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महेंद्रगढ़ के गांव भोजावास में चल रहे आर्य समाज के “आर्य वीरांगना चरित्र निर्माण एवं आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर 2026” में बेटियों ने वीरांगनाओं के पदचिह्नों पर चलने का संकल्प लिया। शिविर में इंजी. पूनम शर्मा के प्रेरणादायक संबोधन ने बालिकाओं में जोश, उत्साह और राष्ट्रभक्ति का संचार किया, जिससे पूरा परिसर “भारत माता की जय” और “नारी शक्ति जिंदाबाद” के नारों से गूंज उठा। पाली यूनिवर्सिटी से जुड़ीं और गांव डिगरोता की सरपंच इंजी. पूनम शर्मा ने मंच से बेटियों को साहस, संस्कार और आत्मविश्वास का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भारत की बेटियां अब किसी पर निर्भर नहीं हैं, बल्कि हर क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने वाली शक्ति बन चुकी हैं। उनके अनुसार, शिक्षा, आत्मरक्षा और मजबूत संस्कार ही बेटियों को जीवन की हर चुनौती से लड़ने की ताकत देते हैं। इंजी. पूनम शर्मा ने भारत की महान वीरांगनाओं का उदाहरण देते हुए रानी लक्ष्मीबाई के साहस, माता जीजाबाई के संस्कारों, अहिल्याबाई होल्कर के नेतृत्व, बेगम हजरत महल के बलिदान, कल्पना चावला के सपनों और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संघर्ष को आज की पीढ़ी के लिए सबसे बड़ी प्रेरणा बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि इतिहास उन महिलाओं को कभी नहीं भूलता, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी हार मानने के बजाय संघर्ष का रास्ता चुना। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के जीवन का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि एक साधारण परिवार से देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचना यह साबित करता है कि मेहनत, शिक्षा और आत्मविश्वास के सामने कोई बाधा बड़ी नहीं होती। उन्होंने बेटियों को परिस्थितियों से डरने के बजाय उन्हें बदलने का हौसला रखने के लिए प्रेरित किया। इसके अतिरिक्त, इंजी. पूनम शर्मा ने सोशल मीडिया के बढ़ते दुष्प्रभावों पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने युवा पीढ़ी को दिखावे और झूठी चमक-दमक से बचकर अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी। उनके अनुसार, माता-पिता का सम्मान, अनुशासन और संस्कार ही जीवन को सही दिशा देते हैं। उन्होंने आत्मरक्षा को केवल शारीरिक सुरक्षा नहीं, बल्कि मानसिक मजबूती और आत्मविश्वास का भी प्रतीक बताया, यह कहते हुए कि यदि बेटियां मानसिक, बौद्धिक और नैतिक रूप से मजबूत होंगी तो वे समाज की हर बुराई का सामना कर सकेंगी। इस अवसर पर, समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वाले मीडिया कर्मियों और सामाजिक लोगों को भी सम्मानित किया गया। शिविर में प्रशिक्षण ले रही बालिकाओं ने पूरे उत्साह के साथ आत्मरक्षा प्रशिक्षण में भाग लिया और यह संकल्प लिया कि वे शिक्षा, संस्कार और आत्मविश्वास के बल पर अपने परिवार, समाज और राष्ट्र का नाम रोशन करेंगी।

1 day ago
user_Om Parkash
Om Parkash
Local News Reporter अटेली, महेंद्रगढ़, हरियाणा•
1 day ago

