कमिश्नर शहडोल संभाग ने ग्राम पंचायत पठारी में हर घर नल से जल योजना , पंचायत भवन, खेल मैदान का किया निरीक्षण === अंतिम छोर के हितग्राही तक पहुंचना ही प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता- कमिश्नर === शहडोल 31 जुलाई 2026_ शहडोल संभाग की कमिश्नर श्रीमती सुरभि गुप्ता ने उमरिया जिले के ग्राम पंचायत पठारी का भ्रमण कर विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने हर घर नल से जल योजना के अंतर्गत संचालित व्यवस्थाओं , पंचायत भवन, खेल मैदान, सामुदायिक भवन तथा कस्टम हायरिंग सेंटर के हितग्राही से रूबरू चर्चा की । कस्टम हायरिंग सेंटर के हितग्राही ओम प्रकाश सिंह ने बताया कि योजना के तहत बहुत फायदा हुआ है । दो अन्य लोगो को भी काम पर रखा है । उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कृषि यंत्रों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित कर छोटे एवं सीमांत किसानों को समय पर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, जिससे खेती की लागत कम हो और उत्पादन में वृद्धि हो सके। पंचायत भवन के निरीक्षण के दौरान सरपंच गोविंद प्रसाद गौतम ने बताया कि पेंशन योजना के तहत 238 वरिष्ठों को लाभ प्रदाय किया जा रहा है। 285 प्रधानमंत्री आवास बन चुके है इसके साथ ही 186 लोगों का सर्वे में नाम आ गया है । इस दौरान उन्होने फार्मर रजिस्ट्री , पीएम किसान की भी जानकारी प्राप्त की। उन्होने निर्देश दिए कि अनुग्रह सहायता के प्रकरणों का सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। हर घर नल से जल योजना के निरीक्षण के दौरान कमिश्नर ने पेयजल आपूर्ति व्यवस्था, जल स्रोत, पाइपलाइन संचालन एवं जल वितरण की स्थिति की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान बताया गया कि जिले में 308 नल जल योजना में से 162 नल जल योजनाएं हैंडओव्हर हो चुकी है 27 में कार्य बचा हुआ है । कमिश्नर शहडोल संभाग ने ग्राम में बने संपवेल का अवलोकन भी किया तथा हितग्राही के घर पहुंचकर नल जल योजना के संबंध में पूछताछ की जहां पानी मिलना पाया गया । उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक घर तक नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराया जाए तथा किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए। भ्रमण के दौरान कमिश्नर ने संबंधित अधिकारियों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने, नियमित मॉनिटरिंग करने तथा ग्रामीणों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम छोर के हितग्राही तक पहुंचना ही प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय, सीईओ जिला पंचायत अभय सिंह, अनुविभगीय पाली मीनाक्षी इंगले, सहित खंड स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
कमिश्नर शहडोल संभाग ने ग्राम पंचायत पठारी में हर घर नल से जल योजना , पंचायत भवन, खेल मैदान का किया निरीक्षण === अंतिम छोर के हितग्राही तक पहुंचना ही प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता- कमिश्नर === शहडोल 31 जुलाई 2026_ शहडोल संभाग की कमिश्नर श्रीमती सुरभि गुप्ता ने उमरिया जिले के ग्राम पंचायत पठारी का भ्रमण कर विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने हर घर नल से जल योजना के अंतर्गत संचालित व्यवस्थाओं , पंचायत भवन, खेल मैदान, सामुदायिक भवन तथा कस्टम हायरिंग सेंटर के हितग्राही से रूबरू चर्चा की । कस्टम हायरिंग सेंटर के हितग्राही ओम प्रकाश सिंह ने बताया कि
योजना के तहत बहुत फायदा हुआ है । दो अन्य लोगो को भी काम पर रखा है । उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कृषि यंत्रों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित कर छोटे एवं सीमांत किसानों को समय पर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, जिससे खेती की लागत कम हो और उत्पादन में वृद्धि हो सके। पंचायत भवन के निरीक्षण के दौरान सरपंच गोविंद प्रसाद गौतम ने बताया कि पेंशन योजना के तहत 238 वरिष्ठों को लाभ प्रदाय किया जा रहा है। 285 प्रधानमंत्री आवास बन चुके है इसके साथ ही 186 लोगों का सर्वे में नाम आ गया है । इस दौरान उन्होने फार्मर रजिस्ट्री , पीएम किसान
