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बिडोली से गोठङातगेलान जाने वाली सङक पूरी तरह टूट चुकी है सङक विभाग को सङक नयी बनाकर जनसमस्या का निदान करना चाहिए इस सङक मार्ग पर वाहन चलाकर जाना तो दूर की बात है पैदल आदमी भी नहीं चल सकता है। इस सङक के विडियो व चित्र भी देखें।
Chiranji lal sharma
बिडोली से गोठङातगेलान जाने वाली सङक पूरी तरह टूट चुकी है सङक विभाग को सङक नयी बनाकर जनसमस्या का निदान करना चाहिए इस सङक मार्ग पर वाहन चलाकर जाना तो दूर की बात है पैदल आदमी भी नहीं चल सकता है। इस सङक के विडियो व चित्र भी देखें।
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- बिडोली से गोठङातगेलान जाने वाली सङक पूरी तरह टूट चुकी है सङक विभाग को सङक नयी बनाकर जनसमस्या का निदान करना चाहिए इस सङक मार्ग पर वाहन चलाकर जाना तो दूर की बात है पैदल आदमी भी नहीं चल सकता है। इस सङक के विडियो व चित्र भी देखें।4
- Post by Shalya Kumar2
- Post by Moolchand saini1
- वैदिक तर्कवाद से लोक संस्कृति के उत्थान में अग्रणी रहे स्वामी दयानंद सरस्वती : डॉ. मेघना शर्मा एमजीएसयू की डॉ. मेघना शर्मा ने जोधपुर की अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में की तकनीकी सत्र की अध्यक्षता स्वामी दयानंद सरस्वती का उदय ऐसे समय में हुआ जब अंग्रेज़ी माध्यम से शिक्षित वर्ग लोक संस्कृति को पिछड़ी हुई मानकर तिरस्कृत करने में लगा हुआ था ऐसे समय में ऋषि मेलों, लोक गीतों में सुधारवादी दृष्टिकोण का विकास और शिक्षित महिलाओं को लोक से जोड़ने का काम दयानंद सरस्वती द्वारा किया गया। ये विचार एमजीएसयू के इतिहास विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. मेघना शर्मा द्वारा जोधपुर के जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग द्वारा आयोजित राजस्थान की लोक संस्कृति विभिन्न आयाम विषयक त्रिदिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में व्यक्त किए गए। डॉ. मेघना ने आगे कहा कि दयानंद ने लोक आचरण, लोक आस्थाओं, लोक परंपराओं को हूबहू स्वीकार करने के बजाय वैदिक तर्कवाद के मापदंड पर उन्हें तोलकर उनमें सुधार की संभावनाएं देखीं। लोक साहित्य खासकर लोक भाषाओं के उत्थान में दयानंद और आर्य समाज का विशेष योगदान रहा। संगोष्ठी के दूसरे दिन के प्रथम तकनीकी सत्र की अध्यक्षता भी डॉ. मेघना द्वारा की गई। मंच पर सह अध्यक्ष के रूप में बनस्थली विद्यापीठ के इतिहास विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. शिल्पी गुप्ता, सोफिया कॉलेज अजमेर के इतिहास विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. पर्सिस लतिका दास व बेल्जियम की मारग्रेट योंकेरी शामिल रहीं। उल्लेखनीय है कि अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का उद्घाटन राजस्थान धरोहर प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत द्वारा किया गया। अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी के आयोजन सचिव डॉ. ललित पंवार द्वारा सभी का मंच से धन्यवाद ज्ञापित किया गया।1
- Post by Rakesh Kumar Swami1
- मैच से पहले पहुंचे महाकाल के दर्शन के लिए क्रिकेटर विराट कोहली और कुलदीप1
- धौलपुर में प्रधानाचार्य के तबादले के विरोध में धरने पर बैठीं छात्राओं को शिक्षा विभाग के अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर शांतिपूर्वक समझाने का प्रयास किया। अधिकारी ने छात्राओं से बातचीत कर उन्हें पढ़ाई और भविष्य पर ध्यान देने की सलाह दी। हालांकि, कुछ लोगों को उनका अंदाज़ सख़्त लगा, जिस पर अब बहस चल रही है।1
- Post by Moolchand saini1