महेंद्रगढ़ के गांव भोजावास में चल रहे आर्य समाज के “आर्य वीरांगना चरित्र निर्माण एवं आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर 2026” में बेटियों ने वीरांगनाओं के पदचिह्नों पर चलने का संकल्प लिया। शिविर में इंजी. पूनम शर्मा के प्रेरणादायक संबोधन ने बालिकाओं में जोश, उत्साह और राष्ट्रभक्ति का संचार किया, जिससे पूरा परिसर “भारत माता की जय” और “नारी शक्ति जिंदाबाद” के नारों से गूंज उठा। पाली यूनिवर्सिटी से जुड़ीं और गांव डिगरोता की सरपंच इंजी. पूनम शर्मा ने मंच से बेटियों को साहस, संस्कार और आत्मविश्वास का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भारत की बेटियां अब किसी पर निर्भर नहीं हैं, बल्कि हर क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने वाली शक्ति बन चुकी हैं। उनके अनुसार, शिक्षा, आत्मरक्षा और मजबूत संस्कार ही बेटियों को जीवन की हर चुनौती से लड़ने की ताकत देते हैं। इंजी. पूनम शर्मा ने भारत की महान वीरांगनाओं का उदाहरण देते हुए रानी लक्ष्मीबाई के साहस, माता जीजाबाई के संस्कारों, अहिल्याबाई होल्कर के नेतृत्व, बेगम हजरत महल के बलिदान, कल्पना चावला के सपनों और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संघर्ष को आज की पीढ़ी के लिए सबसे बड़ी प्रेरणा बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि इतिहास उन महिलाओं को कभी नहीं भूलता, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी हार मानने के बजाय संघर्ष का रास्ता चुना। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के जीवन का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि एक साधारण परिवार से देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचना यह साबित करता है कि मेहनत, शिक्षा और आत्मविश्वास के सामने कोई बाधा बड़ी नहीं होती। उन्होंने बेटियों को परिस्थितियों से डरने के बजाय उन्हें बदलने का हौसला रखने के लिए प्रेरित किया। इसके अतिरिक्त, इंजी. पूनम शर्मा ने सोशल मीडिया के बढ़ते दुष्प्रभावों पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने युवा पीढ़ी को दिखावे और झूठी चमक-दमक से बचकर अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी। उनके अनुसार, माता-पिता का सम्मान, अनुशासन और संस्कार ही जीवन को सही दिशा देते हैं। उन्होंने आत्मरक्षा को केवल शारीरिक सुरक्षा नहीं, बल्कि मानसिक मजबूती और आत्मविश्वास का भी प्रतीक बताया, यह कहते हुए कि यदि बेटियां मानसिक, बौद्धिक और नैतिक रूप से मजबूत होंगी तो वे समाज की हर बुराई का सामना कर सकेंगी। इस अवसर पर, समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वाले मीडिया कर्मियों और सामाजिक लोगों को भी सम्मानित किया गया। शिविर में प्रशिक्षण ले रही बालिकाओं ने पूरे उत्साह के साथ आत्मरक्षा प्रशिक्षण में भाग लिया और यह संकल्प लिया कि वे शिक्षा, संस्कार और आत्मविश्वास के बल पर अपने परिवार, समाज और राष्ट्र का नाम रोशन करेंगी।

