झारखंड के रांची में ऐतिहासिक जगन्नाथपुर मंदिर में आयोजित जगन्नाथ रथ मेला 2026 में आस्था का एक बेहद अनूठा और अद्भुत नजारा देखने को मिला। भगवान जगन्नाथ के दर्शन पाने की लालसा में कई श्रद्धालु सुबह 3 बजे से ही मंदिर के बाहर लंबी कतारों में खड़े रहे। अपनी अटूट आस्था और विश्वास के साथ कतारों में लगे इन श्रद्धालुओं को घंटों तक इंतजार करना पड़ा, लेकिन जैसे ही उन्हें भगवान के दर्शन हुए, श्रद्धालुओं ने बताया कि उनकी सारी थकान मिट गई और उनका यह लंबा इंतजार पूरी तरह सफल हो गया। इस पावन अवसर पर रांची क्लब टीवी की टीम ने मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं से खास बातचीत की। बातचीत के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान के प्रति अपनी गहरी भावनाएं, अटूट आस्था और दृढ़ विश्वास को साझा किया। भगवान जगन्नाथ के प्रति भक्तों का यह पावन उत्साह और समर्पण देखते ही बन रहा था और पूरा माहौल जय जगन्नाथ के जयकारों की भक्तिमय भावना से सराबोर नजर आया।
झारखंड के रांची में ऐतिहासिक जगन्नाथपुर मंदिर में आयोजित जगन्नाथ रथ मेला 2026 में आस्था का एक बेहद अनूठा और अद्भुत नजारा देखने को मिला। भगवान जगन्नाथ के दर्शन पाने की लालसा में कई श्रद्धालु सुबह 3 बजे से ही मंदिर के बाहर लंबी कतारों में खड़े रहे। अपनी अटूट आस्था और विश्वास के साथ कतारों में लगे इन श्रद्धालुओं को घंटों तक इंतजार करना पड़ा, लेकिन जैसे ही उन्हें भगवान के दर्शन हुए, श्रद्धालुओं ने बताया कि उनकी सारी थकान मिट गई और उनका यह लंबा इंतजार पूरी तरह सफल हो गया। इस पावन अवसर पर रांची क्लब टीवी की टीम ने मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं से खास बातचीत की। बातचीत के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान के प्रति अपनी गहरी भावनाएं, अटूट आस्था और दृढ़ विश्वास को साझा किया। भगवान जगन्नाथ के प्रति भक्तों का यह पावन उत्साह और समर्पण देखते ही बन रहा था और पूरा माहौल जय जगन्नाथ के जयकारों की भक्तिमय भावना से सराबोर नजर आया।
- रांची में आयोजित ऐतिहासिक जगन्नाथपुर रथयात्रा-2026 में आस्था का भव्य सैलाब उमड़ पड़ा। इस पावन अवसर पर झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने सम्मिलित होकर महाप्रभु जगन्नाथ की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और राज्य की खुशहाली की कामना की। इस महोत्सव के दौरान भक्ति और श्रद्धा के माहौल में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने स्वयं भगवान जगन्नाथ के रथ की रस्सी खींची। इस दौरान पूरा धुर्वा क्षेत्र श्रद्धालुओं के 'जय-जय जगन्नाथ' के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं के इस भारी उत्साह के बीच मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि जगन्नाथ मंदिर तक एक भव्य तोरणद्वार का निर्माण कराया जाएगा। हजारों श्रद्धालुओं की सक्रिय भागीदारी के साथ रांची में आयोजित हुआ यह रथयात्रा महोत्सव श्रद्धा, संस्कृति और आस्था का एक भव्य संगम बन गया।1
- रामगढ़ के पतरातू डैम में म्यूजिकल पार्क की शुरुआत हो गई है। इस म्यूजिकल पार्क को देखने के लिए लोगों को आमंत्रित किया गया है।1
- रांची के रातू थाना परिसर में गुरुवार शाम करीब छह बजे एक नाग निकल आने से पुलिसकर्मियों और वहां मौजूद लोगों के बीच हड़कंप मच गया। नाग दिखने की खबर फैलते ही थाना परिसर में लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई और सभी लोग सतर्क हो गए। यह नाग करीब डेढ़ घंटे तक थाने के परिसर में ही इधर-उधर घूमता रहा, जिसके कारण वहां मौजूद पुलिसकर्मियों को भी अपनी सुरक्षा को लेकर काफी सावधानी बरतनी पड़ी। स्थिति को देखते हुए तत्काल दलादली निवासी सर्प रेस्क्यू विशेषज्ञ नारायण प्रमाणिक को मौके पर बुलाया गया। उन्होंने थाने पहुंचकर बेहद सुरक्षित तरीके से नाग को पकड़ लिया। नाग के पकड़े जाने के बाद ही थाना परिसर में मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। समय रहते सांप को सुरक्षित पकड़ लिए जाने से कोई अप्रिय घटना नहीं घटी, हालांकि इस वाकये के बाद काफी समय तक लोगों के बीच इसी को लेकर चर्चा होती रही।1
