कुटलैहड़ के बिकास पुरुष पूर्व विस उपाध्यक्ष स्व रामनाथ शर्मा की पुण्य तिथि पर जोगी पंगा में विधायक विवेक शर्मा ने किए श्रद्धासुमन अर्पित विवेक शर्मा बोले स्व रामनाथ शर्मा के विधायक बनने के बाद 1977 में कुटलैहड़ में विकास की नई तस्वीर, सड़क, बिजली, पानी और शिक्षा पर दिया जोर बंगाणा, कुटलैहड़ क्षेत्र पुरुष दो बार कुटलैहड़ क्षेत्र के विधायक रहे विधान सभा उपाध्यक्ष स्व रामनाथ की पुण्य तिथि पर उनके सुपुत्र एवम कुटलैहड़ क्षेत्र के विधायक एवं राज्य कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता विवेक शर्मा ने कार्यालय जोगी पंगा में श्रद्धा सुमन अर्पित किए। विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि वर्ष 1977 में स्वर्गीय रामनाथ शर्मा के कुटलैहड़ क्षेत्र से पहली बार विधायक बनने के बाद क्षेत्र में हुए विकास कार्यों को प्राथमिकता दी। विवेक शर्मा ने कहा कि स्व रामनाथ शर्मा द्वारा वर्ष 1990 के विधान सभा चुनाव के दौरान जारी इस दस्तावेज में 1977 से पहले और उसके बाद कुटलैहड़ में सड़क, बिजली, पेयजल, सिंचाई और शिक्षा के क्षेत्र में हुए कार्यों का तुलनात्मक ब्यौरा प्रस्तुत किया गया है। विवेक शर्मा ने कहा कि क्षेत्र के विभिन्न गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ने पर दिए गए जोर का पता चलता है। उन्होंने कहा कि बिजली के क्षेत्र में भी पुराने दस्तावेज में महत्वपूर्ण उपलब्धि का उल्लेख है। वर्ष 1977 से पहले क्षेत्र के केवल 21 प्रतिशत गांवों का विद्युतीकरण होने की बात कही गई है, जबकि 1977 के बाद यह आंकड़ा 100 प्रतिशत गांवों तक पहुंचने का दावा किया गया है।विवेक शर्मा ने कहा कि पेयजल के क्षेत्र में वर्ष 1977 से पहले केवल एक योजना ,जबकि इसके बाद 1990 तक 30 पेयजल योजनाएं स्थापित की गई है। इन योजनाओं से लाभान्वित गांवों की संख्या 17 से बढ़कर 260 तथा लाभान्वित व्यक्तियों की संख्या 1,859 से बढ़कर 59,276 हो गई थी। विवेक शर्मा ने कहा कि सिंचाई क्षेत्र में भी पहले कोई ट्यूबवेल नहीं होने के मुकाबले बाद में 21 ट्यूबवेल स्थापित करने और करीब 500 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा के अंतर्गत लाने केा लक्ष्य रहा। इसके अलावा तीन वाटरशेड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट शुरू जिनसे करीब 2 हजार एकड़ भूमि के सिंचित होने की संभावना जताई गई थी। विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में वर्ष 1977 से पहले 5 प्राथमिक, 3 माध्यमिक और 2 उच्च पाठशालाये थी। जबकि बाद की अवधि में 24 प्राथमिक, 8 माध्यमिक, 7 उच्च तथा 12 वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाएं दर्ज हैं। साथ ही क्षेत्र के पांच स्कूलों में एनसीसी शुरू करवाया गया है, ताकि विद्यार्थियों में अनुशासन और राष्ट्र भक्ति की भावना विकसित हो सके। विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि कुटलैहड़ के सांस्कृतिक महा विद्यालय डोहगी को एक आदर्श महाविद्यालय के रूप में विकसित करने तथा उसे सरकार के नियंत्रण में रखने संबंधी निर्णय करवाने की स्वीकृति दिलवाई गई। पूर्व विस अध्यक्ष स्व. रामनाथ शर्मा ने कुटलैहड़ में रखी विकास की मजबूत नींव विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि कुटलैहड़ के राजनीतिक इतिहास में स्व. रामनाथ शर्मा का नाम एक ऐसे जनप्रतिनिधि के रूप में लिया जाता है, जिन्होंने 1977 से लेकर 1990 तक अलग-अलग राजनीतिक परिस्थितियों में क्षेत्र की जनता का प्रतिनिधित्व किया। वर्ष 1977 में कुटलैहड़ से विधानसभा चुनाव जीता और 1985 में दोबारा विधायक निर्वाचित हुए। वर्ष 1977 का दौर कुटलैहड़ के लिए राजनीतिक ही नहीं, बल्कि बुनियादी विकास की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। उस