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सड़क हादसे से खुला अपहरण कांड, सीबीगंज पुलिस ने दो बच्चों व पिता को सकुशल किया बरामद बरेली। थाना सीबीगंज क्षेत्र में 5 अप्रैल 2026 को हुए एक भीषण सड़क हादसे ने एक सनसनीखेज अपहरण कांड का पर्दाफाश कर दिया। तेज रफ्तार बोलेरो कार (यूपी 53 ईएम 6693) गलत दिशा में ओवरटेक करते समय अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े कैंटर से टकरा गई। इसके पीछे आ रही मोटरसाइकिल भी बोलेरो से भिड़ गई। हादसे में कुल 8 लोग घायल हुए, जिनमें से 2 बाइक सवारों की मौत हो गई। मृतकों में मनमोहन सिंह, सिकंदर उर्फ आकाश कुमार और विशेष शामिल हैं, जबकि अन्य घायल हुए। घायलों में प्रिंस यादव और तीन वर्षीय मासूम बच्चे भी शामिल हैं, जिनका इलाज बरेली के अस्पताल में चल रहा है। घटना के बाद थाना सीबीगंज पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू की। जांच के दौरान मृतकों और घायलों के मोबाइल फोन खंगाले गए। ‘यक्ष ऐप’ की मदद से जब डेटा का विश्लेषण किया गया तो चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। संबंधित व्यक्तियों का आपराधिक इतिहास सामने आया और वे लूट, हत्या, चोरी जैसे मामलों में पहले से वांछित पाए गए। पुलिस ने जब मृतक मनमोहन के पिता नत्थूलाल से पूछताछ की तो एक बड़े अपहरण कांड का खुलासा हुआ। जानकारी मिली कि आरोपियों ने गुरुग्राम (हरियाणा) से मनोज कुमार और उनके दो मासूम बच्चों का अपहरण कर रखा था। इस संबंध में थाना डीएलएफ फेस-3 गुरुग्राम में पहले से मुकदमा दर्ज था। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बरेली के निर्देश पर तीन विशेष पुलिस टीमें गठित की गईं। थाना सीबीगंज पुलिस और एसओजी टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए फरीदपुर क्षेत्र के एक मकान में दबिश दी और अपहृत मनोज कुमार को सकुशल बरामद कर लिया। दोनों बच्चे पहले ही सड़क हादसे में घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती मिले। बरामद मनोज कुमार ने पुलिस को बताया कि वह गुरुग्राम में ऑटो चलाकर परिवार का पालन-पोषण करता है। 4 अप्रैल को मंदिर जाते समय आरोपियों ने उसके बच्चों का अपहरण कर लिया और उन्हें बंधक बना लिया। पुलिस विभाग की भूमिका: इस पूरे मामले में थाना सीबीगंज पुलिस की सक्रियता और तकनीकी जांच (यक्ष ऐप) की अहम भूमिका रही। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में गठित टीमों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए अपहरण कांड का खुलासा किया और पीड़ितों को सुरक्षित बरामद किया। इस ऑपरेशन में प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार चतुर्वेदी, एसओजी प्रभारी देवेंद्र सिंह धामा सहित अन्य पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अब इस पूरे गिरोह और आपराधिक नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है तथा आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

5 hrs ago
user_लाल सिंह
लाल सिंह
नवाबगंज, बरेली, उत्तर प्रदेश•
5 hrs ago

सड़क हादसे से खुला अपहरण कांड, सीबीगंज पुलिस ने दो बच्चों व पिता को सकुशल किया बरामद बरेली। थाना सीबीगंज क्षेत्र में 5 अप्रैल 2026 को हुए एक भीषण सड़क हादसे ने एक सनसनीखेज अपहरण कांड का पर्दाफाश कर दिया। तेज रफ्तार बोलेरो कार (यूपी 53 ईएम 6693) गलत दिशा में ओवरटेक करते समय अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े कैंटर से टकरा गई। इसके पीछे आ रही मोटरसाइकिल भी बोलेरो से भिड़ गई। हादसे में कुल 8 लोग घायल हुए, जिनमें से 2 बाइक सवारों की मौत हो गई। मृतकों में मनमोहन सिंह, सिकंदर उर्फ आकाश कुमार और विशेष शामिल हैं, जबकि अन्य घायल हुए। घायलों में प्रिंस यादव और तीन वर्षीय मासूम बच्चे भी शामिल हैं, जिनका इलाज बरेली के अस्पताल में चल रहा है। घटना के बाद थाना सीबीगंज पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू की। जांच के दौरान मृतकों और घायलों के मोबाइल फोन खंगाले गए। ‘यक्ष ऐप’ की मदद से जब डेटा का विश्लेषण किया गया तो चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। संबंधित व्यक्तियों का आपराधिक इतिहास सामने आया और वे लूट, हत्या, चोरी जैसे मामलों में पहले से वांछित पाए गए। पुलिस ने जब मृतक मनमोहन के पिता नत्थूलाल से पूछताछ की तो एक बड़े अपहरण कांड का खुलासा हुआ। जानकारी मिली कि आरोपियों ने गुरुग्राम (हरियाणा) से मनोज कुमार और उनके दो मासूम बच्चों का अपहरण कर रखा था। इस संबंध में थाना डीएलएफ फेस-3 गुरुग्राम में पहले से मुकदमा दर्ज था। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बरेली के निर्देश पर तीन विशेष पुलिस टीमें गठित की गईं। थाना सीबीगंज पुलिस और एसओजी टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए फरीदपुर क्षेत्र के एक मकान में दबिश दी और अपहृत मनोज कुमार को सकुशल बरामद कर लिया। दोनों बच्चे पहले ही सड़क हादसे में घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती मिले। बरामद मनोज कुमार ने पुलिस को बताया कि वह गुरुग्राम में ऑटो चलाकर परिवार का पालन-पोषण करता है। 4 अप्रैल को मंदिर जाते समय आरोपियों ने उसके बच्चों का अपहरण कर लिया और उन्हें बंधक बना लिया। पुलिस विभाग की भूमिका: इस पूरे मामले में थाना सीबीगंज पुलिस की सक्रियता और तकनीकी जांच (यक्ष ऐप) की अहम भूमिका रही। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में गठित टीमों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए अपहरण कांड का खुलासा किया और पीड़ितों को सुरक्षित बरामद किया। इस ऑपरेशन में प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार चतुर्वेदी, एसओजी प्रभारी देवेंद्र सिंह धामा सहित अन्य पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अब इस पूरे गिरोह और आपराधिक नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है तथा आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

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  • बरेली। थाना सीबीगंज क्षेत्र में 5 अप्रैल 2026 को हुए एक भीषण सड़क हादसे ने एक सनसनीखेज अपहरण कांड का पर्दाफाश कर दिया। तेज रफ्तार बोलेरो कार (यूपी 53 ईएम 6693) गलत दिशा में ओवरटेक करते समय अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े कैंटर से टकरा गई। इसके पीछे आ रही मोटरसाइकिल भी बोलेरो से भिड़ गई। हादसे में कुल 8 लोग घायल हुए, जिनमें से 2 बाइक सवारों की मौत हो गई। मृतकों में मनमोहन सिंह, सिकंदर उर्फ आकाश कुमार और विशेष शामिल हैं, जबकि अन्य घायल हुए। घायलों में प्रिंस यादव और तीन वर्षीय मासूम बच्चे भी शामिल हैं, जिनका इलाज बरेली के अस्पताल में चल रहा है। घटना के बाद थाना सीबीगंज पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू की। जांच के दौरान मृतकों और घायलों के मोबाइल फोन खंगाले गए। ‘यक्ष ऐप’ की मदद से जब डेटा का विश्लेषण किया गया तो चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। संबंधित व्यक्तियों का आपराधिक इतिहास सामने आया और वे लूट, हत्या, चोरी जैसे मामलों में पहले से वांछित पाए गए। पुलिस ने जब मृतक मनमोहन के पिता नत्थूलाल से पूछताछ की तो एक बड़े अपहरण कांड का खुलासा हुआ। जानकारी मिली कि आरोपियों ने गुरुग्राम (हरियाणा) से मनोज कुमार और उनके दो मासूम बच्चों का अपहरण कर रखा था। इस संबंध में थाना डीएलएफ फेस-3 गुरुग्राम में पहले से मुकदमा दर्ज था। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बरेली के निर्देश पर तीन विशेष पुलिस टीमें गठित की गईं। थाना सीबीगंज पुलिस और एसओजी टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए फरीदपुर क्षेत्र के एक मकान में दबिश दी और अपहृत मनोज कुमार को सकुशल बरामद कर लिया। दोनों बच्चे पहले ही सड़क हादसे में घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती मिले। बरामद मनोज कुमार ने पुलिस को बताया कि वह गुरुग्राम में ऑटो चलाकर परिवार का पालन-पोषण करता है। 4 अप्रैल को मंदिर जाते समय आरोपियों ने उसके बच्चों का अपहरण कर लिया और उन्हें बंधक बना लिया। पुलिस विभाग की भूमिका: इस पूरे मामले में थाना सीबीगंज पुलिस की सक्रियता और तकनीकी जांच (यक्ष ऐप) की अहम भूमिका रही। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में गठित टीमों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए अपहरण कांड का खुलासा किया और पीड़ितों को सुरक्षित बरामद किया। इस ऑपरेशन में प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार चतुर्वेदी, एसओजी प्रभारी देवेंद्र सिंह धामा सहित अन्य पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अब इस पूरे गिरोह और आपराधिक नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है तथा आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
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    बरेली। थाना सीबीगंज क्षेत्र में 5 अप्रैल 2026 को हुए एक भीषण सड़क हादसे ने एक सनसनीखेज अपहरण कांड का पर्दाफाश कर दिया। तेज रफ्तार बोलेरो कार (यूपी 53 ईएम 6693) गलत दिशा में ओवरटेक करते समय अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े कैंटर से टकरा गई। इसके पीछे आ रही मोटरसाइकिल भी बोलेरो से भिड़ गई। हादसे में कुल 8 लोग घायल हुए, जिनमें से 2 बाइक सवारों की मौत हो गई।
मृतकों में मनमोहन सिंह, सिकंदर उर्फ आकाश कुमार और विशेष शामिल हैं, जबकि अन्य घायल हुए। घायलों में प्रिंस यादव और तीन वर्षीय मासूम बच्चे भी शामिल हैं, जिनका इलाज बरेली के अस्पताल में चल रहा है।
घटना के बाद थाना सीबीगंज पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू की। जांच के दौरान मृतकों और घायलों के मोबाइल फोन खंगाले गए। ‘यक्ष ऐप’ की मदद से जब डेटा का विश्लेषण किया गया तो चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। संबंधित व्यक्तियों का आपराधिक इतिहास सामने आया और वे लूट, हत्या, चोरी जैसे मामलों में पहले से वांछित पाए गए।
पुलिस ने जब मृतक मनमोहन के पिता नत्थूलाल से पूछताछ की तो एक बड़े अपहरण कांड का खुलासा हुआ। जानकारी मिली कि आरोपियों ने गुरुग्राम (हरियाणा) से मनोज कुमार और उनके दो मासूम बच्चों का अपहरण कर रखा था। इस संबंध में थाना डीएलएफ फेस-3 गुरुग्राम में पहले से मुकदमा दर्ज था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बरेली के निर्देश पर तीन विशेष पुलिस टीमें गठित की गईं। थाना सीबीगंज पुलिस और एसओजी टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए फरीदपुर क्षेत्र के एक मकान में दबिश दी और अपहृत मनोज कुमार को सकुशल बरामद कर लिया। दोनों बच्चे पहले ही सड़क हादसे में घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती मिले।
बरामद मनोज कुमार ने पुलिस को बताया कि वह गुरुग्राम में ऑटो चलाकर परिवार का पालन-पोषण करता है। 4 अप्रैल को मंदिर जाते समय आरोपियों ने उसके बच्चों का अपहरण कर लिया और उन्हें बंधक बना लिया।
पुलिस विभाग की भूमिका:
इस पूरे मामले में थाना सीबीगंज पुलिस की सक्रियता और तकनीकी जांच (यक्ष ऐप) की अहम भूमिका रही। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में गठित टीमों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए अपहरण कांड का खुलासा किया और पीड़ितों को सुरक्षित बरामद किया। इस ऑपरेशन में प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार चतुर्वेदी, एसओजी प्रभारी देवेंद्र सिंह धामा सहित अन्य पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस अब इस पूरे गिरोह और आपराधिक नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है तथा आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
    user_लाल सिंह
    लाल सिंह
    नवाबगंज, बरेली, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • Post by Atma Gandhi
    1
    Post by Atma Gandhi
    user_Atma Gandhi
    Atma Gandhi
    Court reporter पीलीभीत, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • Post by Pankaj gupta
    1
    Post by Pankaj gupta
    user_Pankaj gupta
    Pankaj gupta
