जालौन जनपद के थाना कालपी क्षेत्र में जोल्हूपुर मोड़ के पास जोधर नाले के नजदीक शनिवार रात एक हृदय विदारक सड़क हादसा हुआ, जिसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया। कथित रूप से गलत दिशा से आ रही एक तेज रफ्तार बोलेरो (GJ 01 RP 6699) ने सवारियों से भरे रिक्शा (UP 92 T 1843) को भीषण टक्कर मार दी, जिससे रिक्शा के परखच्चे उड़ गए और घटनास्थल पर मातम का माहौल छा गया। इस खौफनाक दुर्घटना में प्रियंका देवी (30), सज्जन (30), सक्षम (16), कनिष्का (13) और रिक्शा चालक देवेंद्र (40) गंभीर रूप से घायल हो गए। टक्कर के बाद मासूम बच्चों की चीखें गूंज उठीं और परिवार का सारा सामान सड़क पर बिखर गया, मानो एक ही पल में उनकी जिंदगी उजड़ गई हो। सबसे गंभीर रूप से घायल कनिष्का (13) और सज्जन (30) को जिला राजकीय मेडिकल कॉलेज उरई रेफर किया गया है, जहाँ उनका इलाज जारी है। घायलों को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कालपी ले जाया गया था, जहाँ वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अशोक चक्र ने तत्काल उपचार प्रदान किया और गंभीर मरीजों को आगे रेफर किया। चौंकाने वाली बात यह है कि दुर्घटना करने वाला बोलेरो चालक कथित तौर पर नशे में धुत था और टक्कर मारने के तुरंत बाद मौके से फरार हो गया। बताया गया है कि पीड़ित परिवार ग्राम अवैधेपुर थाना सिरसा कलार से सूरत जाने की तैयारी में था और रिक्शा में अपना घरेलू सामान लेकर जा रहा था, तभी यह भीषण हादसा हुआ। सूचना मिलते ही डायल 112 और थाना सिरसा पुलिस मौके पर पहुँची और घायलों को तुरंत अस्पताल भिजवाया। पुलिस ने बोलेरो वाहन को अपने कब्जे में लेकर आगे की जाँच शुरू कर दी है, लेकिन फरार ड्राइवर अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। इस खौफनाक हादसे ने सड़क पर बिखरी जिंदगियों को सामने लाते हुए व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जालौन जनपद के थाना कालपी क्षेत्र में जोल्हूपुर मोड़ के पास जोधर नाले के नजदीक शनिवार रात एक हृदय विदारक सड़क हादसा हुआ, जिसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया। कथित रूप से गलत दिशा से आ रही एक तेज रफ्तार बोलेरो (GJ 01 RP 6699) ने सवारियों से भरे रिक्शा (UP 92 T 1843) को भीषण टक्कर मार दी, जिससे रिक्शा के परखच्चे उड़ गए और घटनास्थल पर मातम का माहौल छा गया। इस खौफनाक दुर्घटना में प्रियंका देवी (30), सज्जन (30), सक्षम (16), कनिष्का (13) और रिक्शा चालक देवेंद्र (40) गंभीर रूप से घायल हो गए। टक्कर के बाद मासूम बच्चों की चीखें गूंज उठीं और परिवार का सारा सामान सड़क पर बिखर गया, मानो एक ही पल में उनकी जिंदगी उजड़ गई हो। सबसे गंभीर रूप से घायल कनिष्का (13) और सज्जन (30) को जिला राजकीय मेडिकल कॉलेज उरई रेफर किया गया है, जहाँ उनका इलाज जारी है। घायलों को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कालपी ले जाया गया था, जहाँ वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अशोक चक्र ने तत्काल उपचार प्रदान किया और गंभीर मरीजों को आगे रेफर किया। चौंकाने वाली बात यह है कि दुर्घटना करने वाला बोलेरो चालक कथित तौर पर नशे में धुत था और टक्कर मारने के तुरंत बाद मौके से फरार हो गया। बताया गया है कि पीड़ित परिवार ग्राम अवैधेपुर थाना सिरसा कलार से सूरत जाने की तैयारी में था और रिक्शा में अपना घरेलू सामान लेकर जा रहा था, तभी यह भीषण हादसा हुआ। सूचना मिलते ही डायल 112 और थाना सिरसा पुलिस मौके पर पहुँची और घायलों को तुरंत अस्पताल भिजवाया। पुलिस ने बोलेरो वाहन को अपने कब्जे में लेकर आगे की जाँच शुरू कर दी है, लेकिन फरार ड्राइवर अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। इस खौफनाक हादसे ने सड़क पर बिखरी जिंदगियों को सामने लाते हुए व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
