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फ़इलेरिया (हाथी पांव) एक गंभीर लेकिन रोकी जा सकने वाली बीमारी है, जो मच्छरों के काटने से फैलती है। समय पर दवा सेवन से इस बीमारी से बचाव संभव है। इसी क्रम में आगामी एमडीए राउंड (सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम) दिनांक 10 फरवरी से 25 फरवरी तक संचालित किया जाएगा, जिसके अंतर्गत सहिया दीदियों के माध्यम से प्रत्येक घर में दवा का सेवन सुनिश्चित किया जाना है। इस महत्वपूर्ण अभियान को सफल बनाने हेतु सहिया दीदियों का सक्रिय सहयोग अपेक्षित है। अतः आप सभी से विनम्र अनुरोध है कि इस सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम में अपना पूर्ण सहयोग प्रदान करें। - *उप विकास आयुक्त दिलेश्वर महत्तो ने की अपील।*
Sunderam Keshri
फ़इलेरिया (हाथी पांव) एक गंभीर लेकिन रोकी जा सकने वाली बीमारी है, जो मच्छरों के काटने से फैलती है। समय पर दवा सेवन से इस बीमारी से बचाव संभव है। इसी क्रम में आगामी एमडीए राउंड (सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम) दिनांक 10 फरवरी से 25 फरवरी तक संचालित किया जाएगा, जिसके अंतर्गत सहिया दीदियों के माध्यम से प्रत्येक घर में दवा का सेवन सुनिश्चित किया जाना है। इस महत्वपूर्ण अभियान को सफल बनाने हेतु सहिया दीदियों का सक्रिय सहयोग अपेक्षित है। अतः आप सभी से विनम्र अनुरोध है कि इस सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम में अपना पूर्ण सहयोग प्रदान करें। - *उप विकास आयुक्त दिलेश्वर महत्तो ने की अपील।*
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- जारी (गुमला): जारी प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत राजकीय उत्क्रमित उच्च विद्यालय, जारी के सभागार में बुधवार को भावभीनी विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय की सेवानिवृत्त सहायक शिक्षिका विक्टोरिया एक्का तथा कक्षा दसवीं एवं बारहवीं के छात्र-छात्राओं को सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। कार्यक्रम में विद्यालय परिवार द्वारा शिक्षिका विक्टोरिया एक्का को अंगवस्त्र एवं उपहार भेंट कर उनके दीर्घकालीन सेवाकाल के लिए सम्मानित किया गया। वहीं विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर समारोह को भावनात्मक बना दिया। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि विक्टोरिया एक्का ने विद्यालय में लगभग 12 वर्षों तक अनुशासित, कर्तव्यनिष्ठ एवं प्रेरणादायी शिक्षिका के रूप में सेवाएं दीं। उन्होंने न केवल विद्यार्थियों में शिक्षा के प्रति रुचि जगाई, बल्कि नैतिक मूल्यों का भी संचार किया। शिक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान अनुकरणीय रहा है, जिसे विद्यालय परिवार कभी नहीं भुला पाएगा। विद्यालय की प्रधानाध्यापिका जोसेफा टोप्पो ने अपने संबोधन में कहा कि विक्टोरिया एक्का की पढ़ाने की शैली और समर्पण हमेशा स्मरणीय रहेगा। वहीं सेवानिवृत्त शिक्षिका विक्टोरिया एक्का ने अपने संबोधन में कहा कि विद्यालय में शिक्षकों एवं विद्यार्थियों से मिला स्नेह और सम्मान उनके लिए अमूल्य धरोहर है, जिसे वे जीवन भर याद रखेंगी। कार्यक्रम में शिक्षक-शिक्षिकाएं, विद्यालय कर्मी, छात्र-छात्राएं एवं अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।1
- फ़इलेरिया (हाथी पांव) एक गंभीर लेकिन रोकी जा सकने वाली बीमारी है, जो मच्छरों के काटने से फैलती है। समय पर दवा सेवन से इस बीमारी से बचाव संभव है। इसी क्रम में आगामी एमडीए राउंड (सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम) दिनांक 10 फरवरी से 25 फरवरी तक संचालित किया जाएगा, जिसके अंतर्गत सहिया दीदियों के माध्यम से प्रत्येक घर में दवा का सेवन सुनिश्चित किया जाना है। इस महत्वपूर्ण अभियान को सफल बनाने हेतु सहिया दीदियों का सक्रिय सहयोग अपेक्षित है। अतः आप सभी से विनम्र अनुरोध है कि इस सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम में अपना पूर्ण सहयोग प्रदान करें। - *उप विकास आयुक्त दिलेश्वर महत्तो ने की अपील।*1
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- जिला आपूर्ति विभाग के निर्देश पर प्रखंड स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन कर पीडीएस संचालक को दिया गया कार्य करने का निर्देश1
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- चैनपुर (गुमला): चैनपुर प्रखंड में अवैध ईंट भट्ठों का कारोबार बेलगाम होता जा रहा है। नियम-कानून को ताक पर रखकर अवैध खनन से निकाली गई मिट्टी से बड़े पैमाने पर ईंट निर्माण किया जा रहा है। बिना किसी वैध अनुमति, पर्यावरण स्वीकृति और खनन लाइसेंस के चल रहे ये ईंट भट्ठे न सिर्फ सरकारी राजस्व को चूना लगा रहे हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के दावों की भी पोल खोल रहे हैं। प्रखंड के कई इलाकों में सड़क किनारे और आबादी के पास ही बंगला ईंट भट्ठे धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं। दिन-रात धुआं उगलते ये भट्ठे आसपास के पर्यावरण को जहरीला बना रहे हैं। भट्ठों में ईंधन के रूप में हरे पेड़ों की कटाई कर लकड़ियां झोंकी जा रही हैं, जिससे वन क्षेत्र और हरियाली पर सीधा हमला हो रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यह सब अंचल कार्यालय और संबंधित विभागों की जानकारी के बिना कैसे संभव है? ट्रैक्टरों से मिट्टी ढुलाई, भट्ठों में लगातार निर्माण और खुलेआम बिक्री—सब कुछ प्रशासन की आंखों के सामने चल रहा है। फिर भी अब तक न तो किसी भट्ठे को सील किया गया, न ही खनन पर रोक लगी। पर्यावरण नियमों के अनुसार ईंट भट्ठा संचालन के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश हैं, लेकिन चैनपुर में इन नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। जानकारों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो इसका दीर्घकालीन असर हवा, पानी और जनस्वास्थ्य पर पड़ेगा। अब सवाल सीधे तौर पर अंचल अधिकारी, खनन विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से है—क्या चैनपुर में चल रहे अवैध ईंट भट्ठों पर कार्रवाई होगी, या फिर माफियाओं के सामने सिस्टम की चुप्पी यूँ ही बनी रहेगी? जनता जवाब चाहती है, और जल्द।1