    Local News Reporter पीलीभीत, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • ​पीलीभीत। जिला महिला चिकित्सालय से एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहाँ एक नवजात बच्ची की जन्म के महज 16 घंटे बाद मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल स्टाफ पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाते हुए हंगामा किया। उनका कहना है कि बच्ची पूरी तरह स्वस्थ थी, लेकिन वैक्सीनेशन (टीकाकरण) के बाद उसकी हालत बिगड़ी और उसने दम तोड़ दिया। ​घटनाक्रम: चंद घंटों में उजड़ गई मां की गोद ​भर्ती: मुस्कान नाम की गर्भवती महिला को 5 मार्च की दोपहर 2:00 बजे जिला महिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। ​जन्म: शाम 7:00 बजे मुस्कान ने एक स्वस्थ और सुंदर बेटी को जन्म दिया। परिवार में जश्न का माहौल था। ​वैक्सीनेशन: अगले दिन 6 मार्च को नवजात का नियमानुसार टीकाकरण किया गया। ​दुखद अंत: परिजनों का आरोप है कि वैक्सीन लगते ही बच्ची की तबीयत बिगड़ने लगी और देखते ही देखते उसने दुनिया को अलविदा कह दिया। ​परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल ​अस्पताल परिसर में उस समय हर आंख नम हो गई जब बच्ची की नानी बेसुध होकर "उठ जा बेटी, उठ जा बाबू" कहकर विलाप करने लगी। परिजनों का सीधा आरोप है कि स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही ने उनकी फूल जैसी बच्ची की जान ले ली। ​पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई ​मामले की गंभीरता को देखते हुए सूचना मिलते ही ठेका चौकी प्रभारी मनवीर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की तहकीकात शुरू कर दी है। ​"वैक्सीनेशन के बाद बच्ची की मौत होने की सूचना मिली है। यह मामला गंभीर है और इसकी पूरी जांच कराई जा रही है। जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।" — डॉ. राजेश, सीएमएस, जिला महिला चिकित्सालय ​बड़ा सवाल: आखिर जिम्मेदार कौन? ​क्या यह महज एक इत्तेफाक है या फिर वाकई टीकाकरण की प्रक्रिया में कोई बड़ी चूक हुई है? क्या जिला प्रशासन इस मामले की निष्पक्ष जांच कर पीड़ित परिवार को न्याय दिला पाएगा? फिलहाल, इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
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    ​पीलीभीत। जिला महिला चिकित्सालय से एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहाँ एक नवजात बच्ची की जन्म के महज 16 घंटे बाद मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल स्टाफ पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाते हुए हंगामा किया। उनका कहना है कि बच्ची पूरी तरह स्वस्थ थी, लेकिन वैक्सीनेशन (टीकाकरण) के बाद उसकी हालत बिगड़ी और उसने दम तोड़ दिया।
​घटनाक्रम: चंद घंटों में उजड़ गई मां की गोद
​भर्ती: मुस्कान नाम की गर्भवती महिला को 5 मार्च की दोपहर 2:00 बजे जिला महिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था।
​जन्म: शाम 7:00 बजे मुस्कान ने एक स्वस्थ और सुंदर बेटी को जन्म दिया। परिवार में जश्न का माहौल था।
​वैक्सीनेशन: अगले दिन 6 मार्च को नवजात का नियमानुसार टीकाकरण किया गया।
​दुखद अंत: परिजनों का आरोप है कि वैक्सीन लगते ही बच्ची की तबीयत बिगड़ने लगी और देखते ही देखते उसने दुनिया को अलविदा कह दिया।
​परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
​अस्पताल परिसर में उस समय हर आंख नम हो गई जब बच्ची की नानी बेसुध होकर "उठ जा बेटी, उठ जा बाबू" कहकर विलाप करने लगी। परिजनों का सीधा आरोप है कि स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही ने उनकी फूल जैसी बच्ची की जान ले ली।
​पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
​मामले की गंभीरता को देखते हुए सूचना मिलते ही ठेका चौकी प्रभारी मनवीर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की तहकीकात शुरू कर दी है।
​"वैक्सीनेशन के बाद बच्ची की मौत होने की सूचना मिली है। यह मामला गंभीर है और इसकी पूरी जांच कराई जा रही है। जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।"
— डॉ. राजेश, सीएमएस, जिला महिला चिकित्सालय
​बड़ा सवाल: आखिर जिम्मेदार कौन?
