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औचक निरीक्षण पहुंचे पूर्व सांसद वर्तमान विधायक दुलालचंद गोस्वामी
इंडिया पब्लिक न्यूज आज की आवाज
औचक निरीक्षण पहुंचे पूर्व सांसद वर्तमान विधायक दुलालचंद गोस्वामी
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- औचक निरीक्षण पहुंचे पूर्व सांसद वर्तमान विधायक दुलालचंद गोस्वामी1
- कटिहार नगर निगम क्षेत्र में बुडको (BUIDCO) द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्यों का मेयर, उप मेयर और नगर आयुक्त ने संयुक्त रूप से स्थलीय निरीक्षण किया। इस निरीक्षण का उद्देश्य चल रहे प्रोजेक्ट्स की प्रगति और गुणवत्ता का आकलन करना था।1
- कटिहार में सीमांचल क्षेत्र के विकास को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता आदिल हसन द्वारा NDA सरकार पर सीमांचल के साथ "सौतेला व्यवहार" करने का आरोप लगाने के बाद, जेडीयू ने इस पर तीखा पलटवार किया है। हाल ही में कटिहार में हुई एक प्रेस वार्ता में, AIMIM प्रवक्ता आदिल हसन ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर चुनाव के दौरान सीमांचल के विकास का वादा करने, लेकिन सरकार के छह महीने पूरे होने के बावजूद कटिहार, पूर्णिया, अररिया और किशनगंज में अपेक्षित विकास कार्य न दिखने का आरोप लगाया था। AIMIM के इन आरोपों पर जेडीयू के जिला प्रवक्ता इम्तियाज हैदर ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आदिल हसन को शायद सीमांचल में हुए विकास कार्यों की जानकारी नहीं है। उन्होंने याद दिलाया कि 2005 में जब नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने थे, तब बिहार की स्थिति खराब थी और सीमांचल के कई इलाकों में सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं थीं। जेडीयू प्रवक्ता ने दावा किया कि पिछले दो दशकों में सीमांचल में सड़क, पुल-पुलिया, शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत संरचनाओं में व्यापक विकास हुआ है। उन्होंने अल्पसंख्यक छात्रावासों के निर्माण, कब्रिस्तानों की घेराबंदी, सड़क नेटवर्क के विस्तार और राष्ट्रीय राजमार्गों से सीमांचल को जोड़ने जैसे महत्वपूर्ण कार्यों का उल्लेख किया। हैदर ने यह भी कहा कि कब्रिस्तानों की घेराबंदी से वर्षों पुराने भूमि विवाद और सामाजिक तनाव कम हुए हैं, और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सीमांचल के लोगों तथा अल्पसंख्यक समाज के हितों को प्राथमिकता दी है। इसके साथ ही, जेडीयू ने AIMIM पर राजनीतिक हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि वह विकास के मुद्दों से अधिक वोटों के ध्रुवीकरण की राजनीति करती है। जेडीयू ने कहा कि AIMIM जहां भी चुनाव होते हैं, वहां जाकर "वोट काटने" का काम करती है, और पश्चिम बंगाल, बिहार में भी उसकी भूमिका "वोट कटवा" की रही है। अब यही रणनीति उत्तर प्रदेश में भी अपनाई जा रही है। फिलहाल, सीमांचल के विकास को लेकर AIMIM और जेडीयू के बीच आरोप-प्रत्यारोप का यह दौर जारी है, और देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में यह सियासी लड़ाई किस दिशा में जाती है।1
- कटिहार जिले के आजमनगर थाना क्षेत्र में नशा कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 105 ग्राम स्मैक के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया है और तस्करी में प्रयुक्त एक बाइक को भी जब्त कर लिया है। थाना अध्यक्ष नीरज कुमार ने बताया कि पुलिस को जलकी पंचायत के रास्ते मादक पदार्थों की तस्करी की सूचना मिली थी। सूचना के सत्यापन के बाद एक पुलिस टीम का गठन किया गया और जलकी पीर मजार चौक के पास वाहन जांच अभियान चलाया गया। जांच के दौरान एक बाइक पर सवार दो युवक पुलिस को देखकर भागने का प्रयास करने लगे, लेकिन पुलिस बल की तत्परता से दोनों को मौके पर ही पकड़ लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आजमनगर के दक्षिण टोला निवासी मोहम्मद साबिर (55 वर्ष) और राघौल निवासी मोहम्मद अकबर (23 वर्ष) के रूप में हुई है। तलाशी लेने पर उनके पास से कुल 105 ग्राम स्मैक बरामद की गई। पुलिस ने बरामद स्मैक और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही बाइक को जब्त कर लिया है। थाना अध्यक्ष ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद बुधवार को लगभग 2 बजे दोनों को न्यायिक हिरासत में कटिहार भेज दिया गया। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में नशा कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।1
- पूर्णिया के पोखरिया से मोहम्मद दाऊद आलम को 'एसपी रिपोर्टर' के रूप में मान्यता मिली है। मोहम्मद दाऊद आलम, मोहम्मद हबीब के पुत्र हैं, जो पूर्व अंचल अमीन और राजस्व अधिकारी भी रह चुके हैं।1
- झारखंड के साहेबगंज जिले के बड़ा तालबोना गाँव में एक आम के बगीचे में लोग शराब पीते हुए पकड़े गए। इस दौरान, वे तेज़ आवाज़ में संगीत भी बजा रहे थे।1
- Post by Virendra Kumar1
- बिहार में शिक्षकों को पिछले चार महीने से वेतन नहीं मिला है, जिसके कारण वे आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। वेतन रोके जाने के साथ ही शिक्षकों के प्रमोशन पर भी रोक लगा दी गई है, जिससे उनमें भारी आक्रोश है।1