APK फाइल के माध्यम से ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, सरगना सहित 03 आरोपी जिला देवघर (झारखंड) से गिरफ्तार APK फाइल के माध्यम से ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, सरगना सहित 03 आरोपी जिला देवघर (झारखंड) से गिरफ्तार पुलिस अधीक्षक, जिला नर्मदापुरम साई कृष्णा एस. थोटा (IPS) के मार्गदर्शन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक राजन एवं अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) नर्मदापुरम जितेंद्र पाठक के निर्देशन में थाना कोतवाली पुलिस एवं साइबर सेल नर्मदापुरम द्वारा साइबर अपराधों की रोकथाम एवं आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु सतत प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में दिनांक 12/03/2026 को फरियादी निजाम उल हक पिता हाजी मोहम्मद मसूद, उम्र 30 वर्ष, निवासी टेलीफोन एक्सचेंज के सामने, सदर बाजार, नर्मदापुरम द्वारा थाना कोतवाली में अज्ञात आरोपी के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई गई। फरियादी के अनुसार दिनांक 28/01/2026 को उसके WhatsApp नंबर पर अज्ञात व्यक्ति द्वारा RTO चालान से संबन्धित एक APK फाइल प्रेषित की गई, जिसे अनजाने में क्लिक करने के उपरांत 02 दिवस के भीतर उसकी सिम निष्क्रिय हो गई। पश्चात नई सिम प्राप्त करने पर ज्ञात हुआ कि उसके मोबाइल नंबर से संबद्ध बैंक खातों से लगभग ₹95,000/- की राशि ऑनलाइन माध्यम से आहरित कर ली गई है। फरियादी की रिपोर्ट पर थाना कोतवाली नर्मदापुरम में अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 281/26 धारा 318(4) भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। प्रकरण की विवेचना के दौरान थाना कोतवाली पुलिस एवं साइबर सेल की संयुक्त टीम द्वारा तकनीकी साक्ष्यों एवं डिजिटल डाटा विश्लेषण के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई, जो निम्नानुसार हैं- 1. अरुण पिता महादेव मेहरा, उम्र 48 वर्ष 2. पवन पिता अरुण मेहरा, 3. ललन कुमार पिता अरुण मेहरा, उम्र 19 वर्ष सभी निवासी ग्राम धुँधुवाजोरी, थाना सारठ, जिला देवघर (झारखंड) पुलिस टीम द्वारा सुनियोजित कार्यवाही करते हुए उपरोक्त आरोपियों को जिला देवघर (झारखंड) से विधिवत गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों को दिनांक 18/04/2026 को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। प्रकरण की विवेचना जारी है। आरोपीगण सर्वप्रथम किसी परिचित व्यक्ति के मोबाइल/WhatsApp खाते को हैक कर उसके संपर्कों को APK फाइल प्रेषित करते हैं। पीड़ित द्वारा उक्त फाइल डाउनलोड/क्लिक करते ही आरोपी मोबाइल डिवाइस का रिमोट एक्सेस प्राप्त कर लेते हैं, जिसके माध्यम से बैंकिंग /ओटीपी संबंधी जानकारी हासिल कर खातों से अवैध रूप से धनराशि ट्रांसफर कर लेते हैं। सावधानियां / जनहित अपीलः अज्ञात स्रोत से प्राप्त APK फाइल/लिंक को क्लिक न करें। - मोबाइल में किसी भी अनधिकृत एप्लिकेशन को इंस्टॉल करने से बचें। बैंकिंग/ओटीपी संबंधी जानकारी किसी से साझा न करें। - किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 अथवा निकटतम पुलिस थाना एवं जिला नर्मदापुरम सायबर हेल्पलाइन नंबर 7049126590 महत्वपूर्ण भूमिका :- निरी0 कंचन सिंह ठाकुर थाना कोतवाली नर्मदापुरम, उनि० जितेंद्र चौहान, सउनि0 रेवाराम गायकवाड, प्र०आर० अनिल यदुवंशी, आर0 अविनाशी हारोड़े, आर० संदीप यदुवंशी, आर० दीपेश सोलंकी, आर० रवि कुशवाह, आर0 प्रशांत राजपूत, आर० रामकुमार वर्मा एवं आर० वैभव श्रीवास्तव