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  • वैज्ञानिकों ने इंसानी शरीर को एक अद्भुत रचना बताया है, जिसके काम करने के तरीके हर किसी को हैरान कर सकते हैं। हमारे फेफड़े हर दिन 20 लाख लीटर हवा को फिल्टर करते हैं और अगर उन्हें पूरी तरह फैलाया जाए तो वे टेनिस कोर्ट के एक हिस्से को ढक सकते हैं। शरीर हर सेकंड 2.5 करोड़ नई कोशिकाएं बनाता है और हर दिन 200 अरब से अधिक रक्त कोशिकाओं का निर्माण करता है; किसी भी समय शरीर में 2500 अरब रक्त कोशिकाएं मौजूद रहती हैं, जिसमें एक बूंद खून में 25 करोड़ कोशिकाएं होती हैं। इंसान का खून हर दिन शरीर में 1,92,000 किलोमीटर का सफर करता है। शरीर में औसतन 5.6 लीटर खून होता है जो हर 20 सेकंड में एक बार पूरे शरीर का चक्कर काट लेता है। एक स्वस्थ इंसान का हृदय हर दिन 1,00,000 बार धड़कता है, जो साल भर में 3 करोड़ से ज्यादा बार हो जाता है। दिल का पंपिंग प्रेशर इतना तेज होता है कि यह खून को 30 फुट ऊपर उछाल सकता है। इंसान की आंखें एक करोड़ रंगों में बारीक से बारीक अंतर पहचान सकती हैं, और फिलहाल दुनिया में ऐसी कोई मशीन नहीं है जो इसका मुकाबला कर सके। हमारी नाक में एक प्राकृतिक एयर कंडीशनर होता है, जो गर्म हवा को ठंडा और ठंडी हवा को गर्म कर फेफड़ों तक पहुंचाता है। तंत्रिका तंत्र शरीर के बाकी हिस्सों तक 400 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से जरूरी निर्देश पहुंचाता है, और इंसानी मस्तिष्क में 100 अरब से ज्यादा तंत्रिका कोशिकाएं होती हैं। शरीर में 70 फीसदी पानी होता है, इसके अलावा इसमें बड़ी मात्रा में कार्बन, जिंक, कोबाल्ट, कैल्शियम, मैग्नीशियम, फॉस्फेट, निकिल और सिलिकॉन भी होता है। छींकते समय बाहर निकलने वाली हवा की रफ्तार 166 से 300 किलोमीटर प्रतिघंटा तक हो सकती है, और आंखें खोलकर छींकना नामुमकिन है। इंसान के वजन का 10 फीसदी हिस्सा शरीर में मौजूद बैक्टीरिया की वजह से होता है; एक वर्ग इंच त्वचा में 3.2 करोड़ बैक्टीरिया होते हैं। आंखें बचपन में ही पूरी तरह विकसित हो जाती हैं और बाद में उनमें कोई विकास नहीं होता, जबकि नाक और कान पूरी जिंदगी विकसित होते रहते हैं। कान लाखों आवाजों में अंतर पहचान सकते हैं और 1,000 से 50,000 हर्ट्ज के बीच की ध्वनि तरंगें सुनते हैं। इंसान के दांत चट्टान की तरह मजबूत होते हैं, लेकिन शरीर के दूसरे हिस्सों के विपरीत, वे बीमार होने पर खुद को दुरुस्त नहीं कर पाते। इंसान के मुंह में हर दिन 1.7 लीटर लार बनती है, जो खाने को पचाने के साथ-साथ जीभ में मौजूद 10,000 से ज्यादा स्वाद ग्रंथियों को नम बनाए रखती है। पलकें आंखों से पसीना बाहर निकालने और उनमें नमी बनाए रखने के लिए झपकती हैं; महिलाएं पुरुषों की तुलना में दोगुनी बार पलकें झपकती हैं। अंगूठे का नाखून सबसे धीमी रफ्तार से बढ़ता है, वहीं मध्यमा या मिडिल फिंगर का नाखून सबसे तेजी से बढ़ता है। पुरुषों में दाढ़ी के बाल सबसे तेजी से बढ़ते हैं; अगर कोई शख्स पूरी जिंदगी शेविंग न करे तो दाढ़ी 30 फुट लंबी हो सकती है। एक इंसान आम तौर पर जिंदगी के पांच साल खाना खाने में गुजार देता है और जीवन भर अपने वजन से 7,000 गुना ज्यादा भोजन खा चुका होता है। एक स्वस्थ इंसान के सिर से हर दिन 80 बाल झड़ते हैं। इंसान दुनिया में आने से पहले ही, यानी मां के गर्भ में ही सपने देखना शुरू कर देता है और बच्चे का विकास वसंत में तेजी से होता है। नींद के दौरान इंसान की ऊर्जा जलती है, दिमाग अहम सूचनाओं को स्टोर करता है, शरीर को आराम मिलता है और मरम्मत का काम भी होता है, साथ ही शारीरिक विकास के लिए जिम्मेदार हार्मोन्स भी निकलते हैं।
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    वैज्ञानिकों ने इंसानी शरीर को एक अद्भुत रचना बताया है, जिसके काम करने के तरीके हर किसी को हैरान कर सकते हैं। हमारे फेफड़े हर दिन 20 लाख लीटर हवा को फिल्टर करते हैं और अगर उन्हें पूरी तरह फैलाया जाए तो वे टेनिस कोर्ट के एक हिस्से को ढक सकते हैं। शरीर हर सेकंड 2.5 करोड़ नई कोशिकाएं बनाता है और हर दिन 200 अरब से अधिक रक्त कोशिकाओं का निर्माण करता है; किसी भी समय शरीर में 2500 अरब रक्त कोशिकाएं मौजूद रहती हैं, जिसमें एक बूंद खून में 25 करोड़ कोशिकाएं होती हैं।