समय क्षेत्र में सड़क, शिक्षा, पेयजल, स्वास्थ्य और ग्रामीण सुविधाओं को मजबूत करने की जरूरत थी। स्व. रामनाथ शर्मा ने विधायक रहते हुए ग्रामीण क्षेत्रों की आवश्यकताओं को सरकार तक पहुंचाने और विकास योजनाओं को कुटलैहड़ तक लाने पर जोर दिया। उनका कार्यकाल ऐसे समय में रहा, जब पहाड़ी और ग्रामीण क्षेत्रों में छोटी-छोटी सड़कें, संपर्क मार्ग, शिक्षा संस्थान तथा पेयजल जैसी सुविधाएं लोगों के लिए बड़ी जरूरत थीं। यही वह दौर था जब कुटलैहड़ के दूरदराज गांवों को मुख्यधारा की सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में आधार तैयार हुआ। स्थानीय स्तर पर आज दिखाई देने वाली अनेक सार्वजनिक सुविधाओं के पीछे उस दौर में शुरू हुई विकास प्रक्रिया को भी महत्वपूर्ण कड़ी माना जाता है। 1985 में कुटलैहड़ को एक नई दिशा देने के संकल्प के साथ बड़े आगे, विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि वर्ष 1985 में स्व. रामनाथ शर्मा दोबारा विधायक बने। उस समय प्रदेश में वीरभद्र सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार बनी थी और रामनाथ शर्मा सरकार के साथ क्षेत्र की मांगों को प्रभावी ढंग से उठाने वाले नेताओं में शामिल रहे। इस कार्यकाल में कुटलैहड़ के ग्रामीण विकास, सड़क संपर्क, शिक्षा, पेयजल तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं को आगे बढ़ाने के लिए सरकारी स्तर पर पैरवी को मजबूती मिली।स्व रामनाथ शर्मा की पहचान केवल विधायक तक सीमित नहीं रही। वे राज्य वन निगम के अध्यक्ष भी रहे और बाद में विधानसभा के उपाध्यक्ष पद पर भी पहुंचे। उपलब्ध न्यायिक रिकॉर्ड के अनुसार वे 1977-82 और 1985-90 में कुटलैहड़ से विधायक रहे तथा 1986-90 में हिमाचल प्रदेश विधानसभा के उपाध्यक्ष रहे। विवेक शर्मा ने कहा कि स्व. रामनाथ शर्मा के राजनीतिक जीवन की खास बात यह रही कि उन्होंने कुटलैहड़ को अपनी कर्मभूमि मानकर लंबे समय तक क्षेत्र की जनता से जुड़ाव बनाए रखा। भारतीय नौसेना में सेवा देने के बाद राजनीति में आए रामनाथ शर्मा ने पहले पंचायत स्तर से सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की और बाद में विधानसभा तक पहुंचे। आज कुटलैहड़ में विकास की बात होती है तो क्षेत्र के पुराने राजनीतिक इतिहास और उन जनप्रतिनिधियों के योगदान को याद करना भी जरूरी है, जिन्होंने सीमित संसाधनों के दौर में विकास की बुनियाद मजबूत करने का प्रयास किया। स्व. रामनाथ शर्मा के 1977 से 1982 और फिर 1985 से 1990 तक के राजनीतिक सफर को इसी दृष्टि से देखा जाता है। उनका कार्यकाल कुटलैहड़ के विकास इतिहास का वह अध्याय है, जिसमें क्षेत्र की बुनियादी जरूरतों को सरकार तक पहुंचाने और ग्रामीण विकास की दिशा में लगातार प्रयास करने की भूमिका प्रमुख रही। स्व रामनाथ शर्मा के कार्यकाल में कुटलैहड़ को तहसील,लोकनिवि बीडीओ का मिला था दर्जा विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि कुटलैहड़ क्षेत्र के विकास की मजबूत नींव उनके पिता एवं पूर्व विधायक तथा विधानसभा उपाध्यक्ष स्व. रामनाथ शर्मा के कार्यकाल में रखी गई थी। उन्होंने कहा कि स्व. रामनाथ शर्मा के प्रयासों से कुटलैहड़ को तहसील, बीडीओ कार्यालय, लोक निर्माण विभाग मंडल, एसबीपीओ तथा आंगनबाड़ी जैसी महत्वपूर्ण संस्थागत सुविधाओं का दर्जा मिला। इन संस्थानों की स्थापना से क्षेत्र के लोगों को प्रशासनिक एवं विकासात्मक कार्यों के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों पर निर्भर नहीं रहना पड़ा और कुटलैहड़ में सरकारी सेवाओं का विस्तार हुआ। विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि स्व. रामनाथ शर्मा ने क्षेत्र की मूलभूत जरूरतों को समझते हुए शिक्षा, सड़क, प्रशासन और ग्रामीण विकास से जुड़े संस्थानों को कुटलैहड़ तक पहुंचाने का काम किया। उन्होंने कहा कि आज कुटलैहड़ में विकास की जो आधारभूत संरचना दिखाई देती है, उसमें स्व.रामनाथ शर्मा के कार्य काल का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि वर्तमान पीढ़ी उनके विकास कार्यों और दूरदर्शी सोच को हमेशा याद रखेगी।