- कानपुर देहात के रुरा थाना क्षेत्र में विभिन्न जगहों पर लड़ाई-झगड़े की घटनाएं सामने आईं। इन मामलों में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाते हुए पुलिस को शिकायती पत्र दिए। पुलिस ने इन शिकायतों की जांच-पड़ताल के बाद माहौल बिगाड़ने के आरोप में चार लोगों के खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई की है। थाना प्रभारी सुधीर भारद्वाज ने इस कार्रवाई की पुष्टि की।1
- कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र की संदलपुर चौकी के अंतर्गत दो सप्ताह से एक नाबालिग लड़की के लापता होने के मामले में शनिवार को ग्रामीणों का भारी गुस्सा देखने को मिला। बड़ी संख्या में ग्रामीण और महिलाओं ने पुलिस चौकी पहुंचकर न केवल प्रदर्शन किया, बल्कि पुलिस पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए ट्रैक्टर लगाकर सड़क भी जाम कर दी। पीड़ित परिवार का आरोप है कि उनकी नाबालिग बेटी पढ़ाई के लिए घर से निकली थी, लेकिन फिर वापस नहीं लौटी और काफी तलाश के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिला। परिजनों का कहना है कि गांव का ही एक युवक विशाल उसे बहला-फुसलाकर ले गया है, जिस पर पहले भी लड़की को स्कूल आते-जाते समय परेशान करने का आरोप है। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत के बावजूद पुलिस ने समय पर कोई कार्रवाई नहीं की, और 22 मई को रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसके अतिरिक्त, परिवार का यह भी दावा है कि उन्हें आरोपी पक्ष से धमकियां मिल रही हैं। इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने चौकी के बाहर जमकर नारेबाजी की और पुलिस से जल्द से जल्द नाबालिग की बरामदगी तथा आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की। हालांकि, पुलिस ने अपने ऊपर लगे लापरवाही के सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच लगातार जारी है और नाबालिग की तलाश के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस ने यह भी दावा किया कि आवश्यक कानूनी कार्रवाई जल्द ही की जाएगी। इस पूरी घटना ने क्षेत्र में नाबालिग लड़कियों की सुरक्षा और पुलिस की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का स्पष्ट मत है कि यदि शुरुआत में ही पुलिस द्वारा प्रभावी कार्रवाई की गई होती, तो यह मामला इतना आगे नहीं बढ़ता और स्थिति इतनी बिगड़ती नहीं।2
- कानपुर देहात के फतेहपुर मुशनागर से मोहम्मद अनीश कुरैशी ने राजीव गांधी और कांग्रेस पार्टी के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उनका यह साथ बचपन से लेकर जवानी तक चला आ रहा है, और इसी भावना के साथ कांग्रेस पार्टी के लिए "जिंदाबाद" का नारा लगाया।1
- कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र में मनकापुर पेट्रोल पंप के पास रविवार सुबह एक तेज रफ्तार डंपर ने सड़क किनारे खड़े पिकअप वाहन को जोरदार टक्कर मार दी। इस दर्दनाक हादसे में पिकअप चालक बलबीर (32) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका साथी भूरा उर्फ बलबीर गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। घटना को अंजाम देने के बाद डंपर चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। जानकारी के अनुसार, मृतक बलबीर मंगलपुर थाना क्षेत्र के चक्के पुरवा गांव का निवासी था और करीब चार-पांच महीने पहले ही दिल्ली से लौटकर आया था, जहाँ वह सब्जी का कारोबार करता था। गांव लौटने के बाद उसने एक पिकअप वाहन खरीदा और आसपास के क्षेत्रों में सब्जी लाने-ले जाने का काम शुरू किया था। शनिवार को वह अपने साथी भूरा उर्फ बलबीर के साथ पहली बार बाहर से सब्जी लाकर मंगलपुर में बेचकर लौटे थे। रविवार सुबह लगभग चार बजे, बची