बिजली की तार पकड़कर घर में घुसा चोर! CCTV वीडियो देख लोग बोले – ‘ये चोरी है या स्टंट?’ सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐसा सीसीटीवी वीडियो वायरल हो रहा है, जिसने लोगों को हैरानी में डाल दिया है। वीडियो में एक शातिर चोर ऊंचाई पर लटकी बिजली की तार का सहारा लेकर घर में घुसता नजर आ रहा है। हैरत की बात यह है कि आरोपी बिना डरे तार पकड़कर संतुलन बनाता है और कुछ ही सेकंड में घर के अंदर प्रवेश कर जाता है। पूरी वारदात कैमरे में कैद हो गई, लेकिन अब तक इस घटना के स्थान, तारीख और आरोपी की पहचान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। साथ ही पुलिस कार्रवाई को लेकर भी कोई प्रमाणिक जानकारी सामने नहीं आई है, जिससे यह वीडियो और ज्यादा रहस्यमयी बन गया है। वीडियो वायरल होते ही लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। कई यूजर्स का कहना है कि अगर इस तरह कोई आसानी से बिजली की तार के सहारे घर में घुस सकता है, तो यह गंभीर लापरवाही का संकेत है। वहीं कुछ लोग इसे “फिल्मी सीन” बताते हुए चोर की हिम्मत पर भी हैरानी जता रहे हैं। फिलहाल यह वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का बड़ा विषय बना हुआ है। सच क्या है और यह घटना कहां की है, इसका खुलासा होना अभी बाकी है — लेकिन इतना जरूर है कि इस वीडियो ने लोगों को अपनी घर की सुरक्षा पर दोबारा सोचने के लिए मजबूर कर दिया है।
बिजली की तार पकड़कर घर में घुसा चोर! CCTV वीडियो देख लोग बोले – ‘ये चोरी है या स्टंट?’ सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐसा सीसीटीवी वीडियो वायरल हो रहा है, जिसने लोगों को हैरानी में डाल दिया है। वीडियो में एक शातिर चोर ऊंचाई पर लटकी बिजली की तार का सहारा लेकर घर में घुसता नजर आ रहा है। हैरत की बात यह है कि आरोपी बिना डरे तार पकड़कर संतुलन बनाता है और कुछ ही सेकंड में घर के अंदर प्रवेश कर जाता है। पूरी वारदात कैमरे में कैद हो गई, लेकिन अब तक इस घटना के स्थान, तारीख और आरोपी की पहचान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। साथ ही पुलिस कार्रवाई को लेकर भी कोई प्रमाणिक जानकारी सामने नहीं आई है, जिससे यह वीडियो और ज्यादा रहस्यमयी बन गया है। वीडियो वायरल होते ही लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। कई यूजर्स का कहना है कि अगर इस तरह कोई आसानी से बिजली की तार के सहारे घर में घुस सकता है, तो यह गंभीर लापरवाही का संकेत है। वहीं कुछ लोग इसे “फिल्मी सीन” बताते हुए चोर की हिम्मत पर भी हैरानी जता रहे हैं। फिलहाल यह वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का बड़ा विषय बना हुआ है। सच क्या है और यह घटना कहां की है, इसका खुलासा होना अभी बाकी है — लेकिन इतना जरूर है कि इस वीडियो ने लोगों को अपनी घर की सुरक्षा पर दोबारा सोचने के लिए मजबूर कर दिया है।
- सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐसा सीसीटीवी वीडियो वायरल हो रहा है, जिसने लोगों को हैरानी में डाल दिया है। वीडियो में एक शातिर चोर ऊंचाई पर लटकी बिजली की तार का सहारा लेकर घर में घुसता नजर आ रहा है। हैरत की बात यह है कि आरोपी बिना डरे तार पकड़कर संतुलन बनाता है और कुछ ही सेकंड में घर के अंदर प्रवेश कर जाता है। पूरी वारदात कैमरे में कैद हो गई, लेकिन अब तक इस घटना के स्थान, तारीख और आरोपी की पहचान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। साथ ही पुलिस कार्रवाई को लेकर भी कोई प्रमाणिक जानकारी सामने नहीं आई है, जिससे यह वीडियो और ज्यादा रहस्यमयी बन गया है। वीडियो वायरल होते ही लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। कई यूजर्स का कहना है कि अगर इस तरह कोई आसानी से बिजली की तार के सहारे घर में घुस सकता है, तो यह गंभीर लापरवाही का संकेत है। वहीं कुछ लोग इसे “फिल्मी सीन” बताते हुए चोर की हिम्मत पर भी हैरानी जता रहे हैं। फिलहाल यह वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का बड़ा विषय बना हुआ है। सच क्या है और यह घटना कहां की है, इसका खुलासा होना अभी बाकी है — लेकिन इतना जरूर है कि इस वीडियो ने लोगों को अपनी घर की सुरक्षा पर दोबारा सोचने के लिए मजबूर कर दिया है।1
- *जलेसर में कब्रिस्तान भूमि पर बड़ा घोटाला। गाटा 405 को लेकर प्रशासन की दोहरी नीति, अंदर-बाहर चुंगी का खेल, माफियाओं को सौंपने की साजिश* *जलेसर (एटा), 8 फरवरी 2026* – उत्तर प्रदेश के एटा जिले के जलेसर में एक बेहद गंभीर और संदिग्ध भूमि विवाद सामने आया है, जो प्रशासनिक स्तर पर भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा को उजागर कर रहा है। गाटा संख्या 405, जो मौजा अरबगढ़ के कब्रिस्तान के रूप में दर्ज है, को लेकर अलग-अलग अधिकारियों द्वारा विरोधाभासी आदेश जारी किए गए हैं। एक तरफ इसे कब्रिस्तान मानकर नगर पालिका परिषद जलेसर द्वारा जबरन खाली कराया गया, वहीं दूसरी तरफ इसे अंदर चुंगी या बाहर चुंगी बताकर जुर्माने लगाए गए। यह साफ संकेत दे रहा है कि सरकारी जमीन को खाली कराकर बड़े माफियाओं के हाथों में सौंपने की घिनौनी साजिश रची जा रही है। सन 1999 में मौजा अरबगढ़ में चकबंदी शुरू हुई थी, तब गाटा 405 कब्रिस्तान के रूप में दर्ज था। चकबंदी के दौरान इसे पॉकेट नंबर बताकर मौजा जलेसर में निहित करने का आदेश हुआ, लेकिन मौजा जलेसर में चकबंदी कभी पूरी नहीं हुई। नतीजतन, आज तक यह गाटा मौजा जलेसर में रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हो सका। फिर भी, नगर पालिका परिषद जलेसर ने इसे अपनी संपत्ति मानकर 3 जुलाई 2024 को खाली कराया। सिविल जज सीनियर डिवीजन (मंगल देव सिंह) ने स्पष्ट आदेश दिया कि यह कब्रिस्तान की भूमि है। तहसीलदार जलेसर ने 28 लोगों के खिलाफ धारा 67 के तहत जुर्माना लगाया और आदेश में इसे जलेसर *बाहर चुंगी* में दिखाया। वहीं, उप जिलाधिकारी न्यायिक ने 4 नवंबर 2025 को इसी गाटा 405 को खाली करने का आदेश दिया और प्रति व्यक्ति 50,000 से 75,000 रुपये का जुर्माना लगाया, लेकिन इसे *अंदर चुंगी* में दर्ज बताया। एक ही गाटा संख्या को दो अलग-अलग जगहों ( *अंदर चुंगी* और *बाहर चुंगी* ) पर कैसे दर्ज माना गया? यह सवाल प्रशासन की नीयत पर गहरा संदेह पैदा करता है। इसी तरह, गाटा संख्या 3294 (नॉन-जेडए रास्ता/रास्ता खास-खाम) पर