विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर उपायुक्त अनुपमा अंजली ने पौधारोपण कर 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान से जुड़कर पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया। इस पहल के अंतर्गत उन्होंने जिलेवासियों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई और उनसे अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। उपायुक्त अनुपमा अंजली ने इस बात पर जोर दिया कि बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों के अत्यधिक दोहन के कारण आज पर्यावरण संरक्षण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गया है। उन्होंने हर नागरिक से प्रकृति के संरक्षण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने की अपील करते हुए कहा कि पेड़-पौधे पृथ्वी के जीवनदायिनी आधार हैं। ये न केवल शुद्ध ऑक्सीजन, छाया और स्वच्छ वातावरण प्रदान करते हैं, बल्कि वर्षा चक्र को संतुलित रखने, भूजल स्तर बढ़ाने तथा जैव विविधता को संरक्षित रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बल दिया कि आज उठाए गए ठोस कदम आने वाली पीढ़ियों को एक सुरक्षित, स्वच्छ और हरित भविष्य प्रदान कर सकते हैं। अनुपमा अंजली ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान को समाज को प्रकृति से भावनात्मक रूप से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम बताते हुए, हर व्यक्ति से अपनी मां के सम्मान में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी नियमित देखभाल करने का आग्रह किया। इस अवसर पर, उपायुक्त ने उपस्थित लोगों को प्लास्टिक के उपयोग को कम करने, जल संरक्षण करने और स्वच्छ व हरित वातावरण बनाए रखने का संकल्प भी दिलाया, यह कहते हुए कि छोटे-छोटे प्रयास मिलकर पर्यावरण संरक्षण की बड़ी मुहिम का रूप ले सकते हैं। विभिन्न विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की और अधिक पौधे लगाने का संकल्प लिया।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर उपायुक्त अनुपमा अंजली ने पौधारोपण कर 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान से जुड़कर पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया। इस पहल के अंतर्गत उन्होंने जिलेवासियों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई और उनसे अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। उपायुक्त अनुपमा अंजली ने इस बात पर जोर दिया कि बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों के अत्यधिक दोहन के कारण आज पर्यावरण संरक्षण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गया है। उन्होंने हर नागरिक से प्रकृति के संरक्षण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने की अपील करते हुए कहा कि पेड़-पौधे पृथ्वी के जीवनदायिनी आधार हैं। ये न केवल शुद्ध ऑक्सीजन, छाया और स्वच्छ वातावरण प्रदान करते हैं, बल्कि वर्षा चक्र को संतुलित रखने, भूजल स्तर बढ़ाने तथा जैव विविधता को संरक्षित रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बल दिया कि आज उठाए गए ठोस कदम आने वाली पीढ़ियों को एक सुरक्षित, स्वच्छ और हरित भविष्य प्रदान कर सकते हैं। अनुपमा अंजली ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान को समाज को प्रकृति से भावनात्मक रूप से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम बताते हुए, हर व्यक्ति से अपनी मां के सम्मान में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी नियमित देखभाल करने का आग्रह किया। इस अवसर पर, उपायुक्त ने उपस्थित लोगों को प्लास्टिक के उपयोग को कम करने, जल संरक्षण करने और स्वच्छ व हरित वातावरण बनाए रखने का संकल्प भी दिलाया, यह कहते हुए कि छोटे-छोटे प्रयास मिलकर पर्यावरण संरक्षण की बड़ी मुहिम का रूप ले सकते हैं। विभिन्न विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की और अधिक पौधे लगाने का संकल्प लिया।
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर उपायुक्त अनुपमा अंजली ने पौधारोपण कर 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान से जुड़कर पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया। इस पहल के अंतर्गत उन्होंने जिलेवासियों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई और उनसे अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। उपायुक्त अनुपमा अंजली ने इस बात पर जोर दिया कि बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों के अत्यधिक दोहन के कारण आज पर्यावरण संरक्षण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गया है। उन्होंने हर नागरिक से प्रकृति के संरक्षण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने की अपील करते हुए कहा कि पेड़-पौधे पृथ्वी के जीवनदायिनी आधार हैं। ये न केवल शुद्ध ऑक्सीजन, छाया और स्वच्छ वातावरण प्रदान करते हैं, बल्कि वर्षा चक्र को संतुलित रखने, भूजल स्तर बढ़ाने तथा जैव विविधता