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Shubham Mishra
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- Post by Shubham Mishra1
- हसदेव नदी के बीच में फंसा बैल, गौसेवको ने किया सुरक्षित रेस्क्यू1
- कलेक्टर श्रीमती जयश्री जैन ने ली साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक,जनकल्याणकारी योजनाओ और कार्यो का विभागीय स्तर पर भी नियमित समीक्षा करे अधिकारी। कलेक्टर श्रीमती जयश्री जैन ने ली साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक,जनकल्याणकारी योजनाओ और कार्यो का विभागीय स्तर पर भी नियमित समीक्षा करे अधिकारी।1
- SECL की वर्दी में L&R कार्यालय में सरपंच के नाम पर साइन! वीडियो में उपसरपंच भी मौजूद, ‘सरपंच पति’ अजय कंवर पर उठे सवाल 👉🏻नौकरी से जुड़े दस्तावेज पर हस्ताक्षर का आरोप, पंचायत से लेकर SECL तक जांच की मांग कोरबा-कुसमुंडा। परियोजना प्रभावित ग्राम पंचायत खोडरी की सरपंच उमा कंवर के अधिकारों के कथित इस्तेमाल का मामला अब सवालों के घेरे में है। आरोप है कि उनके पति अजय कंवर, जो SECL कुसमुंडा में कार्यरत हैं, ने सरपंच की ओर से उनके नाम पर दस्तावेज में हस्ताक्षर किए। मामले का एक वीडियो भी सामने आया है। इसमें अजय कंवर SECL की वर्दी में L&R कार्यालय के भीतर एक दस्तावेज पर हस्ताक्षर करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में ग्राम पंचायत के उपसरपंच सुरेश पटेल भी मौजूद दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि दस्तावेज किनार कंपनी में रोजगार/नौकरी से जुड़ी प्रक्रिया का है। 👉🏻सरपंच की जगह पति ने किस अधिकार से किए हस्ताक्षर? मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि दस्तावेज पर सरपंच उमा कंवर के नाम से हस्ताक्षर किए गए हैं तो अजय कंवर को यह अधिकार किसने दिया था? क्या उनके पास सरपंच की ओर से हस्ताक्षर करने का कोई लिखित प्राधिकरण था? इसकी जांच जरूरी है। साथ ही मूल दस्तावेज, हस्ताक्षर, वीडियो की तारीख और समय तथा संबंधित कार्यालय के रिकॉर्ड से यह भी स्पष्ट किया जाना चाहिए कि उस समय सरपंच कहां थीं और दस्तावेज किस उद्देश्य से तैयार किया गया था। 👉🏻SECL की वर्दी में कार्यालय पहुंचने पर भी सवाल अजय कंवर के SECL कर्मचारी होने के कारण उनकी ड्यूटी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। यदि वीडियो की तारीख और समय उनकी ड्यूटी अवधि से मेल खाता है तो SECL प्रबंधन को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वे उस समय किस ड्यूटी पर थे और L&R कार्यालय में उनकी मौजूदगी किस अनुमति के तहत थी। 👉🏻उपसरपंच की भूमिका भी जांच के दायरे में वीडियो में उपसरपंच सुरेश पटेल की मौजूदगी ने सवाल जरूर खड़े किए हैं, लेकिन सिर्फ मौके पर मौजूद होने से उन्हें दोषी नहीं माना जा सकता। दस्तावेज और उनके बयान के आधार पर उनकी भूमिका स्पष्ट की जानी चाहिए। 👉🏻BNS और पंचायत कानून के तहत जांच की जरूरत यदि जांच में यह साबित होता है कि अजय कंवर ने बिना अधिकार सरपंच के नाम से हस्ताक्षर किए और उसका इस्तेमाल वास्तविक दस्तावेज के रूप में किया गया, तो दस्तावेज की प्रकृति के आधार पर BNS की जालसाजी संबंधी धाराओं में कार्रवाई की संभावना की जांच हो सकती है। वहीं पंचायत पद के अधिकार के दुरुपयोग या कदाचार के तथ्य सामने आने पर छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम की धारा 40 के तहत कार्रवाई की applicability भी देखी जा सकती है। फिलहाल आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी। पंचायत प्रशासन और SECL प्रबंधन से मूल दस्तावेज, वीडियो, कार्यालयीन रिकॉर्ड और ड्यूटी रिकॉर्ड की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है। जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई का रास्ता साफ हो सकता है।1
- सीपत के शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय दर्रा भाटा में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित1
- बिलासपुर में नये गौसेवा धाम का सुभारम्भ गौ कथा का आरंभ, भक्तों की भारी भीड़2
- शादी का झांसा देकर नाबालिग से दुष्कर्म, रायगढ़ का आरोपी गिरफ्तार शादी का झांसा देकर नाबालिग से दुष्कर्म, रायगढ़ का आरोपी गिरफ्तार सक्ती जिले के चंद्रपुर थाना पुलिस ने 16 वर्षीय नाबालिग को बहला-फुसलाकर भगाने और शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, 19 अगस्त को नाबालिग घर से लापता हो गई थी। परिजनों की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। तलाश के दौरान पुलिस ने पीड़िता को रायगढ़ के टिकरापारा से बरामद किया। पीड़िता के बयान के आधार पर रायगढ़ निवासी जीत डुंगरी (21 वर्ष) को गिरफ्तार कर BNS की संबंधित धाराओं और पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। इस कार्रवाई में चंद्रपुर थाना पुलिस और साइबर सेल सक्ती की टीम की अहम भूमिका रही। #SaktiPolice #Chandrapur #BreakingNews #CGNews #Raigarh #POCSO #CrimeNews #Chhattisgarh1
- स्कॉर्पियो के टक्कर में पिता पुत्र समिति तीन लोगों की मौत1