आमरण अनशन का चौथा दिन कलेक्टर ने सत्याग्रहियों से किया किनारा *"छात्रवृत्ति घोटाले में कार्रवाई नहीं तो उग्र आंदोलन करेंगे अधिवक्ता"* *पाली।* कन्या शिक्षा परिसर पाली की प्राचार्य *सरिता जैन* के खिलाफ छात्रवृत्ति घोटाले में कार्रवाई की मांग को लेकर तहसील अधिवक्ता संघ का आमरण अनशन शुक्रवार को चौथे दिन भी जारी रहा। आमरण अनशन का चौथा दिन कलेक्टर ने सत्याग्रहियों से किया किनारा *"छात्रवृत्ति घोटाले में कार्रवाई नहीं तो उग्र आंदोलन करेंगे अधिवक्ता"* *पाली।* कन्या शिक्षा परिसर पाली की प्राचार्य *सरिता जैन* के खिलाफ छात्रवृत्ति घोटाले में कार्रवाई की मांग को लेकर तहसील अधिवक्ता संघ का आमरण अनशन शुक्रवार को चौथे दिन भी जारी रहा। अधिवक्ता संघ के सहसचिव *बसंत तिवारी* और समाजसेवी *अरुण विश्वकर्मा* 28 जुलाई से पाली के अंबेडकर चौक पर जीवन-मौत की बाजी लगाकर बैठे हैं। उनकी एक ही मांग है कि जाँच में दोषी पाई गई प्राचार्य पर FIR दर्ज हो और उन्हें तत्काल निलंबित किया जाए। लेकिन जिला प्रशासन को मानो इनकी जान की कोई परवाह ही नहीं। शुक्रवार को कलेक्टर *राखी सहाय* आंदोलन स्थल से महज 50 मीटर दूर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण करने पहुंचीं। सत्याग्रहियों के समर्थन में अधिवक्ता संघ ने उनसे मुलाकात कर तत्काल कार्रवाई की गुहार लगाई। मगर कलेक्टर ने आंदोलन की गंभीरता से नहीं लिया। संघ के अध्यक्ष *राजेन्द्र प्रताप सिंह* ने कलेक्टर के इस रवैये को "संवेदनहीनता की पराकाष्ठा" बताया। उन्होंने कहा कि प्रशासन की उदासीनता के कारण एक अधिवक्ता और एक समाजसेवी की जान खतरे में है। दोषी प्राचार्य को बचाने के लिए पूरे सिस्टम को झोंक दिया गया है। 30 जुलाई को संघ ने एसडीएम के माध्यम से कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा था। शुक्रवार को फिर से कलेक्टर को ज्ञापन देकर 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो तहसील अधिवक्ता संघ न्यायालयीन कामकाज बंद कर उग्र आंदोलन करेगा। *गौरतलब है* कि कन्या शिक्षा परिसर पाली में छात्रवृत्ति वितरण में गड़बड़ी की शिकायत के बाद हुई जाँच में प्राचार्य सरिता जैन दोषी पाई गई थीं। इसके बावजूद उनके खिलाफ अब तक कोई वैधानिक कार्रवाई नहीं की गई है। इससे साफ है कि प्रशासन दोषी को बचाने में लगा है।
आमरण अनशन का चौथा दिन कलेक्टर ने सत्याग्रहियों से किया किनारा *"छात्रवृत्ति घोटाले में कार्रवाई नहीं तो उग्र आंदोलन करेंगे अधिवक्ता"* *पाली।* कन्या शिक्षा परिसर पाली की प्राचार्य *सरिता जैन* के खिलाफ छात्रवृत्ति घोटाले में कार्रवाई की मांग को लेकर तहसील अधिवक्ता संघ का आमरण अनशन शुक्रवार को चौथे दिन भी जारी रहा। आमरण अनशन का चौथा दिन कलेक्टर ने सत्याग्रहियों से किया किनारा *"छात्रवृत्ति घोटाले में कार्रवाई नहीं तो उग्र आंदोलन करेंगे अधिवक्ता"* *पाली।