हुई सब्जी झींझक बेचने के लिए वे पिकअप में जा रहे थे। रास्ते में मनकापुर पेट्रोल पंप से आगे उन्होंने वाहन को सड़क किनारे कच्ची जगह पर खड़ा करके खराब सब्जी छाँटनी शुरू की। दोनों वाहन के पीछे खड़े होकर सब्जी अलग कर रहे थे, तभी झींझक की ओर से आ रहे एक तेज रफ्तार डंपर ने उन्हें पीछे से टक्कर मार दी, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और घायलों को अस्पताल पहुँचाया। झींझक अस्पताल में चिकित्सकों ने पिकअप चालक बलबीर को मृत घोषित कर दिया, जबकि भूरा उर्फ बलबीर को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। बलबीर की मौत की खबर मिलते ही उसकी माँ शीला देवी, पत्नी रूबी सहित परिवार में कोहराम मच गया। पिता जगदीश और भाई सर्वेश, नरेश तथा बृजेश का रो-रोकर बुरा हाल था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। इस हादसे के बाद सिकंदरा-झींझक मार्ग पर तेज रफ्तार डंपरों को लेकर ग्रामीणों में काफी नाराजगी देखने को मिली है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस मार्ग पर डंपर चालक निर्धारित नियमों की अनदेखी कर तेज गति से दौड़ते हैं और दिन के समय भी कई डंपर शॉर्टकट मार्गों से गुजरते हैं, जिससे हादसों का खतरा लगातार बना रहता है।1
- यह पोस्ट मजबूत भाईचारे और गहरी दोस्ती की भावना को उजागर करती है, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि 'भाईचारा सबसे ऊपर' है। पोस्ट करने वाले व्यक्ति ने अपने एक करीबी साथी, जिसे वह 'मेरी जान' कहता है, के प्रति अपनी अटूट वफादारी और प्रेम को व्यक्त किया है। साथ ही, उन्होंने बेहद सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि यदि किसी ने भी उनके इस साथी की तरफ गलत नज़र उठाई या उसे कोई नुकसान पहुँचाने की कोशिश की, तो उसका अंजाम ऐसा होगा जिसे संभालना किसी के बस की बात नहीं होगी।1
- जालौन जनपद के थाना कालपी क्षेत्र में जोल्हूपुर मोड़ के पास जोधर नाले के नजदीक शनिवार रात एक हृदय विदारक सड़क हादसा हुआ, जिसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया। कथित रूप से गलत दिशा से आ रही एक तेज रफ्तार बोलेरो (GJ 01 RP 6699) ने सवारियों से भरे रिक्शा (UP 92 T 1843) को भीषण टक्कर मार दी, जिससे रिक्शा के परखच्चे उड़ गए और घटनास्थल पर मातम का माहौल छा गया। इस खौफनाक दुर्घटना में प्रियंका देवी (30), सज्जन (30), सक्षम (16), कनिष्का (13) और रिक्शा चालक देवेंद्र (40) गंभीर रूप से घायल हो गए। टक्कर के बाद मासूम बच्चों की चीखें गूंज उठीं और परिवार का सारा सामान सड़क पर बिखर गया, मानो एक ही पल में उनकी जिंदगी उजड़ गई हो। सबसे गंभीर रूप से घायल कनिष्का (13) और सज्जन (30) को जिला राजकीय मेडिकल कॉलेज उरई रेफर किया गया है, जहाँ उनका इलाज जारी है। घायलों को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कालपी ले जाया गया था, जहाँ वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अशोक चक्र ने तत्काल उपचार प्रदान किया और गंभीर मरीजों को आगे रेफर किया। चौंकाने वाली बात यह है कि दुर्घटना करने वाला बोलेरो चालक कथित तौर पर नशे में धुत था और टक्कर मारने के तुरंत बाद मौके से फरार हो गया। बताया गया है कि पीड़ित परिवार ग्राम अवैधेपुर थाना सिरसा कलार से सूरत जाने की तैयारी में था और रिक्शा में अपना घरेलू सामान लेकर जा रहा था, तभी यह भीषण हादसा हुआ। सूचना मिलते ही डायल 112 और थाना सिरसा पुलिस मौके पर पहुँची और घायलों को तुरंत अस्पताल भिजवाया। पुलिस ने बोलेरो वाहन को अपने कब्जे में लेकर आगे की जाँच शुरू कर दी है, लेकिन फरार ड्राइवर अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। इस खौफनाक हादसे ने सड़क पर बिखरी जिंदगियों को सामने लाते हुए व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1