*जलेसर में कब्रिस्तान भूमि पर बड़ा घोटाला। गाटा 405 को लेकर प्रशासन की दोहरी नीति, अंदर-बाहर चुंगी का खेल, माफियाओं को सौंपने की साजिश* *जलेसर (एटा), 8 फरवरी 2026* – उत्तर प्रदेश के एटा जिले के जलेसर में एक बेहद गंभीर और संदिग्ध भूमि विवाद सामने आया है, जो प्रशासनिक स्तर पर भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा को उजागर कर रहा है। गाटा संख्या 405, जो मौजा अरबगढ़ के कब्रिस्तान के रूप में दर्ज है, को लेकर अलग-अलग अधिकारियों द्वारा विरोधाभासी आदेश जारी किए गए हैं। एक तरफ इसे कब्रिस्तान मानकर नगर पालिका परिषद जलेसर द्वारा जबरन खाली कराया गया, वहीं दूसरी तरफ इसे अंदर चुंगी या बाहर चुंगी बताकर जुर्माने लगाए गए। यह साफ संकेत दे रहा है कि सरकारी जमीन को खाली कराकर बड़े माफियाओं के हाथों में सौंपने की घिनौनी साजिश रची जा रही है। सन 1999 में मौजा अरबगढ़ में चकबंदी शुरू हुई थी, तब गाटा 405 कब्रिस्तान के रूप में दर्ज था। चकबंदी के दौरान इसे पॉकेट नंबर बताकर मौजा जलेसर में निहित करने का आदेश हुआ, लेकिन मौजा जलेसर में चकबंदी कभी पूरी नहीं हुई। नतीजतन, आज तक यह गाटा मौजा जलेसर में रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हो सका। फिर भी, नगर पालिका परिषद जलेसर ने इसे अपनी संपत्ति मानकर 3 जुलाई 2024 को खाली कराया। सिविल जज सीनियर डिवीजन (मंगल देव सिंह) ने स्पष्ट आदेश दिया कि यह कब्रिस्तान की भूमि है। तहसीलदार जलेसर ने 28 लोगों के खिलाफ धारा 67 के तहत जुर्माना लगाया और आदेश में इसे जलेसर *बाहर चुंगी* में दिखाया। वहीं, उप जिलाधिकारी न्यायिक ने 4 नवंबर 2025 को इसी गाटा 405 को खाली करने का आदेश दिया और प्रति व्यक्ति 50,000 से 75,000 रुपये का जुर्माना लगाया, लेकिन इसे *अंदर चुंगी* में दर्ज बताया। एक ही गाटा संख्या को दो अलग-अलग जगहों ( *अंदर चुंगी* और *बाहर चुंगी* ) पर कैसे दर्ज माना गया? यह सवाल प्रशासन की नीयत पर गहरा संदेह पैदा करता है। इसी तरह, गाटा संख्या 3294 (नॉन-जेडए रास्ता/रास्ता खास-खाम) पर सड़क मौजूद है और विधिवत चल रही है। इसकी लंबाई तहसील से महाराणा चौक तक है, लेकिन केवल थोड़ी दूरी खाली कराई गई। बाकी हिस्से पर बड़े-बड़े लोगों के निजी निर्माण कार्य बदस्तूर जारी हैं। पूरे रास्ते को क्यों नहीं खाली कराया गया? यह चुनिंदा कार्रवाई क्यों? यह पूरा मामला *"अंदर चुंगी-बाहर चुंगी-ऊपर चुंगी-नीचे चुंगी"* वाले भ्रष्टाचार के खेल की बानगी है। प्रशासन पुलिस को व्यर्थ *बलि का बकरा* बनाकर भारी संख्या में तैनात कर रहा है, जबकि असली खेल सरकारी जमीन को माफियाओं के हवाले करने का है। क्या यह *नूरा-कुश्ती* का खेल है, जिसमें सरकारी जमीन छीनकर बड़े लोगों को फायदा पहुंचाया जा रहा है? नगर पालिका परिषद जलेसर के *ईओ* को स्पष्ट करना होगा कि उन्हें इस गाटा पर कार्रवाई का अधिकार किसने दिया, जब रिकॉर्ड में यह मौजा अरबगढ़ का है और चकबंदी अधूरी है? आम जनता सवाल कर रही है – क्या प्रशासन माफियाओं का दलाल बन गया है? यह घोटाला कितना गहरा है, इसकी जांच उच्च स्तरीय जांच एजेंसी से होनी चाहिए, ताकि दोषियों को सजा मिले और सरकारी भूमि सुरक्षित रहे। यह मामला न केवल जलेसर बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए शर्मनाक है, जहां कब्रिस्तान जैसी पवित्र भूमि पर भी लालच हावी हो रहा है। जनता जागरूक हो, आवाज उठाए।
