पुत्र रत्न की प्राप्ति के उपलक्ष में मुक्तिधाम में स्थित महाकाल का महा अभिषेक कर कराया गया कन्या भोज,,,,,,,,, पोरसा,,,,,,,,,,पोरसा के मुक्तिधाम स्थित महाकाल लोक में आस्था, श्रद्धा और उत्सव का अद्भुत संगम देखने को मिला, जब पुत्र रत्न की प्राप्ति की खुशी में एक भव्य धार्मिक आयोजन संपन्न हुआ। कैलारस से पधारे श्री अरुण वर्मा एवं उनकी पत्नी सुमिता सोनी ने अपने पुत्र शुभांश रत्न के जन्म उपलक्ष्य में महाकाल बाबा का महा अभिषेक कराते हुए कन्या भोज का आयोजन किया, जिसने पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक ऊर्जा और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। कार्यक्रम की शुरुआत कन्या पूजन से हुई, जहां छोटी-छोटी बालिकाओं को देवी स्वरूप मानकर उनका विधिवत पूजन किया गया। सनातन परंपरा में कन्याओं को माता शक्ति का प्रतीक माना जाता है, और उनका सम्मान करना घर-परिवार में सुख, शांति और समृद्धि का सूचक माना जाता है। पूजन के पश्चात उन्हें ससम्मान भोजन कराया गया, जिसे “कन्या भोज” कहा जाता है। यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि समाज में सेवा, सम्मान और समानता का संदेश भी देता है। इसके बाद महाकाल लोक में भगवान महाकाल का महा अभिषेक किया गया। पंचामृत—जिसमें दूध, दही, घी, शहद और शक्कर सम्मिलित होते हैं—तथा विभिन्न औषधियों से अभिषेक कर भगवान का विशेष श्रृंगार किया गया। मान्यता है कि महा अभिषेक करने से समस्त कष्टों का नाश होता है, जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और भगवान शिव की कृपा से परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है। महाकाल लोक में किया गया यह अभिषेक विशेष फलदायी माना जाता है, क्योंकि यह स्थल शिवभक्तों के लिए अत्यंत पवित्र और ऊर्जावान माना जाता है। पूरे आयोजन के दौरान भक्ति गीतों और मंत्रोच्चार से वातावरण भक्तिमय बना रहा। अंत में प्रसाद वितरण किया गया, जिसमें उपस्थित श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित किया। इस पावन अवसर पर डॉ. अनिल गुप्ता, महेश पेगोरिया, रामधुन बघेल, नरेंद्र राठौर, महेंद्र बाल्मीक एवं दोजीराम राठौर सहित अनेक गणमान्य जनों का सानिध्य प्राप्त हुआ, जिन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया। यह आयोजन न केवल एक परिवार की खुशी का प्रतीक बना, बल्कि धार्मिक आस्था, सामाजिक एकता और सेवा भाव का भी उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है। महाकाल लोक में संपन्न यह महा अभिषेक और कन्या भोज निश्चित ही श्रद्धालुओं के लिए एक यादगार और पुण्यदायी अनुभव रहा। पुत्र प्राप्ति पर बाबा महाकाल का अभिषेक किया
पुत्र रत्न की प्राप्ति के उपलक्ष में मुक्तिधाम में स्थित महाकाल का महा अभिषेक कर कराया गया कन्या भोज,,,,,,,,, पोरसा,,,,,,,,,,पोरसा के मुक्तिधाम स्थित महाकाल लोक में आस्था, श्रद्धा और उत्सव का अद्भुत संगम देखने को मिला, जब पुत्र रत्न की प्राप्ति की खुशी में एक भव्य धार्मिक आयोजन संपन्न हुआ। कैलारस से पधारे श्री अरुण वर्मा एवं उनकी पत्नी सुमिता सोनी ने अपने पुत्र शुभांश रत्न के जन्म उपलक्ष्य में महाकाल बाबा का महा अभिषेक कराते हुए कन्या भोज का आयोजन किया, जिसने पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक ऊर्जा और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। कार्यक्रम की शुरुआत कन्या पूजन से हुई, जहां छोटी-छोटी बालिकाओं को देवी स्वरूप मानकर उनका विधिवत पूजन किया गया। सनातन परंपरा में कन्याओं को माता शक्ति का प्रतीक माना जाता है, और उनका सम्मान करना घर-परिवार में सुख, शांति और समृद्धि का सूचक माना जाता है। पूजन के पश्चात