अयोध्या राम मंदिर दान चोरी मामले में एक नया मोड़ सामने आया है, जहाँ गिरफ्तार आरोपी अविनाश शुक्ला के भाई अमित शुक्ला का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में अमित शुक्ला को नोटों के बंडलों के साथ देखा जा सकता है, जिसके बाद सोशल मीडिया पर विभिन्न चर्चाएँ छिड़ गई हैं। यह वीडियो कथित तौर पर अगस्त 2025 में बनाया गया था, लेकिन अब राम मंदिर दान चोरी का यह मामला सामने आने के बाद इसे लेकर फिर से बहस तेज हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामले की जांच कर रही अयोध्या पुलिस और एसआईटी अब आरोपी के परिवार से भी पूछताछ कर रही है। इसके साथ ही, प्रतापगढ़ में भी इस जांच को लेकर सरगर्मियाँ तेज बताई जा रही हैं। फिलहाल, वायरल वीडियो और इस पूरे मामले की जांच आधिकारिक एजेंसियों द्वारा की जा रही है। सभी तथ्यों की स्पष्ट तस्वीर जाँच पूरी होने के बाद ही सामने आने की उम्मीद है।
अयोध्या राम मंदिर दान चोरी मामले में एक नया मोड़ सामने आया है, जहाँ गिरफ्तार आरोपी अविनाश शुक्ला के भाई अमित शुक्ला का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में अमित शुक्ला को नोटों के बंडलों के साथ देखा जा सकता है, जिसके बाद सोशल मीडिया पर विभिन्न चर्चाएँ छिड़ गई हैं। यह वीडियो कथित तौर पर अगस्त 2025 में बनाया गया था, लेकिन अब राम मंदिर दान चोरी का यह मामला सामने आने के बाद इसे लेकर फिर से बहस तेज हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामले की जांच कर रही अयोध्या पुलिस और एसआईटी अब आरोपी के परिवार से भी पूछताछ कर रही है। इसके साथ ही, प्रतापगढ़ में भी इस जांच को लेकर सरगर्मियाँ तेज बताई जा रही हैं। फिलहाल, वायरल वीडियो और इस पूरे मामले की जांच आधिकारिक एजेंसियों द्वारा की जा रही है। सभी तथ्यों की स्पष्ट तस्वीर जाँच पूरी होने के बाद ही सामने आने की उम्मीद है।
- मैनपुरी में भू-माफियाओं और प्रशासनिक अधिकारियों की कथित मिलीभगत के खिलाफ अधिवक्ताओं ने कड़ा विरोध प्रदर्शन किया और जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा। अधिवक्ताओं ने भू-माफियाओं पर सरकारी और सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर अवैध कब्जा करने का गंभीर आरोप लगाया है। अधिवक्ता शैलेंद्र सिंह ने विशेष रूप से ग्राम प्रधान (भैंसरोली) यशपाल उर्फ अजय पाल सहित कई लोगों पर अवैध कब्जे में शामिल होने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में सांसद कोटे से आम जनता के लिए बनाए गए यात्री प्रतीक्षालय को कथित तौर पर आधा तोड़ दिया गया है। इसके साथ ही, जिला अधिकारी द्वारा 19 जनवरी 2026 को निर्माण कार्य पर रोक लगाने (स्टे ऑर्डर) के बावजूद, भू-माफियाओं ने धड़ल्ले से अवैध निर्माण जारी रखा और लैंटर डालने तक की तैयारी कर ली थी। अधिवक्ताओं का यह भी आरोप है कि एसडीएम भोगांव इस अवैध कब्जे में पूरा सहयोग दे रहे हैं और जानबूझकर भू-माफियाओं को बढ़ावा दे रहे हैं। मामले को दबाने और शिकायतकर्ता पर दबाव बनाने के उद्देश्य से, जिला प्रशासन ने पीड़ित अधिवक्ता शैलेंद्र सिंह को ही ₹47,333 का नोटिस थमा दिया है।1
- मैनपुरी में कथित अवैध कब्जों और भू-माफियाओं के खिलाफ अधिवक्ताओं का तीव्र गुस्सा सामने आया है। अधिवक्ताओं ने जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया है कि ग्राम प्रधान सहित कई लोग सरकारी और सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जा किए हुए हैं। उनकी मुख्य शिकायत यह है कि स्टे ऑर्डर जारी होने के बावजूद निर्माण कार्य निरंतर जारी है। अधिवक्ताओं का दावा है कि यह सब प्रशासनिक अधिकारियों की कथित मिलीभगत के कारण हो रहा है, जिससे दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही। इस मामले में अधिवक्ताओं ने तब और अधिक नाराजगी व्यक्त की, जब शिकायतकर्ता अधिवक्ता को ही नोटिस जारी कर दिया गया। अब सभी की निगाहें इस पूरे प्रकरण पर जिला प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।1
- दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में जिन लोगों ने इस्तीफे दिए हैं, वे अभी भी मंदिर का संचालन कर रहे हैं।1
- भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु जल संधि को लेकर लगातार तनाव बना हुआ है, क्योंकि भारत ने इस मामले में अपना सख्त रुख अपनाया है, जिससे पाकिस्तान में बेचैनी बढ़ गई है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने इस संधि को निलंबित करने का फैसला लिया था। वहीं, पाकिस्तान लगातार यह दावा कर रहा है कि दोनों देशों की सहमति के बिना इस संधि को न तो समाप्त किया जा सकता है और न ही इसमें कोई बदलाव किया जा सकता है। दूसरी ओर, भारत अपने रुख पर कायम है और साफ संकेत दे चुका है कि मौजूदा परिस्थितियों में संधि को बहाल करने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है। सिंधु जल संधि के तहत छह नदियों का बंटवारा किया गया था, जिसमें पश्चिमी नदियां—सिंधु, झेलम और चिनाब—का अधिकांश उपयोग पाकिस्तान के हिस्से में है, जबकि पूर्वी नदियां—सतलुज, ब्यास और रावी—भारत के अधिकार क्षेत्र में आती हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत भारत इस संधि को एकतरफा निलंबित या समाप्त कर सकता है। इस मुद्दे पर कानूनी और कूटनीतिक बहस लगातार तेज होती जा रही है, और पाठकों से इस विषय पर अपनी राय कमेंट में बताने का आग्रह किया गया है।1
- मैनपुरी में कथित भू-माफियाओं के खिलाफ अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश देखने को मिला है, जिसके बाद उन्होंने जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और अवैध कब्जा हटाने की मांग की। अधिवक्ता शैलेंद्र कुमार सिंह ने आरोप लगाया है कि ग्राम पंचायत भैंसरोली के ग्राम प्रधान यशपाल उर्फ अजय पाल सहित कुछ लोगों ने सरकारी और सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर अवैध कब्जा कर रखा है। उनके अनुसार, वर्ष 2014 में सांसद निधि से आम जनता की सुविधा के लिए बनाए गए यात्री प्रतीक्षालय के एक हिस्से को भी बुलडोज़र चलाकर क्षतिग्रस्त कर दिया गया। अधिवक्ता शैलेंद्र कुमार सिंह ने यह भी दावा किया कि जिला अधिकारी द्वारा 19 जनवरी 2026 को निर्माण कार्य पर रोक (स्टे) लगाने के बावजूद, संबंधित लोगों ने निर्माण कार्य जारी रखा और लैंटर डालने तक की तैयारी कर ली। अधिवक्ताओं ने इस पूरे प्रकरण में प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत का आरोप लगाया है, और एसडीएम भोगांव पर भू-माफियाओं को संरक्षण देने की बात कही है। अधिवक्ताओं का यह भी आरोप है कि शिकायत करने पर कार्रवाई करने के बजाय, पीड़ित अधिवक्ता को ही ₹47,333 का नोटिस जारी कर दबाव बनाने का प्रयास किया गया। अधिवक्ता शैलेंद्र कुमार सिंह ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई करने तथा सरकारी भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराने की मांग की है। नोट किया गया है कि ये सभी आरोप अधिवक्ता पक्ष द्वारा लगाए गए हैं, और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों या आरोपित पक्ष का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।1
- अयोध्या राम मंदिर दान चोरी मामले में एक नया मोड़ सामने आया है, जहाँ गिरफ्तार आरोपी अविनाश शुक्ला के भाई अमित शुक्ला का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में अमित शुक्ला को नोटों के बंडलों के साथ देखा जा सकता है, जिसके बाद सोशल मीडिया पर विभिन्न चर्चाएँ छिड़ गई हैं। यह वीडियो कथित तौर पर अगस्त 2025 में बनाया गया था, लेकिन अब राम मंदिर दान चोरी का यह मामला सामने आने के बाद इसे लेकर फिर से बहस तेज हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामले की जांच कर रही अयोध्या पुलिस और एसआईटी अब आरोपी के परिवार से भी पूछताछ कर रही है। इसके साथ ही, प्रतापगढ़ में भी इस जांच को लेकर सरगर्मियाँ तेज बताई जा रही हैं। फिलहाल, वायरल वीडियो और इस पूरे मामले की जांच आधिकारिक एजेंसियों द्वारा की जा रही है। सभी तथ्यों की स्पष्ट तस्वीर जाँच पूरी होने के बाद ही सामने आने की उम्मीद है।1
- ग्रेट मोहन शर्मा ने दावा किया है कि देश में 'बहुत ज़्यादा दोहरा भ्रष्टाचार' हुआ है। उन्होंने विशेष रूप से यह भी बताया कि 'ये लोग' 'देवी चुम्मा चाती' आमने-सामने कर रहे हैं। इन गंभीर आरोपों के प्रमाण के तौर पर, मोहन शर्मा ने वीडियो दिखाने की माँग की है।1