logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

विश्व गुरु और देश के बायोलॉजिकल प्रधानमंत्री के शहर सूरत का सूरते हाल विश्व गुरु और देश के बायोलॉजिकल प्रधानमंत्री के शहर सूरत का सूरते हाल

2 hrs ago
user_शेखर तिवारी
शेखर तिवारी
Journalist गुढ़, रीवा, मध्य प्रदेश•
2 hrs ago

विश्व गुरु और देश के बायोलॉजिकल प्रधानमंत्री के शहर सूरत का सूरते हाल विश्व गुरु और देश के बायोलॉजिकल प्रधानमंत्री के शहर सूरत का सूरते हाल

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • ⚫_रीवा जिले के बैजनाथ में अवैध कोयले का भंडारण: सरकार को हो रहा लाखों का नुकसान, प्रशासन मौन_ सतना जिले के रामपुर बाघेलान थाना अंतर्गत बेला चौकी के पास अवैध कोयले का भंडारण किया गया था, जिस पर पूर्व में नायब तहसीलदार वीरेंद्र सिंह द्वारा कार्यवाही कर कोयला भंडारण का यार्ड बंद करा दिया गया था। लेकिन अब सूत्रों के हवाले से खबर है, कि वही कोयला भंडारण सतना से रीवा जिले में स्थानांतरित कर दिया गया है। और अवैध कोयले का धंधा फल फूल रहा है, जिससे सरकार के राजस्व में भारी भरकम नुकसान भी हो रहा है, साथी गर्मियों के दिनों में खुले आसमान के नीचे बढ़ते तापमान में कोयल का भंडारण करना नियम विरुद्ध भी है। जबकि रीवा जिले के बैजनाथ ग्राम में श्रीराम स्टोन क्रेशर के पीछे भारी मात्रा में अवैध कोयले का भंडारण किया गया है। जबकि सीधी उत्तरी करौदिया निवासी शुभम पाण्डेय के द्वारा अवैध कोयले का भंडारण किया जा रहा है, जिससे सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है। वहीं स्थानीय लोगों का आरोप है, कि रीवा निवासी पूर्व महापौर एवं भाजपा नेता राजेंद्र ताम्रकार अपने राजनीतिक रसूख के चलते प्रशासन की मिलीभगत से सरकारी राजस्व कर रहे हैं। वहीं ग्रामीणों ने उक्त मामले को लेकर जिला कलेक्टर से मांग की है कि टीम गठित कर जांच कर कर दोषी पाए जाने पर उपचारों पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाए अन्यथा गर्मी के दिनों में खुले आसमान के नीचे नियम विरुद्ध तरीके से भंडारण किए गए कोयल से बड़ी दुर्घटना होने की संभावना है।
    2
    ⚫_रीवा जिले के बैजनाथ में अवैध कोयले का भंडारण: सरकार को हो रहा लाखों का नुकसान, प्रशासन मौन_ सतना जिले के रामपुर बाघेलान थाना अंतर्गत बेला चौकी के पास अवैध कोयले का भंडारण किया गया था, जिस पर पूर्व में नायब तहसीलदार वीरेंद्र सिंह द्वारा कार्यवाही कर कोयला भंडारण का यार्ड बंद करा दिया गया था। लेकिन अब सूत्रों के हवाले से खबर है, कि वही कोयला भंडारण सतना से रीवा जिले में स्थानांतरित कर दिया गया है। और अवैध कोयले का धंधा फल फूल रहा है, जिससे सरकार के राजस्व में भारी भरकम नुकसान  भी हो रहा है, साथी गर्मियों के दिनों में खुले आसमान के नीचे बढ़ते तापमान में कोयल का भंडारण करना नियम विरुद्ध भी है।
जबकि रीवा जिले के बैजनाथ ग्राम में श्रीराम स्टोन क्रेशर के पीछे भारी मात्रा में अवैध कोयले का भंडारण किया गया है। जबकि सीधी उत्तरी करौदिया निवासी शुभम पाण्डेय के द्वारा अवैध कोयले का भंडारण किया जा रहा है, जिससे सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है।
वहीं स्थानीय लोगों का आरोप है, कि रीवा निवासी पूर्व महापौर एवं भाजपा नेता राजेंद्र ताम्रकार अपने राजनीतिक रसूख के चलते प्रशासन की मिलीभगत से सरकारी राजस्व कर रहे हैं।
