बालिग जोड़े ने अपनी मर्जी से की कोर्ट मैरिज, प्रशासन से सुरक्षा की गुहार कोटा क्षेत्र में एक बालिग युवक-युवती ने अपनी इच्छा से कोर्ट मैरिज कर ली है और अब उन्होंने सुरक्षा की मांग को लेकर पुलिस प्रशासन को प्रार्थना पत्र सौंपा है। जोड़े का कहना है कि उन्होंने बिना किसी दबाव के आपसी सहमति से विवाह किया है, लेकिन परिवार और समाज के दबाव के चलते उन्हें अपनी जान-माल का खतरा महसूस हो रहा है। युवती मध्यप्रदेश श्योपुर की बताई है। मामले में दोनों ने मीडिया के माध्यम से अपनी बात रखते हुए स्पष्ट किया कि वे बालिग हैं और अपनी मर्जी से साथ रहना चाहते हैं। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाए ताकि वे बिना डर के अपना जीवन जी सकें। लड़की की पहचान सुरक्षा कारणों से गोपनीय रखी गई है, जबकि युवक ने सामने आकर अपनी बात रखी। जोड़े ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में लिखित प्रार्थना पत्र देकर सुरक्षा की मांग की है। अब यह मामला पुलिस प्रशासन के संज्ञान में है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। कानून के अनुसार बालिग व्यक्तियों को अपनी पसंद से विवाह करने और साथ रहने का अधिकार है, जो कि Article 21 of the Indian Constitution के तहत सुरक्षित है। फिलहाल प्रशासन से अपेक्षा की जा रही है कि वह मामले को गंभीरता से लेते हुए जोड़े की सुरक्षा सुनिश्चित करे और किसी भी प्रकार के दबाव या विवाद को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए।
बालिग जोड़े ने अपनी मर्जी से की कोर्ट मैरिज, प्रशासन से सुरक्षा की गुहार कोटा क्षेत्र में एक बालिग युवक-युवती ने अपनी इच्छा से कोर्ट मैरिज कर ली है और अब उन्होंने सुरक्षा की मांग को लेकर पुलिस प्रशासन को प्रार्थना पत्र सौंपा है। जोड़े का कहना है कि उन्होंने बिना किसी दबाव के आपसी सहमति से विवाह किया है, लेकिन परिवार और समाज के दबाव के चलते उन्हें अपनी जान-माल का खतरा महसूस हो रहा है। युवती मध्यप्रदेश श्योपुर की बताई है। मामले में दोनों ने मीडिया के माध्यम से अपनी बात रखते हुए स्पष्ट किया कि वे बालिग हैं और अपनी मर्जी से साथ रहना चाहते हैं। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाए ताकि वे बिना डर के अपना जीवन जी सकें। लड़की की पहचान सुरक्षा कारणों से गोपनीय रखी गई है, जबकि युवक ने सामने आकर अपनी बात रखी। जोड़े ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में लिखित प्रार्थना पत्र देकर सुरक्षा की मांग की है। अब यह मामला पुलिस प्रशासन के संज्ञान में है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। कानून के अनुसार बालिग व्यक्तियों को अपनी पसंद से विवाह करने और साथ रहने का अधिकार है, जो कि Article 21 of the Indian Constitution के तहत सुरक्षित है। फिलहाल प्रशासन से अपेक्षा की जा रही है कि वह मामले को गंभीरता से लेते हुए जोड़े की सुरक्षा सुनिश्चित करे और किसी भी प्रकार के दबाव या विवाद को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए।
- Abdul Majidजोधपुर, जोधपुर, राजस्थान🙏15 hrs ago
- User1237Surajpur, Chhattisgarh💣1 day ago
- Post by VKH NEWS1
- Post by Mahendar.merotha1
- कोटा। शहर में गौ संरक्षण और गौ माता को 'राष्ट्र माता' का दर्जा दिलाने की मांग अब जोर पकड़ने लगी है। इसी क्रम में बीती रात कोटा की सड़कों पर युवाओं के एक समूह द्वारा जोश और उत्साह के साथ एक भव्य रैली निकाली गई। हाथों में तख्तियां और जुबां पर गौ माता के जयकारे रैली के दौरान युवाओं के हाथों में गौ माता के संरक्षण से जुड़ी विभिन्न तख्तियां और पोस्टर नजर आए। इन पोस्टरों पर "गौ हमारी माता है", "जन्म-जन्म का नाता है", और "गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करो" जैसे प्रभावशाली नारे लिखे हुए थे। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि युवाओं की टोली भगवा ध्वज लहराते हुए और "गौ माता की जय" के नारे लगाते हुए आगे बढ़ रही थी। राष्ट्र माता के दर्जे के लिए बुलंद की आवाज रैली में शामिल युवाओं का कहना है कि भारतीय संस्कृति में गाय का स्थान सर्वोपरि है। वे सरकार से मांग कर रहे हैं कि गौ माता को जल्द से जल्द 'राष्ट्र माता' का संवैधानिक दर्जा दिया जाए ताकि उनके संरक्षण और संवर्धन के लिए कड़े कानून बन सकें। स्थानीय लोगों का मिला समर्थन रात के समय निकली इस रैली ने स्थानीय राहगीरों और दुकानदारों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। युवाओं के इस जज्बे को देखकर कई स्थानीय लोग भी उनके समर्थन में खड़े नजर आए। रैली का नेतृत्व कर रहे युवाओं ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, इस तरह के जागरूकता अभियान और रैलियां निरंतर जारी रहेंगी।1
- गिरफ्तार किए गए मजदूरों की तुरंत रिहाई की मांग -मजदूरों पर पुलिसिया दमन के खिलाफ कोटा में सीटू का जोरदार प्रदर्शन -मांगें नहीं मानीं गईं तो उग्र आंदोलन की चेतावनी कोटा। सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (सीटू) के राष्ट्रीय आह्वान पर कोटा जिला कमेटी ने मजदूरों पर हो रहे कथित दमन के विरोध में गुरुवार को जिला कलेक्ट्रेट पर भारी प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कारियों ने नोएडा सहित देशभर के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में चल रहे मजदूर आंदोलनों पर हो रही कार्रवाई की निंदा की और गिरफ्तार मजदूरों व ट्रेड यूनियन नेताओं की तुरंत रिहाई की मांग की। अगर मांगें नहीं मानी गईं तो उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी गई। सीटू के बैनर तले जे.के. सिंथेटिक फैक्ट्री के मजदूरों ने धरना स्थल से जिला कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट तक विशाल रैली निकाली। जिसमें बड़ी संख्या में मजदूर, महिलाएं और विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता शामिल हुए। रैली के दौरान प्रदर्शन कारियों ने सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और मजदूरों के हक में आवाज बुलंद की। गहरे आर्थिक संकट से गुजर रहा है मजदूर वर्ग रैली के बाद कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर सभा का आयोजन किया गया। सभा को संबोधित करते हुए माकपा जिला सचिव कामरेड हबीब खान ने कहा कि मजदूर वर्ग गहरे आर्थिक संकट से गुजर रहा है। कोटा की बंद जे.के. सिंथेटिक फैक्ट्री के 4200 मजदूरों को 29 साल से बकाया 500 करोड़ रुपए से अधिक वेतन का भुगतान नहीं किया गया। सैकड़ों महिलाएं और मजदूर पिछले एक साल से धरना दे रहे हैं, लेकिन सरकार ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। उल्टा मजदूरों पर दमन शुरू कर दिया है। बढ़ती महंगाई, कम वेतन और असुरक्षित कार्य परिस्थितियों ने मजदूरों का जीवन कठिन बना दिया है।उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारें मजदूरों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उनके आंदोलनों को दबाने का प्रयास कर रही हैं, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। ठेका प्रथा से बढ़ा मजदूरों का शोषण सीटू जिला महामंत्री कामरेड उमाशंकर ने कहा कि ठेका श्रम प्रथा ने मजदूरों का शोषण बढ़ा दिया है। समान काम के बावजूद समान वेतन नहीं दिया जा रहा। उन्होंने मांग की कि सभी गिरफ्तार मजदूरों और ट्रेड यूनियन नेताओं को तुरंत रिहा किया जाए, उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं, न्यूनतम मजदूरी 26 हजार रुपए प्रतिमाह की जाए, 8 घंटे के कार्यदिवस को सख्ती से लागू किया जाए, सभी श्रमिकों को ईएसआई, पीएफ जैसी सुविधाएं दी जाएं। सामाजिक न्याय व सम्मान जनक जीवन का संघर्ष जे.के. मजदूर नेता कामरेड महावीर प्रसाद, कामरेड नरेंद्र सिंह, महिला मजदूर नेता कामरेड पुष्पा खींची, कामरेड अली मोहम्मद, कामरेड राजू वर्मा, कामरेड निर्मला बाई और अन्य नेताओं ने कहा कि मजदूरों का यह संघर्ष केवल अधिकारों का नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और सम्मान जनक जीवन का संघर्ष है। यदि सरकार समय रहते उचित कदम नहीं उठाती तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।