Shuru
Apke Nagar Ki App…
केरल के वायनाड से लैंडस्लाइड का एक खौफनाक वीडियो सामने आया है, जिसमें भूस्खलन का भयानक दृश्य कैद है।
Khabar Of Point
केरल के वायनाड से लैंडस्लाइड का एक खौफनाक वीडियो सामने आया है, जिसमें भूस्खलन का भयानक दृश्य कैद है।
More news from हरियाणा and nearby areas
- खंड फिरोजपुर झिरका के अगोन गांव से एक आरोप सामने आया है, जिसमें पंचायती जमीन पर गैर कानूनी तरीके से 20 साल का कब्जा दिखाकर खुर्द बुर्द करने की बात कही गई है। यह आरोप इस पंचायती भूमि से जुड़े अवैध कब्ज़े और उसके बाद की गई कथित हेराफेरी पर केंद्रित है।1
- अलवर जिले के किशनगढ़ बास क्षेत्र में मौसम ने करवट ली है, जिससे लोगों को पिछले कई दिनों से पड़ रही गर्मी से काफी राहत मिली है। क्षेत्र में काफी समय से बरसात नहीं हो रही थी, लेकिन अब बीती रात से ही धीमी गति से बरसात हो रही है। इस बारिश के कारण किसानों के चेहरे खिल उठे हैं, क्योंकि इससे बाजरे और अन्य फसलों को सीधा फायदा होगा।1
- राजस्थान कांग्रेस के अनुसूचित जाति वर्ग प्रकोष्ठ ने अलवर में एक बैठक का आयोजन किया, जिसमें प्रकोष्ठ की अध्यक्ष ममता भूपेश, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और प्रकोष्ठ के प्रभारी महेंद्र बौद्ध सहित अन्य नेता शामिल हुए। यह बैठक विशेष रूप से अनुसूचित जाति वर्ग के लिए बुलाई गई थी, लेकिन इसमें दलितों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे पूरी तरह से नदारद रहे, जिस पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। बैठक के दौरान, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने 'संविधान खतरे में' होने का जिक्र करते हुए कांग्रेस की सरकार बनाने पर जोर दिया, वहीं ममता भूपेश ने गरीबों के साथ खड़े होने और कांग्रेस को मजबूत करने का आह्वान किया। महेंद्र बौद्ध ने भी सरकार बनाने पर बल दिया। हालांकि, इस बैठक में अनुसूचित जाति वर्ग के सामाजिक न्याय, जातिगत अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाने, राजनीतिक चेतना, आर्थिक समानता और भागीदारी जैसे प्रमुख सवालों को उठाया ही नहीं गया। इसके अतिरिक्त, कांग्रेस के नेताओं को जिस तरह से जातिवादी एवं मनुवादी मानसिकता से ग्रसित लोग अपमानित कर रहे हैं, गाली दे रहे हैं और नीचा दिखा रहे हैं, उसके विरोध में भी इन तमाम नेताओं ने एक स्वर भी नहीं रखा। इन्हीं सवालों पर डेमोक्रेटिक भारत ने कांग्रेस के कार्यकर्ताओं से बातचीत की।1
- Post by Ishani Chaudhari1
- धर्मनगरी मथुरा में आज यमुना नदी के तट पर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब गृहक्लेश से परेशान एक महिला ने यमुना में छलांग लगाकर अपनी जान देने की कोशिश की। पशु चराने वाले एक स्थानीय युवक ने 'देवदूत' बनकर अपनी जान जोखिम में डालकर महिला की जान बचा ली। इस साहसी घटना के बाद पूरे इलाके में चर्चाओं का बाजार गर्म है और हर कोई उस युवक की बहादुरी की सराहना कर रहा है।4
- मथुरा से सामने आई एक बड़ी खबर के अनुसार, कोसी के व्यापारी नेता जगदीश सुपानिया ने छाता तहसीलदार पर उनकी जमीन का दाखिला खारिज या निरस्त कराने का गंभीर आरोप लगाया है। यह आरोप लगाया गया है कि सुपानिया की जमीन का दाखिला खारिज नहीं होने दिया गया। इस आरोप पर गन्ना विकास मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण ने अपनी प्रतिक्रिया दी। मंत्री ने आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि सुपानिया 'तो जन्म से हमारे खिलाफ हैं', जिससे यह स्पष्ट होता है कि उनके बीच पुरानी प्रतिद्वंद्विता है।1
- यह गंभीर सवाल उठाया जा रहा है कि क्या चीन वास्तव में भारत की सीमा के अंदर 60 किलोमीटर तक घुस आया है।1
- मथुरा जनपद में कोसीकलां थाना पुलिस और साइबर/सर्विलांस सेल की एक संयुक्त टीम ने साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 22 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन अपराधियों के कब्जे से 58 फर्जी आधार कार्ड और 5 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। यह कार्रवाई कोसी-शाहपुर रोड स्थित पतराम की पुलिया के पास 7 जुलाई की रात करीब 8 बजकर 20 मिनट पर मुखबिर की सूचना पर की गई, जहां संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर सभी आरोपियों को दबोचा। गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी कोसीकलां थाना क्षेत्र के नगला सिरौली और नगला उटावर गांव के रहने वाले हैं। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे पहले फर्जी आधार कार्ड तैयार करते थे और उन्हीं के आधार पर सिम कार्ड प्राप्त करते थे। इन फर्जी सिमों का इस्तेमाल कर वे अपनी पहचान छिपाने के लिए बार-बार मोबाइल नंबर बदलते थे। इसके बाद, वे लोगों को फोन, लिंक और ओटीपी के माध्यम से झांसे में लेकर साइबर ठगी करते थे और ठगी से मिली धनराशि को अपने खातों में स्थानांतरित कर अवैध लाभ कमाते थे। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ थाना कोसीकलां में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए कुछ आरोपियों पर पहले से भी मारपीट, धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा, आईटी एक्ट, आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर मामलों के मुकदमे दर्ज हैं। इसके साथ ही, पुलिस उनके आपराधिक इतिहास से जुड़ी जानकारी अन्य राज्यों और थानों से भी जुटा रही है। मथुरा पुलिस इस कार्रवाई को साइबर अपराध के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सफलता मान रही है और साइबर ठगों के पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है, साथ ही इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश भी जारी है।1
- अलवर जिले के कड़ैया गाँव में मौजूदा हालात बेहद बदतर बने हुए हैं, बावजूद इसके प्रशासन इस गंभीर स्थिति पर मौन साधे हुए है। गाँव की बदहाली और प्रशासनिक अनदेखी के चलते ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।1