कुत्तों की पूजा पर हो रही जमकर सियासत, नसबंदी से पहले की जा रही है आरती , अब आरोप-प्रत्यारोप हुए तेज जगदलपुर।जगदलपुर में आवारा कुत्तों की नसबंदी अभियान की शुरुआत ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। जहां एक ओर नगर निगम ने एबीसी सेंटर की शुरुआत कुत्तों की पूजा, तिलक और दूध पिलाकर की, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने इसे मुद्दा बनाते हुए सीधे महापौर पर निशाना साध दिया है। निगम के इस अनोखे शुभारंभ में महापौर संजय पांडेय समेत जनप्रतिनिधियों ने कुत्तों को तिलक लगाया, दूध पिलाया और पूजा-अर्चना के साथ अभियान की शुरुआत की लेकिन ये तस्वीरें सामने आते ही सियासत गरमा गई। कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष ने इसे हास्यास्पद बताते हुए तंज कसा उन्होंने कहा कि अगर कुत्तों की पूजा ही करनी है, तो एक डॉग हाउस बनाकर वहीं सभी कुत्तों को रखिए, रोज पूजा करिए, दूध पिलाइए इससे नसबंदी पर खर्च होने वाला जनता का पैसा भी बचेगा उन्होंने इसे कोरा दिखावा करार दिया और महापौर को घेरते हुए कहा कि ये सिर्फ दिखाने की राजनीति है, जमीनी समाधान नहीं। वहीं महापौर संजय पांडेय ने पलटवार करते हुए कांग्रेस पर ही सवाल खड़े कर दिए उन्होंने कहा कि जीव सेवा और सनातन परंपरा से जुड़े हर काम में कांग्रेस को दर्द होता है. महापौर ने कुत्तों को सनातन परंपरा में राहु-केतु और भगवान कालभैरव से जोड़ते हुए पूजा को सही ठहराया और कहा कि यह सिर्फ आस्था नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक संदेश देने का प्रयास है। महापौर यहीं नहीं रुके उन्होंने कांग्रेस के 10 साल के शासन पर भी सवाल उठाए कहा कि तब नसबंदी जैसे मुद्दों पर कोई ठोस काम नहीं हुआ और अब जब पहल हो रही है, तो राजनीति की जा रही है
कुत्तों की पूजा पर हो रही जमकर सियासत, नसबंदी से पहले की जा रही है आरती , अब आरोप-प्रत्यारोप हुए तेज जगदलपुर।जगदलपुर में आवारा कुत्तों की नसबंदी अभियान की शुरुआत ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। जहां एक ओर नगर निगम ने एबीसी सेंटर की शुरुआत कुत्तों की पूजा, तिलक और दूध पिलाकर की, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने इसे मुद्दा बनाते हुए सीधे महापौर पर निशाना साध दिया है। निगम के इस अनोखे शुभारंभ में महापौर संजय पांडेय समेत जनप्रतिनिधियों ने कुत्तों को तिलक लगाया, दूध पिलाया और पूजा-अर्चना के साथ अभियान की शुरुआत की लेकिन ये तस्वीरें सामने आते ही सियासत गरमा गई। कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष ने इसे हास्यास्पद बताते हुए तंज कसा उन्होंने कहा कि अगर कुत्तों की पूजा ही करनी है, तो एक डॉग हाउस बनाकर वहीं सभी कुत्तों को रखिए, रोज पूजा करिए, दूध पिलाइए इससे नसबंदी पर खर्च होने वाला जनता का पैसा भी बचेगा उन्होंने इसे कोरा दिखावा करार दिया और महापौर को घेरते हुए कहा कि ये सिर्फ दिखाने की राजनीति है, जमीनी समाधान नहीं। वहीं महापौर संजय पांडेय ने पलटवार करते हुए कांग्रेस पर ही सवाल खड़े कर दिए उन्होंने कहा कि जीव सेवा और सनातन परंपरा से जुड़े हर काम में कांग्रेस को दर्द होता है. महापौर ने कुत्तों को सनातन परंपरा में राहु-केतु और भगवान कालभैरव से जोड़ते हुए पूजा को सही ठहराया और कहा कि यह सिर्फ आस्था नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक संदेश देने का प्रयास है। महापौर यहीं नहीं रुके उन्होंने कांग्रेस के 10 साल के शासन पर भी सवाल उठाए कहा कि तब नसबंदी जैसे मुद्दों पर कोई ठोस काम नहीं हुआ और अब जब पहल हो रही है, तो राजनीति की जा रही है
- कुत्तों की पूजा पर हो रही जमकर सियासत, नसबंदी से पहले की जा रही है आरती , अब आरोप-प्रत्यारोप हुए तेज जगदलपुर।जगदलपुर में आवारा कुत्तों की नसबंदी अभियान की शुरुआत ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। जहां एक ओर नगर निगम ने एबीसी सेंटर की शुरुआत कुत्तों की पूजा, तिलक और दूध पिलाकर की, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने इसे मुद्दा बनाते हुए सीधे महापौर पर निशाना साध दिया है। निगम के इस अनोखे शुभारंभ में महापौर संजय पांडेय समेत जनप्रतिनिधियों ने कुत्तों को तिलक लगाया, दूध पिलाया और पूजा-अर्चना के साथ अभियान की शुरुआत की लेकिन ये तस्वीरें सामने आते ही सियासत गरमा गई। कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष ने इसे हास्यास्पद बताते हुए तंज कसा उन्होंने कहा कि अगर कुत्तों की पूजा ही करनी है, तो एक डॉग हाउस बनाकर वहीं सभी कुत्तों को रखिए, रोज पूजा करिए, दूध पिलाइए इससे नसबंदी पर खर्च होने वाला जनता का पैसा भी बचेगा उन्होंने इसे कोरा दिखावा करार दिया