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अवैध खनन से चल रहे ईंट भट्ठे, चैनपुर में पर्यावरण और कानून दोनों धुएं में चैनपुर (गुमला): चैनपुर प्रखंड में अवैध ईंट भट्ठों का कारोबार बेलगाम होता जा रहा है। नियम-कानून को ताक पर रखकर अवैध खनन से निकाली गई मिट्टी से बड़े पैमाने पर ईंट निर्माण किया जा रहा है। बिना किसी वैध अनुमति, पर्यावरण स्वीकृति और खनन लाइसेंस के चल रहे ये ईंट भट्ठे न सिर्फ सरकारी राजस्व को चूना लगा रहे हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के दावों की भी पोल खोल रहे हैं। प्रखंड के कई इलाकों में सड़क किनारे और आबादी के पास ही बंगला ईंट भट्ठे धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं। दिन-रात धुआं उगलते ये भट्ठे आसपास के पर्यावरण को जहरीला बना रहे हैं। भट्ठों में ईंधन के रूप में हरे पेड़ों की कटाई कर लकड़ियां झोंकी जा रही हैं, जिससे वन क्षेत्र और हरियाली पर सीधा हमला हो रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यह सब अंचल कार्यालय और संबंधित विभागों की जानकारी के बिना कैसे संभव है? ट्रैक्टरों से मिट्टी ढुलाई, भट्ठों में लगातार निर्माण और खुलेआम बिक्री—सब कुछ प्रशासन की आंखों के सामने चल रहा है। फिर भी अब तक न तो किसी भट्ठे को सील किया गया, न ही खनन पर रोक लगी। पर्यावरण नियमों के अनुसार ईंट भट्ठा संचालन के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश हैं, लेकिन चैनपुर में इन नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। जानकारों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो इसका दीर्घकालीन असर हवा, पानी और जनस्वास्थ्य पर पड़ेगा। अब सवाल सीधे तौर पर अंचल अधिकारी, खनन विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से है—क्या चैनपुर में चल रहे अवैध ईंट भट्ठों पर कार्रवाई होगी, या फिर माफियाओं के सामने सिस्टम की चुप्पी यूँ ही बनी रहेगी? जनता जवाब चाहती है, और जल्द।

2 hrs ago
user_चैनपुरअपडेट
चैनपुरअपडेट
Journalist चैनपुर, गुमला, झारखंड•
2 hrs ago

अवैध खनन से चल रहे ईंट भट्ठे, चैनपुर में पर्यावरण और कानून दोनों धुएं में चैनपुर (गुमला): चैनपुर प्रखंड में अवैध ईंट भट्ठों का कारोबार बेलगाम होता जा रहा है। नियम-कानून को ताक पर रखकर अवैध खनन से निकाली गई मिट्टी से बड़े पैमाने पर ईंट निर्माण किया जा रहा है। बिना किसी वैध अनुमति, पर्यावरण स्वीकृति और खनन लाइसेंस के चल रहे ये ईंट भट्ठे न सिर्फ सरकारी राजस्व को चूना लगा रहे हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के दावों की भी पोल खोल रहे हैं। प्रखंड के कई इलाकों में सड़क किनारे और आबादी के पास ही बंगला ईंट भट्ठे धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं। दिन-रात धुआं उगलते ये भट्ठे आसपास के पर्यावरण को जहरीला बना रहे हैं। भट्ठों में ईंधन के रूप में हरे पेड़ों की कटाई कर लकड़ियां झोंकी जा रही हैं, जिससे वन क्षेत्र और हरियाली पर सीधा हमला हो रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यह सब अंचल कार्यालय और संबंधित विभागों की जानकारी के बिना कैसे संभव है? ट्रैक्टरों से मिट्टी ढुलाई, भट्ठों में लगातार निर्माण और खुलेआम बिक्री—सब कुछ प्रशासन की आंखों के सामने चल रहा है। फिर भी अब तक न तो किसी भट्ठे को सील किया गया, न ही खनन पर रोक लगी। पर्यावरण नियमों के अनुसार ईंट भट्ठा संचालन के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश हैं, लेकिन चैनपुर में इन नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। जानकारों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो इसका दीर्घकालीन असर हवा, पानी और जनस्वास्थ्य पर पड़ेगा। अब सवाल सीधे तौर पर अंचल अधिकारी, खनन विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से है—क्या चैनपुर में चल रहे अवैध ईंट भट्ठों पर कार्रवाई होगी, या फिर माफियाओं के सामने सिस्टम की चुप्पी यूँ ही बनी रहेगी? जनता जवाब चाहती है, और जल्द।

