बिलासपुर जिले के विकासखंड बिल्हा स्थित शासकीय प्राथमिक शाला खंतहा में बुधवार शाम 5:30 बजे 'अँगना में शिक्षा' कार्यक्रम का उत्साहपूर्ण आयोजन किया गया। विद्यालय के शिक्षक शशिकांत कौशिक से मिली जानकारी के अनुसार, इस कार्यक्रम में माताओं और बच्चों ने खेल-आधारित गतिविधियों के माध्यम से सीखने की नवीन एवं प्रभावी विधियों का अनुभव किया। विद्यालय परिसर में 9 शिक्षण काउंटर लगाए गए थे, जहाँ भाषा, गणित और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों को रोचक ढंग से प्रस्तुत किया गया। माताओं ने बच्चों के साथ मिलकर प्रत्येक गतिविधि में बढ़-चढ़कर भाग लिया। आयोजन के दौरान कबड्डी और नदी-पहाड़ जैसे पारंपरिक खेलों के साथ-साथ सामूहिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। इसमें रिंग फेंकने की गतिविधि और क्विक प्रश्नोत्तर प्रतियोगिता शामिल रही, जिसमें माताओं ने त्वरित एवं सटीक उत्तर देकर अपनी जागरूकता का परिचय दिया। कार्यक्रम का सबसे आकर्षक आयोजन माता-बच्चा युगल नृत्य रहा, जिसमें शानदार प्रस्तुति देकर माताओं ने दर्शकों की खूब तालियाँ बटोरीं। विभिन्न गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली एक माता को "स्मार्ट माता" का खिताब प्रदान करते हुए क्राउन एवं सैश पहनाकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं, माताओं, आँगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ बीआरजी श्रीमती प्रीति चन्द्रवंशी, श्री बीरेंद्र रजक एवं श्री देवेंद्र मोटघरे उपस्थित रहे, जिन्होंने गतिविधियों के संचालन में मार्गदर्शन किया। संपूर्ण रूपरेखा और संचालन शिक्षक श्री शशिकांत कौशिक ने किया, जिसमें ग्राम खंतहा की पंच श्रीमती कला मरकाम का विशेष सहयोग रहा। अंत में विद्यालय के प्रधान पाठक श्री ज्ञानचंद्र बंजारे ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यालय और परिवार के बीच सहभागिता को मजबूत करने के साथ बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
बिलासपुर जिले के विकासखंड बिल्हा स्थित शासकीय प्राथमिक शाला खंतहा में बुधवार शाम 5:30 बजे 'अँगना में शिक्षा' कार्यक्रम का उत्साहपूर्ण आयोजन किया गया। विद्यालय के शिक्षक शशिकांत कौशिक से मिली जानकारी के अनुसार, इस कार्यक्रम में माताओं और बच्चों ने खेल-आधारित गतिविधियों के माध्यम से सीखने की नवीन एवं प्रभावी विधियों का अनुभव किया। विद्यालय परिसर में 9 शिक्षण काउंटर लगाए गए थे, जहाँ भाषा, गणित और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों को रोचक ढंग से प्रस्तुत किया गया। माताओं ने बच्चों के साथ मिलकर प्रत्येक गतिविधि में बढ़-चढ़कर भाग लिया। आयोजन के दौरान कबड्डी और नदी-पहाड़ जैसे पारंपरिक खेलों के साथ-साथ सामूहिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। इसमें रिंग फेंकने की गतिविधि और क्विक प्रश्नोत्तर प्रतियोगिता शामिल रही, जिसमें माताओं ने त्वरित एवं सटीक उत्तर देकर अपनी जागरूकता का परिचय दिया। कार्यक्रम का सबसे आकर्षक आयोजन माता-बच्चा युगल नृत्य रहा, जिसमें शानदार प्रस्तुति देकर माताओं ने दर्शकों की खूब तालियाँ बटोरीं। विभिन्न गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली एक माता को "स्मार्ट माता" का खिताब प्रदान करते हुए क्राउन एवं सैश पहनाकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं, माताओं, आँगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ बीआरजी श्रीमती प्रीति चन्द्रवंशी, श्री बीरेंद्र रजक एवं श्री देवेंद्र मोटघरे उपस्थित रहे, जिन्होंने गतिविधियों के संचालन में मार्गदर्शन किया। संपूर्ण रूपरेखा और संचालन शिक्षक श्री शशिकांत कौशिक ने किया, जिसमें ग्राम खंतहा की पंच श्रीमती कला मरकाम का विशेष सहयोग रहा। अंत में विद्यालय के प्रधान पाठक श्री ज्ञानचंद्र बंजारे ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यालय और परिवार के बीच सहभागिता को मजबूत करने के साथ बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
