*केन्द्रीय विद्यालय में सुरक्षित बचपन अभियान के तहत जागरूकता शिविर आयोजित* *न्यायाधीशों ने विद्यार्थियों को पॉक्सो एक्ट, साइबर अपराध एवं ऑनलाइन सुरक्षा के प्रति किया जागरूक* *डिंडौरी, 03 नवंबर 2026* राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण डिण्डौरी द्वारा केन्द्रीय विद्यालय डिण्डौरी और शासकीय नवीन बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शहपुरा में सुरक्षित बचपन अभियान के अंतर्गत विशेष जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। कार्यक्रम प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष श्रीमती शशिकांता वैश्य के मार्गदर्शन तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री पवन कुमार पटेल, व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खण्ड तहसील विधिक सेवा समिति शहपुरा श्री कर्नल सिंह श्याम के निर्देशन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में तृतीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश श्री रविन्द्र गुप्ता ने विद्यार्थियों को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट) के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने बच्चों के अधिकारों, स्वयं की सुरक्षा के उपायों तथा बाल संरक्षण के लिए संचालित विभिन्न शासकीय योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को किसी भी असहज अथवा आपत्तिजनक स्थिति में बिना संकोच अपने अभिभावकों एवं जिम्मेदार व्यक्तियों को जानकारी देने के लिए प्रेरित किया। *साइबर अपराध एवं ऑनलाइन सुरक्षा के प्रति किया जागरूक* साइबर सेल से उपस्थित श्री मुकेश प्रधान ने मोबाइल के सुरक्षित उपयोग, साइबर अपराध के विभिन्न स्वरूपों एवं ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते उपयोग, उसके लाभ एवं संभावित दुष्प्रभावों से विद्यार्थियों को अवगत कराया। साथ ही सोशल मीडिया एवं इंटरनेट का सावधानीपूर्वक उपयोग करने तथा अपनी व्यक्तिगत जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने की समझाइश दी। *निःशुल्क विधिक सहायता एवं कैरियर मार्गदर्शन की दी जानकारी* कार्यक्रम के समापन अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री पवन कुमार पटेल ने निःशुल्क विधिक सहायता की सुविधाओं, विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, पॉक्सो एक्ट एवं कैरियर मार्गदर्शन के संबंध में विस्तार से जानकारी प्रदान की। उन्होंने सुरक्षित बचपन अभियान के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा किसी भी प्रकार के शोषण या अपराध की स्थिति में उचित सहायता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य श्री नजीर खान, विद्यालयीन स्टॉफ एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण डिण्डौरी का स्टॉफ उपस्थित रहा।
*केन्द्रीय विद्यालय में सुरक्षित बचपन अभियान के तहत जागरूकता शिविर आयोजित* *न्यायाधीशों ने विद्यार्थियों को पॉक्सो एक्ट, साइबर अपराध एवं ऑनलाइन सुरक्षा के प्रति किया जागरूक* *डिंडौरी, 03 नवंबर 2026* राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण डिण्डौरी द्वारा केन्द्रीय विद्यालय डिण्डौरी और शासकीय नवीन बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शहपुरा में सुरक्षित बचपन अभियान के अंतर्गत विशेष जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। कार्यक्रम प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष श्रीमती शशिकांता वैश्य के मार्गदर्शन तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण
के सचिव श्री पवन कुमार पटेल, व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खण्ड तहसील विधिक सेवा समिति शहपुरा श्री कर्नल सिंह श्याम के निर्देशन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में तृतीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश श्री रविन्द्र गुप्ता ने विद्यार्थियों को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट) के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने बच्चों के अधिकारों, स्वयं की सुरक्षा के उपायों तथा बाल संरक्षण के लिए संचालित विभिन्न शासकीय योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को किसी भी असहज अथवा आपत्तिजनक स्थिति में बिना संकोच अपने अभिभावकों एवं जिम्मेदार व्यक्तियों को
जानकारी देने के लिए प्रेरित किया। *साइबर अपराध एवं ऑनलाइन सुरक्षा के प्रति किया जागरूक* साइबर सेल से उपस्थित श्री मुकेश प्रधान ने मोबाइल के सुरक्षित उपयोग, साइबर अपराध के विभिन्न स्वरूपों एवं ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते उपयोग, उसके लाभ एवं संभावित दुष्प्रभावों से विद्यार्थियों को अवगत कराया। साथ ही सोशल मीडिया एवं इंटरनेट का सावधानीपूर्वक उपयोग करने तथा अपनी व्यक्तिगत जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने की समझाइश दी। *निःशुल्क विधिक सहायता एवं कैरियर मार्गदर्शन की दी जानकारी* कार्यक्रम के समापन अवसर पर
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री पवन कुमार पटेल ने निःशुल्क विधिक सहायता की सुविधाओं, विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, पॉक्सो एक्ट एवं कैरियर मार्गदर्शन के संबंध में विस्तार से जानकारी प्रदान की। उन्होंने सुरक्षित बचपन अभियान के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा किसी भी प्रकार के शोषण या अपराध की स्थिति में उचित सहायता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य श्री नजीर खान, विद्यालयीन स्टॉफ एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण डिण्डौरी का स्टॉफ उपस्थित रहा।
- जरुरी सूचना डिंडोरी कलेक्टर से लगायी जिंदा करने की गुहार शासन की सिस्टम की लापरवाही से जिंदा महिला की छीनी पहचान,, जिंदा व्यक्ति को मृत मानकर अधिकारी यो के द्वारा शासन के योजना से राशन से वंचित कर देना संवेदनहीनता को दर्शाता है । मध्य प्रदेश के डिंडोरी जिला के मेहंदबानी ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम पंचायत बहादुर के जिंदा महिला को समग्र आईडी से मृत घोषित कर दिया गया है जबकि महिला जिंदा है महिला ने जिला कार्यालय कलेक्टर से जिंदा करने की लगाई गुहार2
- डिंडौरी धान घोटाला: किसानों के नाम पर फर्जीवाड़ा और महाराष्ट्र में अवैध सप्लाई का आरोप, उच्चस्तरीय जांच की मांग डिंडौरी के धान की महाराष्ट्र सहित अन्य राज्यों में कथित अवैध सप्लाई का आरोप, भारतीय किसान संघ ने उठाई उच्चस्तरीय जांच की मांग *पांच वर्षों की धान खरीदी, मिलिंग, भंडारण और परिवहन की हो निष्पक्ष जांच, किसानों के नाम पर हजारों क्विंटल खरीदी दिखाने के मामले में भी उठाए सवाल* डिंडौरी। जिले में धान खरीदी, मिलिंग, भंडारण और परिवहन व्यवस्था में कथित अनियमितताओं को लेकर भारतीय किसान संघ ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। संघ ने मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री एवं जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर पिछले पांच वर्षों में जिले से खरीदे गए धान, उसकी मिलिंग, भंडारण और परिवहन की स्वतंत्र उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) शहपुरा के माध्यम से सौंपा गया है। भारतीय किसान संघ का आरोप है कि डिंडौरी जिले के किसानों द्वारा मेहनत से पैदा किए गए अच्छी गुणवत्ता के धान को महाराष्ट्र सहित अन्य राज्यों में भेजे जाने की कथित गतिविधियों की