छबड़ा नगर पालिका क्षेत्र में करोड़ों रुपये की सरकारी भूमि पर हुए अवैध कब्जों को लेकर कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। पूर्व विधायक करण सिंह राठौड़ के नेतृत्व में, ब्लॉक अध्यक्ष मनोज भार्गव और नगर अध्यक्ष हरीश माहेश्वरी के मार्गदर्शन में, गुरुवार को कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल उपखंड अधिकारी छबड़ा और नगर पालिका अधीक्षक को ज्ञापन सौंपने पहुंचा। ज्ञापन में मांग की गई कि छबड़ा क्षेत्र की कीमती सरकारी भूमि को तुरंत अवैध कब्जों से मुक्त कराया जाए और भूमाफियाओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को यह भी चेतावनी दी कि यदि समय पर कार्रवाई नहीं हुई, तो सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान हो सकता है। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि अगर अगले 15 दिनों के भीतर प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो 23 जून 2026 को छबड़ा में बड़े पैमाने पर घेराव और प्रदर्शन किया जाएगा। ज्ञापन के साथ प्रशासन को क्षेत्र में सक्रिय प्रमुख भूमाफियाओं की एक सूची भी सौंपी गई है। इस अवसर पर पूर्व विधायक करण सिंह राठौड़, ब्लॉक अध्यक्ष मनोज भार्गव, नगर अध्यक्ष हरीश माहेश्वरी, गोविंद सोनी दरबार, पार्षद नवीन उपाध्याय, मंडल अध्यक्ष गौरीशंकर नागर, मुकेश मीणा, फूलसिंह मीणा, लाखन सिंह यादव, नंदकिशोर लोधा, सरपंच राधेश्याम मीणा, पार्षद खादिल राणा, दीपक त्यागी, केसरी सिंह बना, रामदयाल नागर, मानसिंह गुर्जर, सतीश मालव, संजय सेन, वसीम खान, सब्बू यादव, दीप तेलनी, हिम्मत गुर्जर, प्रकाश चाचौड़ा, हरगोविंद, सुगनचंद, राजू गुर्जर, रामनरेश मीणा, मुरली मीणा, घनश्याम मीणा, रवि लोधा, जगदीश तेजस्वी, सतीश चाचौड़ा, योगेश नामदेव, राहुल, कुलदीप गुर्जर, लालजी राम लोधा, जुनेद खान सहित दर्जनों कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
छबड़ा नगर पालिका क्षेत्र में करोड़ों रुपये की सरकारी भूमि पर हुए अवैध कब्जों को लेकर कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। पूर्व विधायक करण सिंह राठौड़ के नेतृत्व में, ब्लॉक अध्यक्ष मनोज भार्गव और नगर अध्यक्ष हरीश माहेश्वरी के मार्गदर्शन में, गुरुवार को कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल उपखंड अधिकारी छबड़ा और नगर पालिका अधीक्षक को ज्ञापन सौंपने पहुंचा। ज्ञापन में मांग की गई कि छबड़ा क्षेत्र की कीमती सरकारी भूमि को तुरंत अवैध कब्जों से मुक्त कराया जाए और भूमाफियाओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की
जाए। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को यह भी चेतावनी दी कि यदि समय पर कार्रवाई नहीं हुई, तो सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान हो सकता है। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि अगर अगले 15 दिनों के भीतर प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो 23 जून 2026 को छबड़ा में बड़े पैमाने पर घेराव और प्रदर्शन किया जाएगा। ज्ञापन के साथ प्रशासन को क्षेत्र में सक्रिय प्रमुख भूमाफियाओं की एक सूची भी सौंपी गई है। इस अवसर पर पूर्व विधायक करण सिंह राठौड़, ब्लॉक अध्यक्ष मनोज
