कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र की संदलपुर चौकी के अंतर्गत दो सप्ताह से एक नाबालिग लड़की के लापता होने के मामले में शनिवार को ग्रामीणों का भारी गुस्सा देखने को मिला। बड़ी संख्या में ग्रामीण और महिलाओं ने पुलिस चौकी पहुंचकर न केवल प्रदर्शन किया, बल्कि पुलिस पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए ट्रैक्टर लगाकर सड़क भी जाम कर दी। पीड़ित परिवार का आरोप है कि उनकी नाबालिग बेटी पढ़ाई के लिए घर से निकली थी, लेकिन फिर वापस नहीं लौटी और काफी तलाश के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिला। परिजनों का कहना है कि गांव का ही एक युवक विशाल उसे बहला-फुसलाकर ले गया है, जिस पर पहले भी लड़की को स्कूल आते-जाते समय परेशान करने का आरोप है। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत के बावजूद पुलिस ने समय पर कोई कार्रवाई नहीं की, और 22 मई को रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसके अतिरिक्त, परिवार का यह भी दावा है कि उन्हें आरोपी पक्ष से धमकियां मिल रही हैं। इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने चौकी के बाहर जमकर नारेबाजी की और पुलिस से जल्द से जल्द नाबालिग की बरामदगी तथा आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की। हालांकि, पुलिस ने अपने ऊपर लगे लापरवाही के सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच लगातार जारी है और नाबालिग की तलाश के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस ने यह भी दावा किया कि आवश्यक कानूनी कार्रवाई जल्द ही की जाएगी। इस पूरी घटना ने क्षेत्र में नाबालिग लड़कियों की सुरक्षा और पुलिस की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का स्पष्ट मत है कि यदि शुरुआत में ही पुलिस द्वारा प्रभावी कार्रवाई की गई होती, तो यह मामला इतना आगे नहीं बढ़ता और स्थिति इतनी बिगड़ती नहीं।
कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र की संदलपुर चौकी के अंतर्गत दो सप्ताह से एक नाबालिग लड़की के लापता होने के मामले में शनिवार को ग्रामीणों का भारी गुस्सा देखने को मिला। बड़ी संख्या में ग्रामीण और महिलाओं ने पुलिस चौकी पहुंचकर न केवल प्रदर्शन किया, बल्कि पुलिस पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए ट्रैक्टर लगाकर सड़क भी जाम कर दी। पीड़ित परिवार का आरोप है कि उनकी नाबालिग बेटी पढ़ाई के लिए घर से निकली थी, लेकिन फिर वापस नहीं लौटी और काफी तलाश के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिला। परिजनों का कहना है कि गांव का ही एक युवक विशाल उसे बहला-फुसलाकर ले गया है, जिस पर पहले भी लड़की को स्कूल आते-जाते समय परेशान करने का आरोप है। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत के बावजूद पुलिस ने समय पर कोई कार्रवाई नहीं की, और 22 मई को रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी कोई
ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसके अतिरिक्त, परिवार का यह भी दावा है कि उन्हें आरोपी पक्ष से धमकियां मिल रही हैं। इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने चौकी के बाहर जमकर नारेबाजी की और पुलिस से जल्द से जल्द नाबालिग की बरामदगी तथा आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की। हालांकि, पुलिस ने अपने ऊपर लगे लापरवाही के सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच लगातार जारी है और नाबालिग की तलाश के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस ने यह भी दावा किया कि आवश्यक कानूनी कार्रवाई जल्द ही की जाएगी। इस पूरी घटना ने क्षेत्र में नाबालिग लड़कियों की सुरक्षा और पुलिस की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का स्पष्ट मत है कि यदि शुरुआत में ही पुलिस द्वारा प्रभावी कार्रवाई की गई होती, तो यह मामला इतना आगे नहीं बढ़ता और स्थिति इतनी बिगड़ती नहीं।
- कानपुर देहात के रुरा थाना क्षेत्र में विभिन्न जगहों पर लड़ाई-झगड़े की घटनाएं सामने आईं। इन मामलों में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाते हुए पुलिस को शिकायती पत्र दिए। पुलिस ने इन शिकायतों की जांच-पड़ताल के बाद माहौल बिगाड़ने के आरोप में चार लोगों के खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई की है। थाना प्रभारी सुधीर भारद्वाज ने इस कार्रवाई की पुष्टि की।1
- कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र की संदलपुर चौकी के अंतर्गत दो सप्ताह से एक नाबालिग लड़की के लापता होने के मामले में शनिवार को ग्रामीणों का भारी गुस्सा देखने को मिला। बड़ी संख्या में ग्रामीण और महिलाओं ने पुलिस चौकी पहुंचकर न केवल प्रदर्शन किया, बल्कि पुलिस पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए ट्रैक्टर लगाकर सड़क भी जाम कर दी। पीड़ित परिवार का आरोप है कि उनकी नाबालिग बेटी पढ़ाई के लिए घर से निकली थी, लेकिन फिर वापस नहीं लौटी और काफी तलाश के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिला। परिजनों का कहना है कि गांव का ही एक युवक विशाल उसे बहला-फुसलाकर ले गया है, जिस पर पहले भी लड़की को स्कूल आते-जाते समय परेशान करने का आरोप है। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत के बावजूद पुलिस ने समय पर कोई कार्रवाई नहीं की, और 22 मई को रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसके अतिरिक्त, परिवार का यह भी दावा है कि उन्हें आरोपी पक्ष से धमकियां मिल रही हैं। इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने चौकी के बाहर जमकर नारेबाजी की और पुलिस से जल्द से जल्द नाबालिग की बरामदगी तथा आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की। हालांकि, पुलिस ने अपने ऊपर लगे लापरवाही के सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच लगातार जारी है और नाबालिग की तलाश के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस ने यह भी दावा किया कि आवश्यक कानूनी कार्रवाई जल्द ही की जाएगी। इस पूरी घटना ने क्षेत्र में नाबालिग लड़कियों की सुरक्षा और पुलिस की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का स्पष्ट मत है कि यदि शुरुआत में ही पुलिस द्वारा प्रभावी कार्रवाई की गई होती, तो यह मामला इतना आगे नहीं बढ़ता और स्थिति इतनी बिगड़ती नहीं।2