खबरें सामने आ रही हैं। वहीं दूसरी ओर जिले के गोदामों और सार्वजनिक वितरण प्रणाली में खराब एवं सड़े हुए चावल की आपूर्ति के मामले भी लगातार सवाल खड़े कर रहे हैं। संघ ने इसे केवल गुणवत्ता का मामला नहीं, बल्कि किसानों के हितों, सरकारी खरीदी व्यवस्था और सार्वजनिक वितरण प्रणाली की विश्वसनीयता से जुड़ा गंभीर विषय बताया है। ज्ञापन में कृषि उपज मंडी गोरखपुर से जारी अनुज्ञप्तियों के आधार पर धान की खरीदी और परिवहन से संबंधित दस्तावेजों में कथित विसंगतियों की ओर भी ध्यान आकर्षित किया गया है। संघ ने सवाल उठाया है कि जिन किसानों के नाम पर हजारों क्विंटल धान की खरीदी दर्शाई गई है, क्या वास्तव में उनके पास उतनी जमीन और उत्पादन क्षमता थी? क्या किसानों ने स्वयं इतनी मात्रा में धान बेचा है या उनके नाम, भूमि अभिलेख और दस्तावेजों का इस्तेमाल किसी अन्य कारोबारी गतिविधि को वैध दिखाने के लिए किया गया?संघ ने हर्रास, हर्रा, गणेशपुर, मड़ियारास सहित जिले के अन्य स्थानों से जुड़े धान, चावल, मिलिंग और परिवहन के मामलों की भी जांच कराने की मांग की है। ज्ञापन में आशंका जताई गई है कि अलग-अलग घटनाओं और सामने आ रही खबरों को एक साथ जोड़कर देखा जाए तो पूरे मामले की गहराई से जांच आवश्यक हो जाती है। भारतीय किसान संघ की प्रमुख मांगें *भारतीय किसान संघ ने शासन-प्रशासन के समक्ष नौ प्रमुख मांगें रखी हैं—* 1. जिले में पिछले पांच वर्षों की धान खरीदी, मिलिंग, भंडारण एवं परिवहन की स्वतंत्र उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। केवल कागजी दस्तावेजों के आधार पर नहीं, बल्कि वास्तविक भौतिक सत्यापन भी किया जाए। 2. महाराष्ट्र एवं अन्य राज्यों में भेजे गए धान की मात्रा, गुणवत्ता, परिवहन अनुमति, मंडी अनुज्ञप्ति, वाहन नंबर, तौल पर्ची और संबंधित खरीदारों का पूरा रिकॉर्ड खंगाला जाए। 3. जिन किसानों के नाम पर असामान्य रूप से हजारों क्विंटल धान की खरीदी दर्शाई गई है, उनके खेतों का वास्तविक सत्यापन, फसल उत्पादन, गिरदावरी, पंजीयन, बैंक भुगतान एवं बिक्री अभिलेखों का मिलान कराया जाए। किसानों के बयान भी स्वतंत्र रूप से लिए जाएं। 4. जिले की सभी राइस मिलों और संबंधित वेयरहाउस का संयुक्त भौतिक सत्यापन कराया जाए। मिलों में उपलब्ध धान, चावल, कस्टम मिलिंग की मात्रा, बिजली खपत, उत्पादन क्षमता और जमा किए गए चावल के रिकॉर्ड का आपस में मिलान किया जाए। 5. पूर्व में खराब, सड़े और अमानक चावल की आपूर्ति से जुड़े मामलों की दोबारा जांच कराई जाए। चावल कहां से आया, किस मिल में तैयार हुआ, किस अधिकारी ने गुणवत्ता प्रमाणित की और किस स्तर पर उसे स्वीकार किया गया, इसकी जिम्मेदारी तय की जाए। 6. यह भी जांच हो कि जिले से अच्छी गुणवत्ता का धान बाहर भेजकर उसके स्थान पर दूसरे स्रोतों से प्राप्त निम्न गुणवत्ता का चावल सरकारी भंडारण अथवा सार्वजनिक वितरण प्रणाली में जमा तो नहीं कराया गया। ऐसा पाए जाने पर संबंधित सभी जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए। 7. धान खरीदी, मिलिंग एवं परिवहन से जुड़े पिछले पांच वर्षों के भुगतान, बिल, जीएसटी रिकॉर्ड, बैंक लेनदेन और सरकारी धन के उपयोग की वित्तीय जांच कराई जाए। 8. जांच पूरी होने तक जिन मिलों, कारोबारियों अथवा परिवहनकर्ताओं के विरुद्ध प्रथम दृष्टया गंभीर अनियमितताओं के प्रमाण मिलें, उनके कारोबार और सरकारी भुगतान की नियमानुसार जांच एवं निगरानी सुनिश्चित की जाए। 