उन्हें ससम्मान भोजन कराया गया, जिसे “कन्या भोज” कहा जाता है। यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि समाज में सेवा, सम्मान और समानता का संदेश भी देता है। इसके बाद महाकाल लोक में भगवान महाकाल का महा अभिषेक किया गया। पंचामृत—जिसमें दूध, दही, घी, शहद और शक्कर सम्मिलित होते हैं—तथा विभिन्न औषधियों से अभिषेक कर भगवान का विशेष श्रृंगार किया गया। मान्यता है कि महा अभिषेक करने से समस्त कष्टों का नाश होता है, जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और भगवान शिव की कृपा से परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है। महाकाल लोक में किया गया यह अभिषेक विशेष फलदायी माना जाता है, क्योंकि यह स्थल शिवभक्तों के लिए अत्यंत पवित्र और ऊर्जावान माना जाता है। पूरे आयोजन के दौरान भक्ति गीतों और मंत्रोच्चार से वातावरण भक्तिमय बना रहा। अंत में प्रसाद वितरण किया गया, जिसमें उपस्थित श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित किया। इस पावन अवसर पर डॉ. अनिल गुप्ता, महेश पेगोरिया, रामधुन बघेल, नरेंद्र राठौर, महेंद्र बाल्मीक एवं दोजीराम राठौर सहित अनेक गणमान्य जनों का सानिध्य प्राप्त हुआ, जिन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया। यह आयोजन न केवल एक परिवार की खुशी का प्रतीक बना, बल्कि धार्मिक आस्था, सामाजिक एकता और सेवा भाव का भी उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है। महाकाल लोक में संपन्न यह महा अभिषेक और कन्या भोज निश्चित ही श्रद्धालुओं के लिए एक यादगार और पुण्यदायी अनुभव रहा। पुत्र प्राप्ति पर बाबा महाकाल का अभिषेक किया
- पुत्र प्राप्ति पर बाबा महाकाल का अभिषेक किया1
- हरियाणा मे बिजली की डी पी से स्कुटी खडी करते समय लगा, करंट युवक झुलसा1
- सवर्ण, अन्य पिछड़ा वर्ग व क्षत्रिय महासभा, करणी सेना ने निष्पक्ष जांच हेतु एसडीओपी को सौंपा ज्ञापन। अंबाह। इंस्टाग्राम और फेसबुक पर फेमस होने के चक्कर में और अपने समाज का सबसे बड़ा शुभचिंतक व मसीहा बनने के चक्कर में आजकल लोग छोटे-मोटे रास्तों के झगड़ों को जातिगत रूप देकर पेश करते हैं जिससे आपसी भाईचारा बिगड़ सकता है, झूठे तथ्यों को आधार बनाकर के बच्चों को भी अब इसका शिकार बनाया जा रहा है । ताजा मामला विगत दो दिवस पूर्व अंबाह के लेन रोड पर घटित मामूली सी बात जिसमें बाइक सवार जा रहे की नाबालिक युवाओं को पीछे से कार में बैठे कोई बसपा नेता ने होर्न दिया तो बाइक पर जा रहा है बच्चों ने उन्हें जगह मिलने पर साईड दी लेकिन यह बात गाड़ी में बैठे अपने आप को नेता समझने वाले लोगों को नागवार गुजरी और उन्होंने आगे चलकर बाइक के आगे अपनी गाड़ी अड़ाकर तीनों लड़कों की मारपीट कर दी अपने आप को बसपा का नेता और भीम आर्मी का कार्यकर्ता बताने वाले मायाराम सखवार ने झूठा वीडियो बनाकर और उसको जातिगत रूप का मुद्दा बनाकर , हमें जातिगत गालियां दी गई है जिसको कूट रचित व षड्यंत्र से थाने में अपने 20-30लोगों को इकट्ठा कर एफआईआर दर्ज करा दी । और सोशल मीडिया पर मुद्दे को बढ़ाने और अपने समाज की झूठी वाहवाही बटोरने के चक्कर में , दोहरी रोड़ पर हूए मूर्ति विवाद से जोड़ कर ,, कूट रचित कहानी व षड्यंत्र रचते हुए कि,,,,, इस लिए हमारी गाड़ी को घेर कर हमारे साथ मारपीट की जबकि दोनों ही विषय अलग-अलग हैं और दूर दूर तक इनका कोई वास्ता नहीं है सोमवार को सवर्ण समाज , अन्य पिछड़ा वर्ग व क्षत्रिय महासभा,करणी सेना ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए एसडीओपी अंबाह को ज्ञापन सौंपा जहां पर सैकड़ो की संख्या में समाज के शुभ चिंतक व समाजसेवी जन मौजूद रहे। और यह संदेश दिया कि समाज में वैमनस्यता और सौहार्द बिगड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई व निष्पक्ष जांच हो5