वहीं ग्रामीणों ने उक्त मामले को लेकर जिला कलेक्टर से मांग की है कि टीम गठित कर जांच कर कर दोषी पाए जाने पर उपचारों पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाए अन्यथा गर्मी के दिनों में खुले आसमान के नीचे नियम विरुद्ध तरीके से भंडारण किए गए कोयल से बड़ी दुर्घटना होने की संभावना है।
    user_शेखर तिवारी
    शेखर तिवारी
    Journalist गुढ़, रीवा, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • हमारे यूट्यूब चैनल पर जाकर चैनल सब्सक्राइब करें यूट्यू का नाम है
    1
    हमारे यूट्यूब चैनल पर जाकर चैनल सब्सक्राइब करें यूट्यू  का नाम है
    user_Vinay Kushwaha
    Vinay Kushwaha
    Local Politician रामपुर नैकिन, सीधी, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • कागजों पर सरकारी स्कूलों को 'प्राइवेट स्कूलों की तर्ज' पर चमकाने के बड़े-बड़े दावे रोज किए जाते हैं, लेकिन हकीकत की जमीन पर ये दावे कैसे औंधे मुंह गिरते हैं, इसकी पोल तब खुल गई जब सत्ताधारी पार्टी के ही एक विधायक को अपनी विधानसभा का सच देखना पड़ा। मनगवां से बीजेपी विधायक नरेंद्र प्रजापति जब ग्राम पंचायत कदैला के शासकीय प्राथमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण करने पहुंचे, तो वहां का 'सुशासन' देखकर उनके भी होश उड़ गए। छत के सरिये झांक रहे थे, प्लास्टर गिर रहा था और नौनिहाल अपनी जान के डर से खुले आसमान के नीचे बैठकर भविष्य गढ़ने को मजबूर थे। क्या यही है वह शिक्षा का 'मॉडल'? क्या इन्हीं जर्जर छतों के नीचे बैठकर हमारे बच्चे विश्वगुरु बनने का सपना देखेंगे? अधिकारी किस कुंभकर्णी नींद में थे? जब स्कूल की शिक्षिका ने वरिष्ठ अधिकारियों को लिखित में जर्जर हालात की सूचना दे दी थी, तो उस फाइल को किस लाल फीते में बांधकर दबा दिया गया? क्या हादसे का इंतजार था? क्या शिक्षा विभाग के बाबुओं की नींद तभी टूटती जब यह छत किसी मासूम के ऊपर गिर जाती? मरम्मत के लिए भी 'VIP' एंट्री जरूरी है? क्या अब देश में एक स्कूल की टूटी छत ठीक कराने के लिए भी विधायक के 'औचक निरीक्षण' और 'वायरल वीडियो' की जरूरत पड़ेगी? आम आदमी और शिक्षकों की शिकायतों की कोई कीमत नहीं है? कहाँ जा रहा है बजट? शिक्षा के नाम पर हर साल आवंटित होने वाला करोड़ों का भारी-भरकम बजट आखिर किन 'जर्जर' फाइलों में दफन हो रहा है? विधायक जी का वीडियो बनाना और अधिकारियों को निर्देश देना तो ठीक है, लेकिन यह घटना इस बात का जीता-जागता सुबूत है कि सिस्टम को घुन लग चुका है। जब तक एसी कमरों में बैठे अधिकारियों की जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक मासूम बच्चे यूं ही गिरती छतों के साए में अपना भविष्य तलाशने को मजबूर रहेंगे।
    1
    कागजों पर सरकारी स्कूलों को 'प्राइवेट स्कूलों की तर्ज' पर चमकाने के बड़े-बड़े दावे रोज किए जाते हैं, लेकिन हकीकत की जमीन पर ये दावे कैसे औंधे मुंह गिरते हैं, इसकी पोल तब खुल गई जब सत्ताधारी पार्टी के ही एक विधायक को अपनी विधानसभा का सच देखना पड़ा।
मनगवां से बीजेपी विधायक नरेंद्र प्रजापति जब ग्राम पंचायत कदैला के शासकीय प्राथमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण करने पहुंचे, तो वहां का 'सुशासन' देखकर उनके भी होश उड़ गए। छत के सरिये झांक रहे थे, प्लास्टर गिर रहा था और नौनिहाल अपनी जान के डर से खुले आसमान के नीचे बैठकर भविष्य गढ़ने को मजबूर थे।
क्या यही है वह शिक्षा का 'मॉडल'? क्या इन्हीं जर्जर छतों के नीचे बैठकर हमारे बच्चे विश्वगुरु बनने का सपना देखेंगे?