9. जांच पूरी होने तक जिन मिलों, कारोबारियों अथवा परिवहनकर्ताओं के विरुद्ध प्रथम दृष्टया गंभीर अनियमितताओं के प्रमाण मिलें, उनके कारोबार और सरकारी भुगतान की नियमानुसार जांच एवं निगरानी सुनिश्चित की जाए। *किसानों के अधिकारों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं : भारतीय किसान संघ* भारतीय किसान संघ ने कहा है कि आदिवासी अंचल के किसान दिन-रात मेहनत करके धान का उत्पादन करते हैं। ऐसे में यदि किसानों के नाम पर फर्जी खरीदी दर्शाकर किसी अन्य कारोबारी को लाभ पहुंचाया जा रहा है, तो यह किसानों के अधिकारों के साथ गंभीर खिलवाड़ है। संघ ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक दोषियों की पहचान करने और उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने की मांग की है। संघ का कहना है कि यदि सभी गतिविधियां नियमों के अनुसार संचालित हुई हैं तो जांच से स्थिति स्पष्ट हो जाएगी, लेकिन यदि कहीं गड़बड़ी हुई है तो अब तक जिम्मेदार लोगों पर निर्णायक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? किसानों के नाम पर होने वाली खरीदी और सरकारी अनाज के भंडारण एवं वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। भारतीय किसान संघ ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए समयबद्ध उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, ताकि किसानों के हितों की रक्षा हो सके और सरकारी खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता स्थापित हो। दिनॉक :- 04 नवम्बर 20264
- ग्राम पंचायत दिवारा पोशाक ग्राम बागली में नल जल टंकी अधूरा निर्माण ग्रामीण जनता परेशान करोड़ों की लागत से बनने वाली टंकी आज भी अधूरी प्रशासन ध्यान दें1
- कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। *उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित* *कलेक्टर ने योजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर समय-सीमा में प्रभावी क्रियान्वयन के दिए निर्देश* *डिंडौरी, 03 नवंबर 2026* कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की विकासखंडवार समीक्षा की गई। इस दौरान विभागीय अधिकारी-कर्मचारी, समस्त विकासखंडों के ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी (RHEO) सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में कलेक्टर ने एकीकृत बागवानी विकास मिशन (MIDH) वर्ष 2026-27 के अंतर्गत संचालित योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। इसमें पुष्प उत्पादन क्लस्टर, कट फ्लावर, प्रेशराइज्ड इरिगेशन सिस्टम, फसलोत्तर प्रबंधन, फार्मगेट पैक हाउस, प्री-कूलिंग यूनिट, कोल्ड स्टोरेज एवं राइपनिंग चेम्बर की स्थापना से संबंधित कार्यों की समीक्षा की गई। इसके साथ ही सब्जी क्षेत्र विस्तार योजना, संरक्षित खेती घटक, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना तथा प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना की प्रगति एवं निर्धारित लक्ष्यों की जानकारी ली गई। कलेक्टर ने विभागीय योजनाओं के तहत नवाचार आधारित गतिविधियों की भी समीक्षा की। इसमें सेंसर आधारित स्वचालित फर्टिगेशन प्रणाली एवं अल्ट्रा लो-कॉस्ट शेडनेट हाउस जैसी तकनीकों को किसानों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों के साथ नियमित बैठक आयोजित कर उन्हें योजनाओं की जानकारी दें तथा पात्र एवं चयनित किसानों को फेंसिंग तार उपलब्ध कराने की कार्यवाही सुनिश्चित करें। *35 शेडनेट हाउस का निर्माण पूर्ण, कार्यों की प्रगति की समीक्षा* बैठक में कलेक्टर ने प्रदान संस्था द्वारा तैयार किए गए शेडनेट हाउस की प्रगति की जानकारी ली। संबंधित अधिकारी ने बताया कि अब तक 35 शेडनेट हाउस तैयार किए जा चुके हैं। कलेक्टर ने शेष कार्यों में भी गति लाने तथा योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र किसानों तक पहुंचाने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्रीमती भदौरिया ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की योजनाओं का क्रियान्वयन निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से सुनिश्चित करें। उन्होंने योजनाओं के लक्ष्यों की नियमित समीक्षा करने, मैदानी स्तर पर प्रभावी निगरानी रखने तथा किसानों को योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए समन्वय के साथ कार्य करने पर जोर दिया।4
