जन अभियान परिषद द्वारा जल मंदिर का शुभारंभ जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत “जल शक्ति से नव भक्ति” कार्यक्रम में प्याऊ स्थापना शाजापुर। मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद, विकासखंड मोहन बड़ोदिया के अंतर्गत सेक्टर बिजना के कृषि जगत प्रणाली वाटरशेड फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड़ के ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति मटेवा द्वारा जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत “जल शक्ति से नव भक्ति” कार्यक्रम के अंतर्गत जल मंदिर (प्याऊ) का शुभारंभ किया गया। प्याऊ की स्थापना के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में प्रधानाचार्य श्री विक्रम सिंह राजपूत उपस्थित रहे। कार्यक्रम में म.प्र. जन अभियान परिषद की नवांकुर संस्था से श्री दिनेश कुमार कलमोदिया, मेंटर्स सोना राजपूत सहित ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति के अध्यक्ष, सचिव एवं ग्रामवासी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान सर्वप्रथम विधिवत रूप से जल पात्रों का पूजन कर प्याऊ का शुभारंभ किया गया। साथ ही कार्यक्रम के माध्यम से जल संरक्षण एवं जनसेवा का संदेश भी दिया गया। कार्यक्रम का संचालन मेंटर्स सोना राजपूत द्वारा किया गया।
जन अभियान परिषद द्वारा जल मंदिर का शुभारंभ जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत “जल शक्ति से नव भक्ति” कार्यक्रम में प्याऊ स्थापना शाजापुर। मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद, विकासखंड मोहन बड़ोदिया के अंतर्गत सेक्टर बिजना के कृषि जगत प्रणाली वाटरशेड फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड़ के ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति मटेवा द्वारा जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत “जल शक्ति से नव भक्ति” कार्यक्रम के अंतर्गत जल मंदिर (प्याऊ) का शुभारंभ किया गया। प्याऊ की स्थापना के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में प्रधानाचार्य श्री विक्रम सिंह राजपूत उपस्थित रहे। कार्यक्रम में म.प्र. जन अभियान परिषद की नवांकुर संस्था से श्री दिनेश कुमार कलमोदिया, मेंटर्स सोना राजपूत सहित ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति के अध्यक्ष, सचिव एवं ग्रामवासी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान सर्वप्रथम विधिवत रूप से जल पात्रों का पूजन कर प्याऊ का शुभारंभ किया गया। साथ ही कार्यक्रम के माध्यम से जल संरक्षण एवं जनसेवा का संदेश भी दिया गया। कार्यक्रम का संचालन मेंटर्स सोना राजपूत द्वारा किया गया।
- जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत “जल शक्ति से नव भक्ति” कार्यक्रम में प्याऊ स्थापना शाजापुर। मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद, विकासखंड मोहन बड़ोदिया के अंतर्गत सेक्टर बिजना के कृषि जगत प्रणाली वाटरशेड फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड़ के ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति मटेवा द्वारा जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत “जल शक्ति से नव भक्ति” कार्यक्रम के अंतर्गत जल मंदिर (प्याऊ) का शुभारंभ किया गया। प्याऊ की स्थापना के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में प्रधानाचार्य श्री विक्रम सिंह राजपूत उपस्थित रहे। कार्यक्रम में म.प्र. जन अभियान परिषद की नवांकुर संस्था से श्री दिनेश कुमार कलमोदिया, मेंटर्स सोना राजपूत सहित ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति के अध्यक्ष, सचिव एवं ग्रामवासी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान सर्वप्रथम विधिवत रूप से जल पात्रों का पूजन कर प्याऊ का शुभारंभ किया गया। साथ ही कार्यक्रम के माध्यम से जल संरक्षण एवं जनसेवा का संदेश भी दिया गया। कार्यक्रम का संचालन मेंटर्स सोना राजपूत द्वारा किया गया।1
