सेंधवा के श्रीराम सोलंकी ने सोलर पंप से लिखी खुशहाली की नई इबारत ------------ प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना के तहत बने जिले के पहले लाभार्थी बड़वानी 24 अप्रैल 2026/जिले के सेंधवा विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम वाकी गोई के किसान श्रीराम पिता धनसिंग सोलंकी आज अपने क्षेत्र के कृषकों के लिए प्रेरणा की एक नई मिसाल बन गए हैं। वे जिले के पहले ऐसे किसान हैं जिन्होंने प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना (कुसुम-बी) का लाभ उठाकर अपने खेत पर सफलतापूर्वक सोलर पंप स्थापित करवाया है। पूर्व में बिजली की अनियमितता, रात के समय सिंचाई की मजबूरी और भारी बिजली बिलों से जूझ रहे श्रीराम को इस योजना के माध्यम से श्ऊर्जा की आजादीश् मिली है। जहाँ 3 एचपी के इस सोलर पंप की कुल लागत ₹2,25,415/- थी, वहीं सरकार द्वारा 90 प्रतिशत (₹2,04,447/-) का भारी अनुदान दिया गया। श्रीराम ने मात्र 10 प्रतिशत यानी ₹20,968/- की कृषक अंश राशि जमा कर इस तकनीक को अपनाया, जिसके फलस्वरूप अब वे बिना किसी अतिरिक्त मासिक खर्च और बिना किसी व्यवधान के अपनी फसलों की सिंचाई कर पा रहे हैं। श्रीराम की यह सफलता दर्शाती है कि यदि किसान जागरूक हों और सरकारी योजनाओं का सही लाभ उठाएं, तो खेती न केवल आसान होगी बल्कि अधिक मुनाफे वाली भी बनेगी।
सेंधवा के श्रीराम सोलंकी ने सोलर पंप से लिखी खुशहाली की नई इबारत ------------ प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना के तहत बने जिले के पहले लाभार्थी बड़वानी 24 अप्रैल 2026/जिले के सेंधवा विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम वाकी गोई के किसान श्रीराम पिता धनसिंग सोलंकी आज अपने क्षेत्र के कृषकों के लिए प्रेरणा की एक नई मिसाल बन गए हैं। वे जिले के पहले ऐसे किसान हैं जिन्होंने प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना (कुसुम-बी) का लाभ उठाकर अपने खेत पर सफलतापूर्वक सोलर पंप स्थापित करवाया है। पूर्व में बिजली की अनियमितता, रात के समय सिंचाई की मजबूरी और भारी बिजली बिलों से जूझ रहे श्रीराम को इस योजना के माध्यम से श्ऊर्जा की आजादीश् मिली है। जहाँ 3 एचपी के इस सोलर पंप की कुल लागत ₹2,25,415/- थी, वहीं सरकार द्वारा 90 प्रतिशत (₹2,04,447/-) का भारी अनुदान दिया गया। श्रीराम ने मात्र 10 प्रतिशत यानी ₹20,968/- की कृषक अंश राशि जमा कर इस तकनीक को अपनाया, जिसके फलस्वरूप अब वे बिना किसी अतिरिक्त मासिक खर्च और बिना किसी व्यवधान के अपनी फसलों की सिंचाई कर पा रहे हैं। श्रीराम की यह सफलता दर्शाती है कि यदि किसान जागरूक हों और सरकारी योजनाओं का सही लाभ उठाएं, तो खेती न केवल आसान होगी बल्कि अधिक मुनाफे वाली भी बनेगी।
- Post by Allrounder Rahul Gupta1
- Post by Satish Parihar1
- बड़वानी जिला मुख्यालय से सात किलोमीटर दूर पिछोड़ी गांव में पैसों के विवाद में एक बेटे ने अपने पिता की गोली मारकर हत्या कर दी। यह घटना सोमवार को हुई, जिसमें 32 वर्षीय चंदन बडोले ने अपने 58 वर्षीय पिता जगन बडोले की कनपटी पर गोली मार दी। वारदात के चौथे दिन गुरुवार को भी आरोपी चंदन पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। आरोपी के फरार होने के कारण पिछोड़ी गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। घर के सदस्यों सहित पूरे गांव में डर का माहौल है। गांव के रहवासी बाबूसिंह ने बताया कि लोग रात में घर के बाहर नहीं सो रहे हैं, क्योंकि उन्हें डर है कि चंदन आकर गोली चला सकता है। चंदन की मां गौरी बाई ने बताया कि उनके पति जगन की हत्या चंदन ने उनकी आंखों के सामने की। चंदन लगातार पैसों की मांग कर रहा था। उन्होंने बताया कि चंदन पहले भी कहता था कि जमीन बेचकर उसे पैसे दिए जाएं। कोतवाली थाना प्रभारी बलजीत सिंह बिसेन ने बताया कि आरोपी की लोकेशन मंगलवार को बावनगजा के जंगल में मिली थी। जहां पाटी, बड़वानी और सिलावद थाने की चार टीमें हथियारों के साथ जंगल में सर्चिंग की गई थी। मगर सफलता नहीं मिली। आरोपी ने इंस्टाग्राम पर छोटे भाई के लडक़े के साथ फोटो डालकर धमकी दी कि भाभी की दूसरी शादी हुई तो जान लेगा। भाई की पत्नी पहले पति को छोड़ चुकी है और मंगलवार को उसने दूसरा विवाह कर लिया था। घर और गांव के लोग डरे हुए हैं। आरोपी के घर ग्राम पिछोड़ी में पुलिस बल तैनात किया गया है। आरोपी पर 2019 में छेड़छाड़ का केस भी दर्ज है। आरोपी की जल्द गिरफ्तारी होगी।1
- आप की बात पुलिस के साथ, जनसंवाद, नागरिकों ने रखी समस्याएं, पुलिस अधीक्षक ने दिए समाधान के निर्देश और भरोसा दिलाया1
- धार से सुनील सन्नी राठौड़ की रिपोर्ट 97524520894
- Post by निमाड़ का दबंग न्यूज1
- नमस्कार, मैं मोनेष शोभा जैन और आप देख रहे हैं एम पी इलेवन न्यूज़— 📍 कुक्षी में 120 दिव्यांगों का मेडिकल चेकअप, विशेषज्ञों ने निर्धारित किया दिव्यांगता प्रतिशत, डाक से घर पहुंचेंगे यूडीआईडी कार्ड। कुक्षी में शुक्रवार को दिव्यांग परीक्षण और चिन्हांकन शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में कुक्षी ब्लॉक के कुल 120 दिव्यांगजनों की जांच कर उनकी दिव्यांगता का प्रतिशत निर्धारित किया गया। एडिप योजना के तहत मिलेगी मदद। अधिकारियों ने बताया कि शिविर का मुख्य उद्देश्य, एडिप योजना के तहत दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण, प्रमाण-पत्र और आवश्यक शल्य चिकित्सा की सुविधा उपलब्ध कराना है। चिन्हांकन के बाद पात्र हितग्राहियों को,उनकी आवश्यकता अनुसार उपकरण प्रदान किए जाएंगे। विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने की जांच। शिविर में विभिन्न विशेषज्ञ डॉक्टरों ने सेवाएं दीं, जिनमें— डॉ. अभिषेक रावत (हड्डी रोग विशेषज्ञ)। डॉ. ज्योति बघेल (नेत्र रोग विशेषज्ञ)। डॉ. देवेंद्र उन्नी (मानसिक रोग विशेषज्ञ)। डॉ. दिव्या भट्ट (ईएनटी विशेषज्ञ)। इसके अलावा डॉ. चंदन चंद्र, डॉ. धीरज यादव और डॉ. रितिक गुप्ता ने भी स्वास्थ्य परीक्षण किया। पोर्टल पर विवरण अपडेट परीक्षण के बाद,सभी 120 दिव्यांगजनों का डेटा, जिला मुख्यालय के पोर्टल पर ऑनलाइन अपडेट कर दिया गया है। इससे प्रमाण-पत्र और यूडीआईडी कार्ड बनाने की प्रक्रिया में तेजी आएगी। डाक से घर पहुंचेंगे यूडीआईडी कार्ड। डॉ. अभिषेक रावत ने बताया कि, पोर्टल पर जानकारी अपडेट होने के बाद यूडीआईडी (UDID) कार्ड सीधे हितग्राहियों के घर डाक के माध्यम से भेजे जाएंगे। इन कार्डों के माध्यम से दिव्यांगजन पेंशन सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से प्राप्त कर सकेंगे।1
- Post by Satish Parihar1