- बिलासपुर जिले के बिल्हा विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत सेमरताल का 'महतारी सदन' ग्रामीण महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक और मानसिक रूप से सशक्त बनाने का जरिया बन रहा है। बुधवार शाम 5:30 बजे जनसंपर्क अधिकारी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, ज्ञान सुधा संकुल संगठन सेमरताल के अंतर्गत राधाकृष्ण स्व सहायता समूह की सदस्य श्रीमती बबीता गुप्ता यहाँ मास्टर ट्रेनर के रूप में अपनी सेवाएँ दे रही हैं। वे महिलाओं को शासकीय योजनाओं से जोड़ने के साथ-साथ घरेलू हिंसा, सामाजिक उपेक्षा और आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रही महिलाओं की मदद कर रही हैं। श्रीमती बबीता गुप्ता नियमित रूप से गाँव के मोहल्लों और घरों में जाकर उन महिलाओं से मुलाकात करती हैं जो जानकारी के अभाव में सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित थीं। वे ऐसी महिलाओं की समस्याओं को समझकर उनके आवश्यक दस्तावेज तैयार कराने, आवेदन प्रक्रिया समझाने और संबंधित कार्यालयों तक पहुँच बनाने में सहयोग करती हैं। साथ ही, महतारी सदन के माध्यम से घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराकर उनकी काउंसलिंग की जाती है, जिससे महिलाओं में अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता और आत्मविश्वास बढ़ा है। महिलाओं को स्व सहायता समूहों से जोड़कर सिलाई, खाद्य प्रसंस्करण, अगरबत्ती और मसाला निर्माण जैसी आजीविका गतिविधियों के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इससे कई महिलाओं ने स्वरोजगार शुरू कर अपने परिवार की आय में योगदान देना प्रारंभ कर दिया है। गाँव की महिलाओं का कहना है कि महतारी सदन और मार्गदर्शन मिलने से वे आत्मनिर्भर बन रही हैं। महतारी सदन से जुड़े प्रशिक्षित कार्यकर्ता और ट्रेनर घर-घर जाकर योजना से वंचित महिलाओं की पहचान करने और उन्हें संबंधित विभागों से जोड़ने के कार्य में लगे हुए हैं।1
- जंतर-मंतर में चल रहे आंदोलन का असर अब बिलासपुर में भी देखने को मिला है। इसी क्रम में स्टूडेंट्स द्वारा बिलासपुर कलेक्ट्रेट का घेराव किया गया है।1
- बिलासपुर में अवैध गतिविधियों की शिकायत सामने आने के बाद नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई की है। निगम प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए OYO होटल को सील कर दिया है। क्षेत्र में अवैध गतिविधियों की शिकायत मिलने के बाद निगम की ओर से यह कदम उठाया गया है।1
- रायगढ़ के खरसिया में राठौर चौक के पास 6 जुलाई 2026 की शाम करीब 5:45 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जहां तेज रफ्तार स्कॉर्पियो (CG 13 AY 6539) ने मोटरसाइकिल सवार 73 वर्षीय कैलाश गर्ग को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के बाद स्कॉर्पियो चालक बाइक और बुजुर्ग को लगभग 200 से 250 फीट तक घसीटता चला गया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए और उनका अस्पताल में इलाज जारी है। एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देश पर मामले की जांच करते हुए खरसिया चौकी पुलिस ने आरोपी चालक भीष्म कुमार यादव (34), निवासी ग्राम उपनी, थाना डभरा, जिला सक्ती को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने घटना स्वीकार कर ली। जांच में यह भी सामने आया कि हादसे के समय आरोपी शराब के नशे में वाहन चला रहा था। पुलिस ने दुर्घटना में इस्तेमाल स्कॉर्पियो को जब्त कर लिया है और आरोपी पर मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के साथ साक्ष्यों के आधार पर आपराधिक मानव वध के प्रयास जैसी गंभीर धाराएं जोड़कर उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। यह पूरी कार्रवाई एसडीओपी प्रभात पटेल के मार्गदर्शन में चौकी प्रभारी निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी, एएसआई मनोज पटेल और खरसिया पुलिस टीम द्वारा की गई। घटना को लेकर एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि सड़क पर तेज रफ्तार और लापरवाही किसी की जान ले सकती है और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ रायगढ़ पुलिस आगे भी कठोर वैधानिक कार्रवाई जारी रखेगी।1
