मधेपुरा में स्कूल शिफ्टिंग पर बवाल: ग्रामीणों ने किया सड़क जाम, प्रशासन के आश्वासन पर खुला रास्ता बिहार के मधेपुरा जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां स्कूल शिफ्टिंग के फैसले को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। विरोध में लोगों ने सड़क जाम कर दिया, जिससे घंटों तक यातायात बाधित रहा। प्रशासन को मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालनी पड़ी। दरअसल मधेपुरा के घैलाढ़ प्रखंड में उस वक्त हालात तनावपूर्ण हो गए, जब उत्क्रमित मध्य विद्यालय ईनरवा की कुछ कक्षाओं को दूसरे स्थान पर शिफ्ट करने के फैसले का ग्रामीणों ने विरोध किया। गुस्साए लोगों ने मुख्य सड़क को जाम कर दिया, जिससे आवागमन पूरी तरह ठप हो गया और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलते ही प्रखंड विकास पदाधिकारी अविनाश कुमार और थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने काफी मशक्कत के बाद लोगों को समझा-बुझाकर जाम समाप्त कराया। बाइट ---ग्रामीण ग्रामीणों कहते हैं कि स्कूल की कक्षाएं शिफ्ट होने से बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ेगा और उन्हें दूर जाने में दिक्कत होगी। बाइट -अविनाश कुमार प्रखंड विकास पदाधिकारी घैलाढ़ घैलाढ़ के प्रखंड विकास पदाधिकारी अविनाश कुमार ने लोगों को आश्वासन दिया है कि उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और उचित समाधान निकाला जाएगा। हालांकि फिलहाल स्थिति सामान्य हो गई है, लेकिन इस मुद्दे को लेकर ग्रामीणों में नाराज़गी अब भी बनी हुई है। देखना होगा कि प्रशासन इस समस्या का स्थायी समाधान कब तक निकाल पाता है।
मधेपुरा में स्कूल शिफ्टिंग पर बवाल: ग्रामीणों ने किया सड़क जाम, प्रशासन के आश्वासन पर खुला रास्ता बिहार के मधेपुरा जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां स्कूल शिफ्टिंग के फैसले को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। विरोध में लोगों ने सड़क जाम कर दिया, जिससे घंटों तक यातायात बाधित रहा। प्रशासन को मौके पर पहुंचकर
स्थिति संभालनी पड़ी। दरअसल मधेपुरा के घैलाढ़ प्रखंड में उस वक्त हालात तनावपूर्ण हो गए, जब उत्क्रमित मध्य विद्यालय ईनरवा की कुछ कक्षाओं को दूसरे स्थान पर शिफ्ट करने के फैसले का ग्रामीणों ने विरोध किया। गुस्साए लोगों ने मुख्य सड़क को जाम कर दिया, जिससे आवागमन पूरी तरह ठप हो गया और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना
मिलते ही प्रखंड विकास पदाधिकारी अविनाश कुमार और थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने काफी मशक्कत के बाद लोगों को समझा-बुझाकर जाम समाप्त कराया। बाइट ---ग्रामीण ग्रामीणों कहते हैं कि स्कूल की कक्षाएं शिफ्ट होने से बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ेगा और उन्हें दूर जाने में दिक्कत होगी। बाइट -अविनाश कुमार प्रखंड विकास पदाधिकारी घैलाढ़ घैलाढ़
के प्रखंड विकास पदाधिकारी अविनाश कुमार ने लोगों को आश्वासन दिया है कि उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और उचित समाधान निकाला जाएगा। हालांकि फिलहाल स्थिति सामान्य हो गई है, लेकिन इस मुद्दे को लेकर ग्रामीणों में नाराज़गी अब भी बनी हुई है। देखना होगा कि प्रशासन इस समस्या का स्थायी समाधान कब तक निकाल पाता है।
- Post by मिथिलेश कुमार1
- कुमारखंड। प्रखंड मुख्यालय स्थित सरस्वती शिशु मंदिर सिकरहट्टी में 2 अप्रैल गुरुवार से प्रारंभ तीन दिवसीय वार्षिक आचार्य कार्यशाला का समापन शनिवार को सम्पन्न हो गया। कार्यशाला के अंतिम दिन के वन्दना सत्र में मुख्य अतिथि हिन्दुस्तान पत्रकार आशिष ठाकुर व भास्कर संवाददाता शैलेंद्र कुमार सिंह द्वारा सर्वप्रथम दीप प्रज्ज्वलित किया गया। वन्दना सत्र के बाद परिचय प्राप्त किया गया। इस अवसर पर शिक्षण पद्धति, भैया बहनों के सर्वांगीण विकास, अभिभावक गोष्ठी, विद्यालय स्तरीय कार्ययोजना निर्माण, आचार्य विकास निर्माण, अध्यापन कौशल के विकास पर चिंतन, टीएलएम के माध्यम से शिक्षा, पंचपदी शिक्षण प्रणाली पर चर्चा, प्रतियोगिता, परिणाम एवं उपलब्धि पर चर्चा हुई। इस कार्यशाला में तीन दिन तक शिक्षाविद् का आगमण हुआ। इस त्रिदिवसीय कार्यशाला में कोसी विभाग के विभाग निरीक्षक कृष्ण कुमार प्रसाद, विद्यालय के सचिव राजेश कुमार , कोषाध्यक्ष चंदन साह, महर्षि मेंही संगीत विश्वविद्यालय के प्राचार्य महावीर पोद्दार , विद्यालय के प्रभारी प्रधानाचार्य अजित कुमार, आचार्य जितेन्द्र झा, मदन कुमार, आचार्या रंजीता कुमारी, सीमा कुमारी, उषा कुमारी, आरती कुमारी, नीतू राज, पिंकी कुमारी, वाहन प्रमुख राजू साह एवं अन्य कर्मचारीगण उपस्थित थे ।1
- सहरसा (नौहट्टा): बिहार सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लाख दावे करे, लेकिन सहरसा जिले के नौहट्टा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) की हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है। सीमावर्ती और पिछड़े इलाके की एक बड़ी आबादी को स्वास्थ्य सुविधा देने वाला यह केंद्र आज खुद 'इलाज' की बाट जोह रहा है। मानकों के अनुसार यहाँ 10 डॉक्टरों की तैनाती होनी चाहिए, लेकिन वर्तमान में महज 03 डॉक्टरों के भरोसे पूरे प्रखंड की चिकित्सा व्यवस्था टिकी है।अस्पताल में केवल डॉक्टरों की ही कमी नहीं है, बल्कि बुनियादी तकनीकी सुविधाओं और पर्याप्त मैनपावर का भी घोर अभाव है। स्वास्थ्य कर्मियों का कहना है कि कम संख्या और सीमित संसाधनों के कारण वे चाहकर भी मरीजों को बेहतर सुविधा नहीं दे पा रहे हैं। आए दिन होने वाली भीड़ और काम के दबाव से चिकित्साकर्मियों को भी मानसिक तनाव झेलना पड़ रहा है।1
- Post by मो फिजाकत1
- ghumereko tumi kab nepal ghumiriko chhora chhori sango timro ghar pariwar ma..auri sangi sathi r ghuminohola..3
- Post by Dilkhush Kumar1
- कुमारखंड। पिछले दिनों भाई तेज आंधी और बारिश से पूरे प्रखंड क्षेत्र में खासकर मक्का व गेहूं उत्पादक किसानों को काफी क्षति पहुंची है। आंधी और बारिश से बच गए खेतों में मक्के की फसल देख किसान हताश व निराश हो अब सरकारी फसल क्षति मुआवजा पर निगाहें लगाए हुए हैं। देखना है किसानों को कब और कितने मुआवजा सरकार द्वारा दी जाती है और इससे कितना मरहम किसानों के घाव पर लगा पाते हैं।1
- Post by Dilkhush Kumar1
- मामला सहरसा जिला के सदर अस्पताल परिसर का है, जहां सिमरी बख्तियारपुर से अपने पिता का इलाज कराने आए एक युवक की मोटरसाइकिल चोरी हो गई। पीड़ित चंद किशोर बढ़ई ने थाने में आवेदन देकर बताया कि अस्पताल परिसर में बाइक खड़ी करने के बाद जब वह वापस लौटे तो उनकी मोटरसाइकिल गायब थी। पीड़ित ने आरोप लगाया कि अस्पताल में सीसीटीवी कैमरे लगे होने के बावजूद चोरी की घटना हो गई। जब उन्होंने अस्पताल प्रशासन से कैमरे की जानकारी ली, तो बताया गया कि कई दिनों से सीसीटीवी कैमरा खराब पड़ा है। अब सवाल यह उठता है कि जब कैमरे काम ही नहीं कर रहे हैं, तो क्या ये सिर्फ दिखावे के लिए लगाए गए हैं? वहीं अस्पताल परिसर में पार्किंग की समुचित व्यवस्था भी नहीं है, जिसके कारण लोगों को गेट के बाहर वाहन खड़ा करना पड़ता है, जहां चोरों का खतरा बना रहता है।1