सड़क मौजूद है और विधिवत चल रही है। इसकी लंबाई तहसील से महाराणा चौक तक है, लेकिन केवल थोड़ी दूरी खाली कराई गई। बाकी हिस्से पर बड़े-बड़े लोगों के निजी निर्माण कार्य बदस्तूर जारी हैं। पूरे रास्ते को क्यों नहीं खाली कराया गया? यह चुनिंदा कार्रवाई क्यों? यह पूरा मामला *"अंदर चुंगी-बाहर चुंगी-ऊपर चुंगी-नीचे चुंगी"* वाले भ्रष्टाचार के खेल की बानगी है। प्रशासन पुलिस को व्यर्थ *बलि का बकरा* बनाकर भारी संख्या में तैनात कर रहा है, जबकि असली खेल सरकारी जमीन को माफियाओं के हवाले करने का है। क्या यह *नूरा-कुश्ती* का खेल है, जिसमें सरकारी जमीन छीनकर बड़े लोगों को फायदा पहुंचाया जा रहा है? नगर पालिका परिषद जलेसर के *ईओ* को स्पष्ट करना होगा कि उन्हें इस गाटा पर कार्रवाई का अधिकार किसने दिया, जब रिकॉर्ड में यह मौजा अरबगढ़ का है और चकबंदी अधूरी है? आम जनता सवाल कर रही है – क्या प्रशासन माफियाओं का दलाल बन गया है? यह घोटाला कितना गहरा है, इसकी जांच उच्च स्तरीय जांच एजेंसी से होनी चाहिए, ताकि दोषियों को सजा मिले और सरकारी भूमि सुरक्षित रहे। यह मामला न केवल जलेसर बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए शर्मनाक है, जहां कब्रिस्तान जैसी पवित्र भूमि पर भी लालच हावी हो रहा है। जनता जागरूक हो, आवाज उठाए।1
- सासनी। स्थानीय श्री राधेश्याम स्वर्णकार सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में शिक्षा और तकनीक के समन्वय की एक सराहनीय मिसाल पेश की गई है। विद्यालय में लंबे समय से खराब पड़े कंप्यूटरों के कारण छात्रों के तकनीकी अभ्यास में आ रही बाधा को देखते हुए आर्यावर्त बैंक (सब्जी मंडी शाखा, सासनी) के प्रबंधक विवेक प्रताप सिंह आगे आए। उन्होंने सामाजिक सरोकार निभाते हुए विद्यालय के पांच कंप्यूटरों की मरम्मत का संपूर्ण कार्य अपने निजी सहयोग से पूर्ण कराया। कंप्यूटरों के ठीक होते ही विद्यालय के छात्रों में भारी उत्साह देखा गया और उन्होंने पुनः कंप्यूटर सीखना प्रारंभ कर दिया है। अब छात्र किताबी ज्ञान के साथ-साथ डिजिटल शिक्षा का भी लाभ उठा सकेंगे। इस पुनीत कार्य के लिए विद्यालय प्रबंधन और आचार्य परिवार ने बैंक मैनेजर विवेक प्रताप सिंह का आभार व्यक्त किया है। विद्यालय की ओर से कहा गया कि मैनेजर साहब का यह सहयोग छात्र हित में मील का पत्थर साबित होगा और ग्रामीण परिवेश के बच्चे भी अब तकनीक की दुनिया से जुड़ सकेंगे। इस अवसर पर विद्यालय का समस्त स्टाफ एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।1
- Post by Maulana Chand Miyan alvi barkati1
- 22 वर्ष कि उम्र मैं बनी योगिता ऑफिसर1
- एटा बिग ब्रेकिंग.... जलेसर | सड़क सीसी निर्माण से पहले मुकेश यादव ने अधिकारियों–ठेकेदार को दिए स्पष्ट निर्देश बीएसपी एवं किसान क्रांति दल के वरिष्ठ नेता तथा जिला पंचायत सदस्य मुकेश यादव ने जलेसर–सादाबाद मार्ग स्थित, महाराणा प्रताप चौक पर प्रस्तावित सड़क के सीसी निर्माण कार्य से पूर्व ठेकेदार और (PWD) के अधिकारियों को मौके पर बुलाकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। रवेन्द्र जादौन की खास रिपोर्ट एटा/ जलेसर ~ महाराणा