बदायूं के उझानी में भदरौल-उझानी मार्ग पर दबंग किसान आवागमन वाली सड़क पर मक्का सुखाकर अवरोध उत्पन्न कर रहे हैं। इस कारण आए दिन वाहन सवार फिसलकर गिरकर घायल हो रहे हैं। आरोप है कि सड़क पर मक्का सुखाने वाले किसानों के खिलाफ कार्रवाई करने या सड़क से मक्का हटवाने के बजाय पुलिस और प्रशासन मूक दर्शक बना हुआ है। जिला कांग्रेस कमेटी के कादरचौक ब्लाकाध्यक्ष सत्यवीर सिंह यादव ने इस संबंध में जिलाधिकारी (DM) को पत्र भेजकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। श्री यादव ने बताया कि उझानी क्षेत्र में रेलवे फाटक से लेकर अल्लापुर चमारी तक के संपर्क मार्ग पर कुछ दबंग किसान अपनी मक्का फैलाकर सुखा रहे हैं। उनका कहना है कि वाहन बचाने के प्रयास में बाइक और स्कूटी सवारों को मक्का की फसल पर से वाहन चलाने के लिए मजबूर होना पड़ता है, जिससे वे फिसलकर गिर जाते हैं और घायल हो जाते हैं। श्री यादव ने पत्र में यह भी कहा है कि नियमानुसार कोई भी व्यक्ति सड़क पर अवरोध उत्पन्न नहीं कर सकता और न ही अवैध रूप से कब्जा कर सकता है। हालांकि, इस संपर्क मार्ग पर प्रशासनिक लापरवाही के कारण कुछ दबंग किसान न तो नियम मान रहे हैं और न ही कानून। उन्होंने जिलाधिकारी से सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने के लिए सड़क पर मक्का सुखाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने और अवैध रूप से अवरोध उत्पन्न करने वाले किसानों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
बदायूं के उझानी में भदरौल-उझानी मार्ग पर दबंग किसान आवागमन वाली सड़क पर मक्का सुखाकर अवरोध उत्पन्न कर रहे हैं। इस कारण आए दिन वाहन सवार फिसलकर गिरकर घायल हो रहे हैं। आरोप है कि सड़क पर मक्का सुखाने वाले किसानों के खिलाफ कार्रवाई करने या सड़क से मक्का हटवाने के बजाय पुलिस और प्रशासन मूक दर्शक बना हुआ है। जिला कांग्रेस कमेटी के कादरचौक ब्लाकाध्यक्ष सत्यवीर सिंह यादव ने इस संबंध में जिलाधिकारी (DM) को पत्र भेजकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। श्री यादव ने बताया कि उझानी क्षेत्र में रेलवे फाटक से लेकर अल्लापुर चमारी तक के संपर्क मार्ग पर कुछ दबंग किसान अपनी मक्का फैलाकर सुखा रहे हैं। उनका कहना है कि वाहन बचाने के प्रयास में बाइक और स्कूटी सवारों को मक्का की फसल पर से वाहन चलाने के लिए मजबूर होना पड़ता है, जिससे वे फिसलकर गिर जाते हैं और घायल हो जाते हैं। श्री यादव ने पत्र में यह भी कहा है कि नियमानुसार कोई भी व्यक्ति सड़क पर अवरोध उत्पन्न नहीं कर सकता और न ही अवैध रूप से कब्जा कर सकता है। हालांकि, इस संपर्क मार्ग पर प्रशासनिक लापरवाही के कारण कुछ दबंग किसान न तो नियम मान रहे हैं और न ही कानून। उन्होंने जिलाधिकारी से सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने के लिए सड़क पर मक्का सुखाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने और अवैध रूप से अवरोध उत्पन्न करने वाले किसानों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
- बदायूं के अलापुर थाना क्षेत्र के ब्लॉक जगत स्थित सामुदायिक केंद्र में डॉक्टरों के समय से पहले चले जाने से मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बमनी निवासी पंकज नाम के एक व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे को कुत्ते ने काट लिया था, जिसकी दवाई लेने वह दोपहर करीब 1:30 बजे अस्पताल पहुंचे, लेकिन वहां कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। पंकज ने बताया कि जब वह अस्पताल पहुंचे तो पर्चा काउंटर खुला था, पर पर्चा बनाने वाला कोई कर्मचारी या डॉक्टर मौके पर नहीं मिला। इस अव्यवस्था का वीडियो बनाने पर वहां के स्टाफ ने उनके साथ बदतमीजी की। पंकज के अनुसार, कर्मचारियों ने उनका मोबाइल छीनकर वीडियो डिलीट कर दिया, हालांकि बाद में उन्होंने वीडियो को दोबारा रिस्टोर कर लिया। पंकज का आरोप है कि जगत सामुदायिक केंद्र में डॉक्टर और स्टाफ दोपहर 1 बजे ही चले जाते हैं, जबकि अस्पताल खुला रहता है। इस घटना के सामने आने के बाद, ऐसी उम्मीद जताई गई है कि प्रशासन सरकारों के नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले ऐसे डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा।2
- स्थानीय निवासियों द्वारा यह शिकायत की गई है कि एक नाले की सफाई नहीं हो रही है। इस नाले को साफ करने का काम लंबित पड़ा है, जिससे संबंधित समस्या बनी हुई है।1
