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जम्मू-कश्मीर के पांपोर में बाढ़ की स्थिति को लेकर लाइव अपडेट जारी किया गया है। इस संबंध में ताजा जानकारी को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक शेयर करने की अपील की गई है।

9 hrs ago
user_Mudasir Manzoor
Mudasir Manzoor
Local News Reporter Pampore, Pulwama•
9 hrs ago

जम्मू-कश्मीर के पांपोर में बाढ़ की स्थिति को लेकर लाइव अपडेट जारी किया गया है। इस संबंध में ताजा जानकारी को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक शेयर करने की अपील की गई है।

More news from जम्मू और कश्मीर and nearby areas
  • पिछले 10 वर्षों में 1,23,000 से अधिक छात्रों की आत्महत्या की घटनाओं ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है, जिसे एक बड़ी राष्ट्रीय त्रासदी के रूप में देखा जा रहा है। शिक्षा व्यवस्था, युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य और देश में मंडराते शिक्षा संकट को लेकर गहराते मुद्दों के बीच अब यह तीखा सवाल खड़ा हो गया है कि इस राष्ट्रीय त्रासदी के लिए आखिरकार किसे जवाबदेह ठहराया जाएगा। इस भयावह स्थिति को देखते हुए अब इंसाफ और जवाबदेही तय करने की मांग की जा रही है।
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    पिछले 10 वर्षों में 1,23,000 से अधिक छात्रों की आत्महत्या की घटनाओं ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है, जिसे एक बड़ी राष्ट्रीय त्रासदी के रूप में देखा जा रहा है। शिक्षा व्यवस्था, युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य और देश में मंडराते शिक्षा संकट को लेकर गहराते मुद्दों के बीच अब यह तीखा सवाल खड़ा हो गया है कि इस राष्ट्रीय त्रासदी के लिए आखिरकार किसे जवाबदेह ठहराया जाएगा। इस भयावह स्थिति को देखते हुए अब इंसाफ और जवाबदेही तय करने की मांग की जा रही है।
    user_News Urdu 24
    News Urdu 24
    बीके पोरा, बडगाम, जम्मू और कश्मीर•
    5 hrs ago
  • जम्मू संभाग में 28 जुलाई के बाद बारिश का एक और दौर आने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर (Director MET Srinagar) के अनुसार, इस स्थिति को देखते हुए आम जनता और यात्रियों को जल निकायों या पहाड़ी क्षेत्रों के पास न जाने की सलाह दी गई है।
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    जम्मू संभाग में 28 जुलाई के बाद बारिश का एक और दौर आने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर (Director MET Srinagar) के अनुसार, इस स्थिति को देखते हुए आम जनता और यात्रियों को जल निकायों या पहाड़ी क्षेत्रों के पास न जाने की सलाह दी गई है।
    user_Sanam Aijaz
    Sanam Aijaz
    TV News Anchor श्रीनगर सेंट्रल, श्रीनगर, जम्मू और कश्मीर•
    3 hrs ago
  • जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले के ज़ोनीपोरा में बाढ़ सुरक्षा तटबंध के हिस्से में लगातार दरारें आने से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि 2025 की भीषण बाढ़ में टूटे हुए तटबंध के इस हिस्से पर सरकार ने कंक्रीट की पक्की रिटेनिंग दीवार नहीं बनाई, जिससे एक बार फिर तटबंध टूटने का खतरा पैदा हो गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, गुरुवार सुबह से ही तटबंध के निचले हिस्से में दरारें आ रही हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सरकार द्वारा क्षतिग्रस्त तटबंध की मरम्मत पर ₹90 लाख से अधिक खर्च किए जाने के बावजूद खतरा बना हुआ है। और अधिक नुकसान को रोकने के लिए मजबूर होकर ग्रामीणों को अपने सामूहिक खर्च पर आपातकालीन मरम्मत का काम खुद शुरू करना पड़ा है। लोगों का कहना है कि अगर पिछले साल की बाढ़ के बाद यहां कंक्रीट की पक्की सुरक्षा दीवार बना दी जाती, तो आज यह स्थिति पैदा नहीं होती। सुबह से ही पूरे इलाके में खौफ का माहौल बना हुआ है और ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से तुरंत मौके का मुआयना करने की अपील की है। उन्होंने मांग की है कि इस संवेदनशील हिस्से को स्थायी बाढ़ सुरक्षा उपायों से मजबूत किया जाए और क्षेत्र में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
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    जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले के ज़ोनीपोरा में बाढ़ सुरक्षा तटबंध के हिस्से में लगातार दरारें आने से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि 2025 की भीषण बाढ़ में टूटे हुए तटबंध के इस हिस्से पर सरकार ने कंक्रीट की पक्की रिटेनिंग दीवार नहीं बनाई, जिससे एक बार फिर तटबंध टूटने का खतरा पैदा हो गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, गुरुवार सुबह से ही तटबंध के निचले हिस्से में दरारें आ रही हैं।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि सरकार द्वारा क्षतिग्रस्त तटबंध की मरम्मत पर ₹90 लाख से अधिक खर्च किए जाने के बावजूद खतरा बना हुआ है। और अधिक नुकसान को रोकने के लिए मजबूर होकर ग्रामीणों को अपने सामूहिक खर्च पर आपातकालीन मरम्मत का काम खुद शुरू करना पड़ा है। लोगों का कहना है कि अगर पिछले साल की बाढ़ के बाद यहां कंक्रीट की पक्की सुरक्षा दीवार बना दी जाती, तो आज यह स्थिति पैदा नहीं होती।

