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पिछले 10 वर्षों में 1,23,000 से अधिक छात्रों की आत्महत्या की घटनाओं ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है, जिसे एक बड़ी राष्ट्रीय त्रासदी के रूप में देखा जा रहा है। शिक्षा व्यवस्था, युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य और देश में मंडराते शिक्षा संकट को लेकर गहराते मुद्दों के बीच अब यह तीखा सवाल खड़ा हो गया है कि इस राष्ट्रीय त्रासदी के लिए आखिरकार किसे जवाबदेह ठहराया जाएगा। इस भयावह स्थिति को देखते हुए अब इंसाफ और जवाबदेही तय करने की मांग की जा रही है।

3 hrs ago
user_News Urdu 24
News Urdu 24
बीके पोरा, बडगाम, जम्मू और कश्मीर•
3 hrs ago

पिछले 10 वर्षों में 1,23,000 से अधिक छात्रों की आत्महत्या की घटनाओं ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है, जिसे एक बड़ी राष्ट्रीय त्रासदी के रूप में देखा जा रहा है। शिक्षा व्यवस्था, युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य और देश में मंडराते शिक्षा संकट को लेकर गहराते मुद्दों के बीच अब यह तीखा सवाल खड़ा हो गया है कि इस राष्ट्रीय त्रासदी के लिए आखिरकार किसे जवाबदेह ठहराया जाएगा। इस भयावह स्थिति को देखते हुए अब इंसाफ और जवाबदेही तय करने की मांग की जा रही है।

More news from जम्मू और कश्मीर and nearby areas
  • जम्मू संभाग में 28 जुलाई के बाद बारिश का एक और दौर आने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर (Director MET Srinagar) के अनुसार, इस स्थिति को देखते हुए आम जनता और यात्रियों को जल निकायों या पहाड़ी क्षेत्रों के पास न जाने की सलाह दी गई है।
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    जम्मू संभाग में 28 जुलाई के बाद बारिश का एक और दौर आने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर (Director MET Srinagar) के अनुसार, इस स्थिति को देखते हुए आम जनता और यात्रियों को जल निकायों या पहाड़ी क्षेत्रों के पास न जाने की सलाह दी गई है।
    user_Sanam Aijaz
    Sanam Aijaz
    TV News Anchor श्रीनगर सेंट्रल, श्रीनगर, जम्मू और कश्मीर•
    1 hr ago
  • पिछले 10 वर्षों में 1,23,000 से अधिक छात्रों की आत्महत्या की घटनाओं ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है, जिसे एक बड़ी राष्ट्रीय त्रासदी के रूप में देखा जा रहा है। शिक्षा व्यवस्था, युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य और देश में मंडराते शिक्षा संकट को लेकर गहराते मुद्दों के बीच अब यह तीखा सवाल खड़ा हो गया है कि इस राष्ट्रीय त्रासदी के लिए आखिरकार किसे जवाबदेह ठहराया जाएगा। इस भयावह स्थिति को देखते हुए अब इंसाफ और जवाबदेही तय करने की मांग की जा रही है।
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    पिछले 10 वर्षों में 1,23,000 से अधिक छात्रों की आत्महत्या की घटनाओं ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है, जिसे एक बड़ी राष्ट्रीय त्रासदी के रूप में देखा जा रहा है। शिक्षा व्यवस्था, युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य और देश में मंडराते शिक्षा संकट को लेकर गहराते मुद्दों के बीच अब यह तीखा सवाल खड़ा हो गया है कि इस राष्ट्रीय त्रासदी के लिए आखिरकार किसे जवाबदेह ठहराया जाएगा। इस भयावह स्थिति को देखते हुए अब इंसाफ और जवाबदेही तय करने की मांग की जा रही है।
    user_News Urdu 24
    News Urdu 24
    बीके पोरा, बडगाम, जम्मू और कश्मीर•
    3 hrs ago
  • जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले के ज़ोनीपोरा में बाढ़ सुरक्षा तटबंध के हिस्से में लगातार दरारें आने से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि 2025 की भीषण बाढ़ में टूटे हुए तटबंध के इस हिस्से पर सरकार ने कंक्रीट की पक्की रिटेनिंग दीवार नहीं बनाई, जिससे एक बार फिर तटबंध टूटने का खतरा पैदा हो गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, गुरुवार सुबह से ही तटबंध के निचले हिस्से में दरारें आ रही हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सरकार द्वारा क्षतिग्रस्त तटबंध की मरम्मत पर ₹90 लाख से अधिक खर्च किए जाने के बावजूद खतरा बना हुआ है। और अधिक नुकसान को रोकने के लिए मजबूर होकर ग्रामीणों को अपने सामूहिक खर्च पर आपातकालीन मरम्मत का काम खुद शुरू करना पड़ा है। लोगों का कहना है कि अगर पिछले साल की बाढ़ के बाद यहां कंक्रीट की पक्की सुरक्षा दीवार बना दी जाती, तो आज यह स्थिति पैदा नहीं होती। सुबह से ही पूरे इलाके में खौफ का माहौल बना हुआ है और ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से तुरंत मौके का मुआयना करने की अपील की है। उन्होंने मांग की है कि इस संवेदनशील हिस्से को स्थायी बाढ़ सुरक्षा उपायों से मजबूत किया जाए और क्षेत्र में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
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    जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले के ज़ोनीपोरा में बाढ़ सुरक्षा तटबंध के हिस्से में लगातार दरारें आने से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि 2025 की भीषण बाढ़ में टूटे हुए तटबंध के इस हिस्से पर सरकार ने कंक्रीट की पक्की रिटेनिंग दीवार नहीं बनाई, जिससे एक बार फिर तटबंध टूटने का खतरा पैदा हो गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, गुरुवार सुबह से ही तटबंध के निचले हिस्से में दरारें आ रही हैं।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि सरकार द्वारा क्षतिग्रस्त तटबंध की मरम्मत पर ₹90 लाख से अधिक खर्च किए जाने के बावजूद खतरा बना हुआ है। और अधिक नुकसान को रोकने के लिए मजबूर होकर ग्रामीणों को अपने सामूहिक खर्च पर आपातकालीन मरम्मत का काम खुद शुरू करना पड़ा है। लोगों का कहना है कि अगर पिछले साल की बाढ़ के बाद यहां कंक्रीट की पक्की सुरक्षा दीवार बना दी जाती, तो आज यह स्थिति पैदा नहीं होती।

