भोपाल के वार्ड नंबर 41 (सोनिया गांधी कॉलोनी) के नागरिकों ने क्षेत्र में व्याप्त गंभीर समस्या को लेकर चिंता व्यक्त की है, जहाँ भारी जलभराव और एक बिजली ट्रांसफार्मर के पास मौजूद खतरे ने उन्हें परेशान कर रखा है। नागरिकों ने एक वीडियो साझा करते हुए अपील की है कि इस गंभीर मुद्दे पर आवाज़ उठाई जाए। वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि हल्की बारिश के बाद ही सड़कों पर घुटनों तक पानी भर जाता है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि बिजली के ट्रांसफार्मर के पूरे निचले हिस्से में भारी मात्रा में पानी और कचरा जमा है। इस खतरनाक जलभराव के ठीक बगल से छोटे बच्चे, महिलाएँ और राहगीर अपनी जान जोखिम में डालकर निकलने को मजबूर हैं, जिससे स्थानीय निवासी अपनी सुरक्षा को लेकर बेहद भयभीत हैं। नागरिकों की इस जायज़ चिंता और उनके भरोसे का सम्मान करते हुए, प्रशासन और बिजली विभाग से निवेदन किया गया है कि किसी भी बड़े हादसे की आशंका को टालने के लिए तत्काल जलभराव की निकासी की व्यवस्था की जाए। साथ ही, सार्वजनिक हित में इस पूरे परिसर को साफ और सुरक्षित बनाने की भी मांग की गई है।
भोपाल के वार्ड नंबर 41 (सोनिया गांधी कॉलोनी) के नागरिकों ने क्षेत्र में व्याप्त गंभीर समस्या को लेकर चिंता व्यक्त की है, जहाँ भारी जलभराव और एक बिजली ट्रांसफार्मर के पास मौजूद खतरे ने उन्हें परेशान कर रखा है। नागरिकों ने एक वीडियो साझा करते हुए अपील की है कि इस गंभीर मुद्दे पर आवाज़ उठाई जाए। वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि हल्की बारिश के बाद ही सड़कों पर घुटनों तक पानी भर जाता है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि बिजली के ट्रांसफार्मर के पूरे निचले हिस्से में भारी मात्रा में पानी और कचरा जमा है। इस खतरनाक जलभराव के ठीक बगल से छोटे बच्चे, महिलाएँ और राहगीर अपनी जान जोखिम में डालकर निकलने को मजबूर हैं, जिससे स्थानीय निवासी अपनी सुरक्षा को लेकर बेहद भयभीत हैं। नागरिकों की इस जायज़ चिंता और उनके भरोसे का सम्मान करते हुए, प्रशासन और बिजली विभाग से निवेदन किया गया है कि किसी भी बड़े हादसे की आशंका को टालने के लिए तत्काल जलभराव की निकासी की व्यवस्था की जाए। साथ ही, सार्वजनिक हित में इस पूरे परिसर को साफ और सुरक्षित बनाने की भी मांग की गई है।
- मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले के झारड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम हरनिया खेड़ा में मानवता को शर्मसार करने वाली एक अमानवीय घटना सामने आई है। तीन साल बाद अपने दूसरे पति के साथ ससुराल में अपना हक मांगने लौटी 30 वर्षीय एक महिला के साथ उसके पूर्व पति के परिवार और ग्रामीणों ने बेहद क्रूरतापूर्ण व्यवहार किया। आरोपियों ने महिला के बाल काट दिए, उसके कपड़े फाड़ दिए और उसे जूतों की माला पहनाकर पूरे गांव में उसका जुलूस निकाला। इस दौरान कई ग्रामीण मूक दर्शक बने रहे और मदद करने के बजाय अपने मोबाइल से घटना का वीडियो बनाते रहे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और मोर्चा संभाला। उज्जैन के पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा के अनुसार, घटना के वायरल हुए वीडियो के आधार पर कुल 11 आरोपियों की पहचान की गई है, जिनके खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर तीन मुख्य आरोपियों – सुमेरसिंह, बद्रीलाल और कचरू – को मौके से ही रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब फरार हुए 8 अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है। पुलिस ने ग्रामीणों के मोबाइल से घटना के सभी वीडियो भी हटवाए। साथ ही, पीड़ित महिला को हरसंभव न्यायिक सहायता प्रदान करने और उसे उसका हक दिलाने का आश्वासन दिया गया है।4
- बैरसिया के जंगलों से सामने आई राष्ट्रीय पक्षी मोर के शिकार की घटना ने वन्यजीव संरक्षण व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। यह मामला अब केवल वन्यजीव अपराध तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें कथित तौर पर सिस्टम की मिलीभगत के आरोप लग रहे हैं। शिकायतकर्ता शमीम खान के अनुसार, शराफत और हबीब नामक व्यक्तियों ने मोर का शिकार किया है। आरोप है कि इस मामले को दबाने के लिए कुछ जिम्मेदार लोगों ने कथित रूप से सबूत मिटाने का प्रयास भी किया। शमीम खान का दावा है कि उनके पास ऐसे ऑडियो साक्ष्य हैं जो पूरे घटनाक्रम पर कई सवाल खड़े करते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि शिकायत दर्ज होने के बावजूद अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है, जिसके कारण उन्हें और उनके परिवार को जान का खतरा महसूस हो रहा है। शिकायतकर्ता का कहना है कि आरोपी लगातार अन्य माध्यमों से उन्हें धमका रहे हैं, जिसकी लिखित शिकायत उन्होंने क्षेत्रीय बैरसिया थाने और देहात एसपी कार्यालय में भी दी है। वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत ऐसे अपराधों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान होने के बावजूद, आरोपियों की गिरफ्तारी न होना कई संदेह पैदा करता है। फिलहाल, सभी की निगाहें प्रशासन और वन विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं, यह देखने के लिए कि इस गंभीर आरोप पर क्या कदम उठाए जाते हैं।1