अधिकारी किस कुंभकर्णी नींद में थे? जब स्कूल की शिक्षिका ने वरिष्ठ अधिकारियों को लिखित में जर्जर हालात की सूचना दे दी थी, तो उस फाइल को किस लाल फीते में बांधकर दबा दिया गया?
क्या हादसे का इंतजार था? क्या शिक्षा विभाग के बाबुओं की नींद तभी टूटती जब यह छत किसी मासूम के ऊपर गिर जाती?
मरम्मत के लिए भी 'VIP' एंट्री जरूरी है? क्या अब देश में एक स्कूल की टूटी छत ठीक कराने के लिए भी विधायक के 'औचक निरीक्षण' और 'वायरल वीडियो' की जरूरत पड़ेगी? आम आदमी और शिक्षकों की शिकायतों की कोई कीमत नहीं है?
कहाँ जा रहा है बजट? शिक्षा के नाम पर हर साल आवंटित होने वाला करोड़ों का भारी-भरकम बजट आखिर किन 'जर्जर' फाइलों में दफन हो रहा है?
विधायक जी का वीडियो बनाना और अधिकारियों को निर्देश देना तो ठीक है, लेकिन यह घटना इस बात का जीता-जागता सुबूत है कि सिस्टम को घुन लग चुका है। जब तक एसी कमरों में बैठे अधिकारियों की जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक मासूम बच्चे यूं ही गिरती छतों के साए में अपना भविष्य तलाशने को मजबूर रहेंगे।
    user_Journlist Prateek Shukla
    Journlist Prateek Shukla
    Media house हुजूर नगर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • Post by Bolti Divare
    1
    Post by Bolti Divare
    user_Bolti Divare
    Bolti Divare
    Voice of people हुजूर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
  • Post by Bablu Namdev
    1
    Post by Bablu Namdev
    user_Bablu Namdev
    Bablu Namdev
    Photographer मऊगंज, रीवा, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • *नशा मुक्त भारत के लिए कन्याकुमारी से कश्मीर तक पैदल यात्रा 7000 किलोमीटर चल कर लोगो को जागरूक करने का लक्ष्य* *पूरे भारत से माटी एकत्रित कर विद्या मंदिर स्थापित करना उद्देश्य* *राइजिंग सतना से रामदत्त दाहिया की रिपोर्ट* रामपुर बाघेलन बेला। असम के श्रीभूमि जिले के रहने वाले युवा पल्लव देव पूरे भारत की पदयात्रा पर निकले हैं जो बुधवार को सतना जिले के रामपुर बाघेलन थाना क्षेत्र के बेला पहुंचे। पल्लव प्रशासनिक अधिकारियों सहित पुलिस अधीक्षक से भी मिले। पल्लव ने बताया कि उनका संकल्प है कि नशा मुक्त भारत हो। पल्लव देव ने बताया कि उनका लक्ष्य सेना में जाकर देश सेवा करने का था, किन्तु कलर ब्लाइंडनेस की समस्या के चलते वह सेना में नहीं जा सके। इसलिए वे सड़कों पर चलकर देश के युवाओं को नशे की लत से बचाने का प्रयास कर रहे हैं। पल्लव ने यह यात्रा 5 मई 2025 को असम से शुरू की है, वे अब तक लगभग 326 दिनों से निरंतर पदयात्रा कर रहे हैं और 7 राज्यों असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, उड़ीसा, छत्तीसगढ़ व अब मप्र का सफर तय कर रहे हैं। उनकी यह पदयात्रा आगामी कई वर्षों तक चलने वाली है। संपूर्ण पदयात्रा में लगभग 5 से 6 वर्ष का समय लगने का अनुमान है। पल्लव यात्रा के दौरान स्कूल, कॉलेज व सार्वजनिक स्थलों पर लोगों को नशे से होने वाले नुकसान बताकर जागरुकता फैलाने का कार्य कर रहे हैं व युवाओं को