Shuru
Apke Nagar Ki App…
बस्सी क्षेत्र के बेनाडा श्री जी महाराज के मंदिर में बुधवार को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर श्री श्री 1008 श्री रामदयाल दास जी महाराज द्वारा मीडिया कर्मी योगेश कुमार गुप्ता का माला पहनाकर प्रसाद देकर स्वागत सम्मान किया
Yogesh Kumar Gupta
बस्सी क्षेत्र के बेनाडा श्री जी महाराज के मंदिर में बुधवार को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर श्री श्री 1008 श्री रामदयाल दास जी महाराज द्वारा मीडिया कर्मी योगेश कुमार गुप्ता का माला पहनाकर प्रसाद देकर स्वागत सम्मान किया
More news from राजस्थान and nearby areas
- बस्सी क्षेत्र स्थित बंशीवारे मंदिर में आरती की लाइव रिपोर्ट देखे आज की1
- गुरु पूर्णिमा पर दिया कुमारी ने बड़ पीपली बालाजी धाम पर प्रमेंद्र नाथ महाराज का लिया आशीर्वाद #DiyKumari #GuruPurnima गुरु पूर्णिमा पर दिया कुमारी ने बड़ पीपली बालाजी धाम पर प्रमेंद्र नाथ महाराज का लिया आशीर्वाद #DiyKumari #GuruPurnima #गुरुपूर्णिमा #दियाकुमारी #बड़पीपलीबालाजीधाम #प्रमेंद्रनाथमहाराज #आशीर्वाद #राजस्थान #जयपुर #सनातनसंस्कृति #धार्मिकसमाचार #TheStateView #दियाकुमारी #GuruPurnima #गुरुपूर्णिमा #बड़पीपलीबालाजीधाम #प्रमेंद्रनाथमहाराज #राजस्थानसमाचार #BikanerNews #RajasthanNews #BalajiDham #DiyaKumari #TheStateView #जयपुरसमाचार #धार्मिकसमाचार #आशीर्वाद #सनातनसंस्कृति1
- छात्रसंघ चुनाव बहाली और जंतर-मंतर लाठीचार्ज के विरोध में NSUI कार्यकर्ता पानी की टंकी पर चढ़े छात्रसंघ चुनाव बहाली और जंतर-मंतर लाठीचार्ज के विरोध में NSUI कार्यकर्ता पानी की टंकी पर चढ़े जयपुर। छात्रसंघ चुनाव बहाल करने तथा जंतर-मंतर पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में गुरुवार को एनएसयूआई के तीन कार्यकर्ता गांधी नगर रेलवे स्टेशन क्षेत्र स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गए। टंकी पर चढ़ने वालों में विजय पाल कुड़ी, वियोना जाट और कोशिन ख़ान शामिल हैं। कार्यकर्ताओं ने छात्रसंघ चुनाव जल्द कराने और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज के विरोध में सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा तीनों कार्यकर्ताओं को समझाइश कर सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास शुरू किए। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। घटना के चलते कुछ समय के लिए आसपास लोगों की भीड़ जमा हो गई। एनएसयूआई कार्यकर्ताओं का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।1
- जयपुर ग्रामीण के सामोद से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाला बड़ा मामला सामने आया है। सरकारी स्कूल के बच्चों के लिए भेजा गया करीब 3 हजार किलो मिड-डे मील का दूध पाउडर बरामद हुआ है। आरोप है कि यह सरकारी दूध पाउडर बाजार में बेच दिया जाता था और मावा भट्टियों तक पहुंच रहा था। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अप्रैल महीने से स्कूल के बच्चों को दूध नहीं मिल रहा था, जबकि सरकारी रिकॉर्ड में आपूर्ति जारी थी। इस खुलासे ने मिड-डे मील योजना की पारदर्शिता और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।1
- वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त मनीष गर्ग ने किया ईवीएम वेयरहाउस का निरीक्षण वेयरहाउस की व्यवस्थाओं एवं सुरक्षा बंदोबस्त का लिया जायजा, अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश दौसा, 29 जुलाई। भारत निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त मनीष गर्ग ने बुधवार को यहां जिला मुख्यालय पर ईवीएम वेयरहाउस का निरीक्षण किया। उन्होंने आयोग के निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुरूप वेयरहाउस की व्यवस्थाओं, सुरक्षा बंदोबस्त तथा ईवीएम के सुरक्षित रखरखाव की व्यवस्थाओं का बारीकी से अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त ने वेयरहाउस में सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी रिकॉर्डिंग, अभिलेखों के संधारण एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता एवं विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए आयोग के सभी दिशा-निर्देशों की पूर्ण पालना सुनिश्चित करने पर बल दिया। इस अवसर पर जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला कलक्टर डॉ. सौम्या झा, निर्वाचन विभाग के विशेष अधिकारी सुरेश चंद, उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं अतिरिक्त जिला कलक्टर अरविंद शर्मा, पुलिस उपाधीक्षक धर्मेंद्र शर्मा सहित निर्वाचन विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।4