को संरक्षित रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बल दिया कि आज उठाए गए ठोस कदम आने वाली पीढ़ियों को एक सुरक्षित, स्वच्छ और हरित भविष्य प्रदान कर सकते हैं। अनुपमा अंजली ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान को समाज को प्रकृति से भावनात्मक रूप से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम बताते हुए, हर व्यक्ति से अपनी मां के सम्मान में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी नियमित देखभाल करने का आग्रह किया। इस अवसर पर, उपायुक्त ने उपस्थित लोगों को प्लास्टिक के उपयोग को कम करने, जल संरक्षण करने और स्वच्छ व हरित वातावरण बनाए रखने का संकल्प भी दिलाया, यह कहते हुए कि छोटे-छोटे प्रयास मिलकर पर्यावरण संरक्षण की बड़ी मुहिम का रूप ले सकते हैं। विभिन्न विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की और अधिक पौधे लगाने का संकल्प लिया।1
- महेंद्रगढ़ के गांव भोजावास में चल रहे आर्य समाज के “आर्य वीरांगना चरित्र निर्माण एवं आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर 2026” में बेटियों ने वीरांगनाओं के पदचिह्नों पर चलने का संकल्प लिया। शिविर में इंजी. पूनम शर्मा के प्रेरणादायक संबोधन ने बालिकाओं में जोश, उत्साह और राष्ट्रभक्ति का संचार किया, जिससे पूरा परिसर “भारत माता की जय” और “नारी शक्ति जिंदाबाद” के नारों से गूंज उठा। पाली यूनिवर्सिटी से जुड़ीं और गांव डिगरोता की सरपंच इंजी. पूनम शर्मा ने मंच से बेटियों को साहस, संस्कार और आत्मविश्वास का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भारत की बेटियां अब किसी पर निर्भर नहीं हैं, बल्कि हर क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने वाली शक्ति बन चुकी हैं। उनके अनुसार, शिक्षा, आत्मरक्षा और मजबूत संस्कार ही बेटियों को जीवन की हर चुनौती से लड़ने की ताकत देते हैं। इंजी. पूनम शर्मा ने भारत की महान वीरांगनाओं का उदाहरण देते हुए रानी लक्ष्मीबाई के साहस, माता जीजाबाई के संस्कारों, अहिल्याबाई होल्कर के नेतृत्व, बेगम हजरत महल के बलिदान, कल्पना चावला के सपनों और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संघर्ष को आज की पीढ़ी के लिए सबसे बड़ी प्रेरणा बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि इतिहास उन महिलाओं को कभी नहीं भूलता, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी हार मानने के बजाय संघर्ष का रास्ता चुना। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के जीवन का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि एक साधारण परिवार से देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचना यह साबित करता है कि मेहनत, शिक्षा और आत्मविश्वास के सामने कोई बाधा बड़ी नहीं होती। उन्होंने बेटियों को परिस्थितियों से डरने के बजाय उन्हें बदलने का हौसला रखने के लिए प्रेरित किया। इसके अतिरिक्त, इंजी. पूनम शर्मा ने सोशल मीडिया के बढ़ते दुष्प्रभावों पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने युवा पीढ़ी को दिखावे और झूठी चमक-दमक से बचकर अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी। उनके अनुसार, माता-पिता का सम्मान, अनुशासन और संस्कार ही जीवन को सही दिशा देते हैं। उन्होंने आत्मरक्षा को केवल शारीरिक सुरक्षा नहीं, बल्कि मानसिक मजबूती और आत्मविश्वास का भी प्रतीक बताया, यह कहते हुए कि यदि बेटियां मानसिक, बौद्धिक और नैतिक रूप से मजबूत होंगी तो वे समाज की हर बुराई का सामना कर सकेंगी। इस अवसर पर, समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वाले मीडिया कर्मियों और सामाजिक लोगों को भी सम्मानित किया गया। शिविर में प्रशिक्षण ले रही बालिकाओं ने पूरे उत्साह के साथ आत्मरक्षा प्रशिक्षण में भाग लिया और यह संकल्प लिया कि वे शिक्षा, संस्कार और आत्मविश्वास के बल पर अपने परिवार, समाज और राष्ट्र का नाम रोशन करेंगी।1
- निर्वाचन पंजीयन अधिकारी एवं एसडीएम योगेश सैनी ने महेंद्रगढ़ में भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार हरियाणा राज्य में विशेष संक्षिप्त मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम की घोषणा की है। यह अभियान 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर प्रारंभ किया जा रहा है। एसडीएम सैनी ने शुक्रवार को अपने कार्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान महेंद्रगढ़ विधानसभा में मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया के निर्धारित कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा 15 जून 2026 से 14 जुलाई 2026 तक घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन किया जाएगा। इस प्रक्रिया के उपरांत, 21 जुलाई 2026 को प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने अथवा संशोधन करवाने के लिए दावे एवं आपत्तियां 21 जुलाई 2026 से 20 अगस्त 2026 तक स्वीकार की जाएंगी। प्राप्त दावों एवं आपत्तियों का निपटारा 18 सितंबर 2026 तक किया जाएगा, जिसके बाद 22 सितंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन होगा। योगेश सैनी ने सभी पात्र नागरिकों, विशेषकर 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके युवाओं से अपील की है कि वे अपने नाम मतदाता सूची में अवश्य दर्ज करवाएं। साथ ही, उन्होंने उन मतदाताओं से भी आग्रह किया जिनके नाम, पते अथवा अन्य विवरण में त्रुटि है, कि वे समय रहते आवश्यक संशोधन करवा लें।1