- बिलासपुर के अशोक नगर स्थित मुरुम खदान रोड क्षेत्र में बाढ़ से प्रभावित परिवारों की मदद के लिए सुकून फाउंडेशन ने "पहले सर्वे, फिर सेवा" की पहल की है। संस्था की टीम ने सबसे पहले मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और इसके बाद जरूरतमंद परिवारों के लिए रात में भोजन की व्यवस्था की। अभियान के दौरान स्थानीय लोगों से उनकी आगे की जरूरतों पर भी चर्चा की गई। इस राहत कार्य में कई सामाजिक संस्थाओं, स्वयंसेवकों और महिला शक्ति ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।1
- सिंगरौली के गोरबी में पिछले 5 सालों से एनटीपीसी विंध्य नगर पावर प्लांट का फ्लैश राखड़ भरा जा रहा है। यह राखड़ माफिया द्वारा गोरबी में मार्केट और थाने के बगल में तथा कला पानी थाने के पास स्थित एक बड़े जंगल की कोयला खदान में डाला जा रहा है। गोरबी क्षेत्र में थाने और बाजार के पास 5 साल से लगातार एनटीपीसी विंध्य नगर पावर प्लांट से राखड़ लाकर भरा जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद अब तक यह राखड़ पूरी तरह नहीं भरा जा सका है।1
- मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार किसानों को उनकी मेहनत का सम्मान देने के लिए प्रतिबद्ध है। मंगलवार सुबह 10 बजे मिली जानकारी के अनुसार, जिले में अन्नदाता की समृद्धि को ही सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए बेहतर समर्थन मूल्य, किसान हितैषी योजनाएं, आधुनिक कृषि सुविधाएं और समयबद्ध आर्थिक सहयोग दिया जा रहा है। इस समयबद्ध आर्थिक सहयोग और विभिन्न सुविधाओं के माध्यम से खेती को अधिक से अधिक लाभदायक बनाया जा रहा है।1
- बिलासपुर जिले के विकासखंड बिल्हा स्थित शासकीय प्राथमिक शाला खंतहा में बुधवार शाम 5:30 बजे 'अँगना में शिक्षा' कार्यक्रम का उत्साहपूर्ण आयोजन किया गया। विद्यालय के शिक्षक शशिकांत कौशिक से मिली जानकारी के अनुसार, इस कार्यक्रम में माताओं और बच्चों ने खेल-आधारित गतिविधियों के माध्यम से सीखने की नवीन एवं प्रभावी विधियों का अनुभव किया। विद्यालय परिसर में 9 शिक्षण काउंटर लगाए गए थे, जहाँ भाषा, गणित और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों को रोचक ढंग से प्रस्तुत किया गया। माताओं ने बच्चों के साथ मिलकर प्रत्येक गतिविधि में बढ़-चढ़कर भाग लिया। आयोजन के दौरान कबड्डी और नदी-पहाड़ जैसे पारंपरिक खेलों के साथ-साथ सामूहिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। इसमें रिंग फेंकने की गतिविधि और क्विक प्रश्नोत्तर प्रतियोगिता शामिल रही, जिसमें माताओं ने त्वरित एवं सटीक उत्तर देकर अपनी जागरूकता का परिचय दिया। कार्यक्रम का सबसे आकर्षक आयोजन माता-बच्चा युगल नृत्य रहा, जिसमें शानदार प्रस्तुति देकर माताओं ने दर्शकों की खूब तालियाँ बटोरीं। विभिन्न गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली एक माता को "स्मार्ट माता" का खिताब प्रदान करते हुए क्राउन एवं सैश पहनाकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं, माताओं, आँगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ बीआरजी श्रीमती प्रीति चन्द्रवंशी, श्री बीरेंद्र रजक एवं श्री देवेंद्र मोटघरे उपस्थित रहे, जिन्होंने गतिविधियों के संचालन में मार्गदर्शन किया। संपूर्ण रूपरेखा और संचालन शिक्षक श्री शशिकांत कौशिक ने किया, जिसमें ग्राम खंतहा की पंच श्रीमती कला मरकाम का विशेष सहयोग रहा। अंत में विद्यालय के प्रधान पाठक श्री ज्ञानचंद्र बंजारे ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यालय और परिवार के बीच सहभागिता को मजबूत करने के साथ बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।1