बीके अस्पताल में 9 महीने की गर्भवती महिला की मौत, परिजनों ने इलाज में लापरवाही के आरोप लगाए फरीदाबाद। बीके अस्पताल में डिलीवरी के लिए भर्ती 9 महीने की गर्भवती महिला रीना की मौत के बाद मामला गरमा गया है। परिजनों ने अस्पताल में इलाज के दौरान लापरवाही बरतने के आरोप लगाए हैं। वहीं, पुलिस का कहना है कि फिलहाल किसी अस्पताल या डॉक्टर के खिलाफ लिखित शिकायत नहीं दी गई है। पुलिस ने महिला के शव का बोर्ड से पोस्टमार्टम कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। परिजनों के मुताबिक, रीना को डिलीवरी के लिए बीके अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसका ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ था। रात के समय अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसे लगातार उल्टियां होने लगीं और बाद में मुंह से झाग निकलने की बात भी परिजनों ने कही। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने डॉक्टरों से तुरंत इलाज करने की गुहार लगाई, लेकिन समय पर उचित इलाज नहीं मिला। इसके बाद महिला की मौत हो गई। महिला की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल में उपचार के दौरान लापरवाही का आरोप लगाते हुए सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि समय पर उचित इलाज मिलता तो महिला की जान बच सकती थी। हालांकि, मौत के वास्तविक कारणों और इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही हुई या नहीं, इसका स्पष्ट पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही चल सकेगा। वहीं, सेक्टर-55 पुलिस चौकी इंचार्ज देवदत्त के मुताबिक, पुलिस को सुबह महिला की मौत की सूचना मिली थी। मृतका के पिता ने लिखित शिकायत दी है, जिसमें ससुराल पक्ष पर प्राइवेट अस्पताल ले जाने की मांग के बावजूद वहां नहीं ले जाने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के V, फिलहाल भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 194 के तहत कार्रवाई की जा रही है। महिला के शव का बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों का पता चलेगा। रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
बीके अस्पताल में 9 महीने की गर्भवती महिला की मौत, परिजनों ने इलाज में लापरवाही के आरोप लगाए फरीदाबाद। बीके अस्पताल में डिलीवरी के लिए भर्ती 9 महीने की गर्भवती महिला रीना की मौत के बाद मामला गरमा गया है। परिजनों ने अस्पताल में इलाज के दौरान लापरवाही बरतने के आरोप लगाए हैं। वहीं, पुलिस का कहना है कि फिलहाल किसी अस्पताल या डॉक्टर के खिलाफ लिखित शिकायत नहीं दी गई है। पुलिस ने महिला के शव का बोर्ड से पोस्टमार्टम कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। परिजनों के मुताबिक, रीना को डिलीवरी के लिए बीके अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसका ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ था। रात के समय अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसे लगातार उल्टियां होने लगीं और बाद में मुंह से झाग निकलने की बात भी परिजनों ने कही। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने डॉक्टरों से तुरंत इलाज करने की गुहार लगाई, लेकिन समय पर उचित इलाज नहीं मिला। इसके बाद महिला की मौत हो गई। महिला की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल में उपचार