भार्गव, नगर अध्यक्ष हरीश माहेश्वरी, गोविंद सोनी दरबार, पार्षद नवीन उपाध्याय, मंडल अध्यक्ष गौरीशंकर नागर, मुकेश मीणा, फूलसिंह मीणा, लाखन सिंह यादव, नंदकिशोर लोधा, सरपंच राधेश्याम मीणा, पार्षद खादिल राणा, दीपक त्यागी, केसरी सिंह बना, रामदयाल नागर, मानसिंह गुर्जर, सतीश मालव, संजय सेन, वसीम खान, सब्बू यादव, दीप तेलनी, हिम्मत गुर्जर, प्रकाश चाचौड़ा, हरगोविंद, सुगनचंद, राजू गुर्जर, रामनरेश मीणा, मुरली मीणा, घनश्याम मीणा, रवि लोधा, जगदीश तेजस्वी, सतीश चाचौड़ा, योगेश नामदेव, राहुल, कुलदीप गुर्जर, लालजी राम लोधा, जुनेद खान सहित दर्जनों कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
- छबड़ा नगर पालिका क्षेत्र में करोड़ों रुपये की सरकारी भूमि पर हुए अवैध कब्जों को लेकर कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। पूर्व विधायक करण सिंह राठौड़ के नेतृत्व में, ब्लॉक अध्यक्ष मनोज भार्गव और नगर अध्यक्ष हरीश माहेश्वरी के मार्गदर्शन में, गुरुवार को कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल उपखंड अधिकारी छबड़ा और नगर पालिका अधीक्षक को ज्ञापन सौंपने पहुंचा। ज्ञापन में मांग की गई कि छबड़ा क्षेत्र की कीमती सरकारी भूमि को तुरंत अवैध कब्जों से मुक्त कराया जाए और भूमाफियाओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को यह भी चेतावनी दी कि यदि समय पर कार्रवाई नहीं हुई, तो सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान हो सकता है। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि अगर अगले 15 दिनों के भीतर प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो 23 जून 2026 को छबड़ा में बड़े पैमाने पर घेराव और प्रदर्शन किया जाएगा। ज्ञापन के साथ प्रशासन को क्षेत्र में सक्रिय प्रमुख भूमाफियाओं की एक सूची भी सौंपी गई है। इस अवसर पर पूर्व विधायक करण सिंह राठौड़, ब्लॉक अध्यक्ष मनोज भार्गव, नगर अध्यक्ष हरीश माहेश्वरी, गोविंद सोनी दरबार, पार्षद नवीन उपाध्याय, मंडल अध्यक्ष गौरीशंकर नागर, मुकेश मीणा, फूलसिंह मीणा, लाखन सिंह यादव, नंदकिशोर लोधा, सरपंच राधेश्याम मीणा, पार्षद खादिल राणा, दीपक त्यागी, केसरी सिंह बना, रामदयाल नागर, मानसिंह गुर्जर, सतीश मालव, संजय सेन, वसीम खान, सब्बू यादव, दीप तेलनी, हिम्मत गुर्जर, प्रकाश चाचौड़ा, हरगोविंद, सुगनचंद, राजू गुर्जर, रामनरेश मीणा, मुरली मीणा, घनश्याम मीणा, रवि लोधा, जगदीश तेजस्वी, सतीश चाचौड़ा, योगेश नामदेव, राहुल, कुलदीप गुर्जर, लालजी राम लोधा, जुनेद खान सहित दर्जनों कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।3
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों के क्रम में छिपबड़ौद स्टेडियम में भस्त्रिका प्राणायाम का अभ्यास किया गया।1
- भुवाखेड़ी गांव में ओशो आशीष ध्यान केंद्र, खाटूश्यामजी मंदिर और खाटूश्याम गोशाला स्थित हैं। इन तीनों प्रतिष्ठानों से संबंधित जानकारी के लिए 9413006192 पर संपर्क किया जा सकता है।2