की भी जानकारी प्राप्त की। उन्होने निर्देश दिए कि अनुग्रह सहायता के प्रकरणों का सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। हर घर नल से जल योजना के निरीक्षण के दौरान कमिश्नर ने पेयजल आपूर्ति व्यवस्था, जल स्रोत, पाइपलाइन संचालन एवं जल वितरण की स्थिति की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान बताया गया कि जिले में 308 नल जल योजना में से 162 नल जल योजनाएं हैंडओव्हर हो चुकी है 27 में कार्य बचा हुआ है । कमिश्नर शहडोल संभाग ने ग्राम में बने संपवेल का अवलोकन भी किया तथा हितग्राही के घर पहुंचकर नल जल योजना के संबंध में पूछताछ की जहां पानी मिलना पाया गया
। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक घर तक नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराया जाए तथा किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए। भ्रमण के दौरान कमिश्नर ने संबंधित अधिकारियों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने, नियमित मॉनिटरिंग करने तथा ग्रामीणों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम छोर के हितग्राही तक पहुंचना ही प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय, सीईओ जिला पंचायत अभय सिंह, अनुविभगीय पाली मीनाक्षी इंगले, सहित खंड स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
- मानपुर में शराब का कथित ‘होम डिलीवरी नेटवर्क’, दुकान से बोरी में निकलती खेप और गांवों तक पहुंच रही शराब!* *ठेका किसी और का, पैरोकार कोई और!* *मानपुर में शराब का कथित ‘होम डिलीवरी नेटवर्क’, दुकान से बोरी में निकलती खेप और गांवों तक पहुंच रही शराब!* *ओवररेटिंग से ओवरटाइमिंग तक के आरोप, दोनों दुकानों की निगरानी पर उठे सवाल* *31 जुलाई की सुबह बाइक पर बोरी में शराब ले जाने का दावा, पूछने पर जेपी राय का माल बताए जाने की चर्चा* (आशुतोष त्रिपाठी/जनचिंगारी–उमरिया) मानपुर। शराब का ठेका किसी और के नाम, लेकिन दुकान से शराब निकलकर गांव-गांव तक पहुंचाने वाले कथित पैरोकारों के नाम अलग! मानपुर में शराब के कारोबार को लेकर सामने आ रहे आरोपों ने एक बार फिर आबकारी विभाग की निगरानी व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। मानपुर में संचालित दुकान क्रमांक-1, बस स्टैंड के आगे ताला रोड तथा दुकान क्रमांक-2, बिजौरी तिराहा को लेकर स्थानीय स्तर पर लगातार शिकायतें सामने आने का दावा किया जा रहा है। आरोप है कि इन दुकानों से शराब को दुकान परिसर से बाहर निकालकर मानपुर के गली-मोहल्लों से लेकर आसपास के दर्जनों गांवों तक पहुंचाया जा रहा है। सुबह का ‘खेल’ कैमरे में कैद होने का दावा शुक्रवार, 31 जुलाई 2026 की सुबह का बताया जा रहा एक दृश्य इस कथित नेटवर्क की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। आरोप है कि बिना नंबर की हीरो मोटरसाइकिल से एक बोरी में देशी और विदेशी मदिरा भरकर गांव की ओर ले जाई जा रही थी। स्थानीय लोगों का दावा है कि यह कोई एक दिन की घटना नहीं है। उनके मुताबिक, सुबह दुकान खुलने के बाद से लेकर देर शाम और अंधेरा होने के बाद तक शराब की खेप इधर-उधर ले जाने का सिलसिला देखा जाता है। जब कथित रूप से शराब की खेप ले जा रहे लोगों से पूछताछ की गई तो जेपी राय नामक व्यक्ति का माल होने की बात कहे जाने का दावा किया गया। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और संबंधित व्यक्ति का पक्ष सामने आना भी बाकी है। दुकान में बिक्री या गांव-गांव ‘सप्लाई सेंटर’? सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि शराब केवल निर्धारित दुकान से बिक्री के लिए है तो दुकान से बोरी भरकर शराब बाहर कैसे निकल रही है? यदि यह शराब वैध रूप से ले जाई जा रही है तो उसके दस्तावेज, परिवहन की अनुमति और गंतव्य क्या है? और यदि यह दुकान से बाहर अवैध रूप से पहुंचाई जा रही है तो आबकारी विभाग की निगरानी आखिर कहां है? इन सवालों का जवाब निष्पक्ष जांच से ही सामने आ सकता है। *ओवररेटिंग और ओवरटाइमिंग के आरोपों से भी घिरी दुकानें* मानपुर की शराब दुकानों को लेकर स्थानीय लोगों द्वारा केवल गांवों तक शराब पहुंचाने के ही आरोप नहीं लगाए जा रहे, बल्कि ओवररेटिंग और निर्धारित समय के बाद शराब बिक्री जैसे आरोप भी लंबे समय से चर्चा में हैं। स्थानीय स्तर पर इस कथित नेटवर्क से जुड़े होने के आरोपों में सत्यम तिवारी, सुरेंद्र गुप्ता सहित अन्य नाम भी सामने आने का दावा किया जा रहा है। हालांकि इन व्यक्तियों की किसी अवैध गतिविधि में संलिप्तता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और उनका पक्ष भी अपेक्षित है। क्या यह केवल कर्मचारियों का खेल है या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क? यह सवाल इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यदि दुकान से बाहर शराब पहुंचाने का सिलसिला नियमित है तो अकेले किसी कर्मचारी या छोटे विक्रेता के स्तर पर इतने बड़े क्षेत्र में शराब की आपूर्ति संभव होने पर भी सवाल उठता है। *सीएम हेल्पलाइन तक शिकायतें, फिर भी नहीं थमा कथित कारोबार!* स्थानीय नागरिकों के मुताबिक, मानपुर में शराब के कथित अनियमित कारोबार को लेकर मौखिक, लिखित और सीएम हेल्पलाइन तक शिकायतें की जा चुकी हैं। इसके बावजूद यदि वही गतिविधियां लगातार दिखाई दे रही हैं तो शिकायतों के निराकरण की वास्तविकता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। स्थानीय लोगों ने आबकारी वृत्त प्रभारी पर शिकायतों को कथित रूप से ‘मैनेज’ किए जाने के गंभीर आरोप भी लगाए हैं। हालांकि, यह आरोप जांच का विषय है और संबंधित अधिकारी का पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। *आबकारी की कार्रवाई पर भी सवाल* *छोटी मछलियों पर दबिश, मगर बड़े कथित नेटवर्क पर क्यों खामोशी?* ग्रामीणों का आरोप है कि आबकारी अमला कभी-कभार मानपुर क्षेत्र में गश्त करता है और महुआ से कच्ची शराब बनाने वाले छोटे कारोबारियों पर कार्रवाई कर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर लेता है। लेकिन सवाल यह है कि— जब दुकान से कथित रूप से शराब निकलकर गांवों तक पहुंच रही है, तो इसकी जांच क्यों नहीं होती? क्या दुकानों के स्टॉक और बिक्री रिकॉर्ड का नियमित मिलान किया जाता है? क्या सीसीटीवी फुटेज की जांच होती है? क्या दुकान से बाहर ले जाई जा रही शराब की निगरानी की जाती है? यदि इन सभी व्यवस्थाओं के बावजूद शराब गांवों तक पहुंच रही है तो फिर निगरानी तंत्र में कहीं न कहीं बड़ी खामी जरूर है। बॉक्स | कलेक्टर से सीधी मांग मानपुर की दोनों शराब दुकानों की हो औचक जांच स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मानपुर की दोनों शराब दुकानों की औचक एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। जांच में— ● स्टॉक एवं बिक्री रजिस्टर की जांच ● सीसीटीवी फुटेज की जांच ● दुकान से बाहर शराब ले जाने की घटनाओं की पड़ताल ● ओवररेटिंग की जांच ● निर्धारित समय के बाद बिक्री की जांच ● गांवों तक शराब पहुंचाने वाले कथित नेटवर्क की जांच ● पूर्व शिकायतों के निराकरण की समीक्षा कराई जाए। नशे की आसान उपलब्धता से गांवों का माहौल प्रभावित ग्रामीणों का कहना है कि यदि शराब वास्तव में दुकान की सीमा से बाहर निकलकर गांव-गांव तक पहुंच रही है तो इसका सबसे ज्यादा असर युवा वर्ग और ग्रामीण परिवारों पर पड़ रहा है। शराब की आसान उपलब्धता से घरेलू विवाद, सड़क दुर्घटनाओं और अपराधों की आशंका बढ़ने की बात भी स्थानीय लोग कह रहे हैं। मानपुर जैसे शांत क्षेत्र में शराब की कथित अवैध सप्लाई का नेटवर्क यदि वास्तव में सक्रिय है तो यह सिर्फ आबकारी नियमों का मामला नहीं, बल्कि सामाजिक चिंता का भी विषय है। अब प्रशासन की अग्निपरीक्षा! आरोप सही हैं तो कार्रवाई कब? आरोप गलत हैं तो जांच कर सच सामने क्यों नहीं लाया जाता? मानपुर के लोगों की निगाह अब जिला प्रशासन पर है। सवाल सीधा है— दुकान से बाहर निकलती