कुटलैहड़ के बिकास पुरुष पूर्व विस उपाध्यक्ष स्व रामनाथ शर्मा की पुण्य तिथि पर जोगी पंगा में विधायक विवेक शर्मा ने किए श्रद्धासुमन अर्पित विवेक शर्मा बोले स्व रामनाथ शर्मा के विधायक बनने के बाद 1977 में कुटलैहड़ में विकास की नई तस्वीर, सड़क, बिजली, पानी और शिक्षा पर दिया जोर बंगाणा, कुटलैहड़ क्षेत्र पुरुष दो बार कुटलैहड़ क्षेत्र के विधायक रहे विधान सभा उपाध्यक्ष स्व रामनाथ की पुण्य तिथि पर उनके सुपुत्र एवम कुटलैहड़ क्षेत्र के विधायक एवं राज्य कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता विवेक शर्मा ने कार्यालय जोगी पंगा में श्रद्धा सुमन अर्पित किए। विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि वर्ष 1977 में स्वर्गीय रामनाथ शर्मा के कुटलैहड़ क्षेत्र से पहली बार विधायक बनने के बाद क्षेत्र में हुए विकास कार्यों को प्राथमिकता दी। विवेक शर्मा ने कहा कि स्व रामनाथ शर्मा द्वारा वर्ष 1990 के विधान सभा चुनाव के दौरान जारी इस दस्तावेज में 1977 से पहले और उसके बाद कुटलैहड़ में सड़क, बिजली, पेयजल, सिंचाई और शिक्षा के क्षेत्र में हुए कार्यों का तुलनात्मक ब्यौरा प्रस्तुत किया गया है। विवेक शर्मा ने कहा कि क्षेत्र के विभिन्न गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ने पर दिए गए जोर का पता चलता है। उन्होंने कहा कि बिजली के क्षेत्र में भी पुराने दस्तावेज में महत्वपूर्ण उपलब्धि का उल्लेख है। वर्ष 1977 से पहले क्षेत्र के केवल 21 प्रतिशत गांवों का विद्युतीकरण होने की बात कही गई है, जबकि 1977 के बाद यह आंकड़ा 100 प्रतिशत गांवों तक पहुंचने का दावा किया गया है।विवेक शर्मा ने कहा कि पेयजल के क्षेत्र में वर्ष 1977 से पहले केवल एक योजना ,जबकि इसके बाद 1990 तक 30 पेयजल योजनाएं स्थापित की गई है। इन योजनाओं से लाभान्वित गांवों की संख्या 17 से बढ़कर 260 तथा लाभान्वित व्यक्तियों की संख्या 1,859 से बढ़कर 59,276 हो गई थी। विवेक शर्मा ने कहा कि सिंचाई क्षेत्र में भी पहले कोई ट्यूबवेल नहीं होने के मुकाबले बाद में 21 ट्यूबवेल स्थापित करने और करीब 500 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा के अंतर्गत लाने केा लक्ष्य रहा। इसके अलावा तीन वाटरशेड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट शुरू जिनसे करीब 2 हजार एकड़ भूमि के सिंचित होने की संभावना जताई गई थी। विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में वर्ष 1977 से पहले 5 प्राथमिक, 3 माध्यमिक और 2 उच्च पाठशालाये थी। जबकि बाद की अवधि में 24 प्राथमिक, 8 माध्यमिक, 7 उच्च तथा 12 वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाएं दर्ज हैं। साथ ही क्षेत्र के पांच स्कूलों में एनसीसी शुरू करवाया गया है, ताकि विद्यार्थियों में अनुशासन और राष्ट्र भक्ति की भावना विकसित हो सके। विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि कुटलैहड़ के सांस्कृतिक महा विद्यालय डोहगी को एक आदर्श महाविद्यालय के रूप में विकसित करने तथा उसे सरकार के नियंत्रण में रखने संबंधी निर्णय करवाने की स्वीकृति दिलवाई गई। पूर्व विस अध्यक्ष स्व. रामनाथ शर्मा ने कुटलैहड़ में रखी विकास की मजबूत नींव विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि कुटलैहड़ के राजनीतिक इतिहास में स्व. रामनाथ शर्मा का नाम एक ऐसे जनप्रतिनिधि के रूप में