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कोटा जिले के रामगंजमंडी क्षेत्र में कई दिनों से मानसून रूठा हुआ है, जिससे किसान अपनी फसलों को लेकर बेहद चिंतित हैं। यदि समय पर बरसात नहीं हुई तो फसलें चौपट हो जाएंगी और किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा। इसी चिंता के बीच, अच्छी वर्षा की कामना के लिए रविवार को सातलखेड़ी कस्बे के लोगों ने गांव के बाहर भोजन बनाया और देवी-देवताओं की विशेष पूजा-अर्चना की। इसी पारंपरिक मान्यता के तहत, सोमवार को इंद्र देवता को मनाने और क्षेत्र में अच्छी बारिश के लिए सभी ग्रामीणों ने मिलकर घांस भेरुजी की सवारी निकाली। इस अनूठी सवारी के दौरान महिलाएं सबसे आगे रस्सी से घांस भेरुजी को खींचकर चल रही थीं, जबकि पुरुष और बच्चे पीछे-पीछे श्रद्धापूर्वक जयकारे लगाते हुए साथ चल रहे थे।
Mangilal Charan
कोटा जिले के रामगंजमंडी क्षेत्र में कई दिनों से मानसून रूठा हुआ है, जिससे किसान अपनी फसलों को लेकर बेहद चिंतित हैं। यदि समय पर बरसात नहीं हुई तो फसलें चौपट हो जाएंगी और किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा। इसी चिंता के बीच, अच्छी वर्षा की कामना के लिए रविवार को सातलखेड़ी कस्बे के लोगों ने गांव के बाहर भोजन बनाया और देवी-देवताओं की विशेष पूजा-अर्चना की। इसी पारंपरिक मान्यता के तहत, सोमवार को इंद्र देवता को मनाने और क्षेत्र में अच्छी बारिश के लिए सभी ग्रामीणों ने मिलकर घांस भेरुजी की सवारी निकाली। इस अनूठी सवारी के दौरान महिलाएं सबसे आगे रस्सी से घांस भेरुजी को खींचकर चल रही थीं, जबकि पुरुष और बच्चे पीछे-पीछे श्रद्धापूर्वक जयकारे लगाते हुए साथ चल रहे थे।
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- कोटा-झालावाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग 52 पर स्थित दरा अभ्यारण्य क्षेत्र में मंगलवार को हुई बारिश के चलते दिनभर भीषण जाम की स्थिति बनी रही। क्षेत्र में बारिश की वजह से कमलपुरा से लेकर दरा नाल तक सड़क मार्ग में दोनों तरफ गहरे गड्ढे हो गए। इसी बीच अभ्यारण्य क्षेत्र में दो अलग-अलग स्थानों पर ट्रक खराब हो गए, जिससे वाहनों की रफ्तार थम गई और जाम लगातार बढ़ता चला गया। सड़क पर बने गड्ढों और खराब ट्रकों के कारण एक तरफ पदमपुरा दोबड़ा तो दूसरी तरफ जालिमपुरा पेट्रोल पंप तक गाड़ियों की लंबी लाइनें लग गईं। इसके अलावा भटवाड़ा अमझार सड़क पर भी वाहनों की कतारें देखने को मिलीं। मौके पर पहुंची पुलिस ने हाइड्रा मशीन की मदद से दोनों ट्रकों को रास्ते से हटवाया और एक-एक तरफ करके वाहनों को निकालने का प्रयास किया। रेंग-रेंगकर चल रहे वाहनों के कारण सैकड़ों यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा और पुलिस की मशक्कत के बावजूद शाम 7 बजे तक दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं।4
- कोटा के रामगंजमंडी क्षेत्र के अंतरालिया गांव में जहरीले कीड़े के काटने से एक महिला की मौत हो गई। मृतका की पहचान रामचंदरी गुर्जर (पत्नी रतनलाल गुर्जर) के रूप में हुई है। इस हादसे के बाद पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई। दुख की इस घड़ी में जब ग्रामीण मृतका का अंतिम संस्कार करने श्मशान घाट पहुंचे, तो वहां उचित सुविधाएं न होने के कारण उन्हें भारी परेशानी उठानी पड़ी। आखिरकार, ग्रामीणों को तरपाल के नीचे अंतिम संस्कार करने के लिए मजबूर होना पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले वर्ष भी बरसात के दौरान श्मशान घाट की स्थिति ऐसी ही बदहाल थी, लेकिन प्रशासन द्वारा अब तक वहां कोई स्थायी व्यवस्था नहीं की गई है। श्मशान घाट पर शेड सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं का पूरी तरह से अभाव है, जिससे बारिश के मौसम में अंतिम संस्कार करने में गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से श्मशान घाट पर जल्द से जल्द आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की पुरजोर मांग की है, ताकि भविष्य में किसी भी परिवार को ऐसी दुखद और विकट स्थिति से न गुजरना पड़े।1