के दौरान लापरवाही का आरोप लगाते हुए सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि समय पर उचित इलाज मिलता तो महिला की जान बच सकती थी। हालांकि, मौत के वास्तविक कारणों और इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही हुई या नहीं, इसका स्पष्ट पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही चल सकेगा। वहीं, सेक्टर-55 पुलिस चौकी इंचार्ज देवदत्त के मुताबिक, पुलिस को सुबह महिला की मौत की सूचना मिली थी। मृतका के पिता ने लिखित शिकायत दी है, जिसमें ससुराल पक्ष पर प्राइवेट अस्पताल ले जाने की मांग के बावजूद वहां नहीं ले जाने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के V, फिलहाल भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 194 के तहत कार्रवाई की जा रही है। महिला के शव का बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों का पता चलेगा। रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
- बीके अस्पताल में 9 महीने की गर्भवती महिला की मौत, परिजनों ने इलाज में लापरवाही के आरोप लगाए फरीदाबाद। बीके अस्पताल में डिलीवरी के लिए भर्ती 9 महीने की गर्भवती महिला रीना की मौत के बाद मामला गरमा गया है। परिजनों ने अस्पताल में इलाज के दौरान लापरवाही बरतने के आरोप लगाए हैं। वहीं, पुलिस का कहना है कि फिलहाल किसी अस्पताल या डॉक्टर के खिलाफ लिखित शिकायत नहीं दी गई है। पुलिस ने महिला के शव का बोर्ड से पोस्टमार्टम कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। परिजनों के मुताबिक, रीना को डिलीवरी के लिए बीके अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसका ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ था। रात के समय अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसे लगातार उल्टियां होने लगीं और बाद में मुंह से झाग निकलने की बात भी परिजनों ने कही। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने डॉक्टरों से तुरंत इलाज करने की गुहार लगाई, लेकिन समय पर उचित इलाज नहीं मिला। इसके बाद महिला की मौत हो गई। महिला की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल में उपचार के दौरान लापरवाही का आरोप लगाते हुए सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि समय पर उचित इलाज मिलता तो महिला की जान बच सकती थी। हालांकि, मौत के वास्तविक कारणों और इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही हुई या नहीं, इसका स्पष्ट पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही चल सकेगा। वहीं, सेक्टर-55 पुलिस चौकी इंचार्ज देवदत्त के मुताबिक, पुलिस को सुबह महिला की मौत की सूचना मिली थी। मृतका के पिता ने लिखित शिकायत दी है, जिसमें ससुराल पक्ष पर प्राइवेट अस्पताल ले जाने की मांग के बावजूद वहां नहीं ले जाने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के V, फिलहाल भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 194 के तहत कार्रवाई की जा रही है। महिला के शव का बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों का पता चलेगा। रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।2
- गुड़गांव-फरीदाबाद रोड पर बेकाबू सीमेंट मिक्सचर ट्रक ने 11 वाहनों को मारी टक्कर। गुड़गांव-फरीदाबाद रोड पर बेकाबू सीमेंट मिक्सचर ट्रक ने 11 वाहनों को मारी टक्कर।1
- फरीदाबाद के मेवला महाराजपुर स्थित एक कंपनी के बाहर की हैं, जहां महिलाओं ने अपनी शिकायतों को लेकर प्रदर्शन किया। फरीदाबाद के मेवला महाराजपुर स्थित एक कंपनी के बाहर की हैं, जहां महिलाओं ने अपनी शिकायतों को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी महिलाओं का आरोप है कि कंपनी का HR मैनेजर उनके साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार करता है, उन्हें डराता-धमकाता है और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर अपमानित करता है। महिलाओं का कहना है कि मामले को लेकर उन्होंने अपनी आवाज उठाई, लेकिन जब उनकी शिकायतों का समाधान नहीं हुआ तो उन्हें प्रदर्शन का रास्ता अपनाना पड़ा महिलाओं ने संबंधित विभागीय अधिकारियों से पूरे मामले की जांच कराने और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की मांग की है अब सवाल यह है कि महिलाओं द्वारा लगाए गए आरोपों पर श्रम विभाग के आला अधिकारी क्या संज्ञान लेते हैं और मामले की जांच किस स्तर पर की जाती है।1
