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देश के पहले 'आर्किटेक्ट्स टॉवर' के निर्माण को लेकर हुई चर्चा के दौरान प्रख्यात आर्किटेक्ट सुनील लड्ढा ने उदयपुर के विकास और विरासत पर अपने महत्वपूर्ण विचार साझा किए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शहर में भारतीय स्थापत्य कला को समर्पित यह आर्किटेक्ट्स टॉवर उदयपुर को एक नई पहचान दिलाएगा। लड्ढा ने यह भी सुझाव दिया कि मेवाड़ के गौरव महाराणा प्रताप के सम्मान में उदयपुर में एक भव्य 'महाराणा प्रताप चौराहा' भी विकसित किया जाना चाहिए। उनके अनुसार, शहर की ऐतिहासिक धरोहर और आधुनिक विकास के बीच संतुलन स्थापित करके ही उदयपुर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी एक नई पहचान बना पाएगा।
रिपोर्टर साहब
देश के पहले 'आर्किटेक्ट्स टॉवर' के निर्माण को लेकर हुई चर्चा के दौरान प्रख्यात आर्किटेक्ट सुनील लड्ढा ने उदयपुर के विकास और विरासत पर अपने महत्वपूर्ण विचार साझा किए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शहर में भारतीय स्थापत्य कला को समर्पित यह आर्किटेक्ट्स टॉवर उदयपुर को एक नई पहचान दिलाएगा। लड्ढा ने यह भी सुझाव दिया कि मेवाड़ के गौरव महाराणा प्रताप के सम्मान में उदयपुर में एक भव्य 'महाराणा प्रताप चौराहा' भी विकसित किया जाना चाहिए। उनके अनुसार, शहर की ऐतिहासिक धरोहर और आधुनिक विकास के बीच संतुलन स्थापित करके ही उदयपुर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी एक नई पहचान बना पाएगा।
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- देश के पहले 'आर्किटेक्ट्स टॉवर' के निर्माण को लेकर हुई चर्चा के दौरान प्रख्यात आर्किटेक्ट सुनील लड्ढा ने उदयपुर के विकास और विरासत पर अपने महत्वपूर्ण विचार साझा किए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शहर में भारतीय स्थापत्य कला को समर्पित यह आर्किटेक्ट्स टॉवर उदयपुर को एक नई पहचान दिलाएगा। लड्ढा ने यह भी सुझाव दिया कि मेवाड़ के गौरव महाराणा प्रताप के सम्मान में उदयपुर में एक भव्य 'महाराणा प्रताप चौराहा' भी विकसित किया जाना चाहिए। उनके अनुसार, शहर की ऐतिहासिक धरोहर और आधुनिक विकास के बीच संतुलन स्थापित करके ही उदयपुर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी एक नई पहचान बना पाएगा।1
- वल्लभनगर उपखंड क्षेत्र के नांदवेल में जिला प्रशासन, महिला अधिकारिता विभाग और पुलिस विभाग के संयुक्त तत्वावधान में एक विशेष जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। यह शिविर रणथम्भौर सेवा संस्थान द्वारा संचालित महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्र की ओर से आयोजित हुआ। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों, सुरक्षात्मक उपायों तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तार से जानकारी देना था। विधिक परामर्शदाता केसी पटेल ने ग्रामीणों और महिलाओं को जागरूक करते हुए स्पष्ट किया कि केंद्र का प्रमुख लक्ष्य पारिवारिक बिखराव को रोकना है। केंद्र में आने वाले पति-पत्नी और अन्य पारिवारिक विवादों को आपसी समझाइश एवं सकारात्मक संवाद के माध्यम से सुलझाने का प्रयास किया जाता है। यदि आवश्यकता हो, तो पीड़ित महिलाओं को निःशुल्क कानूनी सहायता प्रदान की जाती है और उन्हें न्यायालयी प्रक्रिया में भी पूरा मार्गदर्शन दिया जाता है।1