प्रताप चौक पर प्रस्तावित सड़क के सीसी निर्माण कार्य से पूर्व ठेकेदार और (PWD) के अधिकारियों को मौके पर बुलाकर जिला पंचायत सदस्य मुकेश यादव ने कहा कि सड़क की सीसी ऊंची बनाई जाए, ताकि वर्षा का पानी सीधे नालों में प्रवाहित हो सके। इससे भविष्य में व्यापारियों और दुकानदारों को जलभराव जैसी समस्याओं का सामना न करना पड़े। उन्होंने ठेकेदार को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि सीसी निर्माण में किसी भी प्रकार की घटिया सामग्री का प्रयोग न किया जाए। सड़क उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप बने, ताकि वह लंबे समय तक टिकाऊ रहे और जल्द टूटने-फूटने की शिकायत न आए। अंत में मुकेश यादव ने कर्मचारियों और अधिकारियों को लापरवाही पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी और कहा कि जनहित के कार्यों में किसी भी स्तर पर समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।1
- Post by Mohit kumar3
- UPSC तैयारी करने वालों को Rishi Sir की सलाह #UPSC #UPSCMotivation1
- कोतवाली सासनी क्षेत्र के अंतर्गत ओम प्रकाश समामई पेट्रोल पंप पर सोमवार शाम दबंगों ने जमकर तांडव मचाया। सीएनजी भरवाने के दौरान लाइन में आगे गाड़ी लगाने को लेकर शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि हमलावरों ने अपने दर्जनों साथियों को बुलाकर पंप पर धावा बोल दिया। इस दौरान न सिर्फ कर्मचारियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया, बल्कि कार्यालय में तोड़फोड़ करते हुए करीब 2 से 3 लाख रुपये की नकदी भी लूट ली गई। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हमलावरों की तलाश में जुट गई है। पंप मैनेजर राजेंद्र सिंह द्वारा पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार, सोमवार शाम करीब 6 बजे कुछ युवक सीएनजी भरवाने आए थे। उन्होंने नियमों को ताक पर रखकर जबरन लाइन में आगे गाड़ी लगाने का प्रयास किया, जिसका पंप कर्मियों ने विरोध किया। शुरुआत में हुए विवाद के बाद आरोपी वहां से चले गए, लेकिन कुछ ही देर बाद सुसायत कलां गांव से करीब 25-30 हथियारबंद युवकों को बुला लिया। हमलावरों ने हाथों में सरिया, डंडे और हथियार लेकर पंप पर मौजूद कर्मचारियों को पीटना शुरू कर दिया। हमले से जान बचाकर कर्मचारी जब कार्यालय की ओर भागे, तो दबंगों ने वहां भी घुसकर जमकर तोड़फोड़ की और फर्नीचर व शीशे चकनाचूर कर दिए। मैनेजर का आरोप है कि हमलावर जाते समय कर्मचारियों के पास मौजूद कलेक्शन के पैसे और ऑफिस के कैश काउंटर में रखे 2 से 3 लाख रुपये लूटकर फरार हो गए। इस हिंसक झड़प में कई कर्मचारी लहूलुहान हुए हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। सरेआम हुई इस गुंडागर्दी की पूरी वारदात पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है, जिसमें हमलावर तांडव मचाते नजर आ रहे हैं। घटना से स्थानीय व्यापारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सासनी कोतवाली क्राइम प्रभारी अवधेश कुमार ने बताया कि पीड़ित पक्ष की तहरीर प्राप्त हो गई है और पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।2