*जलेसर में कब्रिस्तान भूमि पर बड़ा घोटाला। गाटा 405 को लेकर प्रशासन की दोहरी नीति, अंदर-बाहर चुंगी का खेल, माफियाओं को सौंपने की साजिश* *जलेसर (एटा), 8 फरवरी 2026* – उत्तर प्रदेश के एटा जिले के जलेसर में एक बेहद गंभीर और संदिग्ध भूमि विवाद सामने आया है, जो प्रशासनिक स्तर पर भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा को उजागर कर रहा है। गाटा संख्या 405, जो मौजा अरबगढ़ के कब्रिस्तान के रूप में दर्ज है, को लेकर अलग-अलग अधिकारियों द्वारा विरोधाभासी आदेश जारी किए गए हैं। एक तरफ इसे कब्रिस्तान मानकर नगर पालिका परिषद जलेसर द्वारा जबरन खाली कराया गया, वहीं दूसरी तरफ इसे अंदर चुंगी या बाहर चुंगी बताकर जुर्माने लगाए गए। यह साफ संकेत दे रहा है कि सरकारी जमीन को खाली कराकर बड़े माफियाओं के हाथों में सौंपने की घिनौनी साजिश रची जा रही है। सन 1999 में मौजा अरबगढ़ में चकबंदी शुरू हुई थी, तब गाटा 405 कब्रिस्तान के रूप में दर्ज था। चकबंदी के दौरान इसे पॉकेट नंबर बताकर मौजा जलेसर में निहित करने का आदेश हुआ, लेकिन मौजा जलेसर में चकबंदी कभी पूरी नहीं हुई। नतीजतन, आज तक यह गाटा मौजा जलेसर में रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हो सका। फिर भी, नगर पालिका परिषद जलेसर ने इसे अपनी संपत्ति मानकर 3 जुलाई 2024 को खाली कराया। सिविल जज सीनियर डिवीजन (मंगल देव सिंह) ने स्पष्ट आदेश दिया कि यह कब्रिस्तान की भूमि है। तहसीलदार जलेसर ने 28 लोगों के खिलाफ धारा 67 के तहत जुर्माना लगाया और आदेश में इसे जलेसर *बाहर चुंगी* में दिखाया। वहीं, उप जिलाधिकारी न्यायिक ने 4 नवंबर 2025 को इसी गाटा 405 को खाली करने का आदेश दिया और प्रति व्यक्ति 50,000 से 75,000 रुपये का जुर्माना लगाया, लेकिन इसे *अंदर चुंगी* में दर्ज बताया। एक ही गाटा संख्या को दो अलग-अलग जगहों ( *अंदर चुंगी* और *बाहर चुंगी* ) पर कैसे दर्ज माना गया? यह सवाल प्रशासन की नीयत पर गहरा संदेह पैदा करता है। इसी तरह, गाटा संख्या 3294 (नॉन-जेडए रास्ता/रास्ता खास-खाम) पर सड़क मौजूद है और विधिवत चल रही है। इसकी लंबाई तहसील से महाराणा चौक तक है, लेकिन केवल थोड़ी दूरी खाली कराई गई। बाकी हिस्से पर बड़े-बड़े लोगों के निजी निर्माण कार्य बदस्तूर जारी हैं। पूरे रास्ते को क्यों नहीं खाली कराया गया? यह चुनिंदा कार्रवाई क्यों? यह पूरा मामला *"अंदर चुंगी-बाहर चुंगी-ऊपर चुंगी-नीचे चुंगी"* वाले भ्रष्टाचार के खेल की बानगी है। प्रशासन पुलिस को व्यर्थ *बलि का बकरा* बनाकर भारी संख्या में तैनात कर रहा है, जबकि असली खेल सरकारी जमीन को माफियाओं के हवाले करने का है। क्या यह *नूरा-कुश्ती* का खेल है, जिसमें सरकारी जमीन छीनकर बड़े लोगों को फायदा पहुंचाया जा रहा है? नगर पालिका परिषद जलेसर के *ईओ* को स्पष्ट करना होगा कि उन्हें इस गाटा पर कार्रवाई का अधिकार किसने दिया, जब रिकॉर्ड में यह मौजा अरबगढ़ का है और चकबंदी अधूरी है? आम जनता सवाल कर रही है – क्या प्रशासन माफियाओं का दलाल बन गया है? यह घोटाला कितना गहरा है, इसकी जांच उच्च स्तरीय जांच एजेंसी से होनी चाहिए, ताकि दोषियों को सजा मिले और सरकारी भूमि सुरक्षित रहे। यह मामला न केवल जलेसर बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए शर्मनाक है, जहां कब्रिस्तान जैसी पवित्र भूमि पर भी लालच हावी हो रहा है। जनता जागरूक हो, आवाज उठाए।
