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Mangolpuri
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More news from उत्तराखंड and nearby areas
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- रानीखेत में आयोजित हुई महिला रामलीला प्रतियोगिता में महिलाओं ने विभिन्न प्रसंगों का मनमोहक और सुंदर अभिनय किया। इस दौरान कलाकारों ने धनुष यज्ञ, परशुराम लक्ष्मण संवाद, ताड़का वध और सूर्पणखा नासिका छेदन जैसे महत्वपूर्ण दृश्यों को मंच पर जीवंत किया। इस शानदार प्रदर्शन को देख दर्शकों ने महिला रामलीला की खूब सराहना की।1
- 31 मई, 2026 को दोपहर 12:55 बजे जारी एक अपडेट के अनुसार, मध्य पूर्व में ईरान से संबंधित स्थिति पर जानकारी सामने आई है। यह अपडेट ईरान पर हुए किसी हमले और इज़राइल तथा अमेरिका के साथ ईरान के टकराव से जुड़े तनावपूर्ण माहौल को दर्शाता है। इस संबंध में वीडियो का श्रेय Razagraphyunscripted को दिया गया है।1
- बागेश्वर के गरुड़ स्थित टीट बाजार में एक महिला को एक 4 वर्षीय बालिका के साथ देखा गया है। जनता से अनुरोध किया गया है कि यदि किसी को इस महिला और बालिका के बारे में कोई जानकारी हो, तो वे गरुड़ के वन स्टॉप सेंटर से संपर्क करें।1
- कत्युर घाटी के अधिकांश गाँवों में जंगली सूअरों का आतंक लगातार बढ़ रहा है, जिससे किसानों की फसलें बर्बाद हो रही हैं। ये सूअर रात के समय खेतों में घुसकर फसलों को भारी नुकसान पहुँचा रहे हैं। गागरीगोल के समीप रामपुर से मिली तस्वीर में देखा जा सकता है कि सूअरों का एक पूरा झुंड खेत में किसानों की कड़ी मेहनत को किस तरह बर्बाद कर रहा है।1
- उत्तराखंड के सितारगंज-किच्छा हाईवे पर स्थित कथिन्गारी पुल में 2024 में दरार आ गई थी, जिसके चलते इसे उसी साल बंद कर दिया गया। हैरत की बात यह है कि 2026 तक भी इस पुल की मरम्मत नहीं हो पाई है, जिससे यह लगातार बंद पड़ा है। इस लंबी अवधि के बंद होने के कारण, हाईवे पर भीषण ट्रैफिक जाम की समस्या पैदा हो गई है, जिससे आवाजाही करने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह स्थिति उत्तराखंड सरकार के कामकाज पर गंभीर सवाल खड़े करती है, क्योंकि दो साल से बंद पड़े इस महत्वपूर्ण पुल पर किसी का ध्यान नहीं गया है और सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है।1
- शनिवार शाम तीर्थनगरी हरिद्वार में अचानक आए तेज तूफान और अंधड़ के कारण हर की पौड़ी क्षेत्र में भारी अफरा-तफरी मच गई। तेज हवाओं के दबाव से हर की पौड़ी के पास स्थित एक बहुमंजिला इमारत की ऊपरी मंजिल की खिड़कियों के शीशे अचानक टूटकर नीचे सड़क पर आ गिरे। इस हादसे में वहां से गुजर रहा एक तीर्थयात्री सिर पर शीशा लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया। हालांकि, गनीमत यह रही कि शीशों की भारी मारक क्षमता के बावजूद कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई और एक बहुत बड़ा हादसा टल गया। चश्मदीदों के मुताबिक, शाम के समय जब श्रद्धालु हर की पौड़ी पर संध्या आरती की तैयारी कर रहे थे, तभी अचानक मौसम का मिजाज बदल गया और तेज आंधी के कारण बाजार तथा घाटों पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। इसी दौरान एक व्यावसायिक इमारत के शीशे भरभराकर नीचे गिर गए। घायल तीर्थयात्री को स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है। पुलिस ने एहतियात के तौर पर इमारत के आसपास के हिस्से को घेर लिया है, ताकि बाकी बचे ढीले शीशों से किसी और को नुकसान न पहुंचे।1