दुनिया पर मंडरा रहा ‘सोलर जियो इंजीनियरिंग’ का खतरा? गंगापुर सिटी में भी दिखे संदिग्ध बादल गंगापुर सिटी / वैश्विक रिपोर्ट: दुनिया भर में जलवायु परिवर्तन को नियंत्रित करने के नाम पर किए जा रहे प्रयोगों को लेकर अब चिंता बढ़ती जा रही है। खासतौर पर Bill Gates द्वारा समर्थित “सोलर जियो इंजीनियरिंग” (Solar Geoengineering) प्रोजेक्ट पर सवाल उठ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह तकनीक सूर्य की किरणों को वापस अंतरिक्ष में भेजकर पृथ्वी के तापमान को कम करने का प्रयास करती है, लेकिन इसके दुष्प्रभाव बेहद गंभीर हो सकते हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस प्रक्रिया में वायुमंडल में विशेष कण (एरोसोल) छोड़े जाते हैं, जो सूर्य के प्रकाश को परावर्तित करते हैं। हालांकि वैज्ञानिक इसे जलवायु संकट से निपटने का संभावित उपाय मानते हैं, लेकिन कई पर्यावरणविद इसे “प्राकृतिक संतुलन के साथ छेड़छाड़” बता रहे हैं। स्थानीय स्तर पर भी इसको लेकर लोगों में डर का माहौल है। Gangapur City के कई निवासियों का दावा है कि उन्होंने आसमान में असामान्य प्रकार के बादल और रेखाएं देखी हैं, जिन्हें वे इस प्रयोग से जोड़ रहे हैं। हालांकि इस बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन लोगों में आशंका बनी हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इस प्रकार के प्रयोग बिना व्यापक परीक्षण और वैश्विक सहमति के किए गए, तो इससे बारिश के पैटर्न, कृषि और मानव स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है। कुछ वैज्ञानिकों ने यह भी चेतावनी दी है कि इससे सूखा, बाढ़ और मौसम में असंतुलन जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। सरकारों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों से मांग की जा रही है कि इस तरह के संवेदनशील प्रयोगों पर पारदर्शिता बरती जाए और आम जनता को सही जानकारी दी जाए।
दुनिया पर मंडरा रहा ‘सोलर जियो इंजीनियरिंग’ का खतरा? गंगापुर सिटी में भी दिखे संदिग्ध बादल गंगापुर सिटी / वैश्विक रिपोर्ट: दुनिया भर में जलवायु परिवर्तन को नियंत्रित करने के नाम पर किए जा रहे प्रयोगों को लेकर अब चिंता बढ़ती जा रही है। खासतौर पर Bill Gates द्वारा समर्थित “सोलर जियो इंजीनियरिंग” (Solar Geoengineering) प्रोजेक्ट पर सवाल उठ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह तकनीक सूर्य की किरणों को वापस अंतरिक्ष में भेजकर पृथ्वी के तापमान को कम करने का प्रयास करती है, लेकिन इसके दुष्प्रभाव बेहद गंभीर हो सकते हैं। रिपोर्ट्स
के अनुसार, इस प्रक्रिया में वायुमंडल में विशेष कण (एरोसोल) छोड़े जाते हैं, जो सूर्य के प्रकाश को परावर्तित करते हैं। हालांकि वैज्ञानिक इसे जलवायु संकट से निपटने का संभावित उपाय मानते हैं, लेकिन कई पर्यावरणविद इसे “प्राकृतिक संतुलन के साथ छेड़छाड़” बता रहे हैं। स्थानीय स्तर पर भी इसको लेकर लोगों में डर का माहौल है। Gangapur City के कई निवासियों का दावा है कि उन्होंने आसमान में असामान्य प्रकार के बादल और रेखाएं देखी हैं, जिन्हें वे इस प्रयोग से जोड़ रहे हैं। हालांकि इस बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं
हुई है, लेकिन लोगों में आशंका बनी हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इस प्रकार के प्रयोग बिना व्यापक परीक्षण और वैश्विक सहमति के किए गए, तो इससे बारिश के पैटर्न, कृषि और मानव स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है। कुछ वैज्ञानिकों ने यह भी चेतावनी दी है कि इससे सूखा, बाढ़ और मौसम में असंतुलन जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। सरकारों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों से मांग की जा रही है कि इस तरह के संवेदनशील प्रयोगों पर पारदर्शिता बरती जाए और आम जनता को सही जानकारी दी जाए।