APK फाइल के माध्यम से ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, सरगना सहित 03 आरोपी जिला देवघर (झारखंड) से गिरफ्तार APK फाइल के माध्यम से ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, सरगना सहित 03 आरोपी जिला देवघर (झारखंड) से गिरफ्तार पुलिस अधीक्षक, जिला नर्मदापुरम साई कृष्णा एस. थोटा (IPS) के मार्गदर्शन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक राजन एवं अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) नर्मदापुरम जितेंद्र पाठक के निर्देशन में थाना कोतवाली पुलिस एवं साइबर सेल नर्मदापुरम द्वारा साइबर अपराधों की रोकथाम एवं आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु सतत प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में दिनांक 12/03/2026 को फरियादी निजाम उल हक पिता हाजी मोहम्मद मसूद, उम्र 30 वर्ष, निवासी टेलीफोन एक्सचेंज के सामने, सदर बाजार, नर्मदापुरम द्वारा थाना कोतवाली में अज्ञात आरोपी के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई गई। फरियादी के अनुसार दिनांक 28/01/2026 को उसके WhatsApp नंबर पर अज्ञात व्यक्ति द्वारा RTO चालान से संबन्धित एक APK फाइल प्रेषित की गई, जिसे अनजाने में क्लिक करने के उपरांत 02 दिवस के भीतर उसकी सिम निष्क्रिय हो गई। पश्चात नई सिम प्राप्त करने पर ज्ञात हुआ कि उसके मोबाइल नंबर से संबद्ध बैंक खातों से लगभग ₹95,000/- की राशि ऑनलाइन माध्यम से आहरित कर ली गई है। फरियादी की रिपोर्ट पर थाना कोतवाली नर्मदापुरम में अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 281/26 धारा 318(4) भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। प्रकरण की विवेचना के दौरान थाना कोतवाली पुलिस एवं साइबर सेल की संयुक्त टीम द्वारा तकनीकी साक्ष्यों एवं डिजिटल डाटा विश्लेषण के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई, जो निम्नानुसार हैं- 1. अरुण पिता महादेव मेहरा, उम्र 48 वर्ष 2. पवन पिता अरुण मेहरा, 3. ललन कुमार पिता अरुण मेहरा, उम्र 19 वर्ष सभी निवासी ग्राम धुँधुवाजोरी, थाना सारठ, जिला देवघर (झारखंड) पुलिस टीम द्वारा सुनियोजित कार्यवाही करते हुए उपरोक्त आरोपियों को जिला देवघर (झारखंड) से विधिवत गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों को दिनांक 18/04/2026 को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। प्रकरण की विवेचना जारी है। आरोपीगण सर्वप्रथम किसी परिचित व्यक्ति के मोबाइल/WhatsApp खाते को हैक कर उसके संपर्कों को APK फाइल प्रेषित करते हैं। पीड़ित द्वारा उक्त फाइल डाउनलोड/क्लिक करते ही आरोपी मोबाइल डिवाइस का रिमोट एक्सेस प्राप्त कर लेते हैं, जिसके माध्यम से बैंकिंग /ओटीपी संबंधी जानकारी हासिल कर खातों से अवैध रूप से धनराशि ट्रांसफर कर लेते हैं। सावधानियां / जनहित अपीलः अज्ञात स्रोत से प्राप्त APK फाइल/लिंक को क्लिक न करें। - मोबाइल में किसी भी अनधिकृत एप्लिकेशन को इंस्टॉल करने