- रांची के मांडर के कंडारी में आज सुबह एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां एक पालतू कुत्ते ने अपने घरवालों की जान बचाई। इस पालतू कुत्ते ने एक जहरीले सांप को काटकर मार डाला। यह घटना आज सुबह की है, जहां इस वफादार पालतू कुत्ते ने जहरीले सांप को काटकर मौत के घाट उतार दिया और घरवालों की जान सुरक्षित बचा ली।4
- रामगढ़ जिले की बड़की पोना पंचायत के अंतर्गत आने वाले बघलाता पोना पर्वत धाम को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने का आश्वासन मिला है। सांसद प्रतिनिधि राजीव जायसवाल के अनुसार, पोना पर्वत धाम को जल्द ही पर्यटन सूची में शामिल किया जाएगा।1
- झारखंड के रांची में ऐतिहासिक जगन्नाथपुर मंदिर में आयोजित जगन्नाथ रथ मेला 2026 में आस्था का एक बेहद अनूठा और अद्भुत नजारा देखने को मिला। भगवान जगन्नाथ के दर्शन पाने की लालसा में कई श्रद्धालु सुबह 3 बजे से ही मंदिर के बाहर लंबी कतारों में खड़े रहे। अपनी अटूट आस्था और विश्वास के साथ कतारों में लगे इन श्रद्धालुओं को घंटों तक इंतजार करना पड़ा, लेकिन जैसे ही उन्हें भगवान के दर्शन हुए, श्रद्धालुओं ने बताया कि उनकी सारी थकान मिट गई और उनका यह लंबा इंतजार पूरी तरह सफल हो गया। इस पावन अवसर पर रांची क्लब टीवी की टीम ने मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं से खास बातचीत की। बातचीत के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान के प्रति अपनी गहरी भावनाएं, अटूट आस्था और दृढ़ विश्वास को साझा किया। भगवान जगन्नाथ के प्रति भक्तों का यह पावन उत्साह और समर्पण देखते ही बन रहा था और पूरा माहौल जय जगन्नाथ के जयकारों की भक्तिमय भावना से सराबोर नजर आया।1
- रांची में एक ऐसे अनोखे सांस्कृतिक आयोजन की धूम है, जैसा लोगों ने पहले कभी नहीं देखा होगा। इस खास मौके पर लोगों से अपील की जा रही है कि वे एक बार रांची जरूर आएं और खुद अपनी आंखों से देखें कि हेमंत सोरेन जी ने किस तरह का यह आयोजन कराया है।1
- रातू के ऐतिहासिक राजकिले की रथयात्रा पूजा और मेले में गुरुवार को आस्था का भारी सैलाब उमड़ पड़ा। शाम ठीक 5 बजे भगवान जगन्नाथ अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ रथ पर सवार होकर मौसी के घर के लिए प्रस्थान कर गए। इस दौरान पूरा वातावरण भगवान के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने राज किला स्थित जगन्नाथ मंदिर में देवी-देवताओं की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और प्रसाद वितरण के दौरान भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। यह पूजा अनुष्ठान राजपुरोहित भोला शंकर मिश्र और अन्य पुजारियों द्वारा संपन्न कराया गया। नौ दिनों के विश्राम के बाद भगवान जगन्नाथ वापस मुख्य मंदिर लौटेंगे। इस अवसर पर आयोजित भव्य मेले में विभिन्न प्रकार की दुकानें सजी थीं, जहां लोगों ने घरेलू सामानों के साथ-साथ चाउमीन, आम और मिठाइयों की जमकर खरीदारी की। मेले में लगे झूलों का भी लोगों ने भरपूर आनंद लिया और इस दौरान ठेला-खोमचा वालों की जमकर कमाई हुई। मेले के सफल संचालन और सुरक्षा के लिए श्री साईं स्वयंसेवी संस्था द्वारा नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया था। इसके साथ ही सीएचसी, छात्र क्लब ग्रुप और विश्वकर्मा सुरक्षा मंच की ओर से मेलार्थियों के लिए निशुल्क चिकित्सा शिविर लगाए गए थे। किला प्रबंधन की ओर से पेयजल का पुख्ता इंतजाम किया गया था, जबकि सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए राजमहल की ओर से 100 से अधिक वॉलिंटियर तैनात किए गए थे। मेले में सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम रहे, जिसकी कमान डीएसपी अजय आर्यन और थानेदार आदिकान्त महतो ने खुद संभाली। पूरे मेला क्षेत्र में जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे और ड्रोन कैमरों के जरिए भी मेलार्थियों पर पैनी नजर रखी जा रही थी। इस पूरे आयोजन और मेले को सफल बनाने में जेएससीए अध्यक्ष अजय नाथ शाहदेव, कर्नल संजय नाथ शाहदेव, कुसलेंद्र सिंह, आदित्यनाथ शाहदेव, पृथ्वीनाथ शाहदेव, आदित्येन्द्र नाथ शाहदेव, नितेश लाल नाथ शाहदेव, कुमार अतुल राज, जितेंद्र सिंह, लाल प्रवीण नाथ शाहदेव, अभिषेक सिंह और दामोदर मिश्र सहित दर्जनों लोगों का सराहनीय योगदान रहा।1
- राँची के ओरमांझी अंतर्गत इरबा में एक भीषण सड़क हादसा हुआ है। टक्कर की जोरदार आवाज सुनकर स्थानीय लोग तुरंत अपने घरों से बाहर निकल आए। इस घटना के बाद हर कोई यह जानने के लिए उत्सुक है कि आखिर आगे क्या हुआ।1