- नई दिल्ली कीर्ति नगर इंडस्ट्रियल एरिया ब्लॉक 6 में सड़कों की हालत बेहद खराब है गटर नाली का पूरी तरह की से जाम हो जाना मुसीबत का कारण बन रहा है यह खबर नई दिल्ली कीर्ति नगर इंडस्ट्रियल एरिया की है यहां पर कई सालों से ऐसा ही माहौल देखने को मिल रहा है सड़कों पर नाले का पानी आ रहा है नालियां पूरी तरीके से जाम हो गई है सरकार को कंप्लेंट देते-देते लोग परेशान हो गए हैं अब तो उन्होंने शिकायत करना भी बंद कर दिया है दिल्ली सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए1
- बर्थडे पार्टी के बहाने दिल्ली के युवक को फरीदाबाद लाया, बंधक बनाकर कई दिनों तक की मारपीट बर्थडे पार्टी के बहाने दिल्ली के युवक को फरीदाबाद लाया, बंधक बनाकर कई दिनों तक की मारपीट फरीदाबाद में बर्थडे पार्टी के बहाने दिल्ली के 18 वर्षीय युवक को बुलाकर बंधक बनाने और उसके साथ कई दिनों तक मारपीट करने का मामला सामने आया है। युवक के अनुसार उसको पेट्रोल पिलाया गया और गुप्तान में भी पेट्रोल डाला गया,युवक दिल्ली के अलीगांव का रहने वाला बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, पड़ोस में रहने वाला लक्की 8 सितंबर को यश को बर्थडे पार्टी में चलने की बात कहकर अपने साथ फरीदाबाद के धीरज नगर स्थित मकान पर ले आया। रात में पार्टी खत्म होने के बाद यश से कहा गया कि सुबह घर चले जाना। आरोप है कि अगले दिन सुबह वहां मौजूद लोगों ने यश से अपनी अंगूठी और पिस्टल के बारे में पूछताछ शुरू कर दी। इसके बाद उसके साथ मारपीट की गई। बताया जा रहा है कि यश को कई दिनों तक कमरे में बंधक बनाकर रखा गया और उसके साथ लगातार मारपीट की गई। इस दौरान अचानक यश के हाथ एक मोबाइल फोन लग गया। उसने मौका पाकर अपने भाई और बहन को अपनी लोकेशन भेज दी। यश का भाई पिछले कई दिनों से उसकी तलाश कर रहा था। लोकेशन मिलते ही वह पुलिस को साथ लेकर धीरज नगर पहुंचा। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर युवक को बंधक से छुड़ाया। पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, ERV-206 से सूचना मिली थी कि धीरज नगर के एक मकान में युवक के साथ मारपीट कर उसे बंधक बनाकर रखा गया है। फिलहाल पीड़ित की ओर से कोई शिकायत नहीं दी गई है। पुलिस पीड़ित से संपर्क करने का प्रयास कर रही है। शिकायत मिलने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।1
- फरीदाबाद में नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिवस पर सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत 500 विशेष ई-स्कूटर वितरित किए गए। फरीदाबाद में आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिवस पर ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत दिव्यांगजनों को केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर, बड़खल से विधायक दिनेश अदलखा और एनआईटी से विधायक सतीश फागना के हाथों 500 विशेष ई-स्कूटर वितरित किए जा गए। यह पहल उनके जीवन में अधिक आत्मनिर्भरता, सम्मान और नए अवसरों को बढ़ावा देने के संकल्प को समर्पित है। सेवा और सशक्तिकरण को ध्यान में रखते हुए इस विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया जो की सफल पूर्वक संपन्न हुआ।। आपको बता दें तिगांव विधानसभा के इन्द्रप्रस्थ मंडल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिवस पर ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत आयोजित दिव्यांगजनों को लगभग 500 विशेष ई-स्कूटर वितरित किए गए। यह पहल उनके जीवन में अधिक आत्मनिर्भरता, सम्मान और नए अवसरों को बढ़ावा देने के संकल्प को समर्पित है। स्कूटर मिलने के बाद दिव्यांगजन किसी अन्य व्यक्ति का सहारा ना लेते हुए एक जगह से दूसरी जगह सफर करने में आत्मनिर्भर साबित होंगे1