- उत्तर प्रदेश में विकास कार्यों को नई गति प्रदान की जा रही है, जिसके तहत राजधानी लखनऊ में 'नौसेना शौर्य वाटिका' का उद्घाटन किया गया। यह वाटिका भारतीय नौसेना के शौर्य, पराक्रम और बलिदान को समर्पित है और इसका उद्देश्य युवाओं को देशभक्ति तथा सैन्य इतिहास से प्रेरित करना है। प्रदेश सरकार युवाओं के कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए भी महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। आगामी वर्षों में, लगभग 4 लाख युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) से जुड़ी आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे उनके लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इसके साथ ही, बुंदेलखंड क्षेत्र को सौर ऊर्जा हब के रूप में विकसित करने की दिशा में भी तेजी से कार्य किया जा रहा है, जहां बड़े स्तर पर सोलर परियोजनाओं की स्थापना से क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा, रोजगार के अवसर पैदा होंगे और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। सरकार का दावा है कि इन सभी पहलों से प्रदेश में आधारभूत ढांचे, रोजगार और ऊर्जा क्षेत्र में व्यापक बदलाव आएगा, जिससे उत्तर प्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में अपनी स्थिति को और मजबूत करेगा।1
- कानपुर देहात के फतेहपुर मुशनागर से मोहम्मद अनीश कुरैशी ने राजीव गांधी और कांग्रेस पार्टी के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उनका यह साथ बचपन से लेकर जवानी तक चला आ रहा है, और इसी भावना के साथ कांग्रेस पार्टी के लिए "जिंदाबाद" का नारा लगाया।1
- जनपद कानपुर देहात के विकास खंड अकबरपुर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पतरा सड़वा में 26 मई 2025 को झोपड़ी में अचानक आग लगने की दुःखद घटना में अजय की पत्नी पारुल (26 वर्ष) की जलकर दुःखद मृत्यु हो गई थी। यह जानकारी जिलाधिकारी कपिल सिंह के निर्देशन में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व द्वारा दी गई। इस हृदयविदारक घटना के उपरांत, प्रदेश सरकार ने माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय देते हुए पीड़ित परिवार को राहत सहायता उपलब्ध कराई है। माननीय मुख्यमंत्री जी के निर्देशानुसार, प्रदेश सरकार के माननीय कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने मृतका की पुत्री अनन्या के नाम ₹4 लाख की राहत सहायता का चेक प्रदान किया। परिजनों ने प्रदेश सरकार एवं प्रशासन द्वारा प्रदान की गई इस सहायता के लिए आभार व्यक्त किया है। जनपद प्रशासन ने पीड़ित परिवार को यह भी आश्वस्त किया है कि शासन की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत पात्रतानुसार अन्य आवश्यक सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में पीड़ित परिवार को यह आर्थिक सहायता मिली है।1
- जालौन जनपद के थाना कालपी क्षेत्र में जोल्हूपुर मोड़ के पास जोधर नाले के नजदीक शनिवार रात एक हृदय विदारक सड़क हादसा हुआ, जिसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया। कथित रूप से गलत दिशा से आ रही एक तेज रफ्तार बोलेरो (GJ 01 RP 6699) ने सवारियों से भरे रिक्शा (UP 92 T 1843) को भीषण टक्कर मार दी, जिससे रिक्शा के परखच्चे उड़ गए और घटनास्थल पर मातम का माहौल छा गया। इस खौफनाक दुर्घटना में प्रियंका देवी (30), सज्जन (30), सक्षम (16), कनिष्का (13) और रिक्शा चालक देवेंद्र (40) गंभीर रूप से घायल हो गए। टक्कर के बाद मासूम बच्चों की चीखें गूंज उठीं और परिवार का सारा सामान सड़क पर बिखर गया, मानो एक ही पल में उनकी जिंदगी उजड़ गई हो। सबसे गंभीर रूप से घायल कनिष्का (13) और सज्जन (30) को जिला राजकीय मेडिकल कॉलेज उरई रेफर किया गया है, जहाँ उनका इलाज जारी है। घायलों को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कालपी ले जाया गया था, जहाँ वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अशोक चक्र ने तत्काल उपचार प्रदान किया और गंभीर मरीजों को आगे रेफर किया। चौंकाने वाली बात यह है कि दुर्घटना करने वाला बोलेरो चालक कथित तौर पर नशे में धुत था और टक्कर मारने के तुरंत बाद मौके से फरार हो गया। बताया गया है कि पीड़ित परिवार ग्राम अवैधेपुर थाना सिरसा कलार से सूरत जाने की तैयारी में था और रिक्शा में अपना घरेलू सामान लेकर जा रहा था, तभी यह भीषण हादसा हुआ। सूचना मिलते ही डायल 112 और थाना सिरसा पुलिस मौके पर पहुँची और घायलों को तुरंत अस्पताल भिजवाया। पुलिस ने बोलेरो वाहन को अपने कब्जे में लेकर आगे की जाँच शुरू कर दी है, लेकिन फरार ड्राइवर अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। इस खौफनाक हादसे ने सड़क पर बिखरी जिंदगियों को सामने लाते हुए व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1