- दतिया:पैरोल से फरार 10-10 हजार रुपये इनामी 02 आरोपियों को थाना कोतवाली एवं थाना बसई की संयुक्त टीम द्वारा किया गिरफ्तार *घटना का संक्षिप्त विवरण :* आरोपी सकूर खान पुत्र गफूर खान निवासी बासन का पुरा, दतिया एवं फईम खान पुत्र सकूर खान निवासी सदर, दतिया को माननीय न्यायालय के आदेशानुसार आजीवन कारावास की सजा के दौरान पैरोल पर रिहा किया गया था। किन्तु दोनों आरोपी पैरोल अवधि समाप्त होने के उपरांत पुनः जेल में उपस्थित नहीं हुए एवं न्यायालय के आदेशों की अवहेलना करते हुए फरार हो गए। उक्त प्रकरण में माननीय प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश, दतिया द्वारा दोनों आरोपियों के विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए। *पुलिस द्वारा की गई कार्यवाही :* श्रीमान पुलिस अधीक्षक दतिया श्री सूरज कुमार वर्मा के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सुनील शिवहरे, एसडीओपी दतिया श्रीमती आकांक्षा जैन एवं एसडीओपी बड़ौनी श्री विनायक शुक्ला के मार्गदर्शन में थाना कोतवाली दतिया एवं थाना बसई की संयुक्त टीम द्वारा कार्यवाही की गई। मुखबिर की सूचना पर दोनों फरार आरोपियों को सफलतापूर्वक गिरफ्तार किया गया। उल्लेखनीय है कि आरोपीगण दतिया जिले के अतिरिक्त जनपद महोबा (उ.प्र.) में भी आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहे हैं तथा आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे थे। दोनों आरोपियों पर पुलिस अधीक्षक दतिया द्वारा ₹10,000-₹10,000 का इनाम घोषित किया गया था। गिरफ्तारी उपरांत आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है। *सराहनीय कार्यवाही :* इस सफल कार्यवाही में निरीक्षक धीरेन्द्र मिश्रा (थाना प्रभारी, कोतवाली दतिया), उपनिरीक्षक अंशुल अरोरा, उपनिरीक्षक नीरज कुमार, प्रधान आरक्षक शिवगोविन्द चौबे (195), राजीव वर्मा (619), ब्रजमोहन उपाध्याय (739), आरक्षक भरत रावत (435), गोविन्द कुमार (695), आनंद तोमर (765), रविन्द्र यादव (698), हेमन्त प्रजापति (607) एवं आरक्षक चालक धर्मेन्द्र शर्मा (711) की सराहनीय भूमिका रही।1
- मुख्यमंत्री कन्या विवाह अंतर्गत निशुल्क सामूहिक विवाह सम्मेलन जनपद पंचायत मोहन बड़ोदिया द्वारा आयोजित किया जा रहा, आयोजन दिनांक 15 अप्रैल को प्रातः 8:00 बजे से स्थान श्रीमनकामनेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण कुमारिया खास में किया जाएगा, सामूहिक विवाह सम्मेलन के नोडल अधिकारी माखन सिंह सोलंकी ने सोमवार सुबह 11 बजे बताया कि मोहन बड़ोदिया जनपद सीईओ अमृतराज सिसोदिया के नेतृत्व में मुख्यमंत्री कन्या विवाह अंतर्गत निशुल्क सामूहिक विवाह सम्मेलन को लेकर आवेदन लिए जा रहे है, आज दिनांक 30 मार्च की दोपहर 12 बजे तक कुल 140 आवेदन प्राप्त हो गए है, आवेदन 12 मार्च से आगामी 8 अप्रैल तक लिए जायेंगे, इस बार आवेदनकर्ता के लिए बीपीएल अनिवार्य किया गया है साथ ही वर वधु का शपथ पत्र अनिवार्य किया गया है, आवेदन की अधिकतम सीमा 200 है, इसके ज्यादा आवेदन नहीं लिए जायेंगे, आवेदन की जांच और सत्यापन के उपरांत ही आवेदन लिए जा रहे, सामूहिक विवाह सम्मेलन के नोडल अधिकारी माखन सिंह सोलंकी, ब्लाक समन्वयक और आरजीएसए पवन कुमार मालवीय द्वारा फार्म का कलेक्शन किया जा रहा, इस मौके पर पीसीओ दिलीप त्रिवेदी,ओमप्रकाश मालवीय और सहायक के रूप में रामलाल रावल और रोहित भालोट भी मौजूद रहे.1