* कन्या शिक्षा परिसर पाली की प्राचार्य *सरिता जैन* के खिलाफ छात्रवृत्ति घोटाले में कार्रवाई की मांग को लेकर तहसील अधिवक्ता संघ का आमरण अनशन शुक्रवार को चौथे दिन भी जारी रहा। अधिवक्ता संघ के सहसचिव *बसंत तिवारी* और समाजसेवी *अरुण विश्वकर्मा* 28 जुलाई से पाली के अंबेडकर चौक पर जीवन-मौत की बाजी लगाकर बैठे हैं। उनकी एक ही मांग है कि जाँच में दोषी पाई गई प्राचार्य पर FIR दर्ज हो और उन्हें तत्काल निलंबित किया जाए। लेकिन जिला प्रशासन को मानो इनकी जान की कोई परवाह ही नहीं। शुक्रवार को कलेक्टर *राखी सहाय* आंदोलन स्थल से महज 50 मीटर दूर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण करने पहुंचीं। सत्याग्रहियों के समर्थन में अधिवक्ता संघ ने उनसे मुलाकात कर तत्काल कार्रवाई की गुहार लगाई। मगर कलेक्टर ने आंदोलन की गंभीरता से नहीं लिया। संघ के अध्यक्ष *राजेन्द्र प्रताप सिंह* ने कलेक्टर के इस रवैये को "संवेदनहीनता की पराकाष्ठा" बताया। उन्होंने कहा कि प्रशासन की उदासीनता के कारण एक अधिवक्ता और एक समाजसेवी की जान खतरे में है। दोषी प्राचार्य को बचाने के लिए पूरे सिस्टम को झोंक दिया गया है। 30 जुलाई को संघ ने एसडीएम के माध्यम से कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा था। शुक्रवार को फिर से कलेक्टर को ज्ञापन देकर 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो तहसील अधिवक्ता संघ न्यायालयीन कामकाज बंद कर उग्र आंदोलन करेगा। *गौरतलब है* कि कन्या शिक्षा परिसर पाली में छात्रवृत्ति वितरण में गड़बड़ी की शिकायत के बाद हुई जाँच में प्राचार्य सरिता जैन दोषी पाई गई थीं। इसके बावजूद उनके खिलाफ अब तक कोई वैधानिक कार्रवाई नहीं की गई है। इससे साफ है कि प्रशासन दोषी को बचाने में लगा है।
- भिम्माडोगरी में वेस्ट ऑफ शहडोल कोल माइन की जनसुनवाई संपन्न, 'शून्य विस्थापन और 20 गुना वृक्षारोपण' का दावा उमरिया | रिपोर्टर श्याम गुप्ता ग्राम पंचायत भिम्माडोगरी में 31 जुलाई 2026 को मेसर्स जेके सीमेंट लिमिटेड को आवंटित वेस्ट ऑफ शहडोल (साउथ) कोल माइन की पर्यावरणीय स्वीकृति के लिए लोक जनसुनवाई आयोजित की गई। जनसुनवाई की अध्यक्षता अतिरिक्त जिला कलेक्टर पी.के. सेन गुप्ता ने की। जनसुनवाई के दौरान जेके सीमेंट लिमिटेड के महाप्रबंधक अनुज राज गौतम ने परियोजना की जानकारी देते हुए कहा कि यह पूरी तरह भूमिगत (अंडरग्राउंड) खदान होगी, जिससे किसी भी परिवार का विस्थापन नहीं होगा और वन्यजीवों पर भी प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने बताया कि परियोजना के लिए लगभग 3,500 पेड़ काटे जाएंगे, लेकिन इसके बदले 20 गुना से अधिक वृक्षारोपण किया जाएगा। सड़क किनारे छायादार एवं फलदार पौधे भी लगाए जाएंगे। कंपनी ने स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत कई घोषणाएं कीं। कंपनी के अनुसार क्षेत्र में चलित स्वास्थ्य सेवा, एम्बुलेंस सुविधा, कौशल विकास प्रशिक्षण, स्थानीय युवाओं को रोजगार, स्व-सहायता समूहों को स्वरोजगार तथा गांवों में सौर ऊर्जा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। कंपनी का दावा है कि सरकार के नियमों के अनुसार 70 प्रतिशत रोजगार स्थानीय लोगों को दिया जाएगा। पर्यावरण सलाहकार मृणाल ने बताया कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए नियमित जल छिड़काव, 90 हेक्टेयर हरित पट्टी तथा 51,813 पौधों का रोपण किया जाएगा। यह प्रस्तावित परियोजना 1,481.19 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली है, जिसमें 965 हेक्टेयर वन भूमि शामिल है। इससे अमिलिहा, भिम्माडोगरी, महरोई, बंधवा वारा, कत्राबहरा, देवगवां, चंदनिया, बंधवा खुर्द