​क्या यह महज एक इत्तेफाक है या फिर वाकई टीकाकरण की प्रक्रिया में कोई बड़ी चूक हुई है? क्या जिला प्रशासन इस मामले की निष्पक्ष जांच कर पीड़ित परिवार को न्याय दिला पाएगा? फिलहाल, इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
    user_Journalist Amit Dixit
    Journalist Amit Dixit
    Court reporter Pilibhit, Uttar Pradesh•
    13 hrs ago
  • पीलीभीत के राजकीय मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में टीकाकरण के कुछ ही देर बाद एक नवजात बच्ची की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल स्टाफ पर लापरवाही और अवैध उगाही का गंभीर आरोप लगाया है। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा किया और पुलिस को सूचना दी। यह मामला शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला देश नगर का है। मुस्कान, पत्नी फरहद को रविवार को प्रसव पीड़ा होने पर मेडिकल कॉलेज के महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों के अनुसार, मुस्कान ने शाम करीब 7:00 बजे ऑपरेशन के बाद एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया था। 4 हजार रुपए अवैध वसूली का आरोप लगाया परिजनों का आरोप है कि प्रसव के दौरान ही अस्पताल के स्टाफ ने उनसे 4000 रुपए की अवैध वसूली की थी। सोमवार को अस्पताल स्टाफ ने नवजात बच्ची को टीकाकरण के लिए वार्ड नंबर 19 में ले जाने को कहा। बच्ची की नानी जब उसे टीका लगवाने ले गईं, तो वहां मौजूद स्टाफ ने उसे इंजेक्शन लगाया। आरोप है कि टीका लगने के मात्र 15 मिनट के भीतर ही बच्ची की हालत बिगड़ने लगी और उसने दम तोड़ दिया। परिजनों ने पुलिस से शिकायत की बच्ची की मौत की खबर फैलते ही परिवार में कोहराम मच गया। आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। पीड़ित परिवार ने स्वस्थ बच्ची की मौत का कारण गलत इंजेक्शन या लापरवाही बताया है। परिजनों ने मामले की लिखित शिकायत पुलिस को दी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस गंभीर प्रकरण पर जब मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. संगीता अनेजा से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उनका मोबाइल नंबर कवरेज एरिया से बाहर आता रहा। इससे अस्पताल प्रशासन की जिम्मेदारी पर भी सवाल खड़े
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    पीलीभीत के राजकीय मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में टीकाकरण के कुछ ही देर बाद एक नवजात बच्ची की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल स्टाफ पर लापरवाही और अवैध उगाही का गंभीर आरोप लगाया है। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा किया और पुलिस को सूचना दी।
यह मामला शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला देश नगर का है। मुस्कान, पत्नी फरहद को रविवार को प्रसव पीड़ा होने पर मेडिकल कॉलेज के महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों के अनुसार, मुस्कान ने शाम करीब 7:00 बजे ऑपरेशन के बाद एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया था।
4 हजार रुपए अवैध वसूली का आरोप लगाया
परिजनों का आरोप है कि प्रसव के दौरान ही अस्पताल के स्टाफ ने उनसे 4000 रुपए की अवैध वसूली की थी। सोमवार को अस्पताल स्टाफ ने नवजात बच्ची को टीकाकरण के लिए वार्ड नंबर 19 में ले जाने को कहा। बच्ची की नानी जब उसे टीका लगवाने ले गईं, तो वहां मौजूद स्टाफ ने उसे इंजेक्शन लगाया। आरोप है कि टीका लगने के मात्र 15 मिनट के भीतर ही बच्ची की हालत बिगड़ने लगी और उसने दम तोड़ दिया।
परिजनों ने पुलिस से शिकायत की
बच्ची की मौत की खबर फैलते ही परिवार में कोहराम मच गया। आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। पीड़ित परिवार ने स्वस्थ बच्ची की मौत का कारण गलत इंजेक्शन या लापरवाही बताया है। परिजनों ने मामले की लिखित शिकायत पुलिस को दी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
