।
More news from झारखंड and nearby areas
- झारखंड के धनबाद जिले में गैस की कालाबाजारी के कारण आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, जिसमें आरोप लगाया गया है कि रसूखदार व्यक्तियों और आम जनता के लिए अलग-अलग कानून लागू होते हैं।1
- झारखंड के धनबाद जिले में कथित देह व्यापार के एक बड़े रैकेट का खुलासा हुआ है।1
- नागरिकों को सूचित किया गया है कि जब बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) उनके घर आएं, तो उन्हें पिछली विशेष गहन पुनरीक्षण वाली मतदाता सूची के साथ अपनी मैपिंग करानी चाहिए।1
- धनबाद के मानैतांड स्थित हरि मंदिर में एक नया डॉक्टर चैंबर शुरू किया गया है।1
- अंतरराष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ (इस्कॉन) धनबाद द्वारा भगवान श्री जगन्नाथ, बलदेव एवं सुभद्रा महारानी का पावन स्नान पूर्णिमा महोत्सव सोमवार, 29 जून 2026 को धनबाद के पार्कलेन रिसॉर्ट में अत्यंत भक्ति, श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। इस दिव्य कार्यक्रम में शहर के विभिन्न क्षेत्रों से आए गणमान्य नागरिकों, भक्तों और श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया। महोत्सव का शुभारंभ हरिनाम संकीर्तन और उत्साहपूर्ण कीर्तन के साथ हुआ, जिसने संपूर्ण वातावरण को भक्तिमय बना दिया।1
- धनबाद में सांसद ढुलू महतो और विधायक अरुप चटर्जी के बीच तीखा घमासान देखने को मिला है। विधायक चटर्जी ने धनबाद सांसद ढुलू महतो की बातों पर पलटवार करते हुए अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।1
- निरसा में कथित देह व्यापार के एक बड़े खुलासे के बाद एक लॉज में ज़बरदस्त हंगामा हुआ। इस घटना के दौरान कथित तौर पर दो जोड़े मौके से फरार हो गए। बताया जा रहा है कि यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।1
- धनबाद सांसद ढुल्लू महतो द्वारा अपने स्वर्गीय पिता पर की गई टिप्पणी से नाराज़ होकर, निरसा विधायक अरूप चटर्जी ने मोर्चा खोल दिया है। धनबाद परिसदन में एक प्रेस वार्ता कर विधायक चटर्जी ने सांसद के बयान की कड़ी निंदा की और उन पर कोयला कारोबार, फ्लाईओवर के श्रेय विवाद और ज़मीन से जुड़े कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके पिता ने हमेशा मजदूरों के हित के लिए संघर्ष किया और आज भी उनके शहादत दिवस पर बड़ी संख्या में लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने आते हैं। विधायक अरूप चटर्जी ने सांसद ढुल्लू महतो पर सीधे निशाना साधते हुए कहा कि सांसद खुद को 'हरिश्चंद्र' बताते हैं और दूसरों को 'माफिया' कहते हैं, जबकि उनके खुद के कई मामलों की जांच होनी चाहिए। चटर्जी के अनुसार, धनबाद में कोयले के अवैध कारोबार में सांसद की बड़ी भूमिका है और उनके बेटे भी इसी धंधे में शामिल हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सांसद हार्डकोक उद्योग को बर्बाद करने में लगे हैं और खुद कई हार्डकोक भट्ठों का संचालन कर चोरी के कोयले को खपा रहे हैं। चटर्जी ने दावा किया कि धनबाद में सांसद से बड़ा माफिया कोई नहीं है। उन्होंने सांसद के सीबीआई और ईडी जांच वाले बयानों पर भी हमला करते हुए कहा कि अगर सांसद खुद को बेदाग मानते हैं तो जांच से क्यों डरते हैं। विधायक ने यह भी चुनौती दी कि अगर सांसद सच में गरीबों के मसीहा हैं, तो उनके नाम पर कब्जे वाली ज़मीन गरीबों को दान कर देनी चाहिए। फ्लाईओवर विवाद पर भी अरूप चटर्जी ने सांसद पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने बताया कि गोविंदपुर-निरसा एलिवेटेड फ्लाईओवर की मांग क्षेत्र की जनता की थी और यह योजना सांसद के विधायक बनने से पहले ही स्वीकृत हो चुकी थी। चटर्जी ने आरोप लगाया कि सांसद केवल श्रेय लेने की राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि धनबाद का गया पुल विधायक राज सिन्हा के प्रयासों का परिणाम है, जिस पर भी सांसद अपना श्रेय लेने की कोशिश कर रहे हैं। विधायक ने सांसद पर केंद्र सरकार से आज तक एक नाला तक का फंड पास न करा पाने का आरोप भी लगाया। फ्लाईओवर निर्माण में कमीशन के आरोपों पर चटर्जी ने अपनी आपत्ति दोहराई कि टेंडर लेने वाली कंपनी काम को कोयला माफियाओं के हाथों न सौंपे। उन्होंने गोपालीगंज क्षेत्र की जमीन और वसूली को लेकर भी सांसद पर आरोप लगाए, साथ ही यह भी चेतावनी दी कि निरसा में कोई धमका कर काम नहीं कर सकता। विधायक ने सांसद पर रंगदारी और अवैध कोयला कारोबार के आरोप लगाते हुए कहा कि जो व्यक्ति खुद आरोपों से घिरा है, वह दूसरों को बदनाम करने में लगा है। अंत में, अरूप चटर्जी ने भाजपा पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी को ऐसे व्यक्ति को टिकट देने पर विचार करना चाहिए और दावा किया कि वर्ष 2029 में भाजपा ऐसे व्यक्ति को टिकट नहीं देगी। उन्होंने सांसद को चुनौती दी कि अगर उनमें दम है तो निर्दलीय चुनाव लड़कर दिखाएं। यह पूरी राजनीतिक बयानबाजी सांसद ढुल्लू महतो के उस बयान के बाद तेज़ हुई है, जिसमें उन्होंने गोविंदपुर-निरसा एलिवेटेड फ्लाईओवर मामले को लेकर विधायक अरूप चटर्जी पर व्यक्तिगत टिप्पणी करते हुए कहा था कि वह उनके पिता के समय से विधायक हैं और अरूप चटर्जी 'अनुकंपा और दया पर' विधायक बने हैं।1