लिया जाता है, जिन्होंने 1977 से लेकर 1990 तक अलग-अलग राजनीतिक परिस्थितियों में क्षेत्र की जनता का प्रतिनिधित्व किया। वर्ष 1977 में कुटलैहड़ से विधानसभा चुनाव जीता और 1985 में दोबारा विधायक निर्वाचित हुए। वर्ष 1977 का दौर कुटलैहड़ के लिए राजनीतिक ही नहीं, बल्कि बुनियादी विकास की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। उस समय क्षेत्र में सड़क, शिक्षा, पेयजल, स्वास्थ्य और ग्रामीण सुविधाओं को मजबूत करने की जरूरत थी। स्व. रामनाथ शर्मा ने विधायक रहते हुए ग्रामीण क्षेत्रों की आवश्यकताओं को सरकार तक पहुंचाने और विकास योजनाओं को कुटलैहड़ तक लाने पर जोर दिया। उनका कार्यकाल ऐसे समय में रहा, जब पहाड़ी और ग्रामीण क्षेत्रों में छोटी-छोटी सड़कें, संपर्क मार्ग, शिक्षा संस्थान तथा पेयजल जैसी सुविधाएं लोगों के लिए बड़ी जरूरत थीं। यही वह दौर था जब कुटलैहड़ के दूरदराज गांवों को मुख्यधारा की सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में आधार तैयार हुआ। स्थानीय स्तर पर आज दिखाई देने वाली अनेक सार्वजनिक सुविधाओं के पीछे उस दौर में शुरू हुई विकास प्रक्रिया को भी महत्वपूर्ण कड़ी माना जाता है। 1985 में कुटलैहड़ को एक नई दिशा देने के संकल्प के साथ बड़े आगे, विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि वर्ष 1985 में स्व. रामनाथ शर्मा दोबारा विधायक बने। उस समय प्रदेश में वीरभद्र सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार बनी थी और रामनाथ शर्मा सरकार के साथ क्षेत्र की मांगों को प्रभावी ढंग से उठाने वाले नेताओं में शामिल रहे। इस कार्यकाल में कुटलैहड़ के ग्रामीण विकास, सड़क संपर्क, शिक्षा, पेयजल तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं को आगे बढ़ाने के लिए सरकारी स्तर पर पैरवी को मजबूती मिली।स्व रामनाथ शर्मा की पहचान केवल विधायक तक सीमित नहीं रही। वे राज्य वन निगम के अध्यक्ष भी रहे और बाद में विधानसभा के उपाध्यक्ष पद पर भी पहुंचे। उपलब्ध न्यायिक रिकॉर्ड के अनुसार वे 1977-82 और 1985-90 में कुटलैहड़ से विधायक रहे तथा 1986-90 में हिमाचल प्रदेश विधानसभा के उपाध्यक्ष रहे। विवेक शर्मा ने कहा कि स्व. रामनाथ शर्मा के राजनीतिक जीवन की खास बात यह रही कि उन्होंने कुटलैहड़ को अपनी कर्मभूमि मानकर लंबे समय तक क्षेत्र की जनता से जुड़ाव बनाए रखा। भारतीय नौसेना में सेवा देने के बाद राजनीति में आए रामनाथ शर्मा ने पहले पंचायत स्तर से सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की और बाद में विधानसभा तक पहुंचे। आज कुटलैहड़ में विकास की बात होती है तो क्षेत्र के पुराने राजनीतिक इतिहास और उन जनप्रतिनिधियों के योगदान को याद करना भी जरूरी है, जिन्होंने सीमित संसाधनों के दौर में विकास की बुनियाद मजबूत करने का प्रयास किया। स्व. रामनाथ शर्मा के 1977 से 1982 और फिर 1985 से 1990 तक के राजनीतिक सफर को इसी दृष्टि से देखा जाता है। उनका कार्यकाल कुटलैहड़ के विकास इतिहास का वह अध्याय है, जिसमें क्षेत्र की बुनियादी जरूरतों को सरकार तक पहुंचाने और ग्रामीण विकास की दिशा में लगातार प्रयास करने की भूमिका प्रमुख रही। स्व रामनाथ शर्मा के कार्यकाल में कुटलैहड़ को तहसील,लोकनिवि बीडीओ का मिला था दर्जा विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि कुटलैहड़ क्षेत्र के विकास की मजबूत नींव उनके पिता एवं पूर्व विधायक तथा विधानसभा उपाध्यक्ष स्व. रामनाथ शर्मा के कार्यकाल में रखी गई थी। उन्होंने कहा कि स्व. रामनाथ शर्मा के प्रयासों से कुटलैहड़ को तहसील, बीडीओ कार्यालय, लोक निर्माण विभाग मंडल, एसबीपीओ तथा आंगनबाड़ी जैसी महत्वपूर्ण संस्थागत सुविधाओं का दर्जा मिला। इन संस्थानों की स्थापना से क्षेत्र के लोगों को प्रशासनिक एवं विकासात्मक कार्यों के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों पर निर्भर नहीं रहना पड़ा और कुटलैहड़ में सरकारी सेवाओं का विस्तार हुआ। विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि स्व. रामनाथ शर्मा ने क्षेत्र की मूलभूत जरूरतों को समझते हुए शिक्षा, सड़क, प्रशासन और ग्रामीण विकास से जुड़े संस्थानों को कुटलैहड़ तक पहुंचाने का काम किया। उन्होंने कहा कि आज कुटलैहड़ में विकास की जो आधारभूत संरचना दिखाई देती है, उसमें स्व.