सुबह से ही पूरे इलाके में खौफ का माहौल बना हुआ है और ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से तुरंत मौके का मुआयना करने की अपील की है। उन्होंने मांग की है कि इस संवेदनशील हिस्से को स्थायी बाढ़ सुरक्षा उपायों से मजबूत किया जाए और क्षेत्र में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
    user_Riyaz Gulistan
    Riyaz Gulistan
    News Anchor श्रीनगर सेंट्रल, श्रीनगर, जम्मू और कश्मीर•
    20 hrs ago
  • गांदरबल के थीरू स्थित मकतब तालीमुल क़ुरआन के वार्षिक जलसे के दौरान मुफ़्ती मुश्ताक अहमद कासमी साहब ने एक बेहद भावुक और दिल छू लेने वाली नात शरीफ़ पेश की। इस इस्लामिक जलसे में प्रस्तुत की गई यह नात शरीफ़ लोगों के दिलों को गहराई से छूने वाली रही।
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    गांदरबल के थीरू स्थित मकतब तालीमुल क़ुरआन के वार्षिक जलसे के दौरान मुफ़्ती मुश्ताक अहमद कासमी साहब ने एक बेहद भावुक और दिल छू लेने वाली नात शरीफ़ पेश की। इस इस्लामिक जलसे में प्रस्तुत की गई यह नात शरीफ़ लोगों के दिलों को गहराई से छूने वाली रही।
    user_Shahid Jeelani
    Shahid Jeelani
    गांदरबल, गांदरबल, जम्मू और कश्मीर•
    1 hr ago
  • टंगमर्ग, गुलमर्ग और आसपास के इलाकों में सार्वजनिक पेयजल की सुरक्षा को लेकर जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी (PHE) विभाग से सीधा सवाल किया गया है कि आखिर फिल्टरेशन प्लांट को अब तक ठीक से ढका और सुरक्षित क्यों नहीं किया गया है। यदि जानवर आसानी से इसके अंदर जा सकते हैं, तो लोगों को मिलने वाले पीने के पानी की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी होगी? PHE विभाग से अपील की गई है कि इस फिल्टरेशन प्लांट की उचित बाड़ेबंदी (फेंसिंग) की जाए और इसे पूरी तरह कवर करके सुरक्षित बनाया जाए। ऐसा होने पर ही टंगमर्ग, गुलमर्ग और आसपास के गांवों के निवासियों, भाई-बहनों और बच्चों को साफ व सुरक्षित पानी मिल सकेगा और वे स्वास्थ्य से जुड़े किसी भी संभावित खतरे से महफूज रह सकेंगे। इसके साथ ही सार्वजनिक सुरक्षा और इस मुद्दे पर साधी जा रही चुप्पी को लेकर भी सवाल खड़े किए गए हैं। PHE विभाग से जवाब मांगते हुए यह मुद्दा भी उठाया गया है कि इस पूरे मामले से जुड़ा वीडियो हटाने के लिए क्यों कहा गया।
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    टंगमर्ग, गुलमर्ग और आसपास के इलाकों में सार्वजनिक पेयजल की सुरक्षा को लेकर जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी (PHE) विभाग से सीधा सवाल किया गया है कि आखिर फिल्टरेशन प्लांट को अब तक ठीक से ढका और सुरक्षित क्यों नहीं किया गया है। यदि जानवर आसानी से इसके अंदर जा सकते हैं, तो लोगों को मिलने वाले पीने के पानी की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी होगी?