इंसान का खून हर दिन शरीर में 1,92,000 किलोमीटर का सफर करता है। शरीर में औसतन 5.6 लीटर खून होता है जो हर 20 सेकंड में एक बार पूरे शरीर का चक्कर काट लेता है। एक स्वस्थ इंसान का हृदय हर दिन 1,00,000 बार धड़कता है, जो साल भर में 3 करोड़ से ज्यादा बार हो जाता है। दिल का पंपिंग प्रेशर इतना तेज होता है कि यह खून को 30 फुट ऊपर उछाल सकता है।

इंसान की आंखें एक करोड़ रंगों में बारीक से बारीक अंतर पहचान सकती हैं, और फिलहाल दुनिया में ऐसी कोई मशीन नहीं है जो इसका मुकाबला कर सके। हमारी नाक में एक प्राकृतिक एयर कंडीशनर होता है, जो गर्म हवा को ठंडा और ठंडी हवा को गर्म कर फेफड़ों तक पहुंचाता है। तंत्रिका तंत्र शरीर के बाकी हिस्सों तक 400 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से जरूरी निर्देश पहुंचाता है, और इंसानी मस्तिष्क में 100 अरब से ज्यादा तंत्रिका कोशिकाएं होती हैं।

शरीर में 70 फीसदी पानी होता है, इसके अलावा इसमें बड़ी मात्रा में कार्बन, जिंक, कोबाल्ट, कैल्शियम, मैग्नीशियम, फॉस्फेट, निकिल और सिलिकॉन भी होता है। छींकते समय बाहर निकलने वाली हवा की रफ्तार 166 से 300 किलोमीटर प्रतिघंटा तक हो सकती है, और आंखें खोलकर छींकना नामुमकिन है। इंसान के वजन का 10 फीसदी हिस्सा शरीर में मौजूद बैक्टीरिया की वजह से होता है; एक वर्ग इंच त्वचा में 3.2 करोड़ बैक्टीरिया होते हैं।

आंखें बचपन में ही पूरी तरह विकसित हो जाती हैं और बाद में उनमें कोई विकास नहीं होता, जबकि नाक और कान पूरी जिंदगी विकसित होते रहते हैं। कान लाखों आवाजों में अंतर पहचान सकते हैं और 1,000 से 50,000 हर्ट्ज के बीच की ध्वनि तरंगें सुनते हैं। इंसान के दांत चट्टान की तरह मजबूत होते हैं, लेकिन शरीर के दूसरे हिस्सों के विपरीत, वे बीमार होने पर खुद को दुरुस्त नहीं कर पाते।

इंसान के मुंह में हर दिन 1.7 लीटर लार बनती है, जो खाने को पचाने के साथ-साथ जीभ में मौजूद 10,000 से ज्यादा स्वाद ग्रंथियों को नम बनाए रखती है। पलकें आंखों से पसीना बाहर निकालने और उनमें नमी बनाए रखने के लिए झपकती हैं; महिलाएं पुरुषों की तुलना में दोगुनी बार पलकें झपकती हैं। अंगूठे का नाखून सबसे धीमी रफ्तार से बढ़ता है, वहीं मध्यमा या मिडिल फिंगर का नाखून सबसे तेजी से बढ़ता है।