शराब की कथित खेप आखिर किसके इशारे पर जा रही है? गांवों तक शराब पहुंचाने वाला नेटवर्क किसके संरक्षण में चल रहा है? बार-बार शिकायतों के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं दिखाई देती? और यदि शिकायतें गलत हैं तो प्रशासन निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सार्वजनिक क्यों नहीं करता? मानपुर के नागरिक अब दावे नहीं, कार्रवाई चाहते हैं। जिला प्रशासन द्वारा निष्पक्ष जांच कराए जाने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मानपुर में शराब का कारोबार नियमों के अनुसार चल रहा है या फिर दुकान की आड़ में कोई बड़ा कथित नेटवर्क सक्रिय है। अब देखना यह है कि आबकारी विभाग और जिला प्रशासन इस मामले में केवल कागजी कार्रवाई करता है या वास्तव में मानपुर की शराब दुकानों की जमीनी हकीकत की जांच कर कथित नेटवर्क पर शिकंजा कसता है।4
- पर्यावरण सुकृति हेतु लोक सुनवाई का आयोजन मेसर्स जे.के. सीमेंट लिमिटेड को आवंटित पर्यावरणीय स्वीकृति हेतु लोग लोक सुनवाई का आयोजन मेंसरस जे. के. सीमेंट लिमिटेड को आवंटित ग्राम अमिलिया बीमा डोंगरी महरोई बंधवाबारा कननावहरा देवगांव चंदनिया खुर्द बंधवा खुर्द एवं बरगवां तहसील पाली जिला उमरिया मध्य प्रदेश 1481.19 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रस्तावित भूमिगत कोयला खदान वेस्ट आफ शहडोल साउथ कोल माइंस उत्पादन क्षमता 0.70 मिलियन टन प्रति वर्ष का टारगेट रखा गया।1
- कुसमी बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही! सब स्टेशन से महज 200 मीटर दूर हादसे को दे रहा खुला न्योता पत्रकार रजनीश मौर्या कुसमी (सीधी)। सीधी जिले के कुसमी क्षेत्र अंतर्गत भगवार में बिजली विभाग की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। 11 केवी विद्युत लाइन के नीचे स्थापित ट्रांसफॉर्मर के दोनों खंभों के बिल्कुल पास बरसात के कारण गहरा गड्ढा बन गया है, जिससे खंभों की नींव कमजोर होने का खतरा पैदा हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों के अनुसार लगातार बारिश से गड्ढा दिन-प्रतिदिन गहरा होता जा रहा है। ऐसे में खंभों के असंतुलित होकर गिरने की आशंका बढ़ गई है। यदि ऐसा हुआ तो विद्युत आपूर्ति बाधित होने के साथ-साथ राहगीरों और आसपास रहने वाले लोगों की जान भी जोखिम में पड़ सकती है। सबसे हैरानी की बात यह है कि यह स्थान कुसमी विद्युत उपकेंद्र (सब स्टेशन) से महज लगभग 200 मीटर की दूरी पर स्थित है। विभाग के अधिकारी और कर्मचारी प्रतिदिन इसी मार्ग से आवागमन करते हैं, इसके बावजूद अब तक न तो मौके का समुचित निरीक्षण किया गया और न ही गड्ढे की भराई अथवा खंभों को सुरक्षित करने के लिए कोई ठोस कदम उठाया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने इस समस्या की जानकारी कई बार मौखिक रूप से बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को दी, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिला है। इससे लोगों में विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर भारी नाराजगी है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि क्या बिजली विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? उनका कहना है कि यदि समय रहते खंभों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई तो किसी भी दिन जन-धन की बड़ी क्षति हो सकती है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी। स्थानीय नागरिकों ने बिजली विभाग से तत्काल गड्ढे की भराई, खंभों की मजबूती की जांच तथा आवश्यक सुरक्षा कार्य कराने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे कुसमी विद्युत उपकेंद्र के सामने शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे। क्या बोले जूनियर इंजीनियर इस संबंध में जूनियर इंजीनियर राजेन्द्र राजपूत से संपर्क किए जाने पर उन्होंने बताया, "पिछले वर्ष संबंधित स्थान पर गड्ढों को भरकर लेवलिंग का कार्य कराया गया था। यदि वर्तमान में स्थिति दोबारा चिंताजनक हो गई है तो विभाग शीघ्र मौके का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करेगा और समस्या का समाधान कराया जाएगा।"1