- बदायूं के उझानी में भदरौल-उझानी मार्ग पर दबंग किसान आवागमन वाली सड़क पर मक्का सुखाकर अवरोध उत्पन्न कर रहे हैं। इस कारण आए दिन वाहन सवार फिसलकर गिरकर घायल हो रहे हैं। आरोप है कि सड़क पर मक्का सुखाने वाले किसानों के खिलाफ कार्रवाई करने या सड़क से मक्का हटवाने के बजाय पुलिस और प्रशासन मूक दर्शक बना हुआ है। जिला कांग्रेस कमेटी के कादरचौक ब्लाकाध्यक्ष सत्यवीर सिंह यादव ने इस संबंध में जिलाधिकारी (DM) को पत्र भेजकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। श्री यादव ने बताया कि उझानी क्षेत्र में रेलवे फाटक से लेकर अल्लापुर चमारी तक के संपर्क मार्ग पर कुछ दबंग किसान अपनी मक्का फैलाकर सुखा रहे हैं। उनका कहना है कि वाहन बचाने के प्रयास में बाइक और स्कूटी सवारों को मक्का की फसल पर से वाहन चलाने के लिए मजबूर होना पड़ता है, जिससे वे फिसलकर गिर जाते हैं और घायल हो जाते हैं। श्री यादव ने पत्र में यह भी कहा है कि नियमानुसार कोई भी व्यक्ति सड़क पर अवरोध उत्पन्न नहीं कर सकता और न ही अवैध रूप से कब्जा कर सकता है। हालांकि, इस संपर्क मार्ग पर प्रशासनिक लापरवाही के कारण कुछ दबंग किसान न तो नियम मान रहे हैं और न ही कानून। उन्होंने जिलाधिकारी से सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने के लिए सड़क पर मक्का सुखाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने और अवैध रूप से अवरोध उत्पन्न करने वाले किसानों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।1
- उत्तर प्रदेश के गाज़ियाबाद में एक विधवा महिला चंचल देवी को लंबे संघर्ष के बाद आखिरकार न्याय मिला है, जब जिलाधिकारी रवींद्र कुमार ने स्वयं हस्तक्षेप कर उनके अवैध रूप से कब्ज़ाए गए मकान को वापस दिलवाया। आरोप था कि ताज मोहम्मद नामक व्यक्ति ने चंचल देवी के मकान पर अवैध कब्जा कर लिया था, जिससे उन्हें कई स्तरों पर शिकायत करने के बावजूद कोई राहत नहीं मिल रही थी। जब अन्य सभी प्रयास विफल हो गए, तो चंचल देवी ने जिलाधिकारी रवींद्र कुमार से मदद की गुहार लगाई। मामले की गंभीरता को समझते हुए, जिलाधिकारी ने तत्काल एक विशेष टीम का गठन किया। जांच-पड़ताल के बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए, मकान को अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया। इसके बाद, जिलाधिकारी रवींद्र कुमार स्वयं मौके पर पहुंचे और भावुक क्षणों के बीच चंचल देवी को उनके घर की चाबी सौंपकर उन्हें उनका आशियाना वापस दिलाया। अपना घर वापस मिलने पर चंचल देवी की आँखों से खुशी के आँसू छलक पड़े, और मौके पर मौजूद लोगों ने भी प्रशासन की इस कार्रवाई की सराहना की। इस दौरान जिलाधिकारी रवींद्र कुमार ने चंचल देवी का हाल-चाल पूछा और उनके परिवार के बारे में जानकारी ली, जिसमें उनके बच्चों और बहू के किराए के मकान में रहने की बात सामने आई। इस पर जिलाधिकारी ने उन्हें परिवार को भी अपने वापस मिले घर में लाने की सलाह दी। जिलाधिकारी की इस संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई की क्षेत्र में व्यापक सराहना हो रही है, जिससे लोगों का कहना है कि ऐसी पहल से आम जनता का विश्वास शासन-प्रशासन में और मजबूत होता है।1
- बदायूँ के सहसवान थाना क्षेत्र के ग्राम परसौना में बेजुबान कबूतरों की हत्या के मामले में कड़ी मेहनत के कई दिनों बाद आखिरकार मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। यह कार्रवाई तब हुई जब शुरू में मामले को हल्के में लेने और आरोपियों को बचाने के प्रयासों के गंभीर आरोप लग रहे थे। सूत्रों के अनुसार, शुरुआती दौर में पुलिस पर इस हत्याकांड को गंभीरता से न लेने का आरोप था। हालांकि, जब यह मामला मीडिया में प्रमुखता से उछला, तो वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने इसका संज्ञान लिया। उनके हस्तक्षेप के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई शुरू करनी पड़ी। इस घटनाक्रम को बेजुबानों को न्याय दिलाने की दिशा में एक बड़ी जीत माना जा रहा है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाती है।1
- इस्लाम नगर मोहल्ले में कुरैशी फ्रीजर नंबर दो खराब पड़ा है, जिससे स्थानीय राहगीरों को भीषण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान में तापमान बहुत ज़्यादा है, ऐसे में चलते हुए लोगों को पानी की अत्यधिक आवश्यकता होती है। लेकिन, फ्रीजर के खराब होने के कारण, पानी न मिलने से राहगीर निराश होकर कहीं और पानी पीने को मजबूर हो रहे हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, इस फ्रीजर को तुरंत ठीक कराने की ज़रूरत है।1
- उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले से एक बड़ी और हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि धनपतगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बाहर एक खूनी संघर्ष हुआ, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना को लेकर यूपी पुलिस और डीजीपी यूपी पुलिस को भी टैग किया जा रहा है, और इसे सुल्तानपुर पुलिस लाइन से जुड़ी 'बिग ब्रेकिंग' खबर के तौर पर साझा किया जा रहा है।1