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good morning All friends Himachal Pradesh shimla village views good morning
Diwan Chand
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More news from हिमाचल प्रदेश and nearby areas
- Post by Dev Raj Thakur1
- रिपोर्ट 20 अप्रैल, बुद्धि सिंह ठाकुर सैंज। बंजार विधानसभा कांग्रेस के नवनियुक्त अध्यक्ष मोहर सिंह ठाकुर के स्वागत समारोह में स्वागत के स्वागत इंतजार में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने डाली नाटी1
- आईजीएमसी में कर्मचारियों को चेंजिंग रूम तक की सुविधा नहीं तृतीय व चतुर्थ श्रेणी कहाँ रिपोर्ट करें इसको लेकर भी कोई आदेश नही.. मनोज शर्मा, एनजीओ अध्यक्ष केएनएच अस्पताल2
- हिमाचल प्रदेश में किसानों को बड़ी राहत MSP me bada इजाफा हुआ हे कल हुए केबिनेट बेठन मे सरकार ने प्रजातिक खेती को बढावा देने के लिए यहा कदंब उडाया हे1
- किन्नौर में गूंजा जोश – दौड़ प्रतियोगिता के जरिए नशामुक्ति का सशक्त संदेश 🏃♂️ रिकांगपिओ (किन्नौर): जिला किन्नौर में आज एक दिवसीय दौड़ प्रतियोगिता का भव्य एवं उत्साहपूर्ण आयोजन किया गया, जिसने पूरे क्षेत्र में जोश, ऊर्जा और सकारात्मक सोच का संचार कर दिया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे जैसी बुराइयों से दूर रखते हुए खेलों के प्रति प्रेरित करना रहा। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में श्री शिव कुमार रिस्पा उपस्थित रहे, जबकि श्री दौलत नेगी, श्री जीत नेगी, श्रीमती दिनेश नेगी एवं कुमारी रीना ने विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में युवाओं को नशे से दूर रहने और खेलों को जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि “खेल न केवल शरीर को स्वस्थ रखते हैं, बल्कि जीवन में अनुशासन और आत्मविश्वास भी बढ़ाते हैं।” इसके बाद उन्होंने सभी प्रतिभागियों को मेडल व पुरस्कार देकर सम्मानित किया, जिससे खिलाड़ियों का उत्साह और भी बढ़ गया। इस सराहनीय पहल का श्रेय गांव बारंग के युवा विकास नेगी को जाता है, जो वर्तमान में आईटीबीपी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनके इस प्रयास का उद्देश्य किन्नौर के युवाओं को एक नई दिशा देना और उन्हें नशे से दूर रखते हुए खेलों के माध्यम से अपनी पहचान बनाने के लिए प्रेरित करना है। कार्यक्रम की एक खास बात यह रही कि मुख्य अतिथियों ने इस आयोजन को और मजबूती देने के लिए ₹22,000 का आर्थिक सहयोग भी प्रदान किया, जो इस नेक पहल के प्रति उनके समर्पण और समर्थन को दर्शाता है। स्थानीय लोगों और प्रतिभागियों ने इस आयोजन की जमकर सराहना की और उम्मीद जताई कि भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रम बड़े स्तर पर आयोजित किए जाएंगे। यह आयोजन सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि एक आंदोलन बनकर उभरा—एक ऐसा आंदोलन जो युवाओं को नशे से दूर रहकर स्वस्थ, सशक्त और सफल जीवन की ओर अग्रसर होने का संदेश देता है। 💪1
- Post by Munishkoundal1
- सुंदरनगर में रेस्टोरेंट मालिक और डिलीवरी बॉय के बीच मारपीट। डिलीवरी बॉय के पक्ष में पुलिस थाना सुंदरनगर के बाहर चक्का जाम। लोगों में भारी रोष। मौके पहुंचे डीएसपी सुंदरनगर।1
- 50 साल तक टालती रही कांग्रेस, मोदी सरकार ने दिया 33% आरक्षण का रास्ता : डॉ जितेंद्र सिंह महिलाओं के मुद्दे पर विपक्ष ने किया विश्वासघात—INDI गठबंधन ने रोका ऐतिहासिक कानून : डॉ जितेंद्र सिंह “‘लड़की हूं लड़ सकती हूं’ कहने वाली प्रियंका गांधी ने महिलाओं के अधिकारों की लड़ाई क्यों छोड़ी?” : सरोज पांडे शिमला, 18 अप्रैल 2026: केंद्रीय मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर कांग्रेस और INDI गठबंधन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह केवल एक विधेयक नहीं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न और देश में महिलाओं के समग्र सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने महिलाओं को केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि विकास यात्रा का नेतृत्व करने वाला बनाया है। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में सत्ता संभालते ही यह स्पष्ट कर दिया था कि उनकी सरकार गरीब, महिला, युवा और किसान को केंद्र में रखकर कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण मोदी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में रहा है और पिछले एक दशक में जो परिवर्तन देखने को मिला है, वह अभूतपूर्व है। उन्होंने 15 अगस्त 2014 के प्रधानमंत्री के संबोधन का उल्लेख करते हुए कहा कि लाल किले से शौचालय निर्माण की बात करना एक क्रांतिकारी सोच थी, जिसने महिलाओं के स्वास्थ्य, गरिमा और सुरक्षा को राष्ट्रीय विमर्श का हिस्सा बनाया। स्वच्छ भारत मिशन के तहत बड़े पैमाने पर शौचालयों का निर्माण हुआ, जिससे बालिकाओं की शिक्षा में निरंतरता आई और महिलाओं को सम्मानजनक जीवन मिला। डॉ. जितेंद्र सिंह ने उज्ज्वला योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इस योजना ने करोड़ों महिलाओं को धुएं से मुक्ति दिलाई और उनके स्वास्थ्य के साथ-साथ जीवन की गुणवत्ता में सुधार किया। उन्होंने कहा कि पहले महिलाएं घंटों चूल्हे के धुएं में काम करती थीं, जबकि अब वे समय बचाकर स्वरोजगार और अन्य गतिविधियों में भागीदारी कर रही हैं। उन्होंने कहा कि यह बदलाव केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर महिलाओं के जीवन में वास्तविक परिवर्तन का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि देश में महिलाओं की क्षमता पहले भी मौजूद थी, लेकिन उन्हें उचित अवसर नहीं मिल पाए थे। मोदी सरकार ने नीतियों और योजनाओं के माध्यम से वह अवसर प्रदान किया, जिसका परिणाम आज सिविल सेवाओं, तकनीकी शिक्षा, शोध और रक्षा सेवाओं में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी के रूप में सामने आ रहा है। उन्होंने कहा कि अब महिलाएं केवल भागीदारी नहीं कर रही हैं, बल्कि नेतृत्व कर रही हैं। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के संदर्भ में उन्होंने कहा कि यह कानून महिलाओं को नीति निर्माण और निर्णय प्रक्रिया में सशक्त भागीदारी सुनिश्चित करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि यह समय की मांग थी और मोदी सरकार ने इसे गंभीरता से आगे बढ़ाया, लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने राजनीतिक स्वार्थ के कारण इस ऐतिहासिक पहल को बाधित करने का काम किया। उन्होंने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि पिछले 50 वर्षों से महिला आरक्षण की बात करने वाली पार्टी ने कभी इसे लागू करने का साहस नहीं दिखाया। उन्होंने कहा कि जब भाजपा सरकार ने ठोस समाधान प्रस्तुत किया, तब विपक्ष ने विभिन्न बहानों और तकनीकी मुद्दों का सहारा लेकर इस प्रक्रिया को रोकने का प्रयास किया। उन्होंने इसे महिलाओं के अधिकारों के साथ विश्वासघात करार दिया। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भाजपा ने अपने संगठन में पहले ही महिलाओं को 33 प्रतिशत से अधिक भागीदारी दी है, जबकि कांग्रेस आज तक अपने संगठन में भी इसे लागू नहीं कर पाई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में महिलाओं को अवसर नहीं, बल्कि परिवारवाद के आधार पर सीमित स्थान मिलता है, जबकि भाजपा में मेरिट के आधार पर महिलाओं को आगे बढ़ाया जाता है। उन्होंने विश्वास जताया कि देश की महिलाएं इस मुद्दे को लेकर जागरूक हैं और आने वाले समय में यह एक बड़े जनआंदोलन का रूप लेगा। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति अब अपने अधिकारों के प्रति सजग है और वह किसी भी प्रकार के राजनीतिक छल को स्वीकार नहीं करेगी। इस अवसर पर भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद सरोज पांडे ने भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि महिलाओं को लंबे समय तक केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया गया, लेकिन जब उन्हें अधिकार देने का अवसर आया, तो कांग्रेस पीछे हट गई। उन्होंने प्रियंका गांधी के “लड़की हूं, लड़ सकती हूं” नारे पर सवाल उठाते हुए कहा कि महिलाओं के अधिकारों की सबसे बड़ी लड़ाई के समय यह नारा कहीं नजर नहीं आया। उन्होंने कहा कि संसद में बिल गिरने के बाद विपक्ष का रवैया महिलाओं के प्रति असंवेदनशीलता को दर्शाता है और यह पूरे देश की महिलाओं का अपमान है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने हमेशा महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं और आगे भी इस दिशा में कार्य करती रहेगी। अंत में भाजपा नेताओं ने कहा कि एक ओर मोदी सरकार है, जिसने महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए ठोस नीतियां और अवसर दिए, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस है, जिसने हर बार महिलाओं के अधिकारों को टालने और रोकने का काम किया। उन्होंने कहा कि देश की महिलाएं इस अंतर को समझती हैं और आने वाले समय में इसका लोकतांत्रिक जवाब देंगी।2