PHE विभाग से अपील की गई है कि इस फिल्टरेशन प्लांट की उचित बाड़ेबंदी (फेंसिंग) की जाए और इसे पूरी तरह कवर करके सुरक्षित बनाया जाए। ऐसा होने पर ही टंगमर्ग, गुलमर्ग और आसपास के गांवों के निवासियों, भाई-बहनों और बच्चों को साफ व सुरक्षित पानी मिल सकेगा और वे स्वास्थ्य से जुड़े किसी भी संभावित खतरे से महफूज रह सकेंगे।

इसके साथ ही सार्वजनिक सुरक्षा और इस मुद्दे पर साधी जा रही चुप्पी को लेकर भी सवाल खड़े किए गए हैं। PHE विभाग से जवाब मांगते हुए यह मुद्दा भी उठाया गया है कि इस पूरे मामले से जुड़ा वीडियो हटाने के लिए क्यों कहा गया।
    user_Journalist Ishfaq ahmad
    Journalist Ishfaq ahmad
    Social Media Manager तंगमार्ग, बारामूला, जम्मू और कश्मीर•
    17 hrs ago
  • मध्य कश्मीर के बड़गाम जिले के जोनीपोरा के निवासियों ने बाढ़ सुरक्षा तटबंध में दरारें आने पर सरकार पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2025 की विनाशकारी बाढ़ में टूटे तटबंध की मरम्मत पर सरकार द्वारा ₹90 लाख से अधिक खर्च किए जाने के बाद भी गुरुवार सुबह से इसके निचले हिस्से में लगातार दरारें आ रही हैं। इससे इलाके में तटबंध फिर से टूटने की आशंका बढ़ गई है। इलाके में सुबह से दहशत का माहौल है और नुकसान को रोकने के लिए स्थानीय लोग खुद अपने खर्च पर आपातकालीन मरम्मत कार्य करने को मजबूर हैं। लोगों का आरोप है कि यदि पिछले साल की बाढ़ के बाद यहां स्थायी कंक्रीट रिटेनिंग वॉल बनाई जाती, तो वर्तमान स्थिति से बचा जा सकता था। निवासियों ने संबंधित अधिकारियों से स्थल का तत्काल निरीक्षण करने, स्थायी सुरक्षा उपायों के साथ इस संवेदनशील हिस्से को मजबूत करने और क्षेत्र के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।
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    मध्य कश्मीर के बड़गाम जिले के जोनीपोरा के निवासियों ने बाढ़ सुरक्षा तटबंध में दरारें आने पर सरकार पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2025 की विनाशकारी बाढ़ में टूटे तटबंध की मरम्मत पर सरकार द्वारा ₹90 लाख से अधिक खर्च किए जाने के बाद भी गुरुवार सुबह से इसके निचले हिस्से में लगातार दरारें आ रही हैं। इससे इलाके में तटबंध फिर से टूटने की आशंका बढ़ गई है।

इलाके में सुबह से दहशत का माहौल है और नुकसान को रोकने के लिए स्थानीय लोग खुद अपने खर्च पर आपातकालीन मरम्मत कार्य करने को मजबूर हैं। लोगों का आरोप है कि यदि पिछले साल की बाढ़ के बाद यहां स्थायी कंक्रीट रिटेनिंग वॉल बनाई जाती, तो वर्तमान स्थिति से बचा जा सकता था।

निवासियों ने संबंधित अधिकारियों से स्थल का तत्काल निरीक्षण करने, स्थायी सुरक्षा उपायों के साथ इस संवेदनशील हिस्से को मजबूत करने और क्षेत्र के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।
    user_Mudasir Manzoor
    Mudasir Manzoor
    Local News Reporter Pampore, Pulwama•
    21 hrs ago
  • जम्मू-कश्मीर के पांपोर में बाढ़ की स्थिति को लेकर लाइव अपडेट जारी किया गया है। इस संबंध में ताजा जानकारी को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक शेयर करने की अपील की गई है।
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    जम्मू-कश्मीर के पांपोर में बाढ़ की स्थिति को लेकर लाइव अपडेट जारी किया गया है। इस संबंध में ताजा जानकारी को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक शेयर करने की अपील की गई है।
    user_Mudasir Manzoor
    Mudasir Manzoor
    Local News Reporter Pampore, Pulwama•
    9 hrs ago
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