इस गंभीर प्रकरण पर जब मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. संगीता अनेजा से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उनका मोबाइल नंबर कवरेज एरिया से बाहर आता रहा। इससे अस्पताल प्रशासन की जिम्मेदारी पर भी सवाल खड़े
    user_संदीप मिश्रा
    संदीप मिश्रा
    पीलीभीत, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के माधौटांडा क्षेत्र से दबंगई की एक सनसनीखेज तस्वीर सामने आई है, जहां मामूली टक्कर के बाद एक युवक ने सरेआम तलवार लेकर सड़क पर आतंक मचा दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने इलाके में दहशत का माहौल बना दिया है। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक युवक हाथ में तलवार लहराते हुए सड़क पर दौड़ रहा है और गाड़ी में सवार लोगों को डराता-धमकाता नजर आ रहा है। आरोप है कि मामूली वाहन टक्कर के बाद आरोपी ने एक दलित युवक पर जानलेवा हमला कर दिया। पीड़ित पक्ष का कहना है कि आरोपी ने न केवल जातिसूचक गालियां दीं, बल्कि जान से मारने की धमकी भी दी। इतना ही नहीं, आरोपी खुद को किसान नेता बताता है और दबाव बनाकर पैसे वसूलने की कोशिश भी कर रहा था। घटना के दौरान मौके पर अफरा-तफरी मच गई। नहर किनारे चीख-पुकार गूंजती रही और वहां मौजूद लोग भयभीत नजर आए। हैरानी की बात यह है कि आरोपी खुलेआम कानून को चुनौती देता दिखा और पुलिस का उसे कोई खौफ नहीं था। माधौटांडा से सामने आई ये तस्वीरें कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं। एक युवक का इस तरह सरेआम तलवार लेकर उत्पात मचाना और लोगों को धमकाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान लगाता है। फिलहाल पीड़ित ने पुलिस को तहरीर दे दी है और वायरल वीडियो इस पूरे मामले में बड़ा सबूत बनकर सामने आया है। अब देखना होगा कि पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई करती है।
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    उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के माधौटांडा क्षेत्र से दबंगई की एक सनसनीखेज तस्वीर सामने आई है, जहां मामूली टक्कर के बाद एक युवक ने सरेआम तलवार लेकर सड़क पर आतंक मचा दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने इलाके में दहशत का माहौल बना दिया है।
वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक युवक हाथ में तलवार लहराते हुए सड़क पर दौड़ रहा है और गाड़ी में सवार लोगों को डराता-धमकाता नजर आ रहा है। आरोप है कि मामूली वाहन टक्कर के बाद आरोपी ने एक दलित युवक पर जानलेवा हमला कर दिया।
पीड़ित पक्ष का कहना है कि आरोपी ने न केवल जातिसूचक गालियां दीं, बल्कि जान से मारने की धमकी भी दी। इतना ही नहीं, आरोपी खुद को किसान नेता बताता है और दबाव बनाकर पैसे वसूलने की कोशिश भी कर रहा था।
घटना के दौरान मौके पर अफरा-तफरी मच गई। नहर किनारे चीख-पुकार गूंजती रही और वहां मौजूद लोग भयभीत नजर आए। हैरानी की बात यह है कि आरोपी खुलेआम कानून को चुनौती देता दिखा और पुलिस का उसे कोई खौफ नहीं था।
माधौटांडा से सामने आई ये तस्वीरें कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं। एक युवक का इस तरह सरेआम तलवार लेकर उत्पात मचाना और लोगों को धमकाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान लगाता है।
फिलहाल पीड़ित ने पुलिस को तहरीर दे दी है और वायरल वीडियो इस पूरे मामले में बड़ा सबूत बनकर सामने आया है। अब देखना होगा कि पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई करती है।
    user_Naresh Mallick
    Naresh Mallick
    Local News Reporter पीलीभीत, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
  • Post by जिला संवाददाता हरपाल यादव बरेल
    1
    Post by जिला संवाददाता हरपाल यादव बरेल
    user_जिला संवाददाता हरपाल यादव बरेल
    जिला संवाददाता हरपाल यादव बरेल
    बरेली, बरेली, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • Post by Pankaj gupta
    1
    Post by Pankaj gupta
    user_Pankaj gupta
    Pankaj gupta
    Local News Reporter पीलीभीत, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
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