- # शहडोल में स्वास्थ्य सेवाओं की बड़ी क्रांति! अब हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक और न्यूरोसर्जरी का इलाज आयुष्मान योजना के तहत निःशुल्क **आदित्य सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल में कॉर्डियोलॉजी एवं न्यूरोसर्जरी की सेवाएं शुरू, संभाग के मरीजों को महानगरों की दौड़ से मिलेगी राहत** **शहडोल।** विंध्य और शहडोल संभाग के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि के रूप में आदित्य सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल, शहडोल ने आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) के अंतर्गत कॉर्डियोलॉजी एवं न्यूरोसर्जरी की महत्वपूर्ण सेवाएं शुरू करने की जानकारी दी है। अस्पताल की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार अब पात्र आयुष्मान कार्डधारियों को हृदय रोग, मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी से जुड़ी गंभीर बीमारियों का उपचार निर्धारित योजना पैकेज एवं पात्रता के अनुसार कैशलेस और निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। इस पहल से शहडोल, उमरिया, अनूपपुर सहित डिंडौरी, मंडला, सीधी और सीमावर्ती छत्तीसगढ़ के मरीजों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। अब गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए जबलपुर, भोपाल, नागपुर, रायपुर और दिल्ली जैसे महानगरों की ओर जाने की मजबूरी कम हो सकती है। ### हार्ट अटैक से ब्रेन स्ट्रोक तक अत्याधुनिक उपचार की सुविधा अस्पताल प्रबंधन के अनुसार कॉर्डियोलॉजी विभाग में हार्ट अटैक, कोरोनरी एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी, स्टेंट प्रत्यारोपण और पेसमेकर जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। वहीं न्यूरोसर्जरी विभाग में ब्रेन हेमरेज, ब्रेन स्ट्रोक, सिर की गंभीर चोट, ब्रेन ट्यूमर, स्लिप डिस्क और रीढ़ की हड्डी से संबंधित जटिल बीमारियों के उपचार एवं ऑपरेशन की व्यवस्था की गई है। अस्पताल में अत्याधुनिक कैथ लैब, मॉड्यूलर न्यूरो ऑपरेशन थिएटर, क्रिटिकल केयर आईसीयू और विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम के माध्यम से 24 घंटे आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध कराने का दावा किया गया है। ### गोल्डन ऑवर में इलाज से बचाई जा सकेगी मरीजों की जान हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक और सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर चोट के मामलों में शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। चिकित्सा विज्ञान में इसे गोल्डन ऑवर कहा जाता है। हार्ट अटैक के मरीजों में समय पर एंजियोप्लास्टी और ब्रेन स्ट्रोक के मरीजों में निर्धारित समय के भीतर उचित उपचार मिलने से गंभीर जटिलताओं और जान के खतरे को कम किया जा सकता है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि स्थानीय स्तर पर कैथ लैब और न्यूरोसर्जरी की सुविधा उपलब्ध होने से मरीजों को दूसरे शहरों तक ले जाने में लगने वाला महत्वपूर्ण समय बचेगा। ### कॉर्डियोलॉजी विभाग में ये सुविधाएं उपलब्ध अस्पताल की प्रेस विज्ञप्ति में हृदय रोगियों के लिए निम्नलिखित सुविधाओं का उल्लेख किया गया है— - डिजिटल ईसीजी एवं 24 घंटे होल्टर मॉनिटरिंग। - 3D/4D कलर डॉपलर इकोकार्डियोग्राफी। - ट्रेडमिल टेस्ट (TMT) एवं स्ट्रेस इको। - कोरोनरी