- एटा बिग ब्रेकिंग.... जलेसर | सड़क सीसी निर्माण से पहले मुकेश यादव ने अधिकारियों–ठेकेदार को दिए स्पष्ट निर्देश बीएसपी एवं किसान क्रांति दल के वरिष्ठ नेता तथा जिला पंचायत सदस्य मुकेश यादव ने जलेसर–सादाबाद मार्ग स्थित, महाराणा प्रताप चौक पर प्रस्तावित सड़क के सीसी निर्माण कार्य से पूर्व ठेकेदार और (PWD) के अधिकारियों को मौके पर बुलाकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। रवेन्द्र जादौन की खास रिपोर्ट एटा/ जलेसर ~ महाराणा प्रताप चौक पर प्रस्तावित सड़क के सीसी निर्माण कार्य से पूर्व ठेकेदार और (PWD) के अधिकारियों को मौके पर बुलाकर जिला पंचायत सदस्य मुकेश यादव ने कहा कि सड़क की सीसी ऊंची बनाई जाए, ताकि वर्षा का पानी सीधे नालों में प्रवाहित हो सके। इससे भविष्य में व्यापारियों और दुकानदारों को जलभराव जैसी समस्याओं का सामना न करना पड़े। उन्होंने ठेकेदार को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि सीसी निर्माण में किसी भी प्रकार की घटिया सामग्री का प्रयोग न किया जाए। सड़क उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप बने, ताकि वह लंबे समय तक टिकाऊ रहे और जल्द टूटने-फूटने की शिकायत न आए। अंत में मुकेश यादव ने कर्मचारियों और अधिकारियों को लापरवाही पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी और कहा कि जनहित के कार्यों में किसी भी स्तर पर समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।1
- Post by Mohit kumar3
- Om Hari Hospital & Trauma Center Agra Road Tundla (Firozabad) 2832041
- हाथरस जनपद के थाना सिकन्द्राराऊ में सोमवार को मुकद्दमाती, लावारिस तथा मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत दाखिल व सीज किए गए वाहनों की नीलामी कराई गई। इस नीलामी से कुल चार लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जिसे नियमानुसार सरकारी कोषागार में जमा कराया जाएगा। पुलिस अधीक्षक हाथरस चिरंजीव नाथ सिन्हा द्वारा जनपद के समस्त थानों में लंबे समय से खड़े मुकद्दमाती एवं लावारिस वाहनों का शीघ्र निस्तारण किए जाने के निर्देश दिए गए थे। इन्हीं निर्देशों के अनुपालन में उपजिलाधिकारी तथा क्षेत्राधिकारी सिकन्द्राराऊ की अध्यक्षता में गठित टीम ने नीलामी प्रक्रिया को पारदर्शी ढंग से संपन्न कराया। नीलामी में कुल 57 वाहनों को शामिल किया गया, जिनमें दोपहिया, तिपहिया एवं चारपहिया वाहन सम्मिलित थे। प्रक्रिया में लगभग 50 ठेकेदारों ने भाग लिया और खुले तौर पर बोली लगाई गई। नीलामी के दौरान सबसे अधिक बोली ठेकेदार मुदस्सिर कुरैशी द्वारा लगाई गई, जिन्होंने ₹4,00,000 (चार लाख रुपये) की बोली प्रस्तुत की। अधिकतम बोली होने के कारण नीलामी उनके पक्ष में पूर्ण की गई। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की नीलामी से न केवल थानों में अनावश्यक रूप से खड़े वाहनों का निस्तारण होता है, बल्कि सरकारी राजस्व में भी वृद्धि होती है। साथ ही थाना परिसरों में स्थान की समस्या भी दूर होती है। नीलामी प्रक्रिया को पूरी तरह नियमों के अनुरूप और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराया गया।1