- https://youtube.com/shorts/PDEnPMDVtFA?si=uSsp5-aEe2h3TMF61
- Post by BadshahSaket BadshahSaket1
- Post by Jagdish nagar1
- छापीहेड़ा नगर परिषद पर गंभीर सवाल: विवादित एजेंडे से भड़का जनप्रतिनिधियों का आक्रोश छापीहेड़ा/राजगढ़: छापीहेड़ा नगर परिषद एक बार फिर अपनी कार्यप्रणाली को लेकर कठघरे में खड़ी नजर आ रही है। सोमवार को प्रस्तावित विशेष सम्मेलन न केवल निरस्त हुआ, बल्कि इसने परिषद की नीयत, पारदर्शिता और प्रशासनिक क्षमता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल उस 11वें एजेंडा बिंदु को लेकर उठ रहा है, जिसमें अतिक्रमण से जुड़े एक ऐसे विवादित भूमि मामले को शामिल किया गया, जिस पर स्वयं नगर परिषद पहले ही लिखित रूप से यह स्वीकार कर चुकी है कि उक्त भूमि उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं आती। इसके बावजूद उसी विषय को बैठक के एजेंडे में शामिल करना सीधे-सीधे परिषद की कार्यशैली पर संदेह उत्पन्न करता है। वार्ड पार्षदों का सामूहिक बहिष्कार कोई सामान्य घटना नहीं है, बल्कि यह इस बात का स्पष्ट संकेत है कि परिषद के भीतर ही निर्णय प्रक्रिया को लेकर गहरी असहमति और अविश्वास व्याप्त है। 14 पार्षदों का एकजुट होकर बैठक से दूरी बनाना यह दर्शाता है कि मामला केवल एक बिंदु का नहीं, बल्कि पूरे प्रशासनिक रवैये का है। सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि जिस विषय पर पहले से ही मुख्यमंत्री हेल्प लाइन 181 हेल्पलाइन पर शिकायतें दर्ज हैं, और परिषद खुद उसे अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर बता चुकी है, उसी पर निर्णय लेने का प्रयास क्यों किया गया? क्या यह महज प्रशासनिक लापरवाही है, या फिर इसके पीछे किसी प्रकार का दबाव, पक्षपात या व्यक्तिगत स्वार्थ छिपा हुआ है? यदि नगर परिषद को यह ज्ञात था कि भूमि अन्य विभाग की है, तो फिर इस प्रकार का एजेंडा तैयार करना न केवल गैर-जिम्मेदाराना है, बल्कि यह जनप्रतिनिधियों को अनावश्यक कानूनी जोखिम में डालने का प्रयास भी प्रतीत होता है। पार्षदों की यह आशंका पूरी तरह वाजिब है कि भविष्य में किसी भी विवाद की स्थिति में जवाबदेही उन्हीं पर थोपी जा सकती थी। इस पूरे घटनाक्रम ने यह भी उजागर कर दिया है कि नगर परिषद में निर्णय लेने की प्रक्रिया कितनी असंगठित और अपारदर्शी हो चुकी है। बिना स्पष्ट अधिकार और तथ्यों के आधार पर ऐसे गंभीर मुद्दों को एजेंडे में शामिल करना प्रशासनिक अक्षमता का प्रमाण है। वहीं, बैठक में क्षेत्रीय विधायक की मौजूदगी के बावजूद पार्षदों का बहिष्कार करना यह दर्शाता है कि स्थिति कितनी गंभीर और असहज हो चुकी है। यह केवल एक बैठक का बहिष्कार नहीं, बल्कि परिषद के खिलाफ खुला विरोध और अविश्वास का संकेत है। अब सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि आखिर नगर परिषद इस प्रकार के निर्णय किसके इशारे पर ले रही है? क्या किसी व्यक्ति विशेष को लाभ पहुंचाने के लिए नियमों को दरकिनार किया जा रहा है? या फिर परिषद प्रशासन पूरी तरह से नियंत्रण और जवाबदेही से बाहर हो चुका है? यदि समय रहते इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच नहीं की गई, तो यह केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि जनता के विश्वास के साथ सीधा विश्वासघात माना जाएगा। नगर परिषद को अब स्पष्ट जवाब देना होगा कि आखिर किस आधार पर इस विवादित विषय को एजेंडे में शामिल किया गया और इसके पीछे जिम्मेदार कौन है। वही मुख्य नगर पालिका अधिकारी हरिओम शर्मा का कहना हे कोरम पूरा नहीं होने के कारण बैठक नहीं हुई काफी समय तक पार्षदों का इंतजार करना पड़ा अगली बैठक की सूचना पृथक से जारी की जावेगी2
- Post by Saif Ali journalist Journalist1