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न्यूट्रीशन डाइटिशियन, चाइल्ड केयर मास्टर्स डिग्री धारक, होम्योपैथिक फार्मासिस्ट और ट्रेंड योगा टीचर डॉ. अर्चिता महाजन, जिन्हें पद्म भूषण राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया है और पंजाब, हिमाचल सरकार तथा लेफ्टिनेंट गवर्नर लद्दाख श्री कविंदर गुप्ता जी द्वारा भी सम्मानित किया गया है, ने योगा डे स्पेशल के अवसर पर शाह हॉस्पिटल में योग टिप्स दिए। उन्होंने बताया कि कुछ प्रकार के योग ऐसे हैं जिन्हें आप टीवी देखते हुए बिस्तर पर ही कर सकते हैं और बीमारियों से दूर रह सकते हैं। डॉ. महाजन ने भुजंगासन (कोबरा मुद्रा) का विस्तृत वर्णन किया, जो पेट के बल लेटकर किया जाने वाला एक बैक-बेंडिंग योगासन है। यह रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है, पीठ दर्द से राहत देता है, और फेफड़ों व छाती को खोलकर श्वसन क्रिया में सुधार करता है। भुजंगासन करने के लिए, पेट के बल सीधे लेटकर माथे को जमीन पर टिकाएं, पैरों को सीधा और एड़ियों-पंजों को मिलाकर रखें। हथेलियों को छाती के दोनों ओर जमीन पर रखते हुए, गहरी सांस भरकर धीरे-धीरे सिर, गर्दन और छाती को ऊपर उठाएं। पेट का निचला हिस्सा जमीन पर ही रहने दें और नाभि तक के हिस्से को ऊपर उठाकर गर्दन को कोबरा के फन की तरह पीछे की ओर झुकाकर रखें, इस स्थिति में सामान्य रूप से सांस लेते रहें। सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे वापस आएं और मकरासन में आराम करें। इसके मुख्य लाभों में पीठ दर्द से राहत, रीढ़ की हड्डी को मजबूत करना, पेट की चर्बी कम करना, पाचन शक्ति बढ़ाना तथा तनाव और थकान को दूर करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने तितली आसन के बारे में भी बताया, जिसे जोड़ों के दर्द को दूर करने और लचीलापन बढ़ाने के लिए एक बेहतरीन और आसान स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज बताया गया। इसे करने के लिए जमीन पर चटाई बिछाकर रीढ़ की हड्डी सीधी रखते हुए बैठें। अपने दोनों पैरों के तलवों को आपस में मिलाएं (एड़ियां पेल्विस के करीब होनी चाहिए) और पंजों को हाथों से पकड़ लें। अब अपने दोनों घुटनों को ऊपर और नीचे (तितली के पंखों की तरह) हिलाएं, सांस अंदर और बाहर लेते रहें और धीरे-धीरे गति बढ़ाएं। डॉ. अर्चिता महाजन, जो शाह हॉस्पिटल कैथल में सीनियर डाइटिशियन भी हैं, ने योगा डे स्पेशल के दौरान इन सरल और प्रभावी योग अभ्यासों के महत्व पर जोर दिया।

9 hrs ago
user_भूषण शर्मा
भूषण शर्मा
नूरपुर, कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश•
9 hrs ago
936f51b2-9754-441c-a0c3-5b2e0f67bbd5