प्रदर्शन कारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि मजदूरों के अधिकारों की अनदेखी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गढ़ेपान उद्योग में चल रहे आंदोलन को समर्थन सभा में यह भी बताया गया कि गढ़ेपान उद्योग में चल रहे मजदूर आंदोलन में सीटू कोटा जिला कमेटी के नेताओं कामरेड उमाशंकर, कामरेड हबीब खान, कामरेड नरेंद्र सिंह, कामरेड अली मोहम्मद सहित अन्य साथियों ने सक्रिय भाग लिया और पूर्ण समर्थन दिया। प्रदर्शन करने वालों में ये रहे शामिल प्रदर्शन और सभा में कामरेड हबीब खान, कामरेड उमाशंकर, कामरेड नरेंद्र सिंह, कामरेड पुष्पा खींची, कामरेड गोपाल शर्मा, कामरेड सतीश चंद त्रिवेदी, कामरेड हनुमान सिंह, कामरेड महावीर प्रसाद, कामरेड गुलाबशंकर, कामरेड शिशुपाल, कामरेड मोहम्मद मंसूरी, कामरेड अब्दुल सलाम, कामरेड बने सिंह, कामरेड बच्चन जयसवाल, कामरेड मलखान सिंह यादव, कामरेड छीतर लाल, कामरेड गणेश प्रसाद, कामरेड रामफूल, कामरेड जेठाराम, कामरेड गिरजा शंकर पांडे, कामरेड मंगल सिंह सहित सैकड़ों महिलाएं और सीटू कार्यकर्ता शामिल रहे।4
- खेड़ली मेहता में अनियंत्रित होकर कार ड्रेन में पलटी,हादसे में 5 जने हुए घायल 101
- इलाज के दौरान तोड़ा दम योगिता को जिला अस्पताल में मृत घोषित किया गया गतिक को कोटा रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई सड़क बनी मौत का कारण? स्थानीय लोगों का आरोप— सड़क पर गहरे गड्ढे दिनभर दौड़ती बजरी से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां शिकायतों के बावजूद नहीं हुई मरम्मत एक ही पल में उजड़ गया परिवार अब सवाल—क्या जिम्मेदारों पर होगी कार्रवाई? #BaranNews #Accident #RoadSafety #BreakingNews #Rajasthan #Baran #SadNews #Justice #RoadAccident #TrendingNews1
- बाड़मेर में रोडवेज बस के आगे चल रही, पिकअप ने अचानक ब्रेक लगा दिए। अचानक हुए घटनाक्रम से ड्राइवर खुद को संभाल नहीं पाया और ब्रेक लगाने के दौरान सीट से नीचे गिर पड़ा। पास ही बैठे कॉन्स्टेबल ने बेकाबू हुई बस का स्टेयरिंग संभाला और ब्रेक फेल होने के बावजूद बस को पेड़ से टक्कर मार कर सड़क से नीचे उतार कर रोक दिया। इस 4 मिनट के घटनाक्रम में बस में बैठी सवारियों की सांसें अटक गई।1
- कोटा। शहर में गौ संरक्षण और गौ माता को 'राष्ट्र माता' का दर्जा दिलाने की मांग अब जोर पकड़ने लगी है। इसी क्रम में बीती रात कोटा की सड़कों पर युवाओं के एक समूह द्वारा जोश और उत्साह के साथ एक भव्य रैली निकाली गई। हाथों में तख्तियां और जुबां पर गौ माता के जयकारे रैली के दौरान युवाओं के हाथों में गौ माता के संरक्षण से जुड़ी विभिन्न तख्तियां और पोस्टर नजर आए। इन पोस्टरों पर "गौ हमारी माता है", "जन्म-जन्म का नाता है", और "गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करो" जैसे प्रभावशाली नारे लिखे हुए थे। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि युवाओं की टोली भगवा ध्वज लहराते हुए और "गौ माता की जय" के नारे लगाते हुए आगे बढ़ रही थी। राष्ट्र माता के दर्जे के लिए बुलंद की आवाज रैली में शामिल युवाओं का कहना है कि भारतीय संस्कृति में गाय का स्थान सर्वोपरि है। वे सरकार से मांग कर रहे हैं कि गौ माता को जल्द से जल्द 'राष्ट्र माता' का संवैधानिक दर्जा दिया जाए ताकि उनके संरक्षण और संवर्धन के लिए कड़े कानून बन सकें। स्थानीय लोगों का मिला समर्थन रात के समय निकली इस रैली ने स्थानीय राहगीरों और दुकानदारों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। युवाओं के इस जज्बे को देखकर कई स्थानीय लोग भी उनके समर्थन में खड़े नजर आए। रैली का नेतृत्व कर रहे युवाओं ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, इस तरह के जागरूकता अभियान और रैलियां निरंतर जारी रहेंगी।1
- कल लखनऊ के बाद आज दोपहर को गाजियाबाद में भी भीषण अग्निकांड: इंदिरा पुरम थाना क्षेत्र के कनावनी गांव में हुआ हादसा: यहां भी सिलेंडर फटने की खबर: 8 से 10 बच्चों के लापता होने की सूचना: पहले मैंने इस पर यकीन नहीं किया, लेकिन ये खबर अमर उजाला में चल रही है, लगातार दो दिन से हो रहे हादसों से साजिश का शक...1