पुरुषों में दाढ़ी के बाल सबसे तेजी से बढ़ते हैं; अगर कोई शख्स पूरी जिंदगी शेविंग न करे तो दाढ़ी 30 फुट लंबी हो सकती है। एक इंसान आम तौर पर जिंदगी के पांच साल खाना खाने में गुजार देता है और जीवन भर अपने वजन से 7,000 गुना ज्यादा भोजन खा चुका होता है। एक स्वस्थ इंसान के सिर से हर दिन 80 बाल झड़ते हैं। इंसान दुनिया में आने से पहले ही, यानी मां के गर्भ में ही सपने देखना शुरू कर देता है और बच्चे का विकास वसंत में तेजी से होता है। नींद के दौरान इंसान की ऊर्जा जलती है, दिमाग अहम सूचनाओं को स्टोर करता है, शरीर को आराम मिलता है और मरम्मत का काम भी होता है, साथ ही शारीरिक विकास के लिए जिम्मेदार हार्मोन्स भी निकलते हैं।
    user_Om Parkash
    Om Parkash
    Local News Reporter अटेली, महेंद्रगढ़, हरियाणा•
    32 min ago
  • विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर उपायुक्त अनुपमा अंजली ने पौधारोपण कर 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान से जुड़कर पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया। इस पहल के अंतर्गत उन्होंने जिलेवासियों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई और उनसे अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। उपायुक्त अनुपमा अंजली ने इस बात पर जोर दिया कि बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों के अत्यधिक दोहन के कारण आज पर्यावरण संरक्षण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गया है। उन्होंने हर नागरिक से प्रकृति के संरक्षण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने की अपील करते हुए कहा कि पेड़-पौधे पृथ्वी के जीवनदायिनी आधार हैं। ये न केवल शुद्ध ऑक्सीजन, छाया और स्वच्छ वातावरण प्रदान करते हैं, बल्कि वर्षा चक्र को संतुलित रखने, भूजल स्तर बढ़ाने तथा जैव विविधता को संरक्षित रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बल दिया कि आज उठाए गए ठोस कदम आने वाली पीढ़ियों को एक सुरक्षित, स्वच्छ और हरित भविष्य प्रदान कर सकते हैं। अनुपमा अंजली ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान को समाज को प्रकृति से भावनात्मक रूप से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम बताते हुए, हर व्यक्ति से अपनी मां के सम्मान में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी नियमित देखभाल करने का आग्रह किया। इस अवसर पर, उपायुक्त ने उपस्थित लोगों को प्लास्टिक के उपयोग को कम करने, जल संरक्षण करने और स्वच्छ व हरित वातावरण बनाए रखने का संकल्प भी दिलाया, यह कहते हुए कि छोटे-छोटे प्रयास मिलकर पर्यावरण संरक्षण की बड़ी मुहिम का रूप ले सकते हैं। विभिन्न विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की और अधिक पौधे लगाने का संकल्प लिया।
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    विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर उपायुक्त अनुपमा अंजली ने पौधारोपण कर 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान से जुड़कर पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया। इस पहल के अंतर्गत उन्होंने जिलेवासियों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई और उनसे अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।

उपायुक्त अनुपमा अंजली ने इस बात पर जोर दिया कि बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों के अत्यधिक दोहन के कारण आज पर्यावरण संरक्षण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गया है। उन्होंने हर नागरिक से प्रकृति के संरक्षण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने की अपील करते हुए कहा कि पेड़-पौधे पृथ्वी के जीवनदायिनी आधार हैं। ये न केवल शुद्ध ऑक्सीजन, छाया और स्वच्छ वातावरण प्रदान करते हैं, बल्कि वर्षा चक्र को संतुलित रखने, भूजल स्तर बढ़ाने तथा जैव विविधता को संरक्षित रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बल दिया कि आज उठाए गए ठोस कदम आने वाली पीढ़ियों को एक सुरक्षित, स्वच्छ और हरित भविष्य प्रदान कर सकते हैं।