न्यूट्रीशन डाइटिशियन, चाइल्ड केयर मास्टर्स डिग्री धारक, होम्योपैथिक फार्मासिस्ट और ट्रेंड योगा टीचर डॉ. अर्चिता महाजन, जिन्हें पद्म भूषण राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया है और पंजाब, हिमाचल सरकार तथा लेफ्टिनेंट गवर्नर लद्दाख श्री कविंदर गुप्ता जी द्वारा भी सम्मानित किया गया है, ने योगा डे स्पेशल के अवसर पर शाह हॉस्पिटल में योग टिप्स दिए। उन्होंने बताया कि कुछ प्रकार के योग ऐसे हैं जिन्हें आप टीवी देखते हुए बिस्तर पर ही कर सकते हैं और बीमारियों से दूर रह सकते हैं। डॉ. महाजन ने भुजंगासन (कोबरा मुद्रा) का विस्तृत वर्णन किया, जो पेट के बल लेटकर किया जाने वाला एक बैक-बेंडिंग योगासन है। यह रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है, पीठ दर्द से राहत देता है, और फेफड़ों व छाती को खोलकर श्वसन क्रिया में सुधार करता है। भुजंगासन करने के लिए, पेट के बल सीधे लेटकर माथे को जमीन पर टिकाएं, पैरों को सीधा और एड़ियों-पंजों को मिलाकर रखें। हथेलियों को छाती के दोनों ओर जमीन पर रखते हुए, गहरी सांस भरकर धीरे-धीरे सिर, गर्दन और छाती को ऊपर उठाएं। पेट का निचला हिस्सा जमीन पर ही रहने दें और नाभि तक के हिस्से को ऊपर उठाकर गर्दन को कोबरा के फन की तरह पीछे की ओर झुकाकर रखें, इस स्थिति में सामान्य रूप से सांस लेते रहें। सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे वापस आएं और मकरासन में आराम करें। इसके मुख्य लाभों में पीठ दर्द से राहत, रीढ़ की हड्डी को मजबूत करना, पेट की चर्बी कम करना, पाचन शक्ति बढ़ाना तथा तनाव और थकान को दूर करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने तितली आसन के बारे में भी बताया, जिसे जोड़ों के दर्द को दूर करने और लचीलापन बढ़ाने के लिए एक बेहतरीन और आसान स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज बताया गया। इसे करने के लिए जमीन पर चटाई बिछाकर रीढ़ की हड्डी सीधी रखते हुए बैठें। अपने दोनों पैरों के तलवों को आपस में मिलाएं (एड़ियां पेल्विस के करीब होनी चाहिए) और पंजों को हाथों से पकड़ लें। अब अपने दोनों घुटनों को ऊपर और नीचे (तितली के पंखों की तरह) हिलाएं, सांस अंदर और बाहर लेते रहें और धीरे-धीरे गति बढ़ाएं। डॉ. अर्चिता महाजन, जो शाह हॉस्पिटल कैथल में सीनियर डाइटिशियन भी हैं, ने योगा डे स्पेशल के दौरान इन सरल और प्रभावी योग अभ्यासों के महत्व पर जोर दिया।

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  • नूरपुर में एक प्रेसवार्ता के दौरान नूरपुर फोरलेन संघर्ष समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुदर्शन शर्मा ने पठानकोट-मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग फोरलेन परियोजना से प्रभावित लोगों के लंबित मुआवजे का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन अधिनियम-2013 के तहत अधिग्रहित भूमि का मुआवजा अधिकांश प्रभावितों को फैक्टर-1 के आधार पर दिया गया है, जबकि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार उन्हें फैक्टर-2 के आधार पर मुआवजा मिलना चाहिए। शर्मा ने आरोप लगाया कि एक "पिक एंड चूज" नीति के तहत कुछ चुनिंदा लोगों को ही फैक्टर-2 का लाभ मिला है, जबकि अधिकांश प्रभावित अब भी फैक्टर-1 के आधार पर मिले आधे-अधूरे मुआवजे से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना था कि अपर्याप्त मुआवजे के कारण प्रभावित परिवार पुनर्वास और पुनर्स्थापन करने में असमर्थ हैं। सुदर्शन शर्मा ने केंद्र सरकार और राज्य सरकार से मांग की है कि संबंधित विभागों और अधिकारियों को शीघ्र निर्देश जारी किए जाएं ताकि सभी पात्र प्रभावितों को फैक्टर-2 के आधार पर भूमि अधिग्रहण का मुआवजा मिल सके। उन्होंने जोर दिया कि पिछले पांच वर्षों से लंबित इस मामले का जल्द से जल्द समाधान किया जाना चाहिए, ताकि प्रभावित परिवारों को न्याय मिल सके।
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    नूरपुर में एक प्रेसवार्ता के दौरान नूरपुर फोरलेन संघर्ष समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुदर्शन शर्मा ने पठानकोट-मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग फोरलेन परियोजना से प्रभावित लोगों के लंबित मुआवजे का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन अधिनियम-2013 के तहत अधिग्रहित भूमि का मुआवजा अधिकांश प्रभावितों को फैक्टर-1 के आधार पर दिया गया है, जबकि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार उन्हें फैक्टर-2 के आधार पर मुआवजा मिलना चाहिए।