- नई दिल्ली के भारत मंडपम में टूल्स एंड इक्विपमेंट फेसबुक की मचेगी धूम नई दिल्ली के भारत मंडपम में टूल्स एंड इक्विपमेंट एक्सपो 2026 का शुभारंभ हुआ। तीन दिवसीय इस एक्सपो में देश-विदेश की कंपनियां अत्याधुनिक टूल्स, तकनीक और उपकरणों का प्रदर्शन कर रह1
- क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने का झांसा, 70,750 की ठगी करने वाले 5 साइबर ठग गिरफ्तार फरीदाबाद। अगर कोई व्यक्ति फोन करके क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने, रिवॉर्ड पॉइंट रिडीम कराने या कार्ड की समस्या ठीक करने के नाम पर आपसे जानकारी मांगता है तो सावधान रहें। साइबर ठग बैंक कर्मचारी बनकर लोगों को अपनी बातों में फंसाकर उनके मोबाइल में APK फाइल डाउनलोड करवाते हैं और इसके बाद क्रेडिट कार्ड से जुड़ी जानकारी हासिल कर खाते से रकम निकाल लेते हैं। ऐसे ही एक मामले की जांच करते हुए साइबर थाना सेंट्रल पुलिस ने गिरोह का पर्दाफाश कर पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान रजत कुमार निवासी मैनपुरी उत्तर प्रदेश, विकास सिंह निवासी आजमगढ़ उत्तर प्रदेश, शिव शंकर उर्फ राघव और अब्दुल हक निवासी संगम विहार दिल्ली तथा रोहित निवासी बहराइच उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार यह गिरोह दिल्ली के साकेत क्षेत्र में कॉल सेंटर की तरह सेटअप चलाकर लोगों को फोन करता था। मामला उस समय सामने आया जब शिकायतकर्ता के पास Axis Bank का क्रेडिट कार्ड था। कार्ड से पैसे नहीं निकलने पर उसने कस्टमर केयर से संपर्क किया था। इसके बाद साइबर ठगों ने बैंक कर्मचारी बनकर शिकायतकर्ता से संपर्क किया और कार्ड की समस्या ठीक करने का झांसा दिया। आरोपितों ने WhatsApp के माध्यम से एक लिंक भेजकर मोबाइल में APK फाइल डाउनलोड करवाई। इसके बाद क्रेडिट कार्ड से संबंधित जानकारी हासिल कर तीन अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए 20,277 रुपये, 5,000 रुपये और 45,473 रुपये निकाल लिए गए। कुल 70,750 रुपये की ठगी हुई। शिकायत मिलने के बाद साइबर थाना सेंट्रल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने दिल्ली और उत्तर प्रदेश में कार्रवाई करते हुए पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके कब्जे से 70 हजार रुपये नकद, चार मोबाइल फोन और 145 अनएक्टिव सिम कार्ड बरामद किए हैं। जांच में सामने आया कि रजत कुमार गिरोह का मुख्य आरोपित था और कॉल सेंटर का संचालन करता था। विकास सिंह कॉल सेंटर में काम करने वाली लड़कियों को लोगों से बातचीत करने और उन्हें अपनी बातों में उलझाने की ट्रेनिंग देता था। अब्दुल हक लोगों को WhatsApp पर लिंक भेजकर APK फाइल डाउनलोड करवाता था। वहीं रोहित सिम कार्ड उपलब्ध कराने का काम करता था। पुलिस के अनुसार रोहित लोगों को सिम देने के दौरान अतिरिक्त सिम अपने पास रख लेता था और बाद में इन्हें साइबर ठगी में इस्तेमाल करने के लिए रजत को देता था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि शिकायतकर्ता से ठगी गई रकम से तीन मोबाइल फोन खरीदे गए थे, जिन्हें बाद में आरोपी शिव शंकर उर्फ राघव को बेच दिया गया। इस मामले में कॉल सेंटर में काम करने वाली अन्य लड़कियों की गिरफ्तारी अभी बाकी है और पुलिस उनकी तलाश कर रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने या रिवॉर्ड पॉइंट रिडीम कराने के नाम पर किसी अनजान व्यक्ति के झांसे में न आएं। किसी को भी OTP, CVV, कार्ड नंबर या बैंकिंग संबंधी जानकारी साझा न करें। WhatsApp या अन्य माध्यम से भेजे गए किसी अनजान लिंक से APK फाइल डाउनलोड न करें। साइबर ठगी होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें।1