- कोटा जिले के रामगंजमंडी क्षेत्र में कई दिनों से मानसून रूठा हुआ है, जिससे किसान अपनी फसलों को लेकर बेहद चिंतित हैं। यदि समय पर बरसात नहीं हुई तो फसलें चौपट हो जाएंगी और किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा। इसी चिंता के बीच, अच्छी वर्षा की कामना के लिए रविवार को सातलखेड़ी कस्बे के लोगों ने गांव के बाहर भोजन बनाया और देवी-देवताओं की विशेष पूजा-अर्चना की। इसी पारंपरिक मान्यता के तहत, सोमवार को इंद्र देवता को मनाने और क्षेत्र में अच्छी बारिश के लिए सभी ग्रामीणों ने मिलकर घांस भेरुजी की सवारी निकाली। इस अनूठी सवारी के दौरान महिलाएं सबसे आगे रस्सी से घांस भेरुजी को खींचकर चल रही थीं, जबकि पुरुष और बच्चे पीछे-पीछे श्रद्धापूर्वक जयकारे लगाते हुए साथ चल रहे थे।3
- अरावली की लोकदेवी माँ जोगणिया पर केंद्रित उपन्यास 'माँ जोगणियाँ' का भाग-21 सामने आया है। यह उपन्यास पूरी तरह से अरावली की लोकदेवी माँ जोगणिया की पृष्ठभूमि पर आधारित है।1
- झालावाड़ के झालरापाटन स्थित गोमती सागर तालाब पर मंगलवार को मानसून के दौरान संभावित बाढ़ और अतिवृष्टि जैसी प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए एक व्यापक संयुक्त मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। इस मॉकड्रिल का मुख्य उद्देश्य आपदा के समय राहत एवं बचाव कार्यों की प्रभावशीलता, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का व्यावहारिक परीक्षण करना था। मॉकड्रिल के दौरान एक काल्पनिक स्थिति बनाई गई, जिसमें लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण गोमती सागर तालाब का जलस्तर अचानक बढ़ने और तेज बहाव से किनारे पर मौजूद लगभग 30 लोगों के पानी में घिरने का परिदृश्य तैयार किया गया। सूचना मिलते ही सक्रिय हुए जिला प्रशासन ने SDRF, NDRF, भारतीय सेना, सिविल डिफेंस और स्थानीय पुलिस की टीमों को तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए रवाना किया। बचाव दलों ने मोटर बोट, लाइफ जैकेट, रेस्क्यू रोप और अन्य आधुनिक उपकरणों की मदद से सभी 30 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। रेस्क्यू के बाद घटनास्थल पर बने अस्थायी राहत शिविर में चिकित्सा विभाग की टीम ने घायलों की प्राथमिक जांच और उपचार का अभ्यास किया। इस संयुक्त मॉकड्रिल में SDRF के 34, NDRF के 31 और भारतीय सेना के 81 जवानों सहित कुल 146 प्रशिक्षित जवानों ने भाग लेकर आपसी समन्वय का प्रदर्शन किया। इस दौरान ब्रिगेडियर संजय रावत, कमांडिंग ऑफिसर रोहित ढोबाल, मेजर निखिल, कंपनी कमांडर SDRF एकता हाड़ा, पुलिस अधीक्षक अमित बुडानिया, जिला परिषद CEO शंभुदयाल मीणा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भागचंद मीणा, DSP हर्षराज सिंह खरेड़ा सहित सिविल डिफेंस के स्वयंसेवक और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। ASP भागचंद मीणा और NDRF कमांडेंट निशांत कुमार ने भी इस मॉकड्रिल की तैयारियों और सफल संचालन की जानकारी दी।1