शर्मा ने आरोप लगाया कि एक "पिक एंड चूज" नीति के तहत कुछ चुनिंदा लोगों को ही फैक्टर-2 का लाभ मिला है, जबकि अधिकांश प्रभावित अब भी फैक्टर-1 के आधार पर मिले आधे-अधूरे मुआवजे से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना था कि अपर्याप्त मुआवजे के कारण प्रभावित परिवार पुनर्वास और पुनर्स्थापन करने में असमर्थ हैं।

सुदर्शन शर्मा ने केंद्र सरकार और राज्य सरकार से मांग की है कि संबंधित विभागों और अधिकारियों को शीघ्र निर्देश जारी किए जाएं ताकि सभी पात्र प्रभावितों को फैक्टर-2 के आधार पर भूमि अधिग्रहण का मुआवजा मिल सके। उन्होंने जोर दिया कि पिछले पांच वर्षों से लंबित इस मामले का जल्द से जल्द समाधान किया जाना चाहिए, ताकि प्रभावित परिवारों को न्याय मिल सके।
    user_भूषण शर्मा
    भूषण शर्मा
    नूरपुर, कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश•
    11 hrs ago
  • हिमाचल प्रदेश के सलोनी में शिक्षकों की भारी कमी के कारण स्थानीय लोगों में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिल रहा है। इस मुद्दे पर एक विशाल आक्रोश रैली निकाली गई, जहाँ लोगों का गुस्सा हिमाचल सरकार और प्रशासन के खिलाफ साफ झलका। शिक्षकों की कमी के विरोध में SMC के प्रधान और उप प्रधान अनशन पर बैठे हैं। आज उनके अनशन का तीसरा दिन है, बावजूद इसके सरकार की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। प्रदर्शनकारी लगातार सवाल उठा रहे हैं कि क्या हिमाचल सरकार सोई हुई है और क्या प्रशासन भी उदासीन हो गया है।
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    हिमाचल प्रदेश के सलोनी में शिक्षकों की भारी कमी के कारण स्थानीय लोगों में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिल रहा है। इस मुद्दे पर एक विशाल आक्रोश रैली निकाली गई, जहाँ लोगों का गुस्सा हिमाचल सरकार और प्रशासन के खिलाफ साफ झलका।

शिक्षकों की कमी के विरोध में SMC के प्रधान और उप प्रधान अनशन पर बैठे हैं। आज उनके अनशन का तीसरा दिन है, बावजूद इसके सरकार की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। प्रदर्शनकारी लगातार सवाल उठा रहे हैं कि क्या हिमाचल सरकार सोई हुई है और क्या प्रशासन भी उदासीन हो गया है।
    user_Madan Singh
    Madan Singh
    चौराह, चंबा, हिमाचल प्रदेश•
    11 hrs ago
  • शनिवार को लाखों रुपये की लागत से बनी एक पेयजल स्कीम के भवन और परिसर का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें स्कीम के परिसर की हालत बेहद दयनीय दिखाई दे रही थी। मीडिया द्वारा सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह वायरल वीडियो गोलवां-बतराहन पंचायत की सीमा पर स्थित दरैड पेयजल स्कीम का निकला। इस संबंध में, विभागीय एसडीओ अमित रंधावां से शनिवार शाम करीब चार बजे फोन पर बातचीत की गई। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा इस स्कीम के लिए टेंडर लगा दिया गया है और इसे जल्द ही शुरू करके लोगों को सुविधा प्रदान की जाएगी।
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    शनिवार को लाखों रुपये की लागत से बनी एक पेयजल स्कीम के भवन और परिसर का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें स्कीम के परिसर की हालत बेहद दयनीय दिखाई दे रही थी। मीडिया द्वारा सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह वायरल वीडियो गोलवां-बतराहन पंचायत की सीमा पर स्थित दरैड पेयजल स्कीम का निकला।