- महिला पर घर में घुसकर हमला, इगलास में दबंगों की शर्मनाक करतूत* *------------------* *🔵 Facebook:"हरिया की नगरिया में दहशत: अकेली महिला को पीटा, पुलिस से न्याय की गुहार*👆 *-------------------* *👉सलाम इंडिया 24 की पड़ताल: बेखौफ हमलावरों ने तोड़ी मर्यादा, ग्रामीणों में भारी आक्रोश* *------------------* 👉*देखिए यह विशेष रिपोर्ट। अपडेट्स के लिए अभी सब्सक्राइब और फॉलो करें:*1
- आगरा के हरीपर्वत थाना क्षेत्र के नगला छिद्दा में सोमवार रात भाई-भाई के रिश्ते को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है जहां बड़े भाई ने छोटे भाई की बेरहमी से पिटाई कर उसकी हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि दोनों भाइयों के बीच नशे की हालत में किसी बात को लेकर विवाद हो गया, जो देखते ही देखते हिंसक हो उठा। घटना के समय परिवार के अन्य सदस्य एक शादी समारोह में शामिल होने बाहर गए हुए थे। अगले दिन सुबह जब परिजन घर लौटे तो उन्हें घटना की जानकारी हुई। घायल युवक को आनन-फानन में एस.एन. मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने अजय को मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और कार्रवाई करते हुए आरोपी बड़े भाई पवन को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।1
- ADM KHANDWA IAS SHRUSTI DESHMUKH MAM HOISTED THE FLAG #republicday #celebration #ias #india1
- Post by Mohit kumar3
- सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐसा सीसीटीवी वीडियो वायरल हो रहा है, जिसने लोगों को हैरानी में डाल दिया है। वीडियो में एक शातिर चोर ऊंचाई पर लटकी बिजली की तार का सहारा लेकर घर में घुसता नजर आ रहा है। हैरत की बात यह है कि आरोपी बिना डरे तार पकड़कर संतुलन बनाता है और कुछ ही सेकंड में घर के अंदर प्रवेश कर जाता है। पूरी वारदात कैमरे में कैद हो गई, लेकिन अब तक इस घटना के स्थान, तारीख और आरोपी की पहचान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। साथ ही पुलिस कार्रवाई को लेकर भी कोई प्रमाणिक जानकारी सामने नहीं आई है, जिससे यह वीडियो और ज्यादा रहस्यमयी बन गया है। वीडियो वायरल होते ही लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। कई यूजर्स का कहना है कि अगर इस तरह कोई आसानी से बिजली की तार के सहारे घर में घुस सकता है, तो यह गंभीर लापरवाही का संकेत है। वहीं कुछ लोग इसे “फिल्मी सीन” बताते हुए चोर की हिम्मत पर भी हैरानी जता रहे हैं। फिलहाल यह वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का बड़ा विषय बना हुआ है। सच क्या है और यह घटना कहां की है, इसका खुलासा होना अभी बाकी है — लेकिन इतना जरूर है कि इस वीडियो ने लोगों को अपनी घर की सुरक्षा पर दोबारा सोचने के लिए मजबूर कर दिया है।1