रामनाथ शर्मा के कार्य काल का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि वर्तमान पीढ़ी उनके विकास कार्यों और दूरदर्शी सोच को हमेशा याद रखेगी।
- विधायक विवेक शर्मा ने जोगी पंगा कार्यालय में कुटलैहड़ क्षेत्र के 18 जरूरतमंद परिवारों को 1.25 लाख के आर्थिक चैक किये वितरण विधायक विवेक शर्मा बोले,कुटलैहड़ में अंतिम पंक्ति पर खड़े परिवार को आर्थिक रूप से मदद करना मेरा अधिकार बंगाणा,कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के विधायक विवेक शर्मा ने मंगलवार को जोगी पंगा स्थित कांग्रेस कार्यालय में क्षेत्र के 18 जरूरतमंद परिवारों को कुल 1,25,500 रुपये की आर्थिक सहायता के चेक वितरित किए।आर्थिक सहायता मिलने से जरूरतमंद परिवारों को अपनी आवश्यक जरूरतें पूरी करने में राहत मिलेगी। इस दौरान विधायक ने कहा कि जरूरतमंद परिवारों की सहायता करना केवल जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी ही नहीं, बल्कि उनके लिए सेवा और कर्तव्य का विषय है,विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि कुटलैहड़ की जनता ने उन्हें अपना प्रतिनिधि चुनकर सेवा का अवसर दिया है। इसलिए क्षेत्र के हर गरीब, असहाय और जरूरतमंद परिवार की परेशानी में उनके साथ खड़ा होना उनका दायित्व है। उन्होंने कहा कि “मेरा कुटलैहड़, मेरा परिवार” की भावना के साथ वह लगातार जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं को समझने और उनका समाधान करवाने का प्रयास कर रहे हैं। विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के सामने कई बार ऐसी परिस्थितियां पैदा हो जाती हैं, जहां छोटी सी आर्थिक सहायता भी उनके लिए बड़ी राहत बन जाती है। ऐसे परिवारों की जरूरत को देखते हुए आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनका संकल्प है कि कुटलैहड़ के किसी भी जरूरतमंद परिवार को अकेला महसूस न होने दिया जाए। पात्र परिवारों को उनकी आवश्यकता के अनुसार हरसंभव सहयोग उपलब्ध करवाने के लिए वह निरंतर प्रयासरत रहेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जरूरत मंद परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करने का यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि राजनीति उनके लिए केवल चुनाव जीतने या पद हासिल करने का माध्यम नहीं है, बल्कि जनता की सेवा का जरिया है। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को सुनना, जरूरत के समय उनके साथ खड़ा होना और उन्हें राहत पहुंचाना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि कुटलैहड़ उनका अपना परिवार है और परिवार के किसी भी सदस्य को परेशानी में देखकर उसकी मदद करना उनका अधिकार और कर्तव्य दोनों है। आर्थिक सहायता के चेक प्राप्त करने वाले परिवारों ने विधायक विवेक शर्मा का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आर्थिक मदद मिलने से उन्हें अपनी आवश्यक जरूरतों को पूरा करने में सहयोग मिलेगा। विधायक ने इस अवसर पर सभी परिवारों को भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। इस मौके पर कमेटी अध्यक्ष विवेक मिंका,महासचिव इकबाल सिंह केवल कृष्ण शर्मा दिनेश खत्री जिला पार्षद सुमित शर्मा मीना चौधरी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य मौजूद रहे1