- अनूपपुर: ऑनलाइन हाजिरी के लिए पेड़ पर चढ़ी एएनएम, वायरल हुआ वीडियो अनूपपुर: जिले में स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक महिला एएनएम ऑनलाइन उपस्थिति (हाजिरी) दर्ज करने के लिए मोबाइल में नेटवर्क तलाशते हुए पेड़ पर चढ़ी दिखाई दे रही है। बताया जा रहा है कि यह स्थिति सीएमएचओ कार्यालय द्वारा ऑनलाइन उपस्थिति अनिवार्य किए जाने के कारण बनी, जबकि कई ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क की गंभीर समस्या है। वायरल वीडियो के बाद स्थानीय लोगों ने व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए इसे कर्मचारियों की मजबूरी बताया। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसे "तानाशाही" और "ग्रामीण क्षेत्रों की जमीनी हकीकत" बताते हुए स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, फिलहाल इस मामले में सीएमएचओ की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया या जांच की पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए वायरल वीडियो में किए जा रहे सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।1
- कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के दिए निर्देश अनूपपुर - नवागत कलेक्टर रत्नाकर झा ने जिले के समस्त विभागों के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सभी विभागीय अधिकारी एवं मैदानी अमला अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण मनोयोग एवं जिम्मेदारी के साथ करें। उन्होंने कहा कि शासकीय कार्यों के प्रति किसी भी प्रकार की लापरवाही एवं उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को शासन द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों एवं मापदंडों के अनुरूप शासकीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप प्रगति लाने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री झा गुरुवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय स्थित नर्मदा सभागार में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन एवं कार्ययोजना की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में कलेक्टर रत्नाकर झा ने सभी अधिकारियों को सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी प्रतिदिन प्रातःकाल सीएम हेल्पलाइन के लंबित प्रकरणों की समीक्षा करें तथा विभागों को प्राप्त शिकायतों का गंभीरतापूर्वक निराकरण करें। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी शिकायत को अनअटेंडेड न छोड़ा जाए। प्रत्येक प्रकरण की गंभीरता एवं शिकायतकर्ता की समस्या को समझते हुए उसका प्रभावी एवं संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित किया जाए। बैठक में कलेक्टर श्री झा ने निर्माण विभागों के अधिकारियों से जिले में संचालित निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देशित किया कि जिले में पूर्ण हो चुके निर्माण कार्यों की लोकार्पण योग्य सूची जिला पंचायत में संधारित की जाए। साथ ही समय-समय पर लोकार्पण कार्यक्रम आयोजित कर जनप्रतिनिधियों के माध्यम से इन कार्यों का लोकार्पण कराया जाए, ताकि निर्मित भवनों एवं अधोसंरचनाओं का लाभ आमजन को समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराया जा सके। कलेक्टर श्री रत्नाकर झा ने बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं एवं गतिविधियों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत जिले में 3,358 तालाबों के निर्माण एवं संरक्षण कार्यों तथा एक बगिया माँ के नाम योजना के तहत 379 स्थलों पर आम, नींबू एवं अन्य फलदार पौधों के पौधारोपण की प्रगति की जानकारी ली। साथ ही प्रधानमंत्री जनमन योजना, स्वच्छ भारत मिशन एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत किए गए सर्वेक्षण की समीक्षा करते हुए बताया गया कि जिले में 64,112 हितग्राही पात्र पाए गए हैं। बैठक में वन विभाग की समीक्षा के दौरान तेंदूपत्ता संग्रहण, पौधारोपण, जंगली हाथियों के भ्रमण की स्थिति, बचाव एवं राहत कार्यों सहित विभाग द्वारा संचालित अन्य गतिविधियों की भी विस्तृत जानकारी प्राप्त की गई।1