- भोपाल शहर में कुछ ही देर की बारिश ने सड़कों को पानी से लबालब कर दिया है, जिससे भोपाल नगर निगम द्वारा किए गए दावों की पोल खुल गई है।3
- भोपाल एयरपोर्ट के पास स्थित नायरा पेट्रोल पंप पर कम पेट्रोल दिए जाने की शिकायत के बाद नापतौल विभाग ने गहन जांच की, जिसमें पेट्रोल पंप की मशीन पूरी तरह सही पाई गई। विभाग ने प्रमाणित किया कि पेट्रोल निर्धारित मात्रा में ही दिया जा रहा था। अधिकारियों ने बताया कि शिकायतकर्ता सब-इंस्पेक्टर की गाड़ी के पेट्रोल टैंक की क्षमता लगभग 43.5 लीटर है। जांच रिपोर्ट तैयार कर ली गई है और शिकायतकर्ता सब-इंस्पेक्टर ने भी लिखित रूप में जांच के निष्कर्षों को स्वीकार कर लिया है।2
- स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने प्रशासन अकादमी, भोपाल में अपना 41वां स्थापना दिवस बड़े ही धूमधाम से मनाया। इस अवसर पर एक संगीत संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें नाटक और डांस नृत्य जैसे विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए।4
- भोपाल क्राइम ब्रांच ने अवैध हथियार तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिसके साथ अब तक कुल 10 आरोपी सलाखों के पीछे पहुँच चुके हैं। क्राइम ब्रांच ने ताजुल मस्जिद और यूनिक अस्पताल के पास अभियान चलाकर इन फरार आरोपियों को पकड़ा। गिरफ्तार किए गए इन दोनों तस्करों की निशानदेही पर पुलिस ने एक रिवॉल्वर और एक पिस्टल बरामद की है। पुलिस ने इस पूरे अभियान में अब तक कुल 04 पिस्टल, 01 रिवॉल्वर, 01 देशी कट्टा, 05 जिंदा कारतूस और 08 मोबाइल फोन जब्त किए हैं। सभी गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-A) के तहत कानूनी कार्रवाई जारी है। भोपाल पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पूछताछ के दौरान अवैध हथियार तस्करी से जुड़े और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है, साथ ही अवैध हथियार रखने और तस्करी करने वालों के खिलाफ उनका अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस ने यह भी बताया कि अपराधियों की संपत्ति जब्त और कुर्क करने की कार्रवाई भी की जाएगी।1
- भोपाल के एमपी नगर में फायर सेफ्टी नियमों की गंभीर अनदेखी के चलते नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई की है, जिसके तहत गुरुवार को दुर्रानी कोचिंग क्लासेस और अनअकैडमी को सील कर दिया गया। नगर निगम की टीम ने इन संस्थानों के पहले निरीक्षण में फायर एनओसी, इमरजेंसी एग्जिट और अग्निशमन उपकरणों सहित कई गंभीर खामियों को पाया था, जिसके बाद उन्हें नोटिस जारी किया गया था। हालांकि, निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बाद भी इन कोचिंग क्लासेस द्वारा आवश्यक सुधार नहीं किए गए। इन खामियों को दुरुस्त न करने पर ही निगम की टीम ने गुरुवार को यह सीलिंग की कार्रवाई की। इस संबंध में, उपायुक्त भुवन गुप्ता ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, और नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।1
- भोपाल के वार्ड नंबर 41 (सोनिया गांधी कॉलोनी) के नागरिकों ने क्षेत्र में व्याप्त गंभीर समस्या को लेकर चिंता व्यक्त की है, जहाँ भारी जलभराव और एक बिजली ट्रांसफार्मर के पास मौजूद खतरे ने उन्हें परेशान कर रखा है। नागरिकों ने एक वीडियो साझा करते हुए अपील की है कि इस गंभीर मुद्दे पर आवाज़ उठाई जाए। वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि हल्की बारिश के बाद ही सड़कों पर घुटनों तक पानी भर जाता है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि बिजली के ट्रांसफार्मर के पूरे निचले हिस्से में भारी मात्रा में पानी और कचरा जमा है। इस खतरनाक जलभराव के ठीक बगल से छोटे बच्चे, महिलाएँ और राहगीर अपनी जान जोखिम में डालकर निकलने को मजबूर हैं, जिससे स्थानीय निवासी अपनी सुरक्षा को लेकर बेहद भयभीत हैं। नागरिकों की इस जायज़ चिंता और उनके भरोसे का सम्मान करते हुए, प्रशासन और बिजली विभाग से निवेदन किया गया है कि किसी भी बड़े हादसे की आशंका को टालने के लिए तत्काल जलभराव की निकासी की व्यवस्था की जाए। साथ ही, सार्वजनिक हित में इस पूरे परिसर को साफ और सुरक्षित बनाने की भी मांग की गई है।1