से बचें। बैंकिंग/ओटीपी संबंधी जानकारी किसी से साझा न करें। - किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 अथवा निकटतम पुलिस थाना एवं जिला नर्मदापुरम सायबर हेल्पलाइन नंबर 7049126590 महत्वपूर्ण भूमिका :- निरी0 कंचन सिंह ठाकुर थाना कोतवाली नर्मदापुरम, उनि० जितेंद्र चौहान, सउनि0 रेवाराम गायकवाड, प्र०आर० अनिल यदुवंशी, आर0 अविनाशी हारोड़े, आर० संदीप यदुवंशी, आर० दीपेश सोलंकी, आर० रवि कुशवाह, आर0 प्रशांत राजपूत, आर० रामकुमार वर्मा एवं आर० वैभव श्रीवास्तव
- नगर परिषद बनखेड़ी के कई वार्डो की स्तिथि इतनी ख़राब है के चारो तरफ कचरा फैला पसरा हुआ है, हाल ही मे नगर मे स्वच्छता पर काम कर रहे संगठन अपना नाम और पैसे कमाने और सिर्फ अपनी फाइल और फोटो मे बनखेड़ी को स्वच्छ बनाने मे लगे हुए है,वही स्वच्छता का काम देख रहे नगर परिषद अधिकारी भी इस संगठन के हाँ मे हाँ लगाने मे लगे हुए है.स्वच्छता के बारे मे उनसे पूछा जाता है तो वो ये कह दिया करते है के बनखेड़ी के स्वच्छ शहर है!! ये एक बड़ा सवाल है के क्या बाकई मे बनखेड़ी शहर सब से स्वच्छ शहर है परिषद लोगों के समय पर तो टैक्स ले लेती है पर उनको उनकी सुविधा समय पर नहीं दे पति है1
- तहसील के ग्राम बेड़ियाव में गेहूं के विवाद को लेकर हुई चाकूबाजी की घटना में घायल 40 वर्षीय युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है, वहीं परिजनों और ग्रामीणों ने थाने में हंगामा कर आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 8 अप्रैल को ग्राम बेड़ियाव निवासी बृजलाल पिता रामेश्वर का गांव के ही गौरी शंकर पिता सुखदेव से करीब 50 किलो गेहूं को लेकर विवाद हो गया था। विवाद के दौरान आरोपी गौरी शंकर ने बृजलाल पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल अवस्था में बृजलाल को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान 17 अप्रैल को उसकी मृत्यु हो गई। पुलिस के अनुसार, घटना के बाद ही आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया था। अब मृतक की मौत के बाद प्रकरण में धाराएं और बढ़ाई जाएंगी। बताया जा रहा है कि मृतक बृजलाल आरोपी के खेत में काम करता था और इसी दौरान गेहूं को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई, जो बाद में हिंसक रूप ले बैठी। घटना के बाद आक्रोशित परिजन और ग्रामीण थाने पहुंचे और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।1
- Post by ABDUL1
- कुत्तों का आतंक बकरा बकरी मवेशी इंसानों पर कर रहे जांन लेवा हमला कई बकरा बकरी मवेशी एक इंसान को किया घायल1
- इस समारोह की चित्र मय झलकियां6
- Insan matlabi ho sakta hai aur Janwar nahin Hai1
- आजाद समाज पार्टी नेता ने परशुराम और धीरेन्द्र शास्त्री पर की विवादित टिप्पणी, बढ़ा विवाद सिवनी मालवा नगर में शुक्रवार शाम आजाद समाज पार्टी के नेता दामोदर यादव बाबा साहब भीमराव आंबेडकर की यात्रा एवं जनसभा को संबोधित करने पहुंचे। इस दौरान उनके द्वारा दिए गए कुछ बयानों ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। सभा को संबोधित करते हुए दामोदर यादव ने भगवान परशुराम को लेकर अपनी अनभिज्ञता जाहिर करते हुए कहा,“मैं बाबा साहब को तो जानता हूँ, लेकिन परशुराम कौन हैं, मैं नहीं जानता। मैंने उनके बारे