अनुपमा अंजली ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान को समाज को प्रकृति से भावनात्मक रूप से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम बताते हुए, हर व्यक्ति से अपनी मां के सम्मान में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी नियमित देखभाल करने का आग्रह किया। इस अवसर पर, उपायुक्त ने उपस्थित लोगों को प्लास्टिक के उपयोग को कम करने, जल संरक्षण करने और स्वच्छ व हरित वातावरण बनाए रखने का संकल्प भी दिलाया, यह कहते हुए कि छोटे-छोटे प्रयास मिलकर पर्यावरण संरक्षण की बड़ी मुहिम का रूप ले सकते हैं। विभिन्न विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की और अधिक पौधे लगाने का संकल्प लिया।
    user_Bhagwat Sharma
    Bhagwat Sharma
    Media company नारनौल, महेंद्रगढ़, हरियाणा•
    6 hrs ago
  • रेवाड़ी क्षेत्र के सीहा गांव में बाबा भगवान दास जयंती के शुभ अवसर पर एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया।
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    रेवाड़ी क्षेत्र के सीहा गांव में बाबा भगवान दास जयंती के शुभ अवसर पर एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया।
    user_Dainik news Haryana live
    Dainik news Haryana live
    Local News Reporter महेंद्रगढ़, महेंद्रगढ़, हरियाणा•
    7 min ago
  • निर्वाचन पंजीयन अधिकारी एवं एसडीएम योगेश सैनी ने महेंद्रगढ़ में भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार हरियाणा राज्य में विशेष संक्षिप्त मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम की घोषणा की है। यह अभियान 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर प्रारंभ किया जा रहा है। एसडीएम सैनी ने शुक्रवार को अपने कार्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान महेंद्रगढ़ विधानसभा में मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया के निर्धारित कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा 15 जून 2026 से 14 जुलाई 2026 तक घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन किया जाएगा। इस प्रक्रिया के उपरांत, 21 जुलाई 2026 को प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने अथवा संशोधन करवाने के लिए दावे एवं आपत्तियां 21 जुलाई 2026 से 20 अगस्त 2026 तक स्वीकार की जाएंगी। प्राप्त दावों एवं आपत्तियों का निपटारा 18 सितंबर 2026 तक किया जाएगा, जिसके बाद 22 सितंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन होगा। योगेश सैनी ने सभी पात्र नागरिकों, विशेषकर 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके युवाओं से अपील की है कि वे अपने नाम मतदाता सूची में अवश्य दर्ज करवाएं। साथ ही, उन्होंने उन मतदाताओं से भी आग्रह किया जिनके नाम, पते अथवा अन्य विवरण में त्रुटि है, कि वे समय रहते आवश्यक संशोधन करवा लें।
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    निर्वाचन पंजीयन अधिकारी एवं एसडीएम योगेश सैनी ने महेंद्रगढ़ में भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार हरियाणा राज्य में विशेष संक्षिप्त मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम की घोषणा की है। यह अभियान 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर प्रारंभ किया जा रहा है। एसडीएम सैनी ने शुक्रवार को अपने कार्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान महेंद्रगढ़ विधानसभा में मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया के निर्धारित कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा 15 जून 2026 से 14 जुलाई 2026 तक घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन किया जाएगा। इस प्रक्रिया के उपरांत, 21 जुलाई 2026 को प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने अथवा संशोधन करवाने के लिए दावे एवं आपत्तियां 21 जुलाई 2026 से 20 अगस्त 2026 तक स्वीकार की जाएंगी। प्राप्त दावों एवं आपत्तियों का निपटारा 18 सितंबर 2026 तक किया जाएगा, जिसके बाद 22 सितंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन होगा।