- घोषणाएं बड़ी, हकीकत अधूरी: भजनलाल सरकार में मेडल विजेताओं को सरकारी नौकरी और सम्मान का इंतजार।खेल मंत्री फेल, राजस्थान में खिलाड़ी बदहाल; मेडल जीतकर भी नौकरी और डाइट को तरस रहे युवा!"राजस्थान में खिलाड़ी मत बनिए!" – सोशल मीडिया पर फूटा खिलाड़ियों का गुस्सा, खेल मंत्री निशाने पर। कागजों पर खेल का विकास, जमीन पर खिलाड़ी लाचार: राजस्थान खेल मंत्रालय पर लगे भ्रष्टाचार और राजनीति के आरोप।मेडल जेब में, उधारी सिर पर: राजस्थान के नेशनल प्लेयर्स बोले– 'बिना भत्ते और डाइट के कैसे जीतें मेडल?' हालिया दिनों में "खेल मंत्री फेल? राजस्थान में खिलाड़ी मत बनिए!" जैसे नैरेटिव सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए हैं, जिसमें राज्य के खेल तंत्र की कई बड़ी कमियों को उजागर किया गया है।खिलाड़ियों द्वारा उठाए जा रहे मुख्य मुद्दे और उनकी बदहाली के प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं: आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरियों का अभावमेडल के बाद भी नौकरी नहीं: कई नेशनल और इंटरनेशनल मेडल विजेता खिलाड़ियों को लंबे समय से सरकारी नौकरियां नहीं मिली हैं। घर का दबाव: आर्थिक तंगी के कारण खिलाड़ियों पर खेल छोड़कर घर संभालने या कमाने का भारी दबाव बन रहा है नाकाफी इनाम राशि: मेडल जीतने पर सरकार द्वारा दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि खिलाड़ियों की बेसिक ट्रेनिंग के लिए भी पर्याप्त नहीं है। भत्तों (TA/DA) का न मिलना और भ्रष्टाचार के आरोपकागजों पर भत्ता: राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं (Nationals) में खेलने जाने वाले खिलाड़ियों को टीए/डीए (TA/DA) देने का वादा किया जाता है, लेकिन फॉर्म भरने के बाद भी महीनों तक पैसा नहीं मिलता।फंड की हेराफेरी: खेल मंत्रालय पर खिलाड़ियों के हक का पैसा रोकने और खेल बजट में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहे हैं। डाइट और बुनियादी सुविधाओं की कमीबिना उचित डाइट के संघर्ष: जमीनी स्तर पर खिलाड़ियों को सरकार की तरफ से कोई पौष्टिक डाइट या खेल किट नहीं मिल पा रही है, जिससे वे बिना किसी प्रशासनिक मदद के अपने दम पर मेडल ला रहे हैं।खराब बुनियादी ढांचा: जिला और ब्लॉक स्तर पर खेल मैदानों और आधुनिक कोचों की भारी कमी बनी हुई है। खेल संघों में भारी राजनीति और पक्षपातपैसे देकर चयन का आरोप: खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ के एक कथित बयान को लेकर भी विवाद गरमाया हुआ है, जिसमें खिलाड़ियों को पैसा देकर टीम में शामिल किए जाने जैसी धांधलियों का जिक्र है।भाई-भतीजावाद: खिलाड़ियों का आरोप है कि खेल संघों और खेल परिषदों पर नेताओं का कब्जा होने के कारण योग्य खिलाड़ियों को मौका नहीं मिलता और वे राजनीति की भेंट चढ़ जाते हैं1
- जयपुर एसीबी टीम ने कलेक्ट्रेट में एडीएम पूर्व कार्यालय में तैनात पीए को ₹100000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों किया गिरफ्तार भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने जयपुर में बड़ी कार्रवाई करते हुए एडीएम पूर्व कार्यालय में तैनात पीए मुकेश चौधरी को ₹1 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आरोपी पीए ने परीक्षा संबंधी परिवहन के बिल पास कराने की एवज में परिवादी से ₹1.50 लाख की रिश्वत की मांग की थी। शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी ने ट्रैप कार्रवाई की और आरोपी को ₹1 लाख की रिश्वत स्वीकार करते हुए गिरफ्तार किया। फिलहाल एसीबी की टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले में आगे की जांच जारी है। कार्रवाई के बाद सरकारी कार्यालयों में हड़कंप मच गया। एडिशनल एसपी एसीबी सुनील सिहाग ने बताया कि पिछले दिनों फॉरेस्टर और सेकंड ग्रेड का एग्जाम था, जिनके दौरान शिकायतकर्ता की गाड़िया लोजेस्टिक सपोर्ट के लिए लगी थी, इस दौरान ओएमआर शीट और प्रश्नपत्र सेंटर तक पहुंचाने और सेंटर से एडीएम ऑफिस पहुंचाने का काम था। इस दौरान करीब 80 से 100 गाड़ियां लगी थी। उसी संबंध में करीब 16 से 17 लाख के बिल थे, जिन्हें पास कराने के एवज में RAS नरेंद्र कुमार वर्मा एडीएम ईस्ट के पीए मुकेश ने डेढ़ लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी। आरोपी ने परिवादी से 10 प्रतिशत कमीशन मांगा था, कमीशन की रकम 1 लाख रुपए थी। एसीबी ने आरोपी को रिश्वत लेते हुए ही रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल एसीबी की टीम गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ करने के साथ उसके घर और दफ्तर में जांच कर रही है। अभी तक की जांच में सामने आया है कि आरोपी लैपटॉप के लिए घूस की राशि की डिमांड कर रहा था लेकिन टेक्निकल एविडेंस के आधार पर एसीबी जांच करेगी कि घूस के इस खेल में क्या मुकेश अकेला ही शामिल था या कोई और भी।1
- बस्सी क्षेत्र के बेनाडा श्री जी महाराज के मंदिर में बुधवार को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर श्री श्री 1008 श्री रामदयाल दास जी महाराज द्वारा मीडिया कर्मी योगेश कुमार गुप्ता का माला पहनाकर प्रसाद देकर स्वागत सम्मान किया4