- गंगापुर सिटी में चेटीचंड पर्व पर सिंधी समाज द्वारा भगवान झूलेलाल की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस अवसर पर समाजजनों में भारी उत्साह देखा गया। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह झूलेलाल मंदिर में ध्वजारोहण के साथ हुई, जिसमें सैकड़ों समाजजन शामिल हुए। दोपहर में भंडारे का आयोजन भी किया गया। शोभायात्रा सिंधी कॉलोनी स्थित मंदिर से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी। इसमें संतोषी माता मंदिर, मालगोदाम रोड, नेहरू पार्क, देवी स्टोर चौराहा, चौपड़ बाजार, बालाजी चौक, कैलाश टॉकीज, जामा मस्जिद मार्ग, फव्वारा चौक और कचहरी रोड शामिल थे। महिलाएं और पुरुष पारंपरिक रंग-बिरंगी वेशभूषा में यात्रा में शामिल हुए। यात्रा के दौरान बैंडबाजों की धुन पर महिलाओं और युवाओं ने डांडिया खेला, जिससे माहौल भक्तिमय हो गया। भगवान झूलेलाल, शंकर और राम दरबार की आकर्षक झांकियां श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं।3
- गंगापुर सिटी स्थित हिन्डौन - जयपुर वाईपास पर ओवर स्पीड कि वजह से हुआ भयानक एक्सीडेंट, ड्राइवर का नही चला पता1
- सालौदा मोड़ पर देर रात फायरिंग, काली स्कॉर्पियो में आए बदमाश फरार गंगापुर सिटी (सवाई माधोपुर): शहर में अपराधियों के हौसले लगातार बुलंद होते नजर आ रहे हैं। देर रात सालौदा मोड़ पर अज्ञात युवकों ने फायरिंग कर इलाके में दहशत फैला दी। जानकारी के अनुसार काली स्कॉर्पियो में सवार होकर आए बदमाशों ने दो राउंड फायर किए और वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार हो गए। घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है, लेकिन अचानक हुई गोलीबारी से आसपास के लोगों में डर का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही उदेई मोड़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मौके से गोली के खाली खोल भी बरामद किए हैं। फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। लगातार बढ़ रही फायरिंग की घटनाओं से स्थानीय लोगों में रोष है और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। गौरतलब है कि गंगापुर सिटी में आए दिन इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे आमजन में असुरक्षा का माहौल बनता जा रहा है।2
- गंगापुर सिटी / वैश्विक रिपोर्ट: दुनिया भर में जलवायु परिवर्तन को नियंत्रित करने के नाम पर किए जा रहे प्रयोगों को लेकर अब चिंता बढ़ती जा रही है। खासतौर पर Bill Gates द्वारा समर्थित “सोलर जियो इंजीनियरिंग” (Solar Geoengineering) प्रोजेक्ट पर सवाल उठ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह तकनीक सूर्य की किरणों को वापस अंतरिक्ष में भेजकर पृथ्वी के तापमान को कम करने का प्रयास करती है, लेकिन इसके दुष्प्रभाव बेहद गंभीर हो सकते हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस प्रक्रिया में वायुमंडल में विशेष कण (एरोसोल) छोड़े जाते हैं, जो सूर्य के प्रकाश को परावर्तित करते हैं। हालांकि वैज्ञानिक इसे जलवायु संकट से निपटने का संभावित उपाय मानते हैं, लेकिन कई पर्यावरणविद इसे “प्राकृतिक संतुलन के साथ छेड़छाड़” बता रहे हैं। स्थानीय स्तर पर भी इसको लेकर लोगों में डर का माहौल है। Gangapur City के कई निवासियों का दावा है कि उन्होंने आसमान में असामान्य प्रकार के बादल और रेखाएं देखी हैं, जिन्हें वे इस प्रयोग से जोड़ रहे हैं। हालांकि इस बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन लोगों में आशंका बनी हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इस प्रकार के प्रयोग बिना व्यापक परीक्षण और वैश्विक सहमति के किए गए, तो इससे बारिश के पैटर्न, कृषि और मानव स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है। कुछ वैज्ञानिकों ने यह भी चेतावनी दी है कि इससे सूखा, बाढ़ और मौसम में असंतुलन जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। सरकारों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों से मांग की जा रही है कि इस तरह के संवेदनशील प्रयोगों पर पारदर्शिता बरती जाए और आम जनता को सही जानकारी दी जाए।3