एवं बरगवां सहित 9 गांव प्रभावित होंगे। परियोजना में 153 मिलियन टन कोयला भंडार, 0.70 मिलियन टन वार्षिक उत्पादन क्षमता, 600 करोड़ रुपये की लागत, 34 वर्षों तक खनन तथा 641 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने का दावा किया गया है। जनसुनवाई में जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने परियोजना का समर्थन करते हुए कई महत्वपूर्ण सुझाव भी रखे। जनपद अध्यक्ष मनीष सिंह ने भूमि धंसाव की स्थिति में पुनर्वास, पेयजल पाइपलाइन, स्थानीय लोगों को सीधा रोजगार और CSR में महिला स्व-सहायता समूहों की भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग की। जनपद उपाध्यक्ष अवधेश प्रताप सिंह ने कहा कि उद्योग से क्षेत्र का विकास होगा, लेकिन जल, वायु और ध्वनि प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण जरूरी है तथा खदान के पानी का उपयोग सिंचाई में किया जाना चाहिए। जिला पंचायत सदस्य हेमनाथ बैगा ने बैगा समुदाय के हितों की रक्षा, वनोपज आधारित वृक्षारोपण, जल स्तर की सुरक्षा तथा विशेष जनजातीय विकास योजना बनाने की मांग रखी। जनसुनवाई के अंत में अतिरिक्त जिला कलेक्टर पी.के. सेन गुप्ता ने कहा कि बैठक में प्राप्त सभी सुझावों और आपत्तियों का संकलन कर पर्यावरण मंत्रालय एवं संबंधित समिति को भेजा जाएगा। अब अंतिम निर्णय पर्यावरण मंत्रालय द्वारा सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद लिया जाएगा।4
- 🔥 कटनी में महिला कांग्रेस का 'हल्ला बोल' : कंगना रनौत और भाजपा के खिलाफ फूटा गुस्सा, सांकेतिक पुतला दहन कर लगाए दोहरे चरित्र के आरोप रजनी वर्मा के नेतृत्व में सड़कों पर उतरी महिला कांग्रेस, छात्रों के अपमान और महिलाओं के सम्मान के मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरा कटनी | संवाददाता कटनी शहर में शनिवार को महिला कांग्रेस ने भाजपा और मंडी से सांसद कंगना रनौत के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। शहर महिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस की प्रदेश महासचिव रजनी वर्मा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में महिला कांग्रेस नेत्रियों, कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए कंगना रनौत एवं केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी का सांकेतिक पुतला दहन किया। महिला कांग्रेस का आरोप है कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं के संबंध में सांसद कंगना रनौत द्वारा की गई टिप्पणी युवाओं और छात्र शक्ति का अपमान है। प्रदर्शन के दौरान महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि लोकतंत्र में अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और छात्रों का इस तरह अपमान करना निंदनीय है। शहर महिला कांग्रेस अध्यक्ष रजनी वर्मा ने कहा कि भाजपा के नेता महिलाओं के सम्मान और संस्कार की बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, लेकिन जब महिलाओं के साथ अपराध या दुष्कर्म जैसे गंभीर मामलों में आरोपियों का समर्थन या स्वागत किया जाता है, तब उनकी कथनी और करनी का अंतर साफ दिखाई देता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा महिलाओं और युवाओं के मुद्दों पर दोहरी