में कभी पढ़ा नहीं। मेरे किसी दोस्त या रिश्तेदार का नाम भी परशुराम नहीं है। मैं काल्पनिक चीजों में विश्वास नहीं रखता।” उनके इस बयान के बाद राजपूत समाज में नाराजगी देखी जा रही है। कई लोगों ने इसे धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला बताया है। वहीं, उन्होंने धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री को लेकर भी विवादित टिप्पणी की। दामोदर यादव ने कहा, “वो छतरपुर का 28 साल का लड़का जो पर्चियां निकालकर हमारे लोगों को मूर्ख बनाता था, जो कहता था कि देश में हिन्दू राष्ट्र बनाऊंगा। मैंने कहा मैं नहीं बनाने दूंगा, क्योंकि बाबा साहब ने जो संविधान लिखा है, उसमें पहले पन्ने पर ही लिखा है कि भारत पंथनिरपेक्ष राष्ट्र है और वही रहेगा।” इस बयान के बाद क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक माहौल गरमा गया है। सर्व ब्राह्मण समाज सहित करणी सेना के द्वारा उक्त नेता के विरुद्ध एफआईआर कराने तथा आन्दोलन की रणनीति भी तैयार की जा रही है। विभिन्न संगठनों द्वारा बयान की निंदा की जा रही है और माफी की मांग उठने लगी है, जबकि कुछ समर्थक इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़कर देख रहे हैं।1
- संशोधन विधेयक गिर गया। उन्होंने महिलाओं के नाम पर, संविधान को तोड़ने के लिए, असंवैधानिक तरकीब का इस्तेमाल किया। भारत ने देख लिया। INDIA ने रोक दिया। जय संविधान।1
- सिवनी मालवा में आजाद समाज पार्टी नेता का विवादित बयान, परशुराम और धीरेन्द्र शास्त्री पर टिप्पणी से बढ़ा विवाद सिवनी मालवा नगर में शुक्रवार शाम आजाद समाज पार्टी के नेता दामोदर यादव बाबा साहब भीमराव आंबेडकर की यात्रा एवं जनसभा को संबोधित करने पहुंचे। इस दौरान उनके द्वारा दिए गए कुछ बयानों ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। सभा को संबोधित करते हुए दामोदर यादव ने भगवान परशुराम को लेकर अपनी अनभिज्ञता जाहिर करते हुए कहा,“मैं बाबा साहब को तो जानता हूँ, लेकिन परशुराम कौन हैं, मैं नहीं जानता। मैंने उनके बारे में कभी पढ़ा नहीं। मेरे किसी दोस्त या रिश्तेदार का नाम भी परशुराम नहीं है। मैं काल्पनिक चीजों में विश्वास नहीं रखता।” उनके इस बयान के बाद राजपूत समाज में नाराजगी देखी जा रही है। कई लोगों ने इसे धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला बताया है। वहीं, उन्होंने धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री को लेकर भी विवादित टिप्पणी की। दामोदर यादव ने कहा, “वो छतरपुर का 28 साल का लड़का जो पर्चियां निकालकर हमारे लोगों को मूर्ख बनाता था, जो कहता था कि देश में हिन्दू राष्ट्र बनाऊंगा। मैंने कहा मैं नहीं बनाने दूंगा, क्योंकि बाबा साहब ने जो संविधान लिखा है, उसमें पहले पन्ने पर ही लिखा है कि भारत पंथनिरपेक्ष राष्ट्र है और वही रहेगा।” इस बयान के बाद क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक माहौल गरमा गया है। सर्व ब्राह्मण समाज सहित करणी सेना के द्वारा उक्त नेता के विरुद्ध एफआईआर कराने तथा आन्दोलन की रणनीति भी तैयार की जा रही है। विभिन्न संगठनों द्वारा बयान की निंदा की जा रही है और माफी की मांग उठने लगी है, जबकि कुछ समर्थक इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़कर देख रहे हैं।1