Shuru
Apke Nagar Ki App…
2014 के क्रांतिकारी आंदोलन के समय, अरविंद केजरीवाल ने सभी राजनीतिक पार्टियों को भ्रष्टाचारी साबित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। उस दौर में, क्रांतिकारी अरविंद केजरीवाल का उद्देश्य सभी राजनीतिक भ्रष्टाचारियों का पर्दाफाश करना था। हालांकि, अब वही केजरीवाल उन्हीं राजनीतिक पार्टियों की गोद में बैठकर 'बीन बजा रहे' हैं, जो उनके पूर्व के कड़े रुख के बिल्कुल विपरीत है।
Vinod Rastogi
2014 के क्रांतिकारी आंदोलन के समय, अरविंद केजरीवाल ने सभी राजनीतिक पार्टियों को भ्रष्टाचारी साबित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। उस दौर में, क्रांतिकारी अरविंद केजरीवाल का उद्देश्य सभी राजनीतिक भ्रष्टाचारियों का पर्दाफाश करना था। हालांकि, अब वही केजरीवाल उन्हीं राजनीतिक पार्टियों की गोद में बैठकर 'बीन बजा रहे' हैं, जो उनके पूर्व के कड़े रुख के बिल्कुल विपरीत है।
More news from दिल्ली and nearby areas
- Post by Mithun Yadav ♥️❣️1
- दिल्ली के नांगलोई मेट्रो स्टेशन के पास एक OYO रूम में शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। इस घटना को लेकर क्षेत्र में हड़कंप का माहौल है।1
- 2014 के क्रांतिकारी आंदोलन के समय, अरविंद केजरीवाल ने सभी राजनीतिक पार्टियों को भ्रष्टाचारी साबित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। उस दौर में, क्रांतिकारी अरविंद केजरीवाल का उद्देश्य सभी राजनीतिक भ्रष्टाचारियों का पर्दाफाश करना था। हालांकि, अब वही केजरीवाल उन्हीं राजनीतिक पार्टियों की गोद में बैठकर 'बीन बजा रहे' हैं, जो उनके पूर्व के कड़े रुख के बिल्कुल विपरीत है।1
- गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश से पत्रकार राम अवतार कश्यप ने लोगों को एक निश्चित गलती न करने की चेतावनी दी है। उन्होंने सभी से इस संबंध में संबंधित वीडियो को अधिक से अधिक साझा करने का आग्रह किया है।1
- आज 7 जुलाई को, रेखा सिंह ने दिल्ली से लोगों को अपनी शुभकामनाएँ भेजी हैं। उन्होंने बताया कि अभी के लिए 'गुड नाइट' है, और सुबह के लिए उन्होंने 'गुड मॉर्निंग' कहा है।2
- किशनगंज पुलिस ने बिशनपुर थाना क्षेत्र में हुए रिजवान आलम हत्याकांड का महज 36 घंटे के भीतर खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस ने मामले में मृतक की पत्नी और उसके कथित प्रेमी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, दोनों ने मिलकर हत्या की साजिश रची थी और हत्या में प्रयुक्त लोहे का रॉड भी बरामद कर लिया गया है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में पुलिस अधीक्षक (प्रभारी) हरिमोहन शुक्ला ने बताया कि 42 वर्षीय रिजवान आलम की हत्या का मामला प्रारंभिक तौर पर एक ब्लाइंड मर्डर प्रतीत हो रहा था। आरोपितों ने घटना के बाद इसे चोरी की वारदात का रूप देने का प्रयास किया था ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके। एसपी के अनुसार, विशेष जांच दल ने तकनीकी साक्ष्यों, सर्विलांस और अन्य वैज्ञानिक अनुसंधान के आधार पर मामले की गहन जांच की। जांच के दौरान एक महत्वपूर्ण फोन कॉल सहित अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस घटना की तह तक पहुंची। पूछताछ और साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद मृतक की पत्नी तथा उसके कथित प्रेमी की संलिप्तता सामने आई, जिसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपितों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त लोहे का रॉड भी बरामद कर लिया गया है। पुलिस अधीक्षक (प्रभारी) हरिमोहन शुक्ला ने बताया कि यह पुलिस के लिए एक चुनौतीपूर्ण मामला था, जिसे तकनीकी अनुसंधान, सर्विलांस और त्वरित कार्रवाई के बल पर 36 घंटे के भीतर सुलझाया गया। उन्होंने कहा कि किशनगंज पुलिस अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है और जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। दोनों आरोपितों से पूछताछ जारी है और मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच भी चल रही है।1