- *"मैं गाली देने वाले बच्चों को माफ करना चाहता हूँ"- पीएम* प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर अपना नया वीडियो संदेश जारी करते हुए जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान उन्हें और उनकी स्वर्गीय माता जी को दी गई गालियों का जिक्र किया और कहा कि गाली-गलौज से कभी किसी समस्या का समाधान नहीं होता। कुछ बच्चों ने मुझे गाली दी, मेरी माँ को गाली दी। लेकिन ग़लतियाँ बच्चों से ही होती है, मैं उन्हें माफ़ करना चाहता हूँ। ये हमारे देश के भटके हुए नौजवान हैं इनको राह दिखाना हमारा काम है। जब कभी हमारे दाँत के बीच में जीभ कट जाती है तो हम दाँत को उखाड़ कर नहीं फेंक देते। इसलिए ये बच्चे भी हमारे हैं। *"मैं गाली देने वाले बच्चों को माफ करना चाहता हूँ"- पीएम* प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर अपना नया वीडियो संदेश जारी करते हुए जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान उन्हें और उनकी स्वर्गीय माता जी को दी गई गालियों का जिक्र किया और कहा कि गाली-गलौज से कभी किसी समस्या का समाधान नहीं होता। कुछ बच्चों ने मुझे गाली दी, मेरी माँ को गाली दी। लेकिन ग़लतियाँ बच्चों से ही होती है, मैं उन्हें माफ़ करना चाहता हूँ। ये हमारे देश के भटके हुए नौजवान हैं इनको राह दिखाना हमारा काम है। जब कभी हमारे दाँत के बीच में जीभ कट जाती है तो हम दाँत को उखाड़ कर नहीं फेंक देते। इसलिए ये बच्चे भी हमारे हैं।1
- खबर अमरपाटन *ललितपुर नम्बर 2 में ताला थाना प्रभारी महेंद्र मिश्रा ने लगाई जन चौपाल ग्रामीणों को किया गया जागरूक* खबर अमरपाटन *ललितपुर नम्बर 2 में ताला थाना प्रभारी महेंद्र मिश्रा ने लगाई जन चौपाल ग्रामीणों को किया गया जागरूक* IG रीवा गौरव राजपूत जी निर्देशन में पूरे सम्भाग में जगह जगह पुलिस द्वारा एक अभियान चलाया जा रहा,,आप की पुलिस आपके द्वार अन्तर्गत मैहर जिले एस .पी अबधेश प्रताप सिंह आदेशानुसार एसडीओपी अमरपाटन ख्याती मिश्रा के निर्देशन में थाना ताला प्रभारी महेंद्र मिश्रा पुलिस चौकी मुकुन्दपुर प्रभारी नागेश्वर मिश्रा द्वारा ताला थाना क्षेत्र अंतर्गत ललितपुर नम्बर 2 में जन चौपाल कार्यक्रम का आयोजन किया गया सैकड़ों ग्रामीण चौपाल कार्यक्रम में पहुंचे सभी को साइवर अपराध, सहित अबैध मादक पदार्थों की क्षेत्र में हो तस्करी पर रोक लगाने के लिए ग्रामीणों से सहयोग का आग्रह किया साथ ही महिलाओं पर होने वाले अपराधो के बारे में आम जन को जानकारी दी गई साथ साथ कार्यक्रम में मौजूद पुलिस चौकी प्रभारी मुकुन्दपुर नागेश्वर मिश्रा ने चौपाल में मौजूद क्षेत्रीय ग्रामीणों की नशामुक्ति की सपथ दिलाई1
- सभी चिकित्सालयों में ओपीडी समय किया जाए चस्पा, डॉक्टरों की उपस्थिति हो सुनिश्चित-कलेक्टर अनूपपूर - कलेक्टर रत्नाकर झा ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से जिले में संचालित स्वास्थ्य गतिविधियों की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि जिले के समस्त शासकीय चिकित्सालयों में निर्धारित ओपीडी समय-सारिणी का बोर्ड प्रत्येक चिकित्सालय में प्रमुख स्थान पर अनिवार्य रूप से चस्पा किया जाए, ताकि मरीजों एवं आमजन को आवश्यक जानकारी सहजता से प्राप्त हो सके तथा चिकित्सकों की नियमित एवं समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने आमजन को गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने तथा जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर श्री झा ने पशुपालन विभाग के अधिकारियों को भी निर्देशित किया कि समस्त पशु चिकित्सालयों एवं पशु औषधालयों में ओपीडी अवधि के दौरान पशु चिकित्सकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, जिससे पशुपालकों को समय पर बेहतर पशु चिकित्सा सेवाएँ उपलब्ध हो सकें।1