मानसिकता अपनाती है, जिसका महिला कांग्रेस पूरे देश में विरोध कर रही है। वहीं शहर कांग्रेस अध्यक्ष अमित शुक्ला ने कहा कि जनता भाजपा के नेताओं के बयानों और कार्यशैली को देख रही है तथा आने वाले समय में लोकतांत्रिक तरीके से इसका जवाब देगी। उन्होंने कहा कि जनता के मुद्दों से ध्यान भटकाने के बजाय सरकार को युवाओं, महिलाओं और आम नागरिकों की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। प्रदर्शन में राकेश जैन 'कक्का', हरिशंकर शुक्ला, प्रेम बत्रा, करण सिंह चौहान, विजय पटेल, सेवा दल अध्यक्ष मंगल सिंह, अदिता वर्मा, लता कनौजिया, शशि यादव, कल्पना पाठक, मनीषा शर्मा, अर्चना जायसवाल, दुर्गावती कोल, रूपा पाठक, अर्चना दुबे, नजमा बी, सुषमा ठाकुर, रुक्मणी पांडे, लता खरे, सुनीता सोनी, सुमन सैनी, शशि शेखर भारद्वाज, कमलेश यादव, तुलाराम गोटिया, मौसुफ अहमद, संदीप यादव, श्याम पाहुजा, राकेश द्विवेदी, अजय कोल, फरीद मोहम्मद, साहिल नामदेव, ओंकार टेकाम, उदय सिंह, इमरान खान, दिलदार खान, विजय समुद्री, रमेश अहिरवार, अर्जुन सिंह, अमित सिंह, ज़ालिम यादव, अहमद कुरैशी, मारूफ अहमद, इरशाद खान, जॉर्ज डेविड, आनंद पटेल, विनोद डेंगरे, एजाज खान, हर्षित मिश्रा, राजा खान सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित रहे।1
- पत्रकार ने जब जानना चाहा की कितना कंठ का किरण होता है एक ट्रक ड्राइवर का जीवन पत्रकार ने यह सोचा था किस सरल होता है जीवन लेकिन एक ट्रक ड्राइवर ने बताई सारी हकीकत1
- कटनी नगर//- जब छात्रों के बीच घुटनों के बल बैठे कलेक्टर 📰 AIMA MEDIA | जन जन की आवाज विशेष संवाददाता | कटनी जब छात्रों के बीच घुटनों के बल बैठे कलेक्टर, मुस्कुराहटों से गूंज उठा छात्रावास सीडब्ल्यूएसएन छात्रावास में विशेष विद्यार्थियों की प्रतिभा से प्रभावित हुए कलेक्टर आशीष तिवारी, ब्रेल, अबेकस और सांकेतिक भाषा से बच्चों ने दिखाई अद्भुत क्षमता कटनी, 31 जुलाई। प्रेमनगर स्थित सीडब्ल्यूएसएन (विशेष आवश्यकता वाले बच्चों) छात्रावास में शुक्रवार को संवेदनशीलता, आत्मीयता और प्रेरणा का अनूठा दृश्य देखने को मिला। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने छात्रावास पहुंचकर औपचारिकताओं से दूर सीधे विद्यार्थियों के बीच जाकर घुटनों के बल बैठकर उनसे संवाद किया। कलेक्टर के इस आत्मीय व्यवहार ने बच्चों के चेहरे पर मुस्कान बिखेर दी और कुछ ही पलों में पूरा परिसर अपनत्व और उत्साह से भर गया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने विद्यार्थियों से उनकी पढ़ाई, रुचियों और भविष्य के सपनों पर चर्चा की। विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों ने भी पूरे आत्मविश्वास के साथ अपनी प्रतिभा और कौशल का प्रदर्शन कर सभी का दिल जीत लिया। यह मुलाकात केवल निरीक्षण तक सीमित नहीं रही, बल्कि विश्वास, प्रेरणा और संवेदनशीलता का संदेश बन गई। ब्रेल और अबेकस पर दिखाई प्रतिभा दृष्टिबाधित विद्यार्थियों साहिल काछी, अनुराग यादव, अजय पटेल, रोहित बर्मन, मनीष सपेरा एवं पर्वत सिंह ने ब्रेल लिपि में पढ़ने और लिखने की अपनी दक्षता का शानदार प्रदर्शन किया। अबेकस और टेलर फ्रेम की सहायता से उन्होंने गणितीय प्रश्नों का तेज और सटीक समाधान प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों ने डेज़ी प्लेयर, स्मार्टफोन और की-बोर्ड के माध्यम से अध्ययन कर यह साबित किया कि यदि उचित अवसर और संसाधन मिलें तो कोई भी चुनौती उनके हौसलों के आगे बड़ी नहीं होती। सांकेतिक भाषा बनी संवाद का सशक्त माध्यम श्रवणबाधित विद्यार्थियों ने सांकेतिक भाषा के माध्यम से अपने विचारों और भावनाओं को सहजता एवं आत्मविश्वास के साथ व्यक्त किया। उनकी प्रस्तुति ने उपस्थित सभी लोगों को भावुक कर दिया और यह संदेश दिया कि संवाद केवल शब्दों से नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, अभिव्यक्ति और सीखने की इच्छा से भी होता है। कलेक्टर ने दिए उपहार, बढ़ाया हौसला विद्यार्थियों की प्रतिभा और मेहनत से प्रभावित होकर कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने उन्हें कॉपी, पेन, चॉकलेट और बिस्किट भेंट किए। उन्होंने बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने, आत्मविश्वास बनाए रखने तथा जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। आधुनिक सुविधाओं पर दिया विशेष जोर कलेक्टर ने छात्रावास में संचालित रिसोर्स सेंटर, जूडो सेंटर और फिजियोथेरेपी सेंटर का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विशेष आवश्यकता वाले प्रत्येक विद्यार्थी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक संसाधन और आवश्यक सहयोग निरंतर उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन जी सकें। निरीक्षण के दौरान जिला परियोजना समन्वयक श्री प्रेम नारायण तिवारी, एपीसी (आईईडी) श्री अनिल त्रिपाठी, छात्रावास वार्डन श्री सुरेश कुमार धाकड़, सहायक वार्डन श्री अवनीश तिवारी, लेखापाल श्री अतुल बड़गैया, छात्रावास स्टाफ तथा साइटसेवर्स इंडिया की टीम उपस्थित रही।4
- मैहर के अमरपाटन में आपकी पुलिस आपके द्वार, एडिशनल एस पी मैहर डॉ चंचल नागर की अध्यक्षता में लगा जन चौपाल, जहां जनता को महिला अपराधों,साइबर सुरक्षा,सड़क सुरक्षा नशा मुक्ति के विशेष बिंदुओं पर जागरूक किया गया तथा जनता की समस्याओं को सुना और त्वरित निदान प्रदान करने की कार्यवाही अमल की गई1
- माँ जगत जननी राजराजेश्वरी माँ शारदा भवानी जी के आज दिनांक 01/08/2026 दिन शनिवार के प्रात: कालीन श्रृंगार के दर्शन अदभुत श्रंगार जय हो माई की2
- सीधी के कथावाचक शिव मूरत उपाध्याय पर दुष्कर्म का केस दर्ज, बिहार की युवती ने लगाए गंभीर आरोप; आरोपी ने बताया साजिश मध्य भारत न्यूज़ ब्यूरो रिपोर्ट: मध्य प्रदेश / पटना सीधी/पटना: मध्य प्रदेश के सीधी जिले (मड़वास) के चर्चित कथावाचक शिव मूरत उपाध्याय उर्फ सुदामा (शिव मूरत देव जी महाराज) के खिलाफ पटना (बिहार) के गर्दनीबाग थाने में दुष्कर्म, धोखाधड़ी, नशीला पदार्थ खिलाने और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 173 के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यज्ञ में हुई थी मुलाकात, B.Ed. एडमिशन के नाम पर ₹1 लाख ठगे पीड़िता के अनुसार, वर्ष 2012-13 में अपने मामा के घर आयोजित शतचंडी यज्ञ के दौरान उसकी मुलाकात सीधी के नरगी गांव निवासी कथावाचक शिव मूरत उपाध्याय से हुई थी। वर्ष 2023 में B.Ed. में दाखिले को लेकर चर्चा होने पर आरोपी ने सीधी के परिचित कॉलेज व यूनिवर्सिटी में फीस में छूट और सिर्फ परीक्षा देने आने का झांसा दिया। आरोप है कि एडमिशन के नाम पर उसने युवती से ₹1 लाख रुपये भी ऐंठ लिए। नशीला पदार्थ खिलाकर दुष्कर्म और मानसिक दबाव का आरोप पीड़िता का आरोप है कि 5 जून 2024 को वह B.Ed. की परीक्षा देने सीधी आई थी। 