एंजियोग्राफी। - प्राइमरी एवं इलेक्टिव एंजियोप्लास्टी। - अत्याधुनिक स्टेंट प्रत्यारोपण। - सिंगल एवं डुअल चैंबर पेसमेकर। - पेरिफेरल वैस्कुलर इंटरवेंशन। ### न्यूरोसर्जरी में जटिल ऑपरेशन की सुविधा मस्तिष्क एवं रीढ़ की हड्डी से जुड़ी बीमारियों के उपचार के लिए अस्पताल में ऑपरेटिंग माइक्रोस्कोप और समर्पित न्यूरो आईसीयू की व्यवस्था होने की जानकारी दी गई है। इनमें प्रमुख रूप से— - ब्रेन हेमरेज एवं सिर की गंभीर चोट की सर्जरी। - ब्रेन ट्यूमर का माइक्रोसर्जिकल उपचार। - एन्यूरिज्म एवं एवीएम से संबंधित सर्जरी। - हाइड्रोसिफेलस का उपचार। - स्लिप डिस्क एवं साइटिका की माइक्रो-डिस्केक्टॉमी। - रीढ़ की हड्डी का फिक्सेशन एवं फ्यूजन। - स्पाइनल ट्यूमर सर्जरी। - सर्वाइकल स्पाइन सर्जरी। ### आयुष्मान कार्डधारियों को पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य सुरक्षा कवच आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत पात्र परिवारों को प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य सुरक्षा कवच प्रदान किया जाता है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार योजना के निर्धारित पैकेज के तहत भर्ती, आईसीयू, आवश्यक जांच, सर्जरी, दवाइयां और संबंधित उपचार सुविधाओं का लाभ कैशलेस दिया जाएगा। इससे आर्थिक रूप से कमजोर, आदिवासी और ग्रामीण परिवारों को गंभीर बीमारियों के महंगे इलाज में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। ### आयुष्मान कार्ड से इलाज कराने की प्रक्रिया मरीज एवं उनके परिजन अस्पताल के आयुष्मान हेल्पडेस्क पर संपर्क कर सकते हैं। इसके लिए आयुष्मान कार्ड अथवा पात्रता संबंधी दस्तावेज और आधार कार्ड प्रस्तुत करना होगा। अस्पताल में आयुष्मान मित्र द्वारा पात्रता का ऑनलाइन सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद बीमारी के अनुसार संबंधित योजना पैकेज की स्वीकृति लेकर उपचार की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। ### डॉ. आदित्य द्विवेदी ने बताया जनसेवा का संकल्प आदित्य सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. आदित्य द्विवेदी ने इस पहल को क्षेत्र के नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि उनका उद्देश्य है कि विंध्य और शहडोल संभाग का कोई भी नागरिक पैसों की कमी अथवा महानगरों की दूरी के कारण उचित इलाज से वंचित न रहे। उन्होंने बताया कि अस्पताल में अत्याधुनिक फ्लैट-पैनल कैथ लैब, न्यूरो-नेविगेशन सपोर्टेड मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, क्रिटिकल केयर आईसीयू और विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम के माध्यम से मरीजों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं देने की तैयारी है। उन्होंने क्षेत्रवासियों से अपील की कि सीने में दर्द, सांस फूलना, अचानक पसीना आना, हाथ-पैर में कमजोरी, मुंह टेढ़ा होना, बोलने में परेशानी अथवा सड़क दुर्घटना में सिर पर चोट लगने जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें और तत्काल अस्पताल पहुंचकर चिकित्सकीय सहायता लें। ### शहडोल के स्वास्थ्य इतिहास में महत्वपूर्ण पहल आदित्य सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल में आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत कॉर्डियोलॉजी एवं न्यूरोसर्जरी सेवाओं की शुरुआत को शहडोल संभाग के स्वास्थ्य क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे स्थानीय मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होने के साथ ही उनके समय और आर्थिक संसाधनों की बचत होने की उम्मीद है। **जनहित में संदेश:** गंभीर बीमारी के लक्षणों को नजरअंदाज न करें। समय पर अस्पताल पहुंचें और आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत अपनी पात्रता एवं उपलब्ध उपचार पैकेज की जानकारी प्राप्त करें। **स्थान: आदित्य सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल, शहडोल (मध्यप्रदेश)।** रिपोर्ट: पंडित कृष्णा मिश्रा, पत्रकार1
