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मैं UGC एक्ट को सपोर्ट करता हूं। जब उन्होंने प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी जी को नहीं छोड़ा उनको तेली बोला तो SC।ST। aur OBC vale ke sath kya karenge

1 hr ago
user_Lavkush Soni
Lavkush Soni
Local News Reporter कसया, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
1 hr ago

मैं UGC एक्ट को सपोर्ट करता हूं। जब उन्होंने प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी जी को नहीं छोड़ा उनको तेली बोला तो SC।ST। aur OBC vale ke sath kya karenge

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • जब उन्होंने प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी जी को नहीं छोड़ा उनको तेली बोला तो SC।ST। aur OBC vale ke sath kya karenge
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    जब उन्होंने प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी जी को नहीं छोड़ा उनको तेली बोला तो SC।ST। aur OBC vale ke sath kya karenge
    user_Lavkush Soni
    Lavkush Soni
    Local News Reporter कसया, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • Post by Vijayyadav Padaronakusenagr
    4
    Post by Vijayyadav Padaronakusenagr
    user_Vijayyadav Padaronakusenagr
    Vijayyadav Padaronakusenagr
    पडरौना, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • #कुशीनगर कैबिनेट मंत्री डॉ संजय निषाद के स्वागत के लिए खड़े बुलडोजर से हुआ हादसा स्वागत में खड़े बुलडोजर को ट्रक से ठोकर लगने से मौके पर खड़े कार्यकर्ताओं पर पलटा बुलडोजर तमकुहीराज थाना क्षेत्र के लबनिया चौराहे के पास की घटना। #Kushinagar @kushinagarpol
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    #कुशीनगर
कैबिनेट मंत्री डॉ संजय निषाद के स्वागत के लिए खड़े बुलडोजर से हुआ हादसा
स्वागत में खड़े बुलडोजर को ट्रक से ठोकर लगने से मौके पर खड़े कार्यकर्ताओं पर पलटा बुलडोजर 
तमकुहीराज थाना क्षेत्र के लबनिया चौराहे के पास की घटना।
#Kushinagar 
@kushinagarpol
    user_Times Update
    Times Update
    Journalist कुशी नगर, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • विदेशी शराब की बड़ी खेप सहित तस्कर गिरफ्तार, पुलिस ने किया बड़ा खुलासा
    1
    विदेशी शराब की बड़ी खेप सहित तस्कर गिरफ्तार, पुलिस ने किया बड़ा खुलासा
    user_S9 Bihar
    S9 Bihar
    News Anchor Thakrahan, Pashchim Champaran•
    1 hr ago
  • कुशीनगर जिले के मोतीचक विकासखंड स्थित एक उच्च प्राथमिक विद्यालय में शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है। यहां मिड-डे मील योजना के तहत भोजन करने के बाद छोटे-छोटे बच्चों से ठंड के मौसम में बर्तन धुलवाए जाने का वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। यह मामला न केवल सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत उजागर करता है, बल्कि बच्चों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा पर भी सवाल खड़े करता है। विद्यालय परिसर में सरकारी नल के पास कतार में खड़े बच्चे कभी नल चलाकर, तो कभी अपने नन्हे हाथों में थाली लेकर कांपते हुए बर्तन धोते नजर आए। ठंड लगातार बढ़ रही है, इसके बावजूद बच्चों को ठंडे पानी से बर्तन साफ करने के लिए मजबूर किया जा रहा था। स्थानीय लोगों के अनुसार यह स्थिति कई दिनों से बनी हुई थी, लेकिन अब इसका वीडियो सामने आने के बाद मामला सार्वजनिक हो गया। प्रधानाध्यापक ने इस पर सफाई देते हुए कहा कि बच्चों से हल्की-फुल्की थाली धुलवाना ‘स्वच्छता अभियान’ का हिस्सा है। हालांकि सवाल यह उठता है कि क्या कड़ाके की ठंड में बच्चों से इस तरह का कार्य करवाना उचित है। वहीं ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि जिन हाथों में किताब और कलम होनी चाहिए, उन्हीं हाथों से बर्तन धुलवाना सरकारी शिक्षा व्यवस्था पर सीधा प्रहार है। मामले की जानकारी मिलने पर ग्राम प्रधान ने भी नाराजगी जताई और स्पष्ट कहा कि उन्हें इस तरह की व्यवस्था की जानकारी नहीं थी। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि मिड-डे मील योजना के तहत बर्तन धोने की जिम्मेदारी रसोइयों की होती है, न कि बच्चों की। ग्राम प्रधान ने पूरे मामले की जांच की मांग की है। बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) कुशीनगर राम जियावन ने कहा कि यदि बच्चों से जूठे बर्तन धुलवाने की पुष्टि होती है तो यह गंभीर लापरवाही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मिड-डे मील योजना में बर्तन धोने की जिम्मेदारी पूरी तरह से नियुक्त रसोइयों की होती है। मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में सरकार द्वारा मिड-डे मील योजना चलाई जाती है, जिसमें भोजन पकाने, परोसने और साफ-सफाई के लिए रसोइयों की नियुक्ति की जाती है। इसके बावजूद बच्चों से यह कार्य करवाया जाना शिक्षा व्यवस्था की संवेदनशीलता पर सवाल खड़ा करता है। यह मामला एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि सरकारी योजनाएं कागजों में भले ही मजबूत दिखें, लेकिन जमीनी स्तर पर लापरवाही बच्चों के भविष्य पर भारी पड़ सकती है। अब देखना यह है कि जांच के बाद जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है
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    कुशीनगर जिले के मोतीचक विकासखंड स्थित एक उच्च प्राथमिक विद्यालय में शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है। यहां मिड-डे मील योजना के तहत भोजन करने के बाद छोटे-छोटे बच्चों से ठंड के मौसम में बर्तन धुलवाए जाने का वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। यह मामला न केवल सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत उजागर करता है, बल्कि बच्चों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा पर भी सवाल खड़े करता है।
विद्यालय परिसर में सरकारी नल के पास कतार में खड़े बच्चे कभी नल चलाकर, तो कभी अपने नन्हे हाथों में थाली लेकर कांपते हुए बर्तन धोते नजर आए। ठंड लगातार बढ़ रही है, इसके बावजूद बच्चों को ठंडे पानी से बर्तन साफ करने के लिए मजबूर किया जा रहा था। स्थानीय लोगों के अनुसार यह स्थिति कई दिनों से बनी हुई थी, लेकिन अब इसका वीडियो सामने आने के बाद मामला सार्वजनिक हो गया।
प्रधानाध्यापक ने इस पर सफाई देते हुए कहा कि बच्चों से हल्की-फुल्की थाली धुलवाना ‘स्वच्छता अभियान’ का हिस्सा है। हालांकि सवाल यह उठता है कि क्या कड़ाके की ठंड में बच्चों से इस तरह का कार्य करवाना उचित है। वहीं ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि जिन हाथों में किताब और कलम होनी चाहिए, उन्हीं हाथों से बर्तन धुलवाना सरकारी शिक्षा व्यवस्था पर सीधा प्रहार है।
मामले की जानकारी मिलने पर ग्राम प्रधान ने भी नाराजगी जताई और स्पष्ट कहा कि उन्हें इस तरह की व्यवस्था की जानकारी नहीं थी। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि मिड-डे मील योजना के तहत बर्तन धोने की जिम्मेदारी रसोइयों की होती है, न कि बच्चों की। ग्राम प्रधान ने पूरे मामले की जांच की मांग की है।
बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) कुशीनगर राम जियावन ने कहा कि यदि बच्चों से जूठे बर्तन धुलवाने की पुष्टि होती है तो यह गंभीर लापरवाही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मिड-डे मील योजना में बर्तन धोने की जिम्मेदारी पूरी तरह से नियुक्त रसोइयों की होती है। मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में सरकार द्वारा मिड-डे मील योजना चलाई जाती है, जिसमें भोजन पकाने, परोसने और साफ-सफाई के लिए रसोइयों की नियुक्ति की जाती है। इसके बावजूद बच्चों से यह कार्य करवाया जाना शिक्षा व्यवस्था की संवेदनशीलता पर सवाल खड़ा करता है।
यह मामला एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि सरकारी योजनाएं कागजों में भले ही मजबूत दिखें, लेकिन जमीनी स्तर पर लापरवाही बच्चों के भविष्य पर भारी पड़ सकती है। अब देखना यह है कि जांच के बाद जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है
    user_विवेकानन्द
    विवेकानन्द
    Newspaper publisher हाटा, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • Post by Budhai kumar Nishad
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    Post by Budhai kumar Nishad
    user_Budhai kumar Nishad
    Budhai kumar Nishad
    Farmer बगहा, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    10 hrs ago
  • देवरिया । 14 बाइक को मेडिकल चौकी पर ला कर जाँ ज के बाद गाड़ियों के कागजात को देख कर परिवार के लोगों को सौंप दिया ।
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    देवरिया । 
14 बाइक को मेडिकल चौकी पर ला कर जाँ ज के बाद  गाड़ियों के  कागजात को देख कर परिवार के लोगों को सौंप दिया ।
    user_Jyoti pathak
    Jyoti pathak
    Reporter देवरिया, देवरिया, उत्तर प्रदेश•
    27 min ago
  • Yogi Adityanath Ji ❣️
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    Yogi Adityanath Ji ❣️
    user_Lavkush Soni
    Lavkush Soni
    Local News Reporter कसया, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
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