- अखिल राजस्थान महिला एवं बाल विकास संयुक्त कर्मचारी संघ के प्रदेशव्यापी आह्वान पर राजसमंद की आंगनबाड़ी सहायिकाओं ने आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल और कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है। यह कदम उनकी छह सूत्रीय मांगों को लेकर उठाया गया है, जिनमें नियमितीकरण, न्यूनतम मजदूरी, पेंशन लागू करना और मोबाइल डेटा उपलब्ध कराना प्रमुख हैं। दरअसल, आंगनबाड़ी सहायिकाओं ने छह दिन पहले प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर अल्टीमेटम दिया था। इस अल्टीमेटम के बाद, कल जयपुर में प्रदेश कार्यकारिणी के साथ सरकार की एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई थी। हालांकि, यह बैठक बेनतीजा रही क्योंकि सरकार ने कोई भी मांग मानने से इनकार कर दिया। आज, अखिल राजस्थान महिला एवं बाल विकास संयुक्त कर्मचारी संघ की जिलाध्यक्ष रीना त्रिवेदी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी सहायिकाएं राजसमंद कलेक्ट्रेट पहुंचीं। उन्होंने अतिरिक्त जिला कलेक्टर एवं उपनिदेशक को ज्ञापन सौंपकर हड़ताल की औपचारिक शुरुआत की और कलेक्ट्री पर जमकर नारेबाजी की। जिलाध्यक्ष रीना त्रिवेदी ने स्पष्ट किया कि संगठन ने सरकार के मांगों को न मानने के फैसले के बाद आज से पूरे प्रदेश में अनिश्चितकालीन हड़ताल का निर्णय लिया है। उन्होंने दोहराया कि जब तक उनकी प्रमुख मांगें सरकार द्वारा स्वीकार नहीं की जातीं, तब तक आंगनबाड़ी सहायिकाएं कार्य पर नहीं लौटेंगी।3
- उदयपुर जिले के भीण्डर नगरपालिका के वार्ड नंबर 7 में गिरवर पोल स्कूल से विरवालियों का खेड़ा तक की पूरी सड़क बेहद खराब स्थिति में है। इस बदहाल सड़क के कारण आए दिन गाड़ियाँ फँस जाती हैं, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आरोप है कि भीण्डर नगरपालिका इस गंभीर समस्या पर कोई ध्यान नहीं दे रही है। निवासियों की माँग है कि इस खबर को पूरे राजस्थान में दिखाया जाए, ताकि सभी विधायकों को इसकी जानकारी हो सके, क्योंकि विधायक इस गाँव को केवल वोट के समय ही पहचानते हैं और तभी यहाँ वोट मांगने आते हैं।1
- जयपुर में अजमेर रोड पर कल सुबह हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में राजसमंद के एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। पीओपी से भरा एक तेज रफ्तार ट्रेलर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बस का इंतजार कर रहे परिवार पर चढ़ गया था। इस भीषण दुर्घटना में चंद्रप्रकाश और उनके तीन बच्चों ने तुरंत दम तोड़ दिया, वहीं उनकी पत्नी कैलाशी देवी के दोनों पैर कुचल गए। गंभीर रूप से घायल कैलाशी देवी अपने पति और बच्चों को तड़पता देख मदद के लिए चीखती रहीं, लेकिन कुछ ही देर में वह बेहोश हो गईं। उनका उपचार अस्पताल में जारी है। आज जब चारों शव राजसमंद के जेतपुरा गांव पहुंचे, तो पूरे मोहल्ले में मातम पसर गया। गांव के सभी आयु वर्ग के लोगों की आंखें नम थीं। इस गरीब परिवार पर अचानक हुए इस वज्रपात के कारण अंतिम संस्कार होने तक गांव के किसी भी घर में चूल्हा नहीं जला। बड़ी संख्या में ग्रामीण और रिश्तेदारों की मौजूदगी में चारों शवों की अंतिम यात्रा निकाली गई और उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी दुख व्यक्त किया है। वहीं, लोकसभाध्यक्ष ओम बिरला ने मृतक परिवार के बुजुर्गों से फोन पर बात कर अपनी शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं और सरकार की ओर से हर संभव मदद का आश्वासन दिया। घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद ग्रामीणों की संवेदनाएं और बढ़ गईं। यह हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार और सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।4
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