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भीलवाड़ा जिले के आसींद में आंगनवाड़ी और आशा सहयोगिनी कार्यकर्ताओं ने अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा है। कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर अपनी इन मांगों के समर्थन में यह ज्ञापन दिया है।
आसींद मंजूर
भीलवाड़ा जिले के आसींद में आंगनवाड़ी और आशा सहयोगिनी कार्यकर्ताओं ने अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा है। कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर अपनी इन मांगों के समर्थन में यह ज्ञापन दिया है।
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- राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में स्थित आसींद और बदनोर उपखंड की ग्राम पंचायत परा में ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया है।1
- राजस्थान के राजसमंद जिले के भीम क्षेत्र से भगवान पार्श्वनाथ की प्रतिमा के निर्माण के लिए ग्रीन मार्बल के चार बड़े ब्लॉक कृष्णागिरी के लिए रवाना किए गए हैं। इन ग्रीन मार्बल ब्लॉकों का उपयोग कर भगवान पार्श्वनाथ की प्रतिमा का निर्माण किया जाएगा।1
- भीलवाड़ा के महात्मा गांधी चिकित्सालय (एमजीएच) में एक प्रसूता की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस घटना से आक्रोशित जीनगर समाज के लोगों ने सोमवार दोपहर कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषी चिकित्सकों और जिम्मेदार कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई करने, पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की पुरजोर मांग की है। ज्ञापन के अनुसार, पोटलां निवासी संगीता जीनगर को 9 जुलाई को प्रसव के लिए अस्पताल के एमसीएच विंग में भर्ती कराया गया था, लेकिन डॉक्टरों ने पूरे दिन उसकी उचित देखभाल नहीं की। परिजनों का आरोप है कि स्थानीय विधायक के हस्तक्षेप के बाद ही शाम को उसका सिजेरियन ऑपरेशन किया गया। इसके बाद अत्यधिक रक्तस्राव होने पर डॉक्टरों ने दूसरा ऑपरेशन कर उसका गर्भाशय निकाल दिया। मृतका की ननद सानू जीनगर ने आरोप लगाया कि दूसरे ऑपरेशन के बाद संगीता को होश ही नहीं आया और हालत लगातार बिगड़ती गई। आखिरकार उदयपुर रेफर किए जाने के दौरान रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल में फैले संक्रमण और गंभीर चिकित्सकीय लापरवाही को ही मौत का कारण बताया है। जीनगर समाज के प्रतिनिधि गौरव जीनगर ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों के खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो समाज पूरे राजस्थान में उग्र आंदोलन करेगा। समाज ने बताया कि मृतका अनुसूचित जाति के एक अत्यंत गरीब परिवार से थी और अपने पीछे एक तीन वर्षीय पुत्र, नवजात पुत्री, वृद्ध विधवा सास और मेहनत-मजदूरी करने वाले पति को छोड़ गई है। इसके साथ ही उन्होंने अस्पताल प्रशासन पर भी आरोप लगाया कि वह बिना जांच किए भ्रामक जानकारी फैला रहा है और अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास कर रहा है।1