इस संबंध में, विभागीय एसडीओ अमित रंधावां से शनिवार शाम करीब चार बजे फोन पर बातचीत की गई। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा इस स्कीम के लिए टेंडर लगा दिया गया है और इसे जल्द ही शुरू करके लोगों को सुविधा प्रदान की जाएगी।
    user_Surinder Minhas
    Surinder Minhas
    फतेहपुर, कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश•
    11 hrs ago
  • सुजानपुर शहर में नगर परिषद द्वारा लगाए गए सीसीटीवी कैमरे की निगरानी संबंधी चेतावनी संदेश अब केवल शोपीस बनकर रह गए हैं, क्योंकि एक साल पहले लगाए गए इन होर्डिंग्स के बावजूद कहीं भी कैमरे स्थापित नहीं किए गए हैं। इस स्थिति पर सुजानपुर की जनता नगर परिषद प्रशासन से सवाल पूछ रही है कि आखिर ये कैमरे कब लगेंगे। नगर परिषद ने करीब एक वर्ष पहले शहर के हर चौक-चौराहे पर ऐसे चेतावनी संदेश लगाए थे, जिसमें कहा गया था कि 'आप सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में हैं' और सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा-करकट फेंकना दंडनीय अपराध है। हालांकि, इन होर्डिंग्स को लगाने के बाद से आज तक किसी भी स्थान पर सीसीटीवी कैमरा फिट नहीं करवाया गया है, जिससे ये केवल चेतावनी बोर्ड बनकर रह गए हैं और चर्चा का केंद्र बन गए हैं कि चेतावनी तो लिख दी लेकिन कैमरे कब लगेंगे। बीती रात शहर के दो चौक-चौराहों पर शरारती तत्वों द्वारा खड़ी गाड़ियों के शीशे तोड़े जाने की घटना ने इस मुद्दे को और भी गंभीर बना दिया है। स्थानीय लोगों का तर्क है कि यदि इन स्थानों पर होर्डिंग्स की जगह सीसीटीवी कैमरे लगे होते, तो शरारती तत्व अब तक पुलिस की गिरफ्त में होते। नगर परिषद प्रशासन पर आरोप है कि उसने 'कैमरे लगे हैं' की चेतावनी तो दे दी, लेकिन वास्तव में कैमरे लगाना भूल गया है, जिसके कारण शहर की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय निवासियों ने नगर परिषद से आग्रह किया है कि जिन-जिन स्थानों पर ये चेतावनी होर्डिंग्स लगाए गए हैं, वहाँ तुरंत सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जाएं। इसके साथ ही, लोगों ने जीते हुए वार्ड पार्षदों से भी यह अपील की है कि वे इस महत्वपूर्ण विषय को नगर परिषद की पहली बैठक में प्राथमिकता से उठाएं, ताकि शहर की रक्षा और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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    सुजानपुर शहर में नगर परिषद द्वारा लगाए गए सीसीटीवी कैमरे की निगरानी संबंधी चेतावनी संदेश अब केवल शोपीस बनकर रह गए हैं, क्योंकि एक साल पहले लगाए गए इन होर्डिंग्स के बावजूद कहीं भी कैमरे स्थापित नहीं किए गए हैं। इस स्थिति पर सुजानपुर की जनता नगर परिषद प्रशासन से सवाल पूछ रही है कि आखिर ये कैमरे कब लगेंगे।

नगर परिषद ने करीब एक वर्ष पहले शहर के हर चौक-चौराहे पर ऐसे चेतावनी संदेश लगाए थे, जिसमें कहा गया था कि 'आप सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में हैं' और सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा-करकट फेंकना दंडनीय अपराध है। हालांकि, इन होर्डिंग्स को लगाने के बाद से आज तक किसी भी स्थान पर सीसीटीवी कैमरा फिट नहीं करवाया गया है, जिससे ये केवल चेतावनी बोर्ड बनकर रह गए हैं और चर्चा का केंद्र बन गए हैं कि चेतावनी तो लिख दी लेकिन कैमरे कब लगेंगे।

बीती रात शहर के दो चौक-चौराहों पर शरारती तत्वों द्वारा खड़ी गाड़ियों के शीशे तोड़े जाने की घटना ने इस मुद्दे को और भी गंभीर बना दिया है। स्थानीय लोगों का तर्क है कि यदि इन स्थानों पर होर्डिंग्स की जगह सीसीटीवी कैमरे लगे होते, तो शरारती तत्व अब तक पुलिस की गिरफ्त में होते। नगर परिषद प्रशासन पर आरोप है कि उसने 'कैमरे लगे हैं' की चेतावनी तो दे दी, लेकिन वास्तव में कैमरे लगाना भूल गया है, जिसके कारण शहर की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