खेलों के साथ ही अपनी पढ़ाई के प्रति रूचि लेने का आह्वान कर रहे हैं। पल्लव ने बताया कि यात्रा के दौरान उन्हें आम जनता व प्रशासन का भरपूर सहयोग प्राप्त हो रहा है, आज रामपुर मे रात्रि विश्राम करेंगे जिसकी व्यवस्था स्थानीय समाज सेवियो के द्वारा की जायेगी इसके साथ ही देश के ज्योतिर्लिंग धाम, राम मंदिर, शक्ति पीठ, अमरनाथ सहित अन्य हिस्टोरिकल पैलेस सहित देश भर से माटी एकत्रित कर एक मंदिर स्थापित करना भी उनका लक्ष्य है।
    1
    *नशा मुक्त भारत के लिए कन्याकुमारी से कश्मीर तक पैदल यात्रा 7000 किलोमीटर चल कर लोगो को जागरूक करने का लक्ष्य*
*पूरे भारत से माटी एकत्रित कर विद्या मंदिर स्थापित करना उद्देश्य*
*राइजिंग सतना से रामदत्त दाहिया की रिपोर्ट*
रामपुर बाघेलन बेला। असम के श्रीभूमि जिले के रहने वाले युवा पल्लव देव पूरे भारत की पदयात्रा पर निकले हैं जो बुधवार को सतना जिले के रामपुर बाघेलन थाना क्षेत्र के बेला पहुंचे। पल्लव प्रशासनिक अधिकारियों सहित पुलिस अधीक्षक से भी मिले। पल्लव ने बताया कि उनका संकल्प है कि नशा मुक्त भारत हो। पल्लव देव ने बताया कि उनका लक्ष्य सेना में जाकर देश सेवा करने का था, किन्तु कलर ब्लाइंडनेस की समस्या के चलते वह सेना में नहीं जा सके। इसलिए वे सड़कों पर चलकर देश के युवाओं को नशे की लत से बचाने का प्रयास कर रहे हैं। पल्लव ने यह यात्रा 5 मई 2025 को असम से शुरू की है, वे अब तक लगभग 326 दिनों से निरंतर पदयात्रा कर रहे हैं और 7 राज्यों असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, उड़ीसा, छत्तीसगढ़ व अब मप्र का सफर तय कर रहे हैं। उनकी यह पदयात्रा आगामी कई वर्षों तक चलने वाली है। संपूर्ण पदयात्रा में लगभग 5 से 6 वर्ष का समय लगने का अनुमान है। पल्लव यात्रा के दौरान स्कूल, कॉलेज व सार्वजनिक स्थलों पर लोगों को नशे से होने वाले नुकसान बताकर जागरुकता फैलाने का कार्य कर रहे हैं व युवाओं को खेलों के साथ ही अपनी पढ़ाई के प्रति रूचि लेने का आह्वान कर रहे हैं। 
पल्लव ने बताया कि यात्रा के दौरान उन्हें आम जनता व प्रशासन का भरपूर सहयोग प्राप्त हो रहा है, 
आज रामपुर मे रात्रि विश्राम करेंगे जिसकी व्यवस्था स्थानीय समाज सेवियो के द्वारा की जायेगी 
इसके साथ ही देश के ज्योतिर्लिंग धाम, राम मंदिर, शक्ति पीठ, अमरनाथ सहित अन्य हिस्टोरिकल पैलेस सहित देश भर से माटी एकत्रित कर एक मंदिर स्थापित करना भी उनका लक्ष्य है।
    user_रामदत्त दाहिया
    रामदत्त दाहिया
    Firefighter रामपुर बघेलन, सतना, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • Post by दिनेश विश्वकर्मा
    1
    Post by दिनेश विश्वकर्मा
    user_दिनेश विश्वकर्मा
    दिनेश विश्वकर्मा
    मझौली, सीधी, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • विश्व गुरु और देश के बायोलॉजिकल प्रधानमंत्री के शहर सूरत का सूरते हाल
    1
    विश्व गुरु और देश के बायोलॉजिकल प्रधानमंत्री के शहर 
सूरत का सूरते हाल
    user_शेखर तिवारी
    शेखर तिवारी
    Journalist गुढ़, रीवा, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.