- भीलवाड़ा के एफसीआई रोड स्थित कच्ची बस्ती में कोहिनूर सेवा समिति (कोहिनूर ग्रुप इन राजस्थान) के तत्वावधान में 13 जुलाई को करीब 100 बालक-बालिकाओं को स्टेशनरी किट बांटी गई। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय कवि रामनिवास "रोनी राज" रहे और विशिष्ट अतिथि के रूप में राजस्थान पुलिस के प्यार चंद सालवी उपस्थित हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता समाज सेवक छीतर मल गेंगट ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ कवयित्री पूजा साल्वी द्वारा की गई सरस्वती वंदना से हुआ। अपने अध्यक्षीय भाषण में छीतर मल गेंगट ने कहा कि समाज सेवा उनका परम लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि वाल्मीकि समाज के 13 क्रिकेट क्लबों के 200 बच्चों को खेल सामग्री देने के साथ-साथ झुग्गियों में जरूरतमंदों की स्कूल फीस, खाद्य सामग्री और सर्दियों में कंबल व स्वेटर बांटना उनका संकल्प है। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय कवि रामनिवास रोनी राज की "अ से अनार" और "A for Apple" पर आधारित कविता ने बच्चों में नई उमंग जगाई। इसके साथ ही, कवयित्री पूजा साल्वी ने बेटी पर आधारित रचना प्रस्तुत की और हास्य कवि जय प्रकाश "जय" ने अपनी कविताओं से श्रोताओं को गुदगुदाया। कार्यक्रम में राजस्थान पुलिस के प्यार चंद सालवी, राजेश पाटनी, संपत गावरी, राकेश कुमार SI, कुणाल गोरण, जगदीश गोरण, महादेव सरपटा, महावीर गेंगट, शुभम चन्नाल, पुरण आदिवाल, सुनील कुमार, मुकुल कुमार, आशीष कुमार, मनीष कुमार, नेहा गेंगट और सोनू खोकर सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे। अंत में श्याम बी गारू ने सभी का आभार व्यक्त किया।3
- राजस्थान के पीसांगन उपखंड क्षेत्र के डोडियाना में शिविर प्रभारी एवं एसडीएम राजीव बड़गूजर के सानिध्य में जन कल्याण शिविर के अंतर्गत ग्रामीण सेवा शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस शिविर में तहसीलदार भागीरथ चौधरी, विकास अधिकारी महेंद्र कुमार मालाकार, अतिरिक्त विकास अधिकारी चन्द्रनारायन चौधरी और प्रशासक मेहता चीता भी मौजूद रहे। शिविर में पहुंचे 22 विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं को सुना और मौके पर ही उनका त्वरित निस्तारण कर राहत पहुंचाई। शिविर प्रभारी राजीव बड़गूजर के अनुसार, शिविर के दौरान राजस्व विभाग के 89, खाद्य सुरक्षा के 22 और पंचायती राज के तहत 14 पट्टों का वितरण किया गया, जबकि 5 सोखते गड्ढे स्वीकृत किए गए। इसके अलावा राजीविका के 7, ऊर्जा विभाग के 17, पीएचईडी के 18, शिक्षा विभाग के 23, समाज कल्याण विभाग के 15, आयोजना विभाग के 9 और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के 7 मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। शिविर में 15 लोगों के रोडवेज बस यात्रा के पास भी बनाए गए। स्वास्थ्य सेवाओं के तहत चिकित्सा विभाग द्वारा 183 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें दवाएं दी गईं, आयुर्वेद पद्धति से 50 लोगों का इलाज किया गया और पशुपालन विभाग द्वारा 90 पशुपालकों को लाभान्वित किया गया। शिविर प्रभारी ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशानुरूप आयोजित इस शिविर में ग्रामीणों को विकसित भारत जीरामजी योजना की जानकारी दी गई। इसके साथ ही महिला सशक्तिकरण के तहत महिलाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में बताकर उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया और मानसून पूर्व तैयारियों की समीक्षा भी की गई। ग्रामीणों को घर बैठे एक ही स्थान पर इन सभी विभागों की सेवाएं मिलने से भारी सहूलियत हुई है।3