- KNH Shimla से गायनी सेवाएं शिफ्ट करने का विरोध | सचिवालय मार्च में पुलिस से झड़प | Shimla News KNH Shimla से गायनी सेवाएं शिफ्ट करने का विरोध | सचिवालय मार्च में पुलिस से झड़प | Shimla News1
- प्रदेश मीडिया पैनलिस्ट नियुक्त होने पर मुख्यमंत्री सुक्खू, विधायक कमलेश ठाकुर और कांग्रेस के प्रदेश एवं केन्द्रीय नेतृत्व का जताया आभार किशाऊ बांध परियोजना का समझौता हिमाचल के आर्थिक हितों के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि: विवेक कटोच हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के राज्य मीडिया पैनलिस्ट नियुक्त किए जाने पर विवेक कटोच ने प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू, देहरा की विधायक श्रीमती कमलेश ठाकुर तथा कांग्रेस पार्टी के प्रदेश एवं केंद्रीय नेतृत्व का हार्दिक आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने जो जिम्मेदारी उन्हें सौंपी है, उसका वह पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ निर्वहन करेंगे।उन्होंने कहा कि राज्य मीडिया पैनलिस्ट के रूप में वह प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों, विकास कार्यों और उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने तथा जनहित के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे। विवेक कटोच ने कहा कि आज हिमाचल प्रदेश के लिए गर्व का दिन है। किशाऊ बांध परियोजना को लेकर दिल्ली में समझौता प्रदेश के आर्थिक हितों की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस समझौते के माध्यम से हिमाचल प्रदेश को बिना किसी निवेश के हर वर्ष लगभग 600 करोड़ रुपये की आय प्राप्त होने की उम्मीद है, जो प्रदेश की आर्थिकी को मजबूती प्रदान करने में सहायक होगी। उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के समय इस परियोजना में 90 प्रतिशत धनराशि देने की बात स्वीकार की गई थी, जिससे हिमाचल प्रदेश पर भारी आर्थिक बोझ पड़ सकता था। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इस विषय पर मजबूती से हिमाचल का पक्ष रखा और प्रदेश की बहुमूल्य संपदा एवं आर्थिक हितों की रक्षा के लिए प्रभावी प्रयास किए। विवेक कटोच ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के दूरदर्शी नेतृत्व, दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर मेहनत के परिणामस्वरूप हिमाचल प्रदेश के हित में यह महत्वपूर्ण समझौता संभव हो पाया है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि प्रदेश सरकार अपने सीमित संसाधनों के बावजूद हिमाचल के अधिकारों और आर्थिक हितों के लिए पूरी गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि किशाऊ बांध परियोजना से जुड़ा यह समझौता आने वाले समय में प्रदेश की आय बढ़ाने, आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने और विकास के नए रास्ते खोलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने इस उपलब्धि पर समस्त प्रदेश की देवतुल्य जनता और मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू को हार्दिक बधाई दी है ।1
- सुजानपुर में घर में घुसा रेट स्नेक, स्नेक सेवर ने किया सुरक्षित रेस्क्यू सुजानपुर सुजानपुर क्षेत्र में एक परिवार उस समय दहशत में आ गया, जब उनके घर में अचानक रेट स्नेक दिखाई दिया। सांप को देखकर परिवार के सदस्यों में हड़कंप मच गया और उन्होंने तुरंत मदद के लिए स्नेक सेवर से संपर्क किया। सूचना मिलते ही स्नेक सेवर माथुर धीमान मौके पर पहुंचे और सावधानीपूर्वक रेट स्नेक का रेस्क्यू किया। उन्होंने बिना किसी नुकसान के सांप को सुरक्षित बाहर निकाला, जिससे परिवार ने राहत की सांस ली। माथुर धीमान ने लोगों से अपील की कि घर या आसपास सांप दिखाई देने पर घबराएं नहीं और उसे पकड़ने या मारने का प्रयास न करें। तुरंत प्रशिक्षित स्नेक सेवर या वन विभाग को सूचना दें। उन्होंने कहा कि सांप भी पर्यावरण का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और उनका सुरक्षित रेस्क्यू कर प्राकृतिक आवास में छोड़ना जरूरी है।1