- बामनवास क्षेत्र में मानवता और संस्कार की अनोखी मिसाल देखने को मिली। सड़क किनारे घायल अवस्था में तड़पती एक गौ माता को देखकर आसपास के बच्चों ने तुरंत मदद के लिए कदम बढ़ाए। बच्चों ने अपने घरों से चारा और पानी लाकर गौ माता को खिलाया पिलाया और उसके पैरों व शरीर पर लगी चोटों पर खुद ही मरहम व पट्टी लगाकर सेवा की। हाल ही में क्षेत्र में गौसेवकों की सक्रियता देखने को कम मिल रही हैँ उसी मे इस तड़फती गौ माता को देखकर बच्चों मे उमड़ा सेवा भाव।उसी से प्रेरित होकर बच्चों ने भी गौसेवा का यह सराहनीय कार्य किया। क्षेत्र में बच्चों की इस संवेदनशीलता की जमकर सराहना हो रही है।2
- बामनवास क्षेत्र के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पट्टीखुर्द में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के सात दिवसीय विशेष शिविर के तहत जल महोत्सव एवं जल अर्पण दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय के अध्यापक कमल राम मीणा के निर्देशन में तलाई पर दीपदान कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, उनके सदुपयोग एवं गर्मियों में पेयजल संकट के प्रति आमजन को जागरूक करना रहा। विद्यार्थियों ने आकर्षक रंगोली बनाकर दीप जलाए और जल बचाने का संदेश दिया। इस मौके पर NSS कैंप प्रभारी, व्याख्याता विमलेश कुमार जैमिनी, प्रयोगशाला सहायक सलोनी अग्रवाल सहित ग्रामीणजन भी मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम में जागरूकता और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला।2
- गेहूं के खलिहान में आग, 4 बीघा फसल जलकर राख। सपोटरा. क्षेत्र में रात्रि के समय अज्ञात कारणों से गेहूं के खलिहान में आग लगने से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। घटना की जानकारी देते हुए विवेक पाकड़, रामरूप मीणा, गोलू कांवटी एवं प्रेमराज कांवटी ने बताया कि अचानक खलिहान में आग भड़क उठी, जिससे वहां रखी गेहूं की पकी फसल देखते ही देखते जलकर राख हो गई। आग की तेज लपटों को देखकर पीड़ित किसानों को सूचना मिली, जिसके बाद आसपास के किसानों की भीड़ मौके पर एकत्रित हो गई। ग्रामीणों ने तुरंत दमकल विभाग को सूचना दी और स्वयं भी आग बुझाने में जुट गए। ग्रामीणों के सामूहिक प्रयास एवं दमकल की मदद से काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक करीब 4 बीघा गेहूं की फसल जलकर पूरी तरह नष्ट हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही सपोटरा पुलिस भी मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। पीड़ित किसानों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है।1
- सदर आमीन खां ने बताया कि जामा मस्जिद में दोपहर पौने एक बजे अजान होगी। दोपहर डेढ़ बजे जामा मस्जिद के पेश इमाम खुतबा पढ़ाएंगे। इसके बाद नमाज अदा की जाएगी। नमाज के बाद क्षेत्र में खुशहाली की दुआ मांगी जाएगी। इस दौरान जामा मस्जिद सड़क दोपहर 1 से 2 बजे तक बंद रहेगी। इस मार्ग से गुजरने वाले वाहनों को यातायातकर्मी अन्य स्थान से डायवर्ट करेंगे। ईद-उल-फितर की नमाज का वक्त : ईद की नमाज ईदगाह में सुबह साढ़े 8 बजे अकीदतमंद अदा करेंगे। ईदगाह कमेटी के सदर अनवार अली काजी ने बताया कि शहर काजी शाहिद अली नमाज अदा कराएंगे। नमाज के बाद एक-दूसरे के गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी जाएगी। ईद के एक दिन पूर्व की रात को चांद रात के नाम से जाना जाता है। इस चांद रात से पहले शाम को मुस्लिम समाज की महिला व पुरुषों द्वारा सर्वाधिक खरीदारी की जाती है।2