- राजस्थान में निजी स्कूल संचालकों ने सरकार और शिक्षा विभाग की दमनकारी नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शाला संबलन ऐप के माध्यम से गैर-सरकारी स्कूलों की अव्यवहारिक 44-बिंदु नियमित जांच के विरोध में संचालकों ने मुख्यमंत्री के नाम उपखंड कार्यालय में उपखंड अधिकारी प्रतिनिधि और ब्लॉक शिक्षा अधिकारी मिश्रीलाल बंजारा को ज्ञापन सौंपा। निजी विद्यालय संघ, मारवाड़ जंक्शन (जिला-पाली) के अध्यक्ष तरुण कुमार ने बताया कि यह ज्ञापन प्रदेशव्यापी संगठन 'स्कूल शिक्षा परिवार' (SSP) के सामूहिक निर्णय के तहत सौंपा गया है। संगठन के अनुसार, वर्तमान में राजस्थान में 32,000 से अधिक प्रबंध समितियों द्वारा 50,000 से अधिक गैर-सरकारी स्कूल संचालित हो रहे हैं, जिनमें लगभग 90 लाख से अधिक विद्यार्थी पढ़ रहे हैं और प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से 15 लाख से अधिक शिक्षक व कर्मचारी कार्यरत हैं। संचालकों का आरोप है कि इतने बड़े वर्ग के जुड़े होने के बावजूद, माध्यमिक शिक्षा निदेशक, बीकानेर द्वारा थोपी जा रही आरटीई (RTE), पाठ्यपुस्तकों, फीस और बाल वाहिनी से जुड़ी 44-बिंदु जांच पूरी तरह अव्यवहारिक है। इस प्रक्रिया से शिक्षा क्षेत्र में पुनः 'इंस्पेक्टर राज' को बढ़ावा मिल रहा है, जो माननीय सर्वोच्च न्यायालय के 'टी.एम.ए. पाई' (TMA Pai) केस में दिए गए ऐतिहासिक फैसले की मूल भावना के भी पूरी तरह खिलाफ है। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है कि किसी भी जांच से पहले शिक्षा विभाग संगठन के शीर्ष पदाधिकारियों से बातचीत कर इन नियमों को व्यवहारिक व तर्कसंगत बनाए। संचालकों ने सामूहिक असहयोग का निर्णय लेते हुए चेतावनी दी है कि जब तक व्यावहारिक संशोधन नहीं होता, तब तक रोहट क्षेत्र के सभी निजी विद्यालय इस व्यवस्था के तहत जांच कराने में असमर्थ हैं। उन्होंने यह भी चेताया कि यदि इस जांच के नाम पर स्कूलों का आरटीई (RTE) पुनर्भरण भुगतान रोका गया, तो वे बच्चों को स्कूल से बाहर करने जैसे कड़े कदम उठाने पर मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शिक्षा विभाग व प्रशासन की होगी। इस अवसर पर कल्याण सिंह, सालुराम देवासी, रामलाल प्रजापत, अशोक टांक, अब्दुल गोरी, सुभाष चन्द्र, शिवप्रकाश जोशी, पुष्पा कुमारी, महेंद्र सिंह देवली, मांगीलाल, किशोर वैष्णव, फुल चन्द्र, कैलाश और हेमसिंह सहित कई स्कूल संचालक मौजूद रहे।2
- अजमेर के जिला एवं सेशन न्यायालय को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल मिलने से हड़कंप मच गया है। इस धमकी भरे ईमेल की सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस, एटीएस, सिविल डिफेंस, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड तुरंत मौके पर पहुंच गए। सुरक्षा बलों ने एहतियात के तौर पर पूरे न्यायालय परिसर को तुरंत खाली करा दिया। परिसर को खाली कराने के बाद सुरक्षा बलों द्वारा मेटल डिटेक्टर और डॉग स्क्वायड की मदद से घंटों तक सघन तलाशी अभियान चलाया गया। हालांकि, इस गहन तलाशी के दौरान कोर्ट परिसर से कोई भी संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है। फिलहाल पुलिस इस धमकी भरे ईमेल को भेजने वाले व्यक्ति की पहचान करने और पूरे मामले की जांच करने में जुटी हुई है।1
- भीलवाड़ा जिले के आसींद में आंगनवाड़ी और आशा सहयोगिनी कार्यकर्ताओं ने अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा है। कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर अपनी इन मांगों के समर्थन में यह ज्ञापन दिया है।1