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  • चैनपुर (गुमला): चैनपुर प्रखंड में अवैध ईंट भट्ठों का कारोबार बेलगाम होता जा रहा है। नियम-कानून को ताक पर रखकर अवैध खनन से निकाली गई मिट्टी से बड़े पैमाने पर ईंट निर्माण किया जा रहा है। बिना किसी वैध अनुमति, पर्यावरण स्वीकृति और खनन लाइसेंस के चल रहे ये ईंट भट्ठे न सिर्फ सरकारी राजस्व को चूना लगा रहे हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के दावों की भी पोल खोल रहे हैं। प्रखंड के कई इलाकों में सड़क किनारे और आबादी के पास ही बंगला ईंट भट्ठे धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं। दिन-रात धुआं उगलते ये भट्ठे आसपास के पर्यावरण को जहरीला बना रहे हैं। भट्ठों में ईंधन के रूप में हरे पेड़ों की कटाई कर लकड़ियां झोंकी जा रही हैं, जिससे वन क्षेत्र और हरियाली पर सीधा हमला हो रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यह सब अंचल कार्यालय और संबंधित विभागों की जानकारी के बिना कैसे संभव है? ट्रैक्टरों से मिट्टी ढुलाई, भट्ठों में लगातार निर्माण और खुलेआम बिक्री—सब कुछ प्रशासन की आंखों के सामने चल रहा है। फिर भी अब तक न तो किसी भट्ठे को सील किया गया, न ही खनन पर रोक लगी। पर्यावरण नियमों के अनुसार ईंट भट्ठा संचालन के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश हैं, लेकिन चैनपुर में इन नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। जानकारों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो इसका दीर्घकालीन असर हवा, पानी और जनस्वास्थ्य पर पड़ेगा। अब सवाल सीधे तौर पर अंचल अधिकारी, खनन विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से है—क्या चैनपुर में चल रहे अवैध ईंट भट्ठों पर कार्रवाई होगी, या फिर माफियाओं के सामने सिस्टम की चुप्पी यूँ ही बनी रहेगी? जनता जवाब चाहती है, और जल्द।
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    चैनपुर (गुमला): चैनपुर प्रखंड में अवैध ईंट भट्ठों का कारोबार बेलगाम होता जा रहा है। नियम-कानून को ताक पर रखकर अवैध खनन से निकाली गई मिट्टी से बड़े पैमाने पर ईंट निर्माण किया जा रहा है। बिना किसी वैध अनुमति, पर्यावरण स्वीकृति और खनन लाइसेंस के चल रहे ये ईंट भट्ठे न सिर्फ सरकारी राजस्व को चूना लगा रहे हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के दावों की भी पोल खोल रहे हैं।
प्रखंड के कई इलाकों में सड़क किनारे और आबादी के पास ही बंगला ईंट भट्ठे धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं। दिन-रात धुआं उगलते ये भट्ठे आसपास के पर्यावरण को जहरीला बना रहे हैं। भट्ठों में ईंधन के रूप में हरे पेड़ों की कटाई कर लकड़ियां झोंकी जा रही हैं, जिससे वन क्षेत्र और हरियाली पर सीधा हमला हो रहा है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यह सब अंचल कार्यालय और संबंधित विभागों की जानकारी के बिना कैसे संभव है? ट्रैक्टरों से मिट्टी ढुलाई, भट्ठों में लगातार निर्माण और खुलेआम बिक्री—सब कुछ प्रशासन की आंखों के सामने चल रहा है। फिर भी अब तक न तो किसी भट्ठे को सील किया गया, न ही खनन पर रोक लगी।
पर्यावरण नियमों के अनुसार ईंट भट्ठा संचालन के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश हैं, लेकिन चैनपुर में इन नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। जानकारों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो इसका दीर्घकालीन असर हवा, पानी और जनस्वास्थ्य पर पड़ेगा।
अब सवाल सीधे तौर पर अंचल अधिकारी, खनन विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से है—क्या चैनपुर में चल रहे अवैध ईंट भट्ठों पर कार्रवाई होगी, या फिर माफियाओं के सामने सिस्टम की चुप्पी यूँ ही बनी रहेगी? जनता जवाब चाहती है, और जल्द।
    user_चैनपुरअपडेट
    चैनपुरअपडेट
    Journalist चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    2 hrs ago
  • गुमला : जिले में संचालित प्रोजेक्ट द्वार के अंतर्गत आज उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित द्वारा रायडीह प्रखंड के सुदूरवर्ती क्षेत्र स्थित जरजट्टा पंचायत के राजस्व ग्राम कड़ांग का दौरा किया गया। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण गांव तक पहुंचने के लिए उपायुक्त द्वारा लगभग दो किलोमीटर की दूरी पैदल तय की गई। यह पहली बार था