मध्य प्रदेश के दतिया जिले के सेवढ़ा विकासखंड क्षेत्र स्थित शासकीय माध्यमिक विद्यालय नया कसेरूआ में भीषण गर्मी के बीच अव्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विद्यालय में 50 से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, लेकिन पीने के स्वच्छ पानी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। इसके चलते बच्चों को अपनी प्यास बुझाने के लिए विद्यालय परिसर से बाहर जाकर पानी लाने को मजबूर होना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार, विद्यालय में न तो नियमित पेयजल की सुविधा है और न ही बच्चों के लिए पर्याप्त जल भंडारण की व्यवस्था की गई है। लगातार बढ़ते तापमान के इस मौसम में छोटे बच्चों का बाहर जाकर पानी लाना उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य दोनों के लिए चिंता का विषय बन गया है। पेयजल के अलावा, विद्यालय में शौचालय की व्यवस्था भी बदहाल बताई जा रही है, जिससे छात्रों को उसके उपयोग में परेशानी होती है। पानी की कमी के कारण शौचालयों का उपयोग भी प्रभावित हो रहा है, जिससे स्वच्छता संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। अभिभावकों ने इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा है कि सरकार शिक्षा के साथ-साथ स्वच्छता और बुनियादी सुविधाओं पर जोर दे रही है, फिर भी यहां मूलभूत सुविधाओं का अभाव बच्चों के स्वास्थ्य और पढ़ाई पर नकारात्मक असर डाल रहा है। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों से जल्द समस्या के समाधान की मांग की है। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन को याद दिलाया है कि पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है और यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो बच्चों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। विद्यालय प्रभारी मंजू शर्मा ने बताया कि वे लंबे समय से इस समस्या से परेशान हैं और संबंधित अधिकारियों को कई बार पत्र भी लिख चुकी हैं, लेकिन अभी तक पानी की व्यवस्था नहीं हो पाई है। वहीं, पीएचई विभाग के एसडीओ रितेश राव ने आश्वासन दिया है कि 15 दिन के भीतर स्कूल में पानी की व्यवस्था करवा दी जाएगी। अब देखना यह होगा कि शिक्षा विभाग और संबंधित अधिकारी इस गंभीर समस्या को कितनी गंभीरता से लेते हैं और विद्यालय के बच्चों को कब तक राहत मिल पाती है।
मध्य प्रदेश के दतिया जिले के सेवढ़ा विकासखंड क्षेत्र स्थित शासकीय माध्यमिक विद्यालय नया कसेरूआ में भीषण गर्मी के बीच अव्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विद्यालय में 50 से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, लेकिन पीने के स्वच्छ पानी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। इसके चलते बच्चों को अपनी प्यास बुझाने के लिए विद्यालय परिसर से बाहर जाकर पानी लाने को मजबूर होना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार, विद्यालय में न तो नियमित पेयजल की सुविधा है और न ही बच्चों के लिए पर्याप्त जल भंडारण की व्यवस्था की गई है। लगातार बढ़ते तापमान के इस मौसम में छोटे बच्चों का बाहर जाकर पानी लाना उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य दोनों के लिए चिंता का विषय बन गया है। पेयजल के अलावा, विद्यालय में शौचालय की व्यवस्था भी बदहाल बताई जा रही है, जिससे छात्रों को उसके उपयोग में परेशानी होती है। पानी की कमी के कारण शौचालयों का उपयोग भी प्रभावित हो रहा है, जिससे स्वच्छता संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। अभिभावकों ने इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा है कि सरकार शिक्षा के साथ-साथ स्वच्छता और बुनियादी सुविधाओं पर जोर दे रही है, फिर भी यहां मूलभूत सुविधाओं का अभाव बच्चों के स्वास्थ्य और पढ़ाई पर नकारात्मक असर डाल रहा है। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों से जल्द समस्या के समाधान की मांग की है। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन को याद दिलाया है कि पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है और यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो बच्चों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। विद्यालय प्रभारी मंजू शर्मा ने बताया कि वे लंबे समय से इस समस्या से परेशान हैं और संबंधित अधिकारियों को कई बार पत्र भी लिख चुकी हैं, लेकिन अभी तक पानी की व्यवस्था नहीं हो पाई है। वहीं, पीएचई विभाग के एसडीओ रितेश राव ने आश्वासन दिया है कि 15 दिन के भीतर स्कूल में पानी की व्यवस्था करवा दी जाएगी। अब देखना यह होगा कि शिक्षा विभाग और संबंधित अधिकारी इस गंभीर समस्या को कितनी गंभीरता से लेते हैं और विद्यालय के बच्चों को कब तक राहत मिल पाती है।
- मध्य प्रदेश के डबरा में सामाजिक संगठनों और युवाओं ने बिहार के भोजपुर जिले में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर बिहार पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस मामले में देशभर में निष्पक्ष जांच और विरोध की मांग लगातार उठ रही है। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी की और भरत तिवारी को न्याय दिलाने की मांग दोहराई। उन्होंने दोषी पुलिस अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग के साथ ही मामले की निष्पक्ष, न्यायिक और उच्चस्तरीय जांच कराने पर जोर दिया। यह मामला हाल ही में कुछ पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने और जांच के आदेश दिए जाने के बाद से और अधिक चर्चा में है।2
- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के कोंच में मोहर्रम के अवसर पर अकीदत के साथ अलम का जुलूस निकाला गया। इस जुलूस के माध्यम से इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों को खिराज-ए-अकीदत यानी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।1
- भिण्ड जिले के इंडस्ट्रियल एरिया मालनपुर में सोनू धाकड़ और उनकी पत्नी पूजा धाकड़ ने काजू प्रोसेसिंग के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित किए हैं। उन्होंने "सोनाधिका एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड" की स्थापना कर अफ्रीका से कच्चा माल आयात किया, जिसे अपनी यूनिट में प्रोसेस और पैक करके अंतर्राष्ट्रीय तथा स्थानीय बाजारों में सफलतापूर्वक पहुंचाया जा रहा है। उनकी तैयार पैकिंग यूएई तक निर्यात होती है, वहीं घरेलू स्तर पर ग्वालियर और आगरा में भी काजू की मांग पूरी की जा रही है। पर्यावरण और संसाधन उपयोग की व्यावहारिक सोच के तहत, दंपति ने प्रोसेसिंग के बाद बचे काजू के छिलकों से तेल निकालने का भी व्यवस्थित प्रबंध किया है। इस नवोन्मेषी कदम ने न केवल अपशिष्ट को मूल्यवान कच्चे माल में बदला, बल्कि अतिरिक्त आय का स्रोत भी तैयार किया। उनकी इकाई में प्रत्यक्ष रूप से 50-60 लोगों को रोजगार मिला है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है और कई परिवारों के जीवन स्तर में सुधार दिख रहा है। सोनू और पूजा की इस यात्रा में राज्य सरकार की भूमिका भी उल्लेखनीय रही है। उन्हें राज्य सरकार की एमएसएमई प्रोत्साहन योजना के तहत उद्योग विकास अनुदान प्राप्त हुआ, जिससे उनकी उत्पादन क्षमता बढ़ाने और निर्यात नेटवर्क को मजबूत करने में सहायता मिली। आज मंगलवार शाम 4 बजे, दंपति ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का हृदय से धन्यवाद व्यक्त किया, जिनके समर्थन से यह छोटा उद्योग बड़ी सफलता की ओर अग्रसर हो पाया है। सोनाधिका एक्सपोर्ट्स की यह सफलता की कहानी दर्शाती है कि सही योजना, नवोन्मेष और समुदाय के लिए प्रतिबद्धता मिलकर छोटे उद्यमों को बड़े मुकाम तक पहुंचा सकती है। स्थानीय कौशल के विकास, निर्यातमुखी सोच और सरकारी सहयोग ने मिलकर सोनू और पूजा धाकड़ के सपने को साकार किया है।1