- देख तेरे संसार की हालत क्या हो गई भगवान कितना बदल गया इंसान....1
- आंगनवाड़ी केंद्र लखनपुर में आयोजित पोषण माह अभियान कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि बोले उपायुक्त मिशन दृष्टि के तहत लखनपुर प्राथमिक विद्यालय का किया दौरा, बच्चों की आंखों की जांच संबंधित जानकारी हासिल की *बच्चों के समुचित विकास के लिए सही उम्र में सही पोषण जरूरी: राहुल कुमार* *कहा..स्थानीय एवं पौष्टिक आहार को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाकर कुपोषण और एनीमिया की रोकथाम संभव* *बिलासपुर, 14 सितम्बर:* पोषण माह अभियान के तहत जिला महिला एवं बाल विकास विभाग के सौजन्य से आंगनवाड़ी केंद्र लखनपुर में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। इस दौरान उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र का बारीकी से निरीक्षण किया तथा बच्चों को उपलब्ध करवाई जा रही विभिन्न सुविधाओं की जानकारी भी प्राप्त की। इस बीच उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र में अध्ययनरत छोटे बच्चों एवं उनके अभिभावकों, आंगनबाड़ी, कार्यकर्ताओं एवं पर्यवेक्षकों से संवाद भी किया। इस दौरान उन्होंने गोद भराई की रस्म को भी निभाया। इस अवसर पर बोलते हुए उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय पोषण माह मनाने का उद्देश्य केवल लोगों को पोषण के प्रति जागरूक करना नहीं, बल्कि उनके खान-पान और जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव लाना भी है, ताकि कुपोषण और एनीमिया जैसी समस्याओं की प्रभावी रोकथाम की जा सके। उन्होंने कहा कि बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं को दिये जा रहे भोजन में पोषक तत्वों की कितनी मात्रा है इस पर विशेष ध्यान दिये जाने की आवश्यकता है। ऐसे में भोजन की मात्रा के साथ-साथ उसकी पोषण गुणवत्ता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हमारी पारंपरिक खान-पान पद्धति में अनेक ऐसे स्थानीय खाद्य पदार्थ शामिल रहे हैं, जो पोषण की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। बदलती जीवनशैली के कारण लोग धीरे-धीरे इन स्थानीय और पारंपरिक खाद्य पदार्थों से दूर होते जा रहे हैं तथा बाहर के भोजन पर निर्भरता बढ़ रही है। उन्होंने स्थानीय एवं पौष्टिक खाद्य पदार्थों को दैनिक आहार का अहम हिस्सा बनाने तथा भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियां, स्थानीय अनाज, दालें, मौसमी फल, दूध तथा अन्य पोषण युक्त खाद्य पदार्थों को शामिल करने की आवश्यकता पर बल दिया। राहुल कुमार ने महिलाओं और गर्भवती महिलाओं में एनीमिया की समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस दिशा में विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने संतुलित आहार, पर्याप्त आयरन सहित आवश्यक पोषक तत्वों की उपलब्धता और समय पर स्वास्थ्य देखभाल को प्राथमिकता देने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि जीवन के प्रारंभिक चरण में बच्चे के शारीरिक विकास के साथ-साथ मस्तिष्क का विकास भी तेजी से होता है। ऐसे में बच्चों को पोषक एवं प्रोटीन युक्त आहार देना आवश्यक है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों के भोजन की गुणवत्ता और विविधता पर विशेष ध्यान देने का भी आग्रह किया। उन्होंने