- उत्तरप्रदेश से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है, जहाँ एक महिला ने पाँच दिनों के भीतर चार बच्चों को जन्म दिया है।1
- पीठमपुरी स्थित एक आम रास्ते पर काफी दिनों से अतिक्रमण किया गया है, जिसके कारण स्थानीय लोगों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस अतिक्रमण से वाहनों की आवाजाही में भी गंभीर समस्याएँ उत्पन्न हो रही हैं।1
- मुंडावर बस स्टैंड पर इन दिनों अतिक्रमण इस कदर बढ़ गया है कि आम जनता और राहगीरों का पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। मुख्य चौराहे और बस स्टैंड जैसे व्यस्त स्थान पर खुलेआम हो रहे इस अतिक्रमण पर स्थानीय प्रशासन पूरी तरह से आंखें मूंदे बैठा है। तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि मुख्य सड़क पर ही दुकानें लगी हुई हैं और सामान बाहर तक फैलाकर रखा गया है, जिससे रोडवेज और निजी बसों को मुड़ने या खड़े होने की पर्याप्त जगह नहीं मिल पाती, और हर समय बड़े हादसे का खतरा बना रहता है। सड़क के बीचों-बीच खड़े वाहनों और अव्यवस्थित यातायात के कारण भी गंभीर समस्या उत्पन्न हो रही है। बस स्टैंड के ठीक सामने लोग अपने वाहन बेतरतीब ढंग से खड़े कर देते हैं, जिससे आए दिन लंबा जाम लग जाता है। 'बस स्टॉप मुंडावर' (सौजन्य से- नगरपालिका मुंडावर) लिखे शेड के नीचे और आसपास भी थड़ी-ठेले वालों ने पक्का कब्जा जमा लिया है, जिससे यात्रियों के बैठने के लिए बनी बेंचों के पास दुकानें लग गई हैं और यात्रियों को खड़े रहने पर मजबूर होना पड़ता है। स्थानीय दुकानदारों द्वारा सड़क सीमा में सामान फैलाने और अस्थाई थड़ियों के कारण बस स्टैंड संकरा हो गया है, जिससे कस्बे के मुख्य मार्ग पर लगातार जाम लगा रहता है। स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को इन वाहनों के बीच से जान जोखिम में डालकर गुजरना पड़ता है। जनता का आरोप है कि मुंडावर नगरपालिका और स्थानीय प्रशासन को इस गंभीर समस्या की पूरी जानकारी है, लेकिन इसके बावजूद अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। प्रशासन की इस ढुलमुल नीति के कारण अतिक्रमणकारियों के हौसले लगातार बुलंद हो रहे हैं, जिस पर जनता सवाल उठा रही है। कस्बावासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मुंडावर बस स्टैंड को इस अवैध अतिक्रमण से मुक्त करवाकर यातायात व्यवस्था को सुचारू नहीं किया गया, तो उन्हें आंदोलन की राह पकड़नी पड़ेगी।1
- भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार हरियाणा राज्य में, जिसमें महेंद्रगढ़ भी शामिल है, 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर एक विशेष संक्षिप्त मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। इस अभियान की जानकारी निर्वाचन पंजीयन अधिकारी एवं डीसी अनुपमा अंजलि ने एक प्रेस वार्ता के माध्यम से दी, जिसे महेंद्रगढ़ विधानसभा के निर्वाचन पंजीयन अधिकारी एवं एसडीएम योगेश सैनी ने भी संबोधित किया। एसडीएम योगेश सैनी ने बताया कि इस प्रक्रिया के तहत बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा 15 जून 2026 से 14 जुलाई 2026 तक घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन किया जाएगा। इसके उपरांत, 21 जुलाई 2026 को प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने अथवा संशोधन करवाने के लिए दावे एवं आपत्तियां 21 जुलाई 2026 से 20 अगस्त 2026 तक स्वीकार की जाएंगी। प्राप्त दावों एवं आपत्तियों का निपटारा 18 सितंबर 2026 तक किया जाएगा, जिसके बाद अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 22 सितंबर 2026 को किया जाएगा। इस दौरान सभी पात्र नागरिकों, विशेषकर 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके युवाओं से अपील की गई है कि वे अपने नाम मतदाता सूची में अवश्य दर्ज करवाएं और जिन मतदाताओं के नाम, पते अथवा अन्य विवरण में त्रुटि है, वे समय रहते आवश्यक संशोधन करवा लें।1
- करनाल से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ एक डॉक्टर पर नाबालिग लड़की के साथ गलत काम करने का गंभीर आरोप लगा है। बताया गया है कि इस डॉक्टर ने सरकारी अस्पताल की ओपीडी में लड़की को बार-बार पीड़ित किया और उसके साथ 'रे...प' जैसा घिनौना कृत्य किया। इस घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और आरोपी डॉक्टर को तुरंत गिरफ्तार कर लिया। पुलिस आरोपी को सड़क पर लेकर निकली, जो इस मामले की गंभीरता और सार्वजनिक रोष को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।1