स्थानीय निवासियों ने नगर परिषद से आग्रह किया है कि जिन-जिन स्थानों पर ये चेतावनी होर्डिंग्स लगाए गए हैं, वहाँ तुरंत सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जाएं। इसके साथ ही, लोगों ने जीते हुए वार्ड पार्षदों से भी यह अपील की है कि वे इस महत्वपूर्ण विषय को नगर परिषद की पहली बैठक में प्राथमिकता से उठाएं, ताकि शहर की रक्षा और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
    user_Ranjna Kumari
    Ranjna Kumari
    टीरा सुजानपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    15 hrs ago
  • हॉस्टलों में एक एंटी-चिट्टा सर्च अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत छात्रों को जागरूक करने का कार्य भी किया गया।
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    हॉस्टलों में एक एंटी-चिट्टा सर्च अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत छात्रों को जागरूक करने का कार्य भी किया गया।
    user_247 superfast ks
    247 superfast ks
    ऊना, ऊना, हिमाचल प्रदेश•
    8 hrs ago
  • शनिवार को जिला मुख्यालय ऊना स्थित शनिदेव मंदिर में उस समय हड़कंप मच गया, जब मंदिर परिसर में भारत के सबसे खतरनाक और विषैले सांपों में से एक रसल वाइपर दिखाई दिया। यह सांप मंदिर के मुख्य द्वार के समीप छिपा हुआ था, जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल बन गया। मंदिर में मौजूद लोगों ने मुख्य गेट के पास सांप को देखा। काफी प्रयासों के बावजूद जब सांप बाहर नहीं निकला, तो मंदिर के पुजारी ने तुरंत रामपुर क्षेत्र के स्नेक कैचर जतिंद्र कुमार को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही जतिंद्र कुमार मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लेकर सावधानीपूर्वक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। उन्होंने मंदिर के मुख्य द्वार के नीचे छिपे रसल वाइपर को सुरक्षित बाहर निकाला। जतिंद्र कुमार ने बताया कि रसल वाइपर भारत के सबसे विषैले सांपों में से एक माना जाता है और इसके काटने पर तत्काल उपचार न मिलने की स्थिति में गंभीर परिणाम हो सकते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि यदि कहीं भी सांप दिखाई दे तो उसे मारने या पकड़ने का प्रयास न करें, बल्कि तुरंत प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम या वन विभाग को सूचित करें। रेस्क्यू के बाद सांप को सुरक्षित रूप से उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया।
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    शनिवार को जिला मुख्यालय ऊना स्थित शनिदेव मंदिर में उस समय हड़कंप मच गया, जब मंदिर परिसर में भारत के सबसे खतरनाक और विषैले सांपों में से एक रसल वाइपर दिखाई दिया। यह सांप मंदिर के मुख्य द्वार के समीप छिपा हुआ था, जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल बन गया।

मंदिर में मौजूद लोगों ने मुख्य गेट के पास सांप को देखा। काफी प्रयासों के बावजूद जब सांप बाहर नहीं निकला, तो मंदिर के पुजारी ने तुरंत रामपुर क्षेत्र के स्नेक कैचर जतिंद्र कुमार को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही जतिंद्र कुमार मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लेकर सावधानीपूर्वक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। उन्होंने मंदिर के मुख्य द्वार के नीचे छिपे रसल वाइपर को सुरक्षित बाहर निकाला।