सुबह से ही पूरे इलाके में खौफ का माहौल बना हुआ है और ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से तुरंत मौके का मुआयना करने की अपील की है। उन्होंने मांग की है कि इस संवेदनशील हिस्से को स्थायी बाढ़ सुरक्षा उपायों से मजबूत किया जाए और क्षेत्र में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
    user_Riyaz Gulistan
    Riyaz Gulistan
    News Anchor श्रीनगर सेंट्रल, श्रीनगर, जम्मू और कश्मीर•
    18 hrs ago
  • 23 जुलाई को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर निर्दलीय विधायक मेराज मलिक ने युवाओं की एक सभा को संबोधित करते हुए उन्हें एकजुट रहने और लोकतांत्रिक आंदोलनों में सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान किया। अपने भाषण के दौरान मलिक ने जोर देकर कहा कि देश के भविष्य को आकार देने में युवाओं की आवाज बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे शांतिपूर्ण और संवैधानिक माध्यमों से अपने मुद्दों को उठाना जारी रखें। अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए मेराज मलिक ने युवा पीढ़ी को न्याय, जवाबदेही और पारदर्शिता की लड़ाई में दृढ़ रहने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि स्थायी बदलाव एकजुटता, जागरूकता और जनभागीदारी से ही आता है, इसलिए नागरिकों को उम्मीद नहीं खोनी चाहिए। उनका यह संबोधन जंतर-मंतर पर जारी उन सभाओं के बीच हुआ, जहां देशभर के युवाओं को प्रभावित करने वाले मुद्दों को लेकर छात्र, युवा और कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शनों में भाग ले रहे हैं।
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    23 जुलाई को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर निर्दलीय विधायक मेराज मलिक ने युवाओं की एक सभा को संबोधित करते हुए उन्हें एकजुट रहने और लोकतांत्रिक आंदोलनों में सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान किया। अपने भाषण के दौरान मलिक ने जोर देकर कहा कि देश के भविष्य को आकार देने में युवाओं की आवाज बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे शांतिपूर्ण और संवैधानिक माध्यमों से अपने मुद्दों को उठाना जारी रखें।

अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए मेराज मलिक ने युवा पीढ़ी को न्याय, जवाबदेही और पारदर्शिता की लड़ाई में दृढ़ रहने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि स्थायी बदलाव एकजुटता, जागरूकता और जनभागीदारी से ही आता है, इसलिए नागरिकों को उम्मीद नहीं खोनी चाहिए। उनका यह संबोधन जंतर-मंतर पर जारी उन सभाओं के बीच हुआ, जहां देशभर के युवाओं को प्रभावित करने वाले मुद्दों को लेकर छात्र, युवा और कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शनों में भाग ले रहे हैं।
    user_Syed Owais Feroz Qadri
    Syed Owais Feroz Qadri
    Local News Reporter खानयार, श्रीनगर, जम्मू और कश्मीर•
    23 hrs ago
  • जम्मू-कश्मीर के गांदरबल में हज़रत सैयद क़मर-उद्-दीन बुखारी (रअ) का पाँच दिवसीय वार्षिक उर्स पूरे धार्मिक उत्साह और अकीदत के साथ मनाया गया।
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    जम्मू-कश्मीर के गांदरबल में हज़रत सैयद क़मर-उद्-दीन बुखारी (रअ) का पाँच दिवसीय वार्षिक उर्स पूरे धार्मिक उत्साह और अकीदत के साथ मनाया गया।
    user_Shahid Jeelani
    Shahid Jeelani
    गांदरबल, गांदरबल, जम्मू और कश्मीर•
    20 hrs ago
  • जम्मू-कश्मीर के पांपोर में बाढ़ की स्थिति को लेकर लाइव अपडेट जारी किया गया है। इस संबंध में ताजा जानकारी को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक शेयर करने की अपील की गई है।
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    जम्मू-कश्मीर के पांपोर में बाढ़ की स्थिति को लेकर लाइव अपडेट जारी किया गया है। इस संबंध में ताजा जानकारी को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक शेयर करने की अपील की गई है।
    user_Mudasir Manzoor
    Mudasir Manzoor
    Local News Reporter Pampore, Pulwama•
    7 hrs ago
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