- भिंड में कलेक्टर किरोड़ी लाल मीना ने मंगलवार सुबह करीब 11 बजे कलेक्ट्रेट कक्ष में जनसुनवाई आयोजित की। इस दौरान उन्होंने आम जनता की शिकायतें सुनीं और उनके त्वरित, समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। जनसुनवाई में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, अपर कलेक्टर और डिप्टी कलेक्टर ने भी आवेदकों की समस्याओं पर सुनवाई की। कुल 84 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिन पर संबंधित विभागों को कार्रवाई के निर्देश भेजे गए। एक विशेष मामले में, ग्राम भारौली का पुरा निवासी रामबहादुर पुत्र श्री हरदयाल ने ट्राइसाइकिल के लिए आवेदन प्रस्तुत किया, जिस पर कलेक्टर ने तत्काल सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारियों को निर्देशित कर श्री रामबहादुर को ट्राइसाइकिल उपलब्ध करवाई। कलेक्टर ने गंभीर बीमारी के इलाज, विद्युत बिलों में सुधार, हैण्डपंपों के संधारण, पेंशन, सड़क दुर्घटना सहायता, हितग्राही मूलक योजनाओं, बीपीएल राशन कार्ड और जमीन पर कब्जे से संबंधित आवेदनों पर कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही, आवेदकों को की गई कार्रवाई से अवगत कराने के भी निर्देश दिए गए।1
- तहसील न्यायालय आपके द्वार अभियान के तहत दिनांक 23 जून को भाण्डेर तहसील के ग्राम बिन्डवा में एक राजस्व शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में तहसीलदार श्री सुनील भदौरिया के मार्गदर्शन में राजस्व संबंधी विभिन्न प्रकरणों का तत्काल निराकरण किया गया, जिससे ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान हो सका। शिविर के दौरान बीपीएल संबंधी 02 आवेदन प्राप्त हुए और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन का 01 प्रकरण संतोषजनक ढंग से सुलझाकर बंद किया गया। इसके अतिरिक्त, 04 फौती नामांतरण प्रकरणों का निराकरण हुआ, 05 रजिस्ट्रियों पर नामांतरण की कार्यवाही की गई, 01 बंटवारा प्रकरण का समाधान किया गया, 05 नवीन किसान आईडी का पंजीकरण हुआ और 100 से अधिक एफ.आर. नंबर जोड़ने का काम भी पूरा किया गया। शिविर संपन्न होने के बाद, तहसीलदार श्री सुनील भदौरिया ने ग्रामीणों के साथ मिलकर गांव के श्मशान घाट का निरीक्षण किया और आवश्यक व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली, जिसके बाद संबंधित अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए। इस शिविर में राजस्व निरीक्षक, तहसील रीडर, पटवारीगण और अन्य राजस्व कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से भाग लेकर ग्रामीणों की समस्याओं को हल करने में मदद की। इस सफल आयोजन से ग्रामीणों को राजस्व संबंधी सेवाएं उनके गांव में ही मिल गईं, जिससे उन्हें अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिली।1
- जनपद जालौन की ग्राम पंचायत लहचूरा कोरीपुरा में कुलदीप पाल पुत्र श्री मलखान पाल द्वारा अपने खेत में लगाई गई आग अनियंत्रित होकर फैल गई। इस घटना से पड़ोसी किसान नरेंद्र पाल सिंह पुत्र राजा भैया के खेत तक आग पहुंच गई, जिससे उनके लगभग 40 पाइप जलकर नष्ट हो गए। इस आगजनी के कारण नरेंद्र पाल सिंह को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय निवासियों ने तत्काल 112 पुलिस सेवा और फायर ब्रिगेड को सूचित किया। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, जिससे उसे और अधिक फैलने से रोका जा सका। पीड़ित किसान नरेंद्र पाल सिंह पुत्र राजा भैया ने हुए नुकसान की भरपाई की मांग की है। इस मामले की जांच पूरी होने के बाद, संबंधित नियमों के अनुसार नुकसान का आकलन कर उचित कार्रवाई किए जाने की संभावना है।1
- मध्य प्रदेश के सेवढ़ा विकासखंड अंतर्गत शासकीय हाईस्कूल मेवली में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली और मध्यान्ह भोजन योजना के क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विद्यालय के निरीक्षण के दौरान एक भी छात्र उपस्थित नहीं मिला, जबकि विद्यालय के लिए मध्यान्ह भोजन पहले से ही तैयार किया जा चुका था। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों के अनुसार, निरीक्षण के समय छात्र संख्या शून्य होने के बावजूद मध्यान्ह भोजन समूह द्वारा भोजन तैयार कर विद्यालय भेजा गया था। ऐसे में यह बड़ा प्रश्न उठ रहा है कि जब कोई छात्र मौजूद नहीं था, तो यह भोजन किसके लिए बनाया गया और उसका उपयोग कैसे किया गया। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि छात्रों की अनुपस्थिति के बावजूद भोजन तैयार होना प्रशासनिक लापरवाही का सीधा परिणाम है, और उनका मानना है कि नियमित निगरानी से ऐसी अनियमितताओं को रोका जा सकता है। सरकार की मध्यान्ह भोजन योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना, कुपोषण कम करना और उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना है, लेकिन मेवली हाईस्कूल की यह स्थिति योजना के संचालन और उसकी निगरानी व्यवस्था पर सीधा प्रश्नचिह्न लगा रही है। इस मामले को लेकर स्थानीय लोगों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके और दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके। बताया जा रहा है कि विकासखंड क्षेत्र के अन्य विद्यालयों में भी छात्र उपस्थिति, शिक्षण व्यवस्था और मूलभूत सुविधाओं को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं, जिससे यह मामला शिक्षा विभाग की जमीनी हकीकत को उजागर करता है। अब सभी की निगाहें शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि वे इस मामले की जांच में क्या तथ्य सामने लाते हैं और इस कथित अनियमितता पर क्या कार्रवाई करते हैं। आरोप सही पाए जाने पर यह मामला केवल एक विद्यालय तक सीमित न रहकर मध्यान्ह भोजन योजना की निगरानी व्यवस्था पर भी बड़े सवाल उठाएगा।1
- भिंड जिले के मिहोना क्षेत्र में बेखौफ चोरों ने प्रसिद्ध जमवाय माता मंदिर को निशाना बनाते हुए लाखों रुपये मूल्य का चांदी का मुकुट और छत्र चोरी कर लिया। यह घटना सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात को हुई बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, चोर मंदिर के पीछे के रास्ते से अंदर घुसे, जहाँ उन्होंने खिड़की का लॉक तोड़ा। इसके बाद गर्भगृह की कुंडी तोड़कर माता की प्रतिमा पर स्थापित चांदी का मुकुट और छत्र चुराकर फरार हो गए। मंगलवार सुबह करीब 6 बजे जब पुजारी पूजा-अर्चना के लिए मंदिर पहुंचे, तब उन्हें चोरी का पता चला। चोरी की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मंदिर पहुंच गए और पुलिस को घटना की जानकारी दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जमवाय माता कछवाह वंश की कुलदेवी हैं और इस मंदिर से क्षेत्र के लोगों की गहरी आस्था जुड़ी हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि एक महीने के भीतर मंदिर में चोरी की यह तीसरी घटना है। क्षेत्र में लगातार हो रही चोरी, लूट और अन्य आपराधिक वारदातों के कारण लोगों में पुलिस व्यवस्था को लेकर गहरी नाराजगी है। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करने का प्रयास किया जाएगा।1
- भिंड के अटेर कस्बे में जन कल्याण संघर्ष समिति द्वारा क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं को लेकर किया जा रहा धरना-प्रदर्शन मंगलवार को अपने 33वें दिन में प्रवेश कर गया। इसी दिन कांग्रेस विधायक एवं उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे धरना स्थल पर पहुंचे, जहां उन्होंने आंदोलनकारियों और स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनीं। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य रूप से अटेर पुल को शीघ्र चालू कराने की मांग उठाई। लोगों का कहना था कि पुल का निर्माण कार्य काफी समय पहले ही पूरा हो चुका है, लेकिन इसे अभी तक यातायात के लिए शुरू नहीं किया गया है। इसके चलते उत्तर प्रदेश आने-जाने वाले हजारों लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। धरना दे रहे युवाओं ने यह भी बताया कि बरही गांव स्थित चंबल नदी का पुल भी हाल ही में क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे आवागमन की समस्या और भी गंभीर हो गई है। ऐसी स्थिति में अटेर पुल को तत्काल शुरू किया जाना अत्यंत आवश्यक हो गया है। विधायक हेमंत कटारे ने लोगों की समस्याएं सुनने के बाद आश्वासन दिया कि क्षेत्र की ये सभी समस्याएं पहले से ही उनके एजेंडे में शामिल हैं। उन्होंने बताया कि अटेर पुल का मुद्दा विधानसभा में भी उठाया जा चुका है और इस संबंध में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। कटारे ने भरोसा दिलाया कि जनता की मांगों को लेकर संबंधित अधिकारियों से दोबारा गंभीरता से चर्चा की जाएगी और अटेर पुल को जल्द से जल्द चालू कराने का प्रयास किया जाएगा। उनके इस आश्वासन के बाद धरना स्थल पर मौजूद लोगों ने उम्मीद जताई कि लंबे समय से लंबित उनकी यह मांग अब जल्द ही पूरी हो सकेगी।1