जतिंद्र कुमार ने बताया कि रसल वाइपर भारत के सबसे विषैले सांपों में से एक माना जाता है और इसके काटने पर तत्काल उपचार न मिलने की स्थिति में गंभीर परिणाम हो सकते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि यदि कहीं भी सांप दिखाई दे तो उसे मारने या पकड़ने का प्रयास न करें, बल्कि तुरंत प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम या वन विभाग को सूचित करें। रेस्क्यू के बाद सांप को सुरक्षित रूप से उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया।
    user_ऊना की खबर
    ऊना की खबर
    Local News Reporter ऊना, ऊना, हिमाचल प्रदेश•
    14 hrs ago
  • हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम के पूर्व वाइस चेयरमैन नवीन शर्मा ने पत्रकार वार्ता में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के गृह जिले हमीरपुर में स्थित प्रदेश के एकमात्र हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय (HPTU) में स्थायी वाइस चांसलर (कुलपति) का पद पिछले एक वर्ष से खाली होने पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि कुलपति का पद विश्वविद्यालय का सर्वोच्च प्रशासनिक और शैक्षणिक पद होता है, और एक साल से स्थायी वाइस चांसलर न होने के कारण विश्वविद्यालय का प्रशासनिक ढांचा और शैक्षणिक माहौल पूरी तरह चरमरा गया है, जिससे नीतिगत और बड़े फैसले भी लटके हुए हैं। शर्मा ने यह भी बताया कि विश्वविद्यालय में नियमित शिक्षकों की भारी कमी है, जिसके चलते यह प्रमुख संस्थान वर्तमान में गेस्ट फैकल्टी के सहारे चल रहा है। इस स्थिति से विश्वविद्यालय परिसर और इससे संबद्ध कॉलेजों के हजारों छात्रों का भविष्य अधर में है, क्योंकि स्थायी मुखिया के अभाव में परीक्षा, परिणाम और नए शैक्षणिक सत्र की योजनाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं, जिससे छात्रों के भविष्य पर संकट गहरा गया है। नवीन शर्मा ने सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखा सवाल उठाते हुए कहा कि जो सरकार मुख्यमंत्री के अपने ही गृह जिले के इतने बड़े तकनीकी संस्थान में एक साल के भीतर एक वाइस चांसलर नियुक्त नहीं कर सकती, वह पूरे प्रदेश में युवाओं को रोजगार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने का दावा कैसे कर सकती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मुख्यमंत्री के गृह जिले में ही तकनीकी शिक्षा बेपटरी हो चुकी है।
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    हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम के पूर्व वाइस चेयरमैन नवीन शर्मा ने पत्रकार वार्ता में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के गृह जिले हमीरपुर में स्थित प्रदेश के एकमात्र हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय (HPTU) में स्थायी वाइस चांसलर (कुलपति) का पद पिछले एक वर्ष से खाली होने पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि कुलपति का पद विश्वविद्यालय का सर्वोच्च प्रशासनिक और शैक्षणिक पद होता है, और एक साल से स्थायी वाइस चांसलर न होने के कारण विश्वविद्यालय का प्रशासनिक ढांचा और शैक्षणिक माहौल पूरी तरह चरमरा गया है, जिससे नीतिगत और बड़े फैसले भी लटके हुए हैं।

शर्मा ने यह भी बताया कि विश्वविद्यालय में नियमित शिक्षकों की भारी कमी है, जिसके चलते यह प्रमुख संस्थान वर्तमान में गेस्ट फैकल्टी के सहारे चल रहा है। इस स्थिति से विश्वविद्यालय परिसर और इससे संबद्ध कॉलेजों के हजारों छात्रों का भविष्य अधर में है, क्योंकि स्थायी मुखिया के अभाव में परीक्षा, परिणाम और नए शैक्षणिक सत्र की योजनाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं, जिससे छात्रों के भविष्य पर संकट गहरा गया है।