बच्चे के विकास की प्रारंभिक अवस्था को किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह ऐसा महत्वपूर्ण समय है, जब उचित पोषण, देखभाल और स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से बच्चे के समुचित शारीरिक एवं मानसिक विकास की मजबूत नींव रखी जा सकती है। उन्होंने सभी अभिभावकों, माताओं और परिवारों से आह्वान किया कि वे बच्चों और गर्भवती महिलाओं के आहार में पोषण की गुणवत्ता को प्राथमिकता दें तथा स्थानीय एवं पारंपरिक पौष्टिक खाद्य पदार्थों को दैनिक भोजन का हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि सही उम्र में सही पोषण ही स्वस्थ बचपन, बेहतर शिक्षा और मजबूत भविष्य की आधारशिला है। समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी से ही कुपोषण और एनीमिया के खिलाफ प्रभावी जन-जागरूकता अभियान को सफल बनाया जा सकता है। इससे पहले जिला कार्यक्रम अधिकारी नरेंद्र कुमार ने मुख्यातिथि का स्वागत किया तथा पोषण माह अभियान से संबंधित विस्तृत जानकारी प्रदान की। *मिशन दृष्टि के तहत लखनपुर प्राथमिक विद्यालय का किया दौरा, बच्चों की आंखों की जांच संबंधित जानकारी हासिल की* इसके उपरांत उपायुक्त ने राजकीय प्राथमिक पाठशाला लखनपुर का भी दौरा किया तथा मिशन दृष्टि के तहत की जा रही बच्चों की आंखों की जांच संबंधी विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उपायुक्त ने कहा कि मिशन दृष्टि के अंतर्गत आठ वर्ष तक की आयु के बच्चों की दृष्टि की जांच कर प्रारंभिक स्तर पर आंखों से संबंधित समस्याओं की पहचान करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि बच्चों को कक्षा में पढ़ने, बोर्ड देखने, ध्यान केंद्रित करने अथवा बार-बार सिरदर्द जैसी समस्याएं आती हैं, तो अभिभावकों और शिक्षकों को इसे गंभीरता से लेना चाहिए और समय पर नेत्र जांच करवानी चाहिए। उपायुक्त ने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों में मोबाइल फोन, टीवी और अन्य डिजिटल उपकरणों के अत्यधिक उपयोग के कारण स्क्रीन टाइम बढ़ रहा है, जिसका प्रभाव उनकी आंखों के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि आज किए गए निरीक्षण के दौरान भी कई बच्चों में दृष्टि संबंधी समस्याओं के संकेत पाए गए, जिनमें मायोपिया और हाइपरमेट्रोपिया जैसी समस्याएं शामिल हैं। ऐसे बच्चों के अभिभावकों और शिक्षकों को विस्तृत जांच एवं आवश्यक उपचार के लिए फॉलो-अप सुनिश्चित करने की सलाह दी गई। उन्होंने अभिभावकों से आह्वान किया कि वह बच्चों को मोबाईल फोन से दूर रखें, शारीरिक गतिविधियों में उनकी भागीदारी बढ़ाएं तथा मिशन दृष्टि के तहत बच्चों की आंखों की जांच अवश्य करवाएं। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान बच्चों में आंखों से संबंधित किसी प्रकार की दिक्कत पाई जाती है तो उसे समय रहते ठीक किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कम उम्र के बच्चे अपनी दृष्टि संबंधी समस्या को स्पष्ट रूप से व्यक्त नहीं कर पाते। ऐसे में समय पर स्क्रीनिंग से समस्या की प्रारंभिक अवस्था में पहचान संभव है और आवश्यक उपचार उपलब्ध करवाया जा सकता है। इससे बच्चों की पढ़ाई, एकाग्रता और समग्र स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इस मौके पर स्कूल का स्टाफ भी मौजूद रहा।4
- घर छतराडी ओ तेरा राखा डेरा हो प्यारूया ..............1
- सोमवार देर रात से मंगलवार सुबह तक हुई भारी वारिश के बाद दिन को धूप निकलने पर किसानों ने ली राहत की सांस। इस समय मक्की की फ़सल अपनी चर्म सीमा पर पहुंच चुकी है।कुछ स्थानों पर किसान मौसम साफ होने का इंतजार कर रहे हैं।कुछ स्थानों पर जंगली जानवरों के डर से किसानों ने कच्ची फ़सल काट ली।अब मौसम का डर सताने लगा है।1