- झालावाड़ पुलिस ने एक बड़े और खौफनाक अंतरराज्यीय मानव तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। पुलिस ने मुंबई, ग्वालियर, बूंदी और टोंक तक फैले इस नेटवर्क के चंगुल से कुल 10 लड़कियों को सुरक्षित छुड़ाया है, जिनमें 7 नाबालिग लड़कियां शामिल हैं। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि एक मीडिया रिपोर्ट में झालावाड़ से गिरोह के तार जुड़ने के संकेत मिलने के बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (महिला अनुसंधान सेल) श्योराजमल मीणा के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया था। इस मामले में सनसनीखेज खुलासे तब हुए जब 2 जून को मुंबई पुलिस की एक टीम कुछ लड़कियों को पुनर्वास के लिए राजस्थान लेकर आई और झालावाड़ पुलिस को सूचना मिली कि तस्कर गिरोह इन लड़कियों को दोबारा अगवा करने की फिराक में है। झालावाड़ पुलिस ने तुरंत मुंबई पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर मोर्चा संभाला। रेस्क्यू की गई लड़कियों के दस्तावेजों की जांच में पता चला कि गिरोह नाबालिग लड़कियों के पहचान पत्रों में हेरफेर कर उनकी उम्र बढ़ा देता था और कागजों में उन्हें बालिग दिखाकर डांस बार तथा अनैतिक धंधों में धकेल देता था। उनकी असली पहचान छिपाने के लिए लड़कियों के नाम और पते तक बदल दिए जाते थे। पुलिस की गिरफ्त में आए पांच आरोपियों और एक हिरासत में लिए गए संदिग्ध ने पूछताछ में खुलासा किया कि यह रैकेट तीन शातिर स्तरों पर काम करता था। पहले स्तर पर, स्थानीय दलाल ग्रामीण इलाकों में अत्यधिक गरीबी या भारी कर्ज में डूबे परिवारों को चिह्नित करते थे। दूसरे स्तर पर, बिचौलिए इन लाचार परिवारों को बेहतर भविष्य और रोजगार का झांसा देकर तथा पैसों का लालच देकर उनकी बेटियों को अपने साथ ले जाते थे। इसके बाद तीसरे स्तर पर, इन लड़कियों को ग्वालियर और मुंबई जैसे महानगरों के बड़े एजेंटों और डांस बार संचालकों को बेच दिया जाता था, जो उन्हें इस नर्क में फंसा देते थे। तस्करी के इस घिनौने खेल में क्रूरता की सारी हदें तब पार हो गईं जब पुलिस ने छापेमारी के दौरान सौदेबाजी के कुछ एग्रीमेंट बरामद किए। इन दस्तावेजों में एक खौफनाक शर्त लिखी थी कि पीड़ित लड़की के परिवार पर चढ़ा कर्ज केवल तभी माफ माना जाएगा जब लड़की आत्महत्या कर ले या उसकी मौत हो जाए। पुलिस का कहना है कि मानव तस्करी के खिलाफ यह एक ऐतिहासिक कामयाबी है और इस नेटवर्क की अन्य कड़ियों तथा मुंबई-ग्वालियर से जुड़े बाकी आरोपियों तक पहुंचने के लिए अलग-अलग राज्यों में छापेमारी और जांच की कार्रवाई लगातार जारी है।1
- राजस्थान के झालावाड़ जिले की ग्राम पंचायत सुमर के एक नागरिक ने आरोप लगाया है कि उनके घर के रास्ते में, जहाँ एक नव निर्मित आंगनबाड़ी केंद्र भी स्थित है, वहाँ रामेश्वर कटारिया ने मकान का गेट लगाकर रास्ते पर सीढ़ी का निर्माण कर लिया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, यह रास्ता उनके परिवार द्वारा लगभग 50 वर्ष से अधिक समय से उपयोग किया जा रहा है। इस अतिक्रमण के कारण आंगनबाड़ी केंद्र में पोषाहार पहुँचाने वाली गाड़ी के साथ-साथ आमजन के वाहनों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने इस संबंध में ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और एसडीएम को भी शिकायतें दी थीं, लेकिन अभी तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इस सीढ़ी की समस्या के चलते आए दिन लोगों के बीच लड़ाई-झगड़े और गाली-गलौज की घटनाएँ होती रहती हैं, जिसके मद्देनजर आम रास्ते से अतिक्रमण हटाने की मांग की गई है।2