- झालावाड़ के जिला मुख्यालय स्थित हीरा बा कॅवर जनाना चिकित्सालय में जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ के निर्देशानुसार ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों की सुविधा के लिए 'प्रसुता हेल्प डेस्क' (पीएचडी) की शुरुआत की गई है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कार्यालय द्वारा मेडिकल कॉलेज झालावाड़ के मुख्य द्वार पर स्थापित की गई इस हेल्प डेस्क को 19.07.2026 रविवार शाम 7:00 बजे से शुरू किया गया है। दरअसल, ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली हाई-रिस्क प्रेगनेंसी (एचआरपी) महिलाओं को अस्पताल में रजिस्ट्रेशन कराने, आवश्यक जांचें, सोनोग्राफी, ब्लड बैंक आदि की जानकारी न होने के कारण इलाज शुरू होने में काफी समय लग जाता था। इस समस्या को दूर करने के लिए ही अब मुख्य द्वार पर ही त्वरित मदद की व्यवस्था की गई है। इस नई व्यवस्था के तहत हेल्प डेस्क पर 24 घंटे स्टाफ तैनात रहेगा, जिनकी विशेष पहचान के लिए 'ड्रेस कोड-पिंक अप्रीन' तय किया गया है। प्रशासन ने इसके लिए 'प्रसुता हैल्प डेस्क' नाम से एक वॉट्सऐप ग्रुप बनाया है जिसमें जिला कलेक्टर, सीएमएचओ, मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल सहित तमाम उच्च अधिकारी और स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी जुड़े हैं। साथ ही एक पृथक वॉट्सऐप कंट्रोल रूम भी बनाया गया है जिसका मोबाइल नंबर 80032-02104 है। ग्रामीण क्षेत्र से मरीज के रेफर होते ही इसकी सूचना और एम्बुलेंस के नंबर कंट्रोल रूम पर साझा कर दिए जाते हैं, ताकि मरीज के आते ही केवल 10 मिनट के भीतर उसका रजिस्ट्रेशन करवाकर तत्काल इलाज शुरू किया जा सके। इसके अलावा चिकित्सक की सलाह पर जांच के सैंपल बेड से ही लिए जाते हैं और सोनोग्राफी व ब्लड बैंक से खून लाने जैसी तमाम जिम्मेदारियां भी यह स्टाफ ही संभालता है। इस व्यवस्था के शुरू होते ही पहले 24 घंटों में कुल 19 प्रसूताएं ग्रामीण क्षेत्रों से रेफर होकर आईं, जिनमें से 14 गंभीर एचआरपी श्रेणी की थीं। इनमें झालावाड़ की 11 (7 एचआरपी), अन्य जिलों की 2 (2 एचआरपी) और मध्य प्रदेश की 6 महिलाएं (5 एचआरपी) शामिल थीं। इस दौरान निपानिया की अंजू नागर, चौमहला की 29 वर्षीय आरती मालवीय और खानपुर की 32 वर्षीय ममता जैसी गंभीर रूप से रेफर होकर आई प्रसूताओं को इस स्टाफ ने अस्पताल पहुंचते ही तुरंत रिसीव कर इलाज शुरू करवाया। प्रसव के बाद डिस्चार्ज होने पर जच्चा-बच्चा को एम्बुलेंस उपलब्ध कराने से लेकर उनके घर पहुंचने तक का फॉलोअप भी यह स्टाफ ले रहा है। इस पूरी त्वरित और सुरक्षित व्यवस्था से प्रसूताओं के परिजन बेहद खुश हैं और वे सीएमएचओ कार्यालय व जिला स्वास्थ्य समिति का आभार जता रहे हैं।1
- झालावाड़ के झालरापाटन बाईपास के पास एक बड़ा हादसा सामने आया है, जहां अपने घर से ग्रोथ सेंटर ऑफिस जाने के लिए निकले युवक तोकीर गोरी की कार में अचानक ब्लास्ट हो गया। घर के बाहर बाईपास के पास हुए इस धमाके में गाड़ी काफी क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार युवक घायल हो गया। इस ब्लास्ट में युवक के दोनों हाथ जल गए हैं और उसके चेहरे पर भी निशान आए हैं। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों और परिजनों ने घायल युवक को तुरंत एसआरजी (SRG) अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज जारी है। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में लोग अस्पताल पहुंचे। वहीं, कार में ब्लास्ट की इस घटना को लेकर अब प्रशासन द्वारा भी जांच की बात सामने आ रही है।1