और महापौर को घेरते हुए कहा कि ये सिर्फ दिखाने की राजनीति है, जमीनी समाधान नहीं। वहीं महापौर संजय पांडेय ने पलटवार करते हुए कांग्रेस पर ही सवाल खड़े कर दिए उन्होंने कहा कि जीव सेवा और सनातन परंपरा से जुड़े हर काम में कांग्रेस को दर्द होता है. महापौर ने कुत्तों को सनातन परंपरा में राहु-केतु और भगवान कालभैरव से जोड़ते हुए पूजा को सही ठहराया और कहा कि यह सिर्फ आस्था नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक संदेश देने का प्रयास है। महापौर यहीं नहीं रुके उन्होंने कांग्रेस के 10 साल के शासन पर भी सवाल उठाए कहा कि तब नसबंदी जैसे मुद्दों पर कोई ठोस काम नहीं हुआ और अब जब पहल हो रही है, तो राजनीति की जा रही है1
- हाथी शावक की मौत, चौबीस घंटे में दूसरी घटना , वन विभाग सजग नहीं, लोगो ने जताई चिंता रायगढ़ जिले में जंगली हाथियों की संख्या में बढ़ोतरी के बाद वन विभाग सजग नहीं है, इन हाथियों के साथ लगातार विचरण करने वाले शावकों की मौत लगातार हो रही है। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कोई ठोस योजना नहीं बनने से हाथी शावको की मौत रुकने का नाम नहीं ले रही है।1
- चंद्रपुर बस स्टैंड में बड़ा हादसा — हवा भरने वाला टैंक फटा, 23 वर्षीय युवक की दर्दनाक मौत, चंद्रपुर। राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित बस स्टैंड के पास माधव मेडिकल के सामने आज दोपहर करीब 3 बजे एक बड़ा हादसा हो गया। बताया जा रहा है कि हवा भरने वाला टैंक अचानक तेज धमाके के साथ फट गया, जिसकी चपेट में आने से 23 वर्षीय युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल पुलिस और प्रशासन को सूचना दी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।1
- सारंगढ़ के रेटा गांव में गोलगप्पे खाने से 25 से अधिक ग्रामीण फूड पायजनिंग का शिकार हो गए। देर रात तबीयत बिगड़ने पर बच्चों, युवाओं और महिलाओं को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उनका इलाज जारी है। मामले की जांच की जा रही है।1
- सक्ती जिले के चंद्रपुर थाने में पदस्थ ASI एस.एन. मिश्रा को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। ACB बिलासपुर की टीम ने उन्हें उस समय दबोचा जब वे दूसरी किस्त ले रहे थे, जबकि वे पहले भी इतनी ही रकम वसूल चुके थे।1
- कोरबा झोराघाट में कटघोरा पुलिस का बड़ा एक्शन : स्टंटबाज और शराबी बाइक चालकों पर चला डंडा, 23 युवकों की कटी चालान, पिकनिक स्पॉट पर मचा हड़कंप1
- garmi ki vajah se gadi bahut puncture ho raha hai Korba jila mein bahut jyada garmi hai1
- मौत के बाद भी नहीं चेते लोग: प्रतिबंधित पच धारी डैम पर फिर उमड़ी भारी भीड़, सुरक्षा व्यवस्था नदारद रायगढ़। एक ओर प्रशासन हादसों को रोकने के लिए डैम और जलाशयों पर प्रतिबंध लगाने के दावे करता है, वहीं दूसरी ओर ज़मीनी हकीकत बिल्कुल अलग नजर आ रही है। रायगढ़ के सर्किट हाउस के पीछे स्थित पच धारी डैम में लगातार हो रहे हादसों के बावजूद लोगों की भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही। हालात इतने चिंताजनक हैं कि यहां न तो पुलिस की मौजूदगी दिखाई दे रही है और न ही लोगों को रोकने-टोकने वाला कोई जिम्मेदार अधिकारी यहां तैनात किया गया है। कल दोपहर ही एक युवक की डैम में नहाने के दौरान डूबने से मौत हो गई थी। इस दर्दनाक हादसे के बाद उम्मीद थी कि प्रशासन सख्ती करेगा और लोगों की आवाजाही पर रोक लगाएगा, लेकिन स्थानीय लोग अगले ही दिन बड़ी संख्या में लोग डैम पर पहुंच गए। परिवारों, युवाओं और बच्चों की भीड़ पूरे क्षेत्र में देखी गई, जबकि सुरक्षा के नाम पर वहां एक भी पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था। स्थानीय लोगों का कहना है कि पच धारी डैम लंबे समय से हादसों का केंद्र बना हुआ है। यहां पहले भी कई युवकों की डूबने से मौत हो चुकी है। इसके अलावा चोरी, छेड़छाड़ और असामाजिक गतिविधियों की शिकायतें भी लगातार सामने आती रही हैं। बावजूद इसके प्रशासन की ओर से स्थायी सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए। प्रतिबंध के बावजूद लोगों का डैम पर पहुंचना कई सवाल खड़े कर रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब क्षेत्र को संवेदनशील घोषित किया गया है तो वहां निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था क्यों नहीं है? यदि समय रहते सख्ती नहीं की गई तो आने वाले दिनों में और बड़े हादसे होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि डैम क्षेत्र में पुलिस बल तैनात किया जाए, बैरिकेडिंग की जाए और नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई हो ताकि किसी और परिवार को अपनों को खोने का दर्द न झेलना पड़े।2