- शाहाबाद ब्लॉक के पीएमश्री राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय कछियाथाना में 15 दिनों से चल रहे ग्रीष्मकालीन अभिरुचि शिविर का समापन हो गया। संस्थाप्रधान विपिनकुमार जैन ने बताया कि पीएमश्री योजना के तहत सभी पीएमश्री विद्यालयों में नवाचार के रूप में ये शिविर लगाए गए थे। इसी कड़ी में कछियाथाना में भी 20 मई को सरकार के निर्देशानुसार शिविर का उद्घाटन हुआ था। विद्यालय में लगातार 15 दिनों तक, शिविर प्रभारी दयालु राम सहरिया के मार्गदर्शन में, प्रशिक्षक हेमंत वर्मा, सोनू परिहार और कीर्ति गोस्वामी ने बच्चों को विभिन्न विधाओं से परिचित कराया। इस दौरान कागज के खिलौने बनाना, कबाड़ से जुगाड़ जैसी गतिविधियाँ, कंप्यूटर की सामान्य जानकारी, टाइपिंग के साथ-साथ योग और खेल गतिविधियाँ भी आयोजित की गईं। संस्थाप्रधान जैन ने बताया कि विद्यार्थी प्रतिदिन प्रातः 7:30 बजे से 10:30 बजे तक इस शिविर का आनंद लेते थे, और उनकी इच्छा थी कि यह शिविर पूरे ग्रीष्मावकाश तक चले, लेकिन सरकार द्वारा सीमित दिनों की ही स्वीकृति दी गई थी। इसलिए, इस शिविर का समापन विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर विधिवत रूप से किया गया। समापन समारोह में शाहाबाद के सीबीईओ रहीमुद्दीन उस्मानी मुख्य अतिथि के रूप में, एसीबीईओ चंद्रकेश सिंघल विशिष्ट अतिथि के रूप में और कार्यक्रम प्रभारी कैलाश जरारिया मौजूद रहे। अतिथियों का संस्था की ओर से साफा पहनाकर, तिलक लगाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया गया। इसके पश्चात् बालिकाओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया और “वंदे गंगा जल संरक्षण” जन अभियान पर दो नृत्य-गीत भी प्रस्तुत किए गए। शिविर में विभिन्न गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बालक-बालिकाओं और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाली बालिकाओं दीक्षा कश्यप, संध्या खटीक, वर्षा ओझा, पूजा कुशवाह, वंशिका कुशवाह, राधिका खंगार और रौनक खंगार को सम्मानित किया गया। विशिष्ट अतिथियों सहित सीबीईओ शाहाबाद ने विद्यार्थियों को आशीर्वचन दिए और अंत में संस्थाप्रधान जैन ने सभी का धन्यवाद ज्ञापन करते हुए शिविर के समापन की घोषणा की।4
- झालावाड़ पुलिस ने एक बड़े अंतर-राज्यीय मानव तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ किया है, जिसमें कंजर समुदाय की नाबालिग लड़कियों को देह व्यापार में धकेला जा रहा था। इस कार्रवाई में कुल 10 लड़कियों को सुरक्षित बचाया गया है, जिनमें 7 नाबालिग शामिल हैं। पुलिस ने बच्चियों को बेचने और दलाली करने वाले गिरोह के पाँच बदमाशों को गिरफ्तार किया है, जिसमें एक महिला भी शामिल है, और एक अन्य को हिरासत