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जंगल किनारे रस्सी से बंधी बोरी मिली, शव होने की आशंका से मचा हड़कंप; खोलते ही निकली दातून चिनियां थाना क्षेत्र के चिरका जंगल किनारे चरकी पत्थर के पास सोमवार सुबह करीब नौ बजे रस्सी से बंधी एक बोरी मिलने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। बोरी का आकार देखकर लोगों को आशंका हुई कि इसमें किसी का शव बांधकर फेंका गया है। देखते ही देखते खबर क्षेत्र में फैल गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए। लोगों ने इसकी सूचना चिनियां थाना को भी दी गई। हालाकी पुलिस के पहुंचने से पहले एक व्यक्ति ने हिम्मत कर बोरी को खोला। बोरी खुलते ही लोगों की आशंका दूर हो गई। बोरी के अंदर सखुआ की लंबी-लंबी डंठल (दातून) भरी हुई थी। इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पत्रकार भी मौके पर पहुंच गए। ओर कुछ देर तक मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
Hemant Kumar
जंगल किनारे रस्सी से बंधी बोरी मिली, शव होने की आशंका से मचा हड़कंप; खोलते ही निकली दातून चिनियां थाना क्षेत्र के चिरका जंगल किनारे चरकी पत्थर के पास सोमवार सुबह करीब नौ बजे रस्सी से बंधी एक बोरी मिलने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। बोरी का आकार देखकर लोगों को आशंका हुई कि इसमें किसी का शव बांधकर फेंका गया है। देखते ही देखते खबर क्षेत्र में फैल गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए। लोगों ने इसकी सूचना चिनियां थाना को भी दी गई। हालाकी पुलिस के पहुंचने से पहले एक व्यक्ति ने हिम्मत कर बोरी को खोला। बोरी खुलते ही लोगों की आशंका दूर हो गई। बोरी के अंदर सखुआ की लंबी-लंबी डंठल (दातून) भरी हुई थी। इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पत्रकार भी मौके पर पहुंच गए। ओर कुछ देर तक मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
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- दुद्धी में बीजेपी ने निकाली भव्य तिरंगा यात्रा,हाथों में तिरंगा लेकर गूंजे देशभक्ति के नारे, दिखा राष्ट्रभक्ति का उत्साह दुद्धी सोनभद्र।कस्बे में स्वतंत्रता दिवस के पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवाहन पर 11 अगस्त को भाजपा मंडल दुद्धी के द्वारा भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। घर-घर तिरंगा पहुंचाने और लोगों में राष्ट्रभक्ति की भावना मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित तिरंगा यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।रामलीला मैदान से शुरू हुई यात्रा संकट मोचन मन्दिर होते हुए काली मन्दिर तिराहे से वापस रामलीला मैदान पर आकर समाप्त हुई पहुंची। रास्तेभर हाथों में लहराते तिरंगे और देशभक्ति के नारों से पूरा इलाका राष्ट्रभक्ति के रंग में नजर आया।यात्रा की अगुवाई दुद्धी विधानसभा निवर्तमान प्रत्याशी श्रवण सिंह गोंड़ ,दुद्धी मण्डल प्रभारी विशाल पांडे ,नगर पंचायत चेयरमैन कमलेश मोहन समेत भाजपा के अन्य नेताओं ने की। इस दौरान नंन्हे मुन्ने बच्चों एवं कार्यकर्ताओं तथा अन्य लोगों ने हाथों में तिरंगा लेकर भारत माता के जयकारे वंदेमातरम के नारे लगाए ।इस अवसर पर श्रवण सिंह गोंड़ ने कहा कि देश की आजादी के लिए वीरों ने अपना सर्वस्व न्योछावर किया। उनके बलिदान और संघर्ष को याद करते हुए तिरंगा यात्रा निकाली जा रही है। उन्होंने कहा कि देश की एकता और अखंडता को बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।इस अवसर पर मण्डल अध्यक्ष दीपक शाह व तिरंगा यात्रा मण्डल संयोजक मनीष जायसवाल ने बतलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद मोदी जी के आवाहन पर विगत कई वर्षों से तिरंगा यात्रा प्रत्येक गांव शहर में निकाली जा रही है, उसी क्रम में आज दुद्धी मण्डल में भी तिरंगा यात्रा निकाली गई है ,इसे घर-घर पहुंचाना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। तिरंगा यात्रा का उद्देश्य नई पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम और वीरों के बलिदान से परिचित कराना भी है, ताकि युवा मातृभूमि के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझें और राष्ट्र निर्माण में योगदान दें।