नवीन शर्मा ने सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखा सवाल उठाते हुए कहा कि जो सरकार मुख्यमंत्री के अपने ही गृह जिले के इतने बड़े तकनीकी संस्थान में एक साल के भीतर एक वाइस चांसलर नियुक्त नहीं कर सकती, वह पूरे प्रदेश में युवाओं को रोजगार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने का दावा कैसे कर सकती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मुख्यमंत्री के गृह जिले में ही तकनीकी शिक्षा बेपटरी हो चुकी है।
    user_खबरी लाल
    खबरी लाल
    रिपोर्टर हमीरपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    11 hrs ago
  • नूरपुर सीआईए को एक महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है, जहाँ उन्होंने थाना डमटाल क्षेत्र से 154 ग्राम चिट्टा/हेरोइन बरामद की है। इस कार्रवाई में अंतर्राज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क से जुड़े दो युवकों को भी पकड़ा गया है। एसपी नूरपुर कुलभूषण वर्मा ने इस मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि सीआईए नूरपुर की टीम कंडवाल, लोधवा, भदरोया और डमटाल क्षेत्रों में गश्त एवं नाकाबंदी कर रही थी। इसी दौरान उन्हें विश्वसनीय गुप्त सूचना मिली कि दो युवक मोटरसाइकिल (नंबर JK08L-4514, हीरो स्प्लेंडर) पर चिट्टा/हेरोइन लेकर हिलटॉप दुर्गा माता मंदिर, डमटाल के पास किसी व्यक्ति को बेचने के इरादे से खड़े हैं। सूचना के आधार पर, पुलिस टीम ने स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में मौके पर दबिश दी और मोटरसाइकिल की तलाशी के दौरान उसकी सीट के नीचे छिपाकर रखे गए 154 ग्राम चिट्टा/हेरोइन को बरामद किया। इस मामले में पारस (25 वर्ष), पुत्र कुलविंदर सिंह, निवासी गीता भवन, मोहल्ला इस्लामाबाद, जिला गुरदासपुर, पंजाब, और विजय कुमार (28 वर्ष), पुत्र शिंगारा राम, निवासी गांव वाहमणी, डाकघर बहरामपुर, जिला गुरदासपुर, पंजाब के विरुद्ध थाना डमटाल में एफआईआर नंबर 106/2026, धारा 21, 25, 29 एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया है। कुलभूषण वर्मा ने आगे बताया कि पुलिस द्वारा बरामद मादक पदार्थ के स्रोत, उसकी सप्लाई चैन तथा इस अंतर्राज्यीय नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों की पहचान के लिए गहन जांच की जा रही है। नूरपुर पुलिस समाज को नशामुक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। आम जनता से अपील की गई है कि वे नशे से जुड़ी किसी भी प्रकार की जानकारी हेल्पलाइन नंबर 112 पर दें, जहाँ उनकी पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी।
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    नूरपुर सीआईए को एक महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है, जहाँ उन्होंने थाना डमटाल क्षेत्र से 154 ग्राम चिट्टा/हेरोइन बरामद की है। इस कार्रवाई में अंतर्राज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क से जुड़े दो युवकों को भी पकड़ा गया है।

एसपी नूरपुर कुलभूषण वर्मा ने इस मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि सीआईए नूरपुर की टीम कंडवाल, लोधवा, भदरोया और डमटाल क्षेत्रों में गश्त एवं नाकाबंदी कर रही थी। इसी दौरान उन्हें विश्वसनीय गुप्त सूचना मिली कि दो युवक मोटरसाइकिल (नंबर JK08L-4514, हीरो स्प्लेंडर) पर चिट्टा/हेरोइन लेकर हिलटॉप दुर्गा माता मंदिर, डमटाल के पास किसी व्यक्ति को बेचने के इरादे से खड़े हैं। सूचना के आधार पर, पुलिस टीम ने स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में मौके पर दबिश दी और मोटरसाइकिल की तलाशी के दौरान उसकी सीट के नीचे छिपाकर रखे गए 154 ग्राम चिट्टा/हेरोइन को बरामद किया। इस मामले में पारस (25 वर्ष), पुत्र कुलविंदर सिंह, निवासी गीता भवन, मोहल्ला इस्लामाबाद, जिला गुरदासपुर, पंजाब, और विजय कुमार (28 वर्ष), पुत्र शिंगारा राम, निवासी गांव वाहमणी, डाकघर बहरामपुर, जिला गुरदासपुर, पंजाब के विरुद्ध थाना डमटाल में एफआईआर नंबर 106/2026, धारा 21, 25, 29 एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया है।

कुलभूषण वर्मा ने आगे बताया कि पुलिस द्वारा बरामद मादक पदार्थ के स्रोत, उसकी सप्लाई चैन तथा इस अंतर्राज्यीय नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों की पहचान के लिए गहन जांच की जा रही है। नूरपुर पुलिस समाज को नशामुक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। आम जनता से अपील की गई है कि वे नशे से जुड़ी किसी भी प्रकार की जानकारी हेल्पलाइन नंबर 112 पर दें, जहाँ उनकी पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी।
    user_भूषण शर्मा
    भूषण शर्मा
    नूरपुर, कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश•
    11 hrs ago
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