28 जून को परीक्षा खत्म होने के बाद 29 जून को आरोपी उसे अपने गांव नरगी ले गया, जहां खाने व लड्डू में नशीला पदार्थ मिलाकर दिया गया। तबीयत बिगड़ने पर दूसरी गोली दी गई, जिससे शरीर शिथिल हो गया। पीड़ित युवती का कहना है कि वह होश में थी लेकिन विरोध करने की स्थिति में नहीं थी, जिसके बाद आरोपी ने उसकी इच्छा के विरुद्ध दुष्कर्म किया। आरोप है कि इसके बाद आरोपी ने उसे शादी का झांसा दिया और अध्यात्म/प्रेम का हवाला देकर मामले को दबाने की कोशिश की। 23 अगस्त 2025 को आरोपी ने अचानक संबंध खत्म कर दिए और शादी से साफ इनकार कर दिया। नेताओं से पहुंच का हवाला देकर धमकियां पीड़िता ने आरोप लगाया कि शिकायत करने पर उसे जान से मारने की धमकियां दी गईं और कहा गया कि 'विधायक, सांसद और मंत्रियों' से पहचान होने के कारण पुलिस उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकती। इसके बाद 19 जुलाई 2026 को पीड़िता ने पटना के गर्दनीबाग थाने में मामला दर्ज कराया। आरोपी कथावाचक का पक्ष: सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कथावाचक शिव मूरत उपाध्याय ने इसे अपनी सामाजिक और धार्मिक प्रतिष्ठा को धूमिल करने की साजिश बताया है। उनका कहना है कि: "मेरे खिलाफ लगाए गए सभी आरोप झूठे और मनगढ़ंत हैं। यह विरोधियों की साजिश है। मुझे पुलिस और न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है, सत्य की जीत होगी।" पुलिस का बयान: मड़वास थाना प्रभारी अतर सिंह ने बताया: "बिहार में मामला दर्ज होने की जानकारी मिली है। हालांकि, संबंधित एफआईआर (FIR) अभी हमारे थाने ट्रांसफर होकर नहीं आई है। जैसे ही एफआईआर प्राप्त होगी, नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।"1
- साइकिल मैकेनिक की बेटी ने कॉमनवेल्थ में रचा इतिहास, दिवंगत पिता को समर्पित किया गोल्ड मेडल। ग्लासगो में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में यूपी पुलिस की सब-इंस्पेक्टर अस्मिता डे ने कमाल कर दिया। महिला 48 किग्रा जूडो वर्ग में कनाडा की हैदी कवच को हराकर स्वर्ण पदक जीत लिया। वह कॉमनवेल्थ गेम्स में जूडो में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गईं।त्रिपुरा के छोटे से गांव की यह शेरनी जब कोर्ट में उतरती है तो आत्मविश्वास से लबरेज दिखती है। लेकिन पदक गले में डालते ही उनकी आँखें नम हो गईं। अस्मिता ने यह उपलब्धि अपने कोच और सात महीने पहले दिवंगत पिता को समर्पित की।₹300 रोज कमाने वाले साइकिल मैकेनिक पिता ने कभी बेटी के सपनों को छोटा नहीं होने दिया। घुटने की चोट के समय दिल्ली आकर उन्होंने खुद दवाइयाँ लगाईं और हर कदम पर साथ दिया। पिता की ब्रेन स्ट्रोक से मृत्यु के बाद अस्मिता टूट गई थीं, लेकिन हिम्मत नहीं हारी। मात्र दो महीने बाद एशियन गेम्स ट्रायल्स में नंबर-1 बनकर उन्होंने वापसी की।यह गोल्ड सिर्फ अस्मिता का नहीं, उन लाखों पिताओं का है जो अपनी संतान के सपनों के लिए सब कुछ कुर्बान कर देते हैं। अस्मिता की कहानी मिट्टी से सोने तक।2