- चूने से भरा ट्रक खड़े ट्रक और स्कॉर्पियो से टकराया, चालक गंभीर कुड़ामैली के पास मधुवन ढाबा के आगे हुई जोरदार भिड़ंत चूने से भरा ट्रक खड़े ट्रक और स्कॉर्पियो से टकराया, चालक गंभीर कुड़ामैली के पास मधुवन ढाबा के आगे हुई जोरदार भिड़ंत हाईवे पर लगा लंबा जाम, जबलपुर रेफर हुआ घायल चालक मंडला। मंडला-जबलपुर नेशनल हाईवे 30 पर सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। आए दिन इस व्यस्त मार्ग पर दुर्घटनाएं हो रही हैं। नारायणगंज क्षेत्र के कुड़ामैली मधुवन ढाबा के आगे घाट के नीचे खड़े एक खराब ट्रक को जबलपुर की तरफ से आ रहे चूने से भरे तेज रफ्तार ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे की चपेट में वहां से गुजर रही एक स्कॉर्पियो और एक अन्य भारी वाहन भी आ गया। हादसे में चूना लेकर जा रहे ट्रक का चालक गंभीर रूप से घायल हो गया है, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद जबलपुर रेफर किया गया है।1
- व्यवहार न्यायाधीश कर्नल सिंह श्याम ने किया विद्यार्थियों से संवाद सुरक्षित बचपन अभियान अंतर्गत दी रोचक जानकारी मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के आदेशों/निर्देशों के पालन में तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष महोदय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण डिंडोरी के मार्गदर्शन में तहसील विधिक सेवा समिति द्वारा आयोजित शहपुरा मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के आदेशों/निर्देशों के पालन में तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष महोदय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण डिंडोरी के मार्गदर्शन में तहसील विधिक सेवा समिति व्यवहार न्यायाधीश कर्नल सिंह श्याम वरिष्ठ खण्ड/अध्यक्ष तहसील विधिक सेवा समिति शहपुरा के द्वारा सुरक्षित बचपन अभियान' दिनांक 01 नवंबर से 06 नवंबर के अंर्तगत शासकीय नवीन हायर सेकेंडरी स्कूल शहपुरा में संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें स्वयं न्यायाधीश कर्नल सिंह श्याम ने विद्यार्थी छात्र छात्राओं शिक्षको से संवाद करते हुए सुरक्षित बचपन अभियान के मुख्य उद्देश्य साझा किये श्री कर्नल ने राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा सुरक्षित बचपन अभियान में बाल यौन उत्पीड़न से संरक्षण अधिनियम 2012 अखिल भारतीय विद्यालय जागरुकता अभियान स्वास्थ्य जागृति सुरक्षा और संरक्षण-हर बच्चे का अधिकार हर बच्चे का बचपन हम सबकी जिम्मेदारी बताते हुए नालसा हेल्पलाइन नंबर - 15100 पुलिस आपातकालीन सेवा 112 एवं बच्चों को यौन शोषण से सुरक्षित रखने और 'यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (POCSO Act), 2012' के प्रति जागरूक करने के लिए 'सुरक्षित बचपन अभियान' चलाया जा रहा है की जानकारी बहुत आकर्षक एवं सहज अभिव्यक्ति के साथ दी। अभियान के मुख्य उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों, अच्छे-बुरे स्पर्श (Good Touch & Bad Touch), सुरक्षित और असुरक्षित संपर्क, ऑनलाइन सुरक्षा तथा साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना है। कैरियर गाइडेंस की रोचक जानकारी दी। न्यायाधीश कर्नल सिंह के निर्देशन में रिसोर्स पर्सन डॉ विवेक साहू द्वारा किशोरों का समग्र स्वास्थ्य और कल्याण:शारीरिक स्वास्थ्य, पोषण, जीवनशैली मानसिक और भावनात्मक कल्याण नींद, व्यायाम, डिजिटल संतुलन निवारक स्वास्थ्य जागरूकता