में लिया गया है। इस गिरोह का नेटवर्क राजस्थान के झालावाड़, बूंदी और टोंक से लेकर मध्य प्रदेश के ग्वालियर और मुंबई तक फैला हुआ था। झालावाड़ एसपी अमित कुमार ने एक प्रेस वार्ता में मामले का खुलासा करते हुए बताया कि यह गिरोह गरीब कंजर समुदाय के डेरों में रहने वाले लोगों को रुपए देकर उनकी बच्चियों को खरीदता था और बाद में उन्हें मुंबई जैसे बड़े शहरों में वेश्यावृत्ति के लिए धकेल देता था। पुलिस को कुछ समय पहले मानव तस्करी के तार झालावाड़ से जुड़े होने की जानकारी मिली थी, जिसके बाद एक विशेष जांच टीम गठित की गई। गोपनीय जांच के दौरान 2 जून को मुंबई पुलिस की एक टीम कुछ लड़कियों को पुनर्वास के लिए राजस्थान लाई थी, तभी सूचना मिली कि गिरोह के एजेंट उन्हें दोबारा कब्जे में लेने की कोशिश कर रहे हैं। झालावाड़ पुलिस ने मुंबई पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर कार्रवाई की, जिसमें दो ऐसी लड़कियां भी मिलीं जो रिकॉर्ड में बालिग थीं, लेकिन वास्तव में नाबालिग पाई गईं। जांच में सामने आया कि यह गिरोह नाबालिग लड़कियों के आधार कार्ड और अन्य पहचान पत्रों में हेरफेर कर उनकी उम्र बढ़ाता था और उनकी पहचान व पते भी बदल देता था ताकि भविष्य में उनकी पहचान साबित न हो सके। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे स्थानीय दलालों के माध्यम से आर्थिक तंगी और कर्ज में डूबे परिवारों को बेहतर भविष्य और रोजगार का झांसा देकर उनकी बेटियों को अपने साथ ले जाते थे। बाद में उन्हें मुंबई और अन्य महानगरों में सक्रिय एजेंटों को बेच दिया जाता था। पुलिस के अनुसार, यह रैकेट तीन स्तरों पर काम करता था: पहले स्तर पर राजस्थान के स्थानीय एजेंट गरीब परिवारों की तलाश करते थे; दूसरे स्तर पर बिचौलिए आर्थिक लालच देकर लड़कियों को अपने साथ ले जाते थे; और तीसरे स्तर पर महानगरों में सक्रिय बड़े एजेंट और डांस बार संचालक इन लड़कियों को अनैतिक गतिविधियों में धकेल देते थे। पुलिस की विशेष जांच दल ने मुंबई, बूंदी और टोंक में अलग-अलग टीमों के माध्यम से कार्रवाई कर लड़कियों को मुक्त कराया, और मामले में मुंबई से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश अभी जारी है।4
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर स्थानीय श्री प्रेम सिंह सिंघवी महाविद्यालय, छीपाबड़ौद में नोडल प्राचार्य जोधराज नागर के निर्देशन में 'एक पेड़ लोकतंत्र के नाम' गतिविधि का सफल आयोजन किया गया। इस दौरान कार्यक्रम प्रभारी श्री दारा सिंह मीणा ने प्रकृति के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि प्रकृति स्वस्थ रहेगी तभी हम सभी स्वस्थ रह पाएंगे। इस विशेष अवसर पर महाविद्यालय परिसर में चंपा का पौधा लगाया गया, साथ ही आम के गुठली, नीम के निंबोली और बेलपत्र के बीजों सहित कई पौधों का बीज रोपण भी किया गया। आयोजन के दौरान समस्त स्टाफ सदस्यों, जिनमें राकेश मालव, प्रियंका नामा और मीनाक्षी शर्मा प्रमुख थे, ने पेड़-पौधों को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी ली। इस पर्यावरण-संरक्षण गतिविधि में छात्र-छात्राएं भी सक्रिय रूप से उपस्थित रहे।2