- साईड विलम्ब से देने पर, मामूली नोंक-झोंक को दे दिया जातिगत रूप का विवाद, पीड़ित तीनों युवा नाबालिग व बाइक से दावत खाकर जा रहे थे अपने गांव अंबाह में सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने की कोशिश सवर्ण, अन्य पिछड़ा वर्ग व क्षत्रिय महासभा, करणी सेना ने निष्पक्ष जांच हेतु एसडीओपी को सौंपा ज्ञापन। अंबाह। इंस्टाग्राम और फेसबुक पर फेमस होने के चक्कर में और अपने समाज का सबसे बड़ा शुभचिंतक व मसीहा बनने के चक्कर में आजकल लोग छोटे-मोटे रास्तों के झगड़ों को जातिगत रूप देकर पेश करते हैं जिससे आपसी भाईचारा बिगड़ सकता है, झूठे तथ्यों को आधार बनाकर के बच्चों को भी अब इसका शिकार बनाया जा रहा है । ताजा मामला विगत दो दिवस पूर्व अंबाह के लेन रोड पर घटित मामूली सी बात जिसमें बाइक सवार जा रहे की नाबालिक युवाओं को पीछे से कार में बैठे कोई बसपा नेता ने होर्न दिया तो बाइक पर जा रहा है बच्चों ने उन्हें जगह मिलने पर साईड दी लेकिन यह बात गाड़ी में बैठे अपने आप को नेता समझने वाले लोगों को नागवार गुजरी और उन्होंने आगे चलकर बाइक के आगे अपनी गाड़ी अड़ाकर तीनों लड़कों की मारपीट कर दी अपने आप को बसपा का नेता और भीम आर्मी का कार्यकर्ता बताने वाले मायाराम सखवार ने झूठा वीडियो बनाकर और उसको जातिगत रूप का मुद्दा बनाकर , हमें जातिगत गालियां दी गई है जिसको कूट रचित व षड्यंत्र से थाने में अपने 20-30लोगों को इकट्ठा कर एफआईआर दर्ज करा दी । और सोशल मीडिया पर मुद्दे को बढ़ाने और अपने समाज की झूठी वाहवाही बटोरने के चक्कर में , दोहरी रोड़ पर हूए मूर्ति विवाद से जोड़ कर ,, कूट रचित कहानी व षड्यंत्र रचते हुए कि,,,,, इस लिए हमारी गाड़ी को घेर कर हमारे साथ मारपीट की जबकि दोनों ही विषय अलग-अलग हैं और दूर दूर तक इनका कोई वास्ता नहीं है सोमवार को सवर्ण समाज , अन्य पिछड़ा वर्ग व क्षत्रिय महासभा,करणी सेना ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए एसडीओपी अंबाह को ज्ञापन सौंपा जहां पर सैकड़ो की संख्या में समाज के शुभ चिंतक व समाजसेवी जन मौजूद रहे। और यह संदेश दिया कि समाज में वैमनस्यता और सौहार्द बिगड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई व निष्पक्ष जांच हो1
- *ब्रेकिंग* *जितेंद्र यादव पुत्र रामेश्वर यादव निवासी इंगुई थाना असवार की संदिग्ध परिस्थितियों में इलाज के दौरान हुई मौत से गुस्साए परिजनों ने असवार थाने के सामने लगाया जाम परिवार की पुलिस अधीक्षक महोदय से निष्पक्ष जांच की मांग*1
- धौलपुर। सिविल डिफेंस के सिपाही एवं रोडवेज बस के परिचालक आशीष शर्मा ने अपनी ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा की अनूठी मिसाल पेश की है। जानकारी के अनुसार, जयपुर जाने वाली रोडवेज बस में सफर कर रहे एक यात्री का बैग, जिसमें नकदी और पर्स सहित जरूरी सामान था, सिंधी कैंप, जयपुर पर उतरते समय बस में ही छूट गया। बस के परिचालक आशीष शर्मा की नजर जब इस लावारिस बैग पर पड़ी, तो उन्होंने तुरंत जिम्मेदारी दिखाते हुए बैग को सुरक्षित रखा और उसके असली मालिक का पता लगाने का प्रयास किया। उनकी सतर्कता और ईमानदारी के चलते जल्द ही यात्री का संपर्क मिल गया और पूरा सामान सुरक्षित रूप से उसे वापस लौटा दिया गया। आशीष शर्मा के इस सराहनीय कार्य की हर ओर प्रशंसा हो रही है। उनका यह कदम न केवल सरकारी कर्मचारियों की छवि को मजबूत करता है, बल्कि समाज में ईमानदारी और नैतिकता का प्रेरणादायक संदेश भी देता है।2
- Post by Ajeet kushwah Ajeet Kushwah1
- पोरसा के खोयला में गांव में हर सप्ताह लगता है मेला1