पर महत्वपूर्ण जानकारी दी गईं एवं विद्यार्थियों की शंका एवं प्रश्नों के समाधान दिये गए। इस अवसर पर संस्था की प्राचार्या डॉ प्रतिभा श्रीवास्तव ने पौधा भेंटकर स्वागत एवं आभार व्यक्त किया रिसोर्स पर्सन अश्विनी साहू शिक्षक केके तिवारी रेवा झारिया अमर उलाड़ी अर्चना लिल्हारे राजकुमार साहू राधेश्याम साहू महेंद्र कुमार कुडापे विभा मिश्रा नवीन हायर सीनियर स्कूल सीनियर बेसिक स्कूल एवं नेताजी सुभाषचंद्र बोस बालिका छात्रावास की बालिकाए एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। उपरोक्त जागरूकता कार्यक्रम श्रंखलाबद्ध रूप से क्रमसःआगामी दिवस में अंग्रेजी माध्यम आश्रम शाला शहपुरा एवं सन्दीपनि विद्यालय शहपुरा में आयोजित होंगे शिक्षको एवं अधीक्षकों के माध्यम से प्रत्येक छात्रावास एवं विद्यालयो में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं।4
- *केन्द्रीय विद्यालय में सुरक्षित बचपन अभियान के तहत जागरूकता शिविर आयोजित* *न्यायाधीशों ने विद्यार्थियों को पॉक्सो एक्ट, साइबर अपराध एवं ऑनलाइन सुरक्षा के प्रति किया जागरूक* *डिंडौरी, 03 नवंबर 2026* राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण डिण्डौरी द्वारा केन्द्रीय विद्यालय डिण्डौरी और शासकीय नवीन बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शहपुरा में सुरक्षित बचपन अभियान के अंतर्गत विशेष जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। कार्यक्रम प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष श्रीमती शशिकांता वैश्य के मार्गदर्शन तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री पवन कुमार पटेल, व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खण्ड तहसील विधिक सेवा समिति शहपुरा श्री कर्नल सिंह श्याम के निर्देशन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में तृतीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश श्री रविन्द्र गुप्ता ने विद्यार्थियों को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट) के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने बच्चों के अधिकारों, स्वयं की सुरक्षा के उपायों तथा बाल संरक्षण के लिए संचालित विभिन्न शासकीय योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को किसी भी असहज अथवा आपत्तिजनक स्थिति में बिना संकोच अपने अभिभावकों एवं जिम्मेदार व्यक्तियों को जानकारी देने के लिए प्रेरित किया। *साइबर अपराध एवं ऑनलाइन सुरक्षा के प्रति किया जागरूक* साइबर सेल से उपस्थित श्री मुकेश प्रधान ने मोबाइल के सुरक्षित उपयोग, साइबर अपराध के विभिन्न स्वरूपों एवं ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते उपयोग, उसके लाभ एवं संभावित दुष्प्रभावों से विद्यार्थियों को अवगत कराया। साथ ही सोशल मीडिया एवं इंटरनेट का सावधानीपूर्वक उपयोग करने तथा अपनी व्यक्तिगत जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने की समझाइश दी। *निःशुल्क विधिक सहायता एवं कैरियर मार्गदर्शन की दी जानकारी* कार्यक्रम के समापन अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री पवन कुमार पटेल ने निःशुल्क विधिक सहायता की सुविधाओं, विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, पॉक्सो एक्ट एवं कैरियर मार्गदर्शन के संबंध में विस्तार से जानकारी प्रदान की। उन्होंने सुरक्षित बचपन अभियान के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा किसी भी प्रकार के शोषण या अपराध की स्थिति में उचित सहायता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य श्री नजीर खान, विद्यालयीन स्टॉफ एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण डिण्डौरी का स्टॉफ उपस्थित रहा।4