योगेश सैनी ने सभी पात्र नागरिकों, विशेषकर 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके युवाओं से अपील की है कि वे अपने नाम मतदाता सूची में अवश्य दर्ज करवाएं। साथ ही, उन्होंने उन मतदाताओं से भी आग्रह किया जिनके नाम, पते अथवा अन्य विवरण में त्रुटि है, कि वे समय रहते आवश्यक संशोधन करवा लें।
    user_दिनेश कुमार
    दिनेश कुमार
    Journalist महेंद्रगढ़, महेंद्रगढ़, हरियाणा•
    6 hrs ago
  • उत्तरप्रदेश से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है, जहाँ एक महिला ने पाँच दिनों के भीतर चार बच्चों को जन्म दिया है।
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    उत्तरप्रदेश से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है, जहाँ एक महिला ने पाँच दिनों के भीतर चार बच्चों को जन्म दिया है।
    user_Satish kumar
    Satish kumar
    Electrician महेंद्रगढ़, महेंद्रगढ़, हरियाणा•
    12 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश और हरियाणा के रेवाड़ी से जुड़ी एक घटना में, एक महिला ने मात्र पाँच दिन के अंतराल में चार बच्चों को जन्म दिया है।
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    उत्तर प्रदेश और हरियाणा के रेवाड़ी से जुड़ी एक घटना में, एक महिला ने मात्र पाँच दिन के अंतराल में चार बच्चों को जन्म दिया है।
    user_Rajbala
    Rajbala
    Local News Reporter रेवाड़ी, रेवाड़ी, हरियाणा•
    30 min ago
  • मुंडावर बस स्टैंड पर इन दिनों अतिक्रमण इस कदर बढ़ गया है कि आम जनता और राहगीरों का पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। मुख्य चौराहे और बस स्टैंड जैसे व्यस्त स्थान पर खुलेआम हो रहे इस अतिक्रमण पर स्थानीय प्रशासन पूरी तरह से आंखें मूंदे बैठा है। तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि मुख्य सड़क पर ही दुकानें लगी हुई हैं और सामान बाहर तक फैलाकर रखा गया है, जिससे रोडवेज और निजी बसों को मुड़ने या खड़े होने की पर्याप्त जगह नहीं मिल पाती, और हर समय बड़े हादसे का खतरा बना रहता है। सड़क के बीचों-बीच खड़े वाहनों और अव्यवस्थित यातायात के कारण भी गंभीर समस्या उत्पन्न हो रही है। बस स्टैंड के ठीक सामने लोग अपने वाहन बेतरतीब ढंग से खड़े कर देते हैं, जिससे आए दिन लंबा जाम लग जाता है। 'बस स्टॉप मुंडावर' (सौजन्य से- नगरपालिका मुंडावर) लिखे शेड के नीचे और आसपास भी थड़ी-ठेले वालों ने पक्का कब्जा जमा लिया है, जिससे यात्रियों के बैठने के लिए बनी बेंचों के पास दुकानें लग गई हैं और यात्रियों को खड़े रहने पर मजबूर होना पड़ता है। स्थानीय दुकानदारों द्वारा सड़क सीमा में सामान फैलाने और अस्थाई थड़ियों के कारण बस स्टैंड संकरा हो गया है, जिससे कस्बे के मुख्य मार्ग पर लगातार जाम लगा रहता है। स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को इन वाहनों के बीच से जान जोखिम में डालकर गुजरना पड़ता है। जनता का आरोप है कि मुंडावर नगरपालिका और स्थानीय प्रशासन को इस गंभीर समस्या की पूरी जानकारी है, लेकिन इसके बावजूद अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। प्रशासन की इस ढुलमुल नीति के कारण अतिक्रमणकारियों के हौसले लगातार बुलंद हो रहे हैं, जिस पर जनता सवाल उठा रही है। कस्बावासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मुंडावर बस स्टैंड को इस अवैध अतिक्रमण से मुक्त करवाकर यातायात व्यवस्था को सुचारू नहीं किया गया, तो उन्हें आंदोलन की राह पकड़नी पड़ेगी।
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    मुंडावर बस स्टैंड पर इन दिनों अतिक्रमण इस कदर बढ़ गया है कि आम जनता और राहगीरों का पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। मुख्य चौराहे और बस स्टैंड जैसे व्यस्त स्थान पर खुलेआम हो रहे इस अतिक्रमण पर स्थानीय प्रशासन पूरी तरह से आंखें मूंदे बैठा है। तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि मुख्य सड़क पर ही दुकानें लगी हुई हैं और सामान बाहर तक फैलाकर रखा गया है, जिससे रोडवेज और निजी बसों को मुड़ने या खड़े होने की पर्याप्त जगह नहीं मिल पाती, और हर समय बड़े हादसे का खतरा बना रहता है।