इस अवसर पर मुख्यरूप से दिलाप पांडे सुमित सोनी पंकज अग्रहरि उर्फ बुल्लू जितेन्द्र चन्द्रवँशी राजेश्वर श्रीवास्तव प्रेमनारायण मोनू सिंह धीरज जायसवाल धनंजय रावत अंशुमान रॉय हिमांशु चौरसिया अजय चंद्रवंशी धर्मेंद्र पाल आनंद अग्रहरि मोहित अग्रहरि निरंजन गुप्ता विकाश सोनी अनुरोध आमेश सिंह सत्यम कश्यप प्रवीण जायसवाल गौरव अग्रहरि सहित बड़ी संख्या में नगरवासी शामिल रहें।4
- एक भाई का दोनो हाथ के लगवाने के सहयोग में किसी भाई ने 11 हजार रु गढ़वा जिला के बरडीहा प्रखंड अंतर्गत ग्राम कोलुआ के यह मामला है नाम अरुण ठाकुर जिसका दोनो हाथ नही है करेंट लगाने से दोनो हाथ कटना पड़ा था डॉक्टर को इशि बीच 2026 में भाई ने सभी से गुहार लगाया मुझे दिल्ली हॉस्पिट में हाथ लगवाना है जिसमे एक भाई ने 11 हजार रु सहयोग के लिए वादा किया नाम चंदन पासवान1
- एसएमसी पुनर्गठन के बाद बच्चों को मिली साइकिल, चेहरे पर दिखी खुशी *हुरदागा स्कूल में चंदन यादव अध्यक्ष, कांति कुमारी उपाध्यक्ष और अनीता देवी बनीं संयोजिका* पाटन। उत्क्रमित मध्य विद्यालय हुरदागा में मंगलवार को विद्यालय प्रबंधन समिति (एसएमसी) के पुनर्गठन को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पंचायत के मुखिया मनोज कुमार एवं विद्यालय की प्रधानाध्यापिका शारदा कुमारी ने की। चुनाव पर्यवेक्षक के रूप में सीआरपी संजय कुमार उपस्थित रहे। बैठक में सर्वसम्मति से चंदन कुमार यादव को विद्यालय प्रबंधन समिति का अध्यक्ष, कांति कुमारी को उपाध्यक्ष तथा अनीता देवी को संयोजिका चुना गया। विद्यालय प्रबंधन समिति के पुनर्गठन के बाद विद्यालय परिसर में बच्चों के बीच साइकिल का वितरण किया गया। मुखिया मनोज कुमार एवं विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्यों ने बच्चों को साइकिल प्रदान की। साइकिल मिलने के बाद बच्चों के चेहरे पर खुशी देखने को मिली। अभिभावकों ने कहा कि साइकिल मिलने से विद्यार्थियों को विद्यालय आने-जाने में सुविधा होगी और नियमित रूप से विद्यालय पहुंचने में भी मदद मिलेगी। बैठक के दौरान विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, बच्चों की उपस्थिति एवं विद्यालय के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। नवनिर्वाचित समिति के सदस्यों ने विद्यालय के बेहतर संचालन एवं बच्चों के हित में मिलकर कार्य करने की बात कही। बैठक में चुनाव पर्यवेक्षक सीआरपी संजय कुमार, सेविका चंपा देवी, शिक्षक बीरेंद्र राम, हरेंद्र कुमार कुशवाहा, राजेश कुमार, वार्ड सदस्य भुवनेश्वर राम, नवल राम, मंटू राम, भोला यादव, प्रदीप चौहान, बबन भुइयां, सोनवा देवी, गीता देवी, कविता देवी, सुनैना देवी, सजनी देवी समेत विद्यालय के पोषक क्षेत्र के बच्चों के माता-पिता एवं अभिभावक उपस्थित रहे।3
- अमिला धाम विवाद: पर्यावरण मंजूरी के बिना नहीं कटेगा एक भी पेड़; 'गलतफहमी' बता ओबरा विधायक ने जीएम पर टाली अतीत के आंकड़ों की जवाबदेही सोनभद्र उत्तर प्रदेश का प्राकृतिक वनांचल और आदिवासी बाहुल्य सोनभद्र जनपद इस समय विकास परियोजनाओं, वनाधिकार संरक्षण और पर्यावरण के गहराते संकट को लेकर तीखी बहसों के केंद्र में है। जिले के ओबरा वन प्रभाग अंतर्गत अमिला धाम एवं तरिया रेंज में लगभग 17,180 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से प्रस्तावित 3,660 मेगावाट क्षमता की ग्रीनको पंप स्टोरेज पावर प्रोजेक्ट को लेकर धरातल से लेकर सोशल मीडिया तक उग्र असंतोष देखा जा रहा है। लगभग 616 हेक्टेयर समृद्ध वन भूमि के अधिग्रहण के प्रस्ताव के बीच वनांचल में स्थित साखू, महुआ, खैर और चिरौंजी जैसे 2,08,000 (दो लाख आठ हजार) से अधिक बहुमूल्य प्राकृतिक वृक्षों के प्रभावित होने का आकलन किया जा रहा है। जनसुनवाई की खानापूर्ति और गहराता अविश्वास धरातल पर जनता के उद्वेलित होने का मुख्य कारण परियोजना की स्वीकृति प्रक्रिया के दौरान आयोजित हुई जनसुनवाई को माना जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं का गंभीर आरोप है कि इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया को केवल एक प्रशासनिक औपचारिकता बनाकर निपटा दिया गया। जनसुनवाई में न तो वृक्षों की कटाई का पारदर्शी आंकड़ा रखा गया, न ही पर्यावरण क्षतिपूर्ति के बजट की स्पष्ट जानकारी दी गई और न ही विस्थापित होने वाले आदिवासियों तथा स्थानीय युवाओं के रोजगार व पुनर्वसन का कोई ठोस खाका प्रस्तुत किया गया। इसके अतिरिक्त, ओबरा तापीय परियोजना के दौरान घने जंगलों के विनाश के बावजूद सरकारी अभिलेखों में मात्र 4,100 पेड़ दर्ज किए जाने के ऐतिहासिक कड़वे अनुभव ने ग्रामीणों के अविश्वास को और गहरा कर दिया है। सदन में आवाज उठाने के सवाल पर आक्रामक रुख और टालमटोल इस संवेदनशील पृष्ठभूमि के बीच जब ओबरा नगर में आयोजित 'हर घर तिरंगा यात्रा' के दौरान पत्रकारों ने प्रदेश सरकार के समाज कल्याण राज्य मंत्री व ओबरा विधायक संजीव गोंड से सवाल किया कि क्या जारी मानसून सत्र में अमिला धाम के आदिवासियों और पेड़ों की कटाई को लेकर वे सदन के पटल पर आवाज उठाएंगे, तो उनका रुख आक्रामक रहा। मंत्री ने जमीनी आक्रोश और चिंताओं को सीधे 'जनता की गलतफहमी और अफवाह' करार दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में धरातल पर कोई पेड़ नहीं काटा जा रहा है। फाइलें अभी प्रदेश शासन के पास हैं, जिन्हें केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय को एनओसी हेतु भेजा जाएगा। जब तक केंद्र से पर्यावरण मंजूरी नहीं मिलती, कोई काम शुरू नहीं होगा। हालांकि, जानकारों का कहना है कि संसदीय लोकतंत्र में किसी विषय के 'प्रक्रियाधीन' होने के बावजूद जनप्रतिनिधि के पास विधानसभा में नियम 51 या ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से शासन का ध्यान आकर्षित करने का पूर्ण संवैधानिक अधिकार होता है। वहीं, जब पत्रकारों ने अतीत में ओबरा थर्मल पावर के दौरान कागजों में मात्र 4,100 पेड़ दर्शाए जाने और धरातल पर हुई भारी कटाई पर सवाल दागा, तो मंत्री जी ने जवाबदेही लेने के बजाय पूरा मामला परियोजना के महाप्रबंधक (जीएम) पर टाल दिया और पत्रकारों को सीधे जीएम से सवाल करने की सलाह दे डाली। संसद से लेकर NGT तक गूंजा मामला यह विषय केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है। सोनभद्र (रॉबर्ट्सगंज) के सांसद छोटेलाल सिंह खरवार ने 3 अगस्त 2026 को केंद्रीय पर्यावरण मंत्री को पत्र भेजने के साथ-साथ संसद के मौजूदा मानसून सत्र में लोकसभा में नियम 377 के अंतर्गत इस विषय को पंजीकृत कराया था। सांसद ने वनाधिकार कानून 2006 के उल्लंघन, फर्जी वृक्षारोपण और निजी घरानों को दी जा रही वन भूमि की जांच मांगी थी, हालांकि सदन में हंगामे के कारण पटल पर सीधा मौखिक जवाब नहीं आ सका। दूसरी ओर, सोनभद्र में पर्यावरणीय अवहेलना और जनसुनवाई की कमियों को लेकर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) भी पूर्व में जिला प्रशासन व जिलाधिकारी को तलब कर जवाबदेही तय कर चुका है। तमाम प्रशासनिक आश्वासनों के बावजूद, जनभावनाओं को आक्रामक रूप से टालने और पारदर्शी जवाब न मिलने के कारण अमिला धाम के निवासियों, आदिवासियों और पर्यावरण प्रेमियों के बीच जन-आंदोलन और अविश्वास की स्थिति लगातार बनी हुई है।1
- गढ़वा रोड–सिगसीगी के बीच मालगाड़ी के 11 डिब्बे बेपटरी, डाउन लाइन पर परिचालन बाधित गढ़वा रोड/झारखंड। गढ़वा रोड–सिगसीगी रेलवे स्टेशन के बीच सबवना गांव के पास रिवर्सिबल लाइन पर मालगाड़ी के 11 डिब्बे बेपटरी हो गए। घटना के बाद डाउन लाइन पर रेल परिचालन बाधित हो गया है। रेलवे की ओर से राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है। हादसे के कारण इस मार्ग से गुजरने वाली ट्रेनों के परिचालन पर असर पड़ने की संभावना है। रेलकर्मी बेपटरी हुए डिब्बों को हटाने और रेल यातायात सामान्य कराने में जुटे हैं।1