सड़क के बीचों-बीच खड़े वाहनों और अव्यवस्थित यातायात के कारण भी गंभीर समस्या उत्पन्न हो रही है। बस स्टैंड के ठीक सामने लोग अपने वाहन बेतरतीब ढंग से खड़े कर देते हैं, जिससे आए दिन लंबा जाम लग जाता है। 'बस स्टॉप मुंडावर' (सौजन्य से- नगरपालिका मुंडावर) लिखे शेड के नीचे और आसपास भी थड़ी-ठेले वालों ने पक्का कब्जा जमा लिया है, जिससे यात्रियों के बैठने के लिए बनी बेंचों के पास दुकानें लग गई हैं और यात्रियों को खड़े रहने पर मजबूर होना पड़ता है। स्थानीय दुकानदारों द्वारा सड़क सीमा में सामान फैलाने और अस्थाई थड़ियों के कारण बस स्टैंड संकरा हो गया है, जिससे कस्बे के मुख्य मार्ग पर लगातार जाम लगा रहता है। स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को इन वाहनों के बीच से जान जोखिम में डालकर गुजरना पड़ता है।

जनता का आरोप है कि मुंडावर नगरपालिका और स्थानीय प्रशासन को इस गंभीर समस्या की पूरी जानकारी है, लेकिन इसके बावजूद अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। प्रशासन की इस ढुलमुल नीति के कारण अतिक्रमणकारियों के हौसले लगातार बुलंद हो रहे हैं, जिस पर जनता सवाल उठा रही है। कस्बावासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मुंडावर बस स्टैंड को इस अवैध अतिक्रमण से मुक्त करवाकर यातायात व्यवस्था को सुचारू नहीं किया गया, तो उन्हें आंदोलन की राह पकड़नी पड़ेगी।
    user_पत्रकार संदीप यादव
    पत्रकार संदीप यादव
    Computer Shop Mandawar, Alwar•
    13 hrs ago
  • महेंद्रगढ़, हरियाणा के बुचोली स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से एक पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य धर्मवीर सिंह और ममाज टीम के सदस्य मुकेश चौहान ने मिलकर किया। इस अवसर पर सरपंच अलका यादव, डॉ. पूनम, एएनएम सोनू, ग्राम सचिव निशा कुमारी, इको क्लब इंचार्ज प्रवक्ता ममता, प्रवक्ता राकेश कुमार, कर्मवीर, मा. मनोज, जितेंद्र, दीपक तंवर और नरेश भी विशेष रूप से उपस्थित रहे, जिन्होंने पौधारोपण के कार्य में अपना सहयोग प्रदान किया।
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    महेंद्रगढ़, हरियाणा के बुचोली स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से एक पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य धर्मवीर सिंह और ममाज टीम के सदस्य मुकेश चौहान ने मिलकर किया।

इस अवसर पर सरपंच अलका यादव, डॉ. पूनम, एएनएम सोनू, ग्राम सचिव निशा कुमारी, इको क्लब इंचार्ज प्रवक्ता ममता, प्रवक्ता राकेश कुमार, कर्मवीर, मा. मनोज, जितेंद्र, दीपक तंवर और नरेश भी विशेष रूप से उपस्थित रहे, जिन्होंने पौधारोपण के कार्य में अपना सहयोग प्रदान किया।
    user_Om Parkash
    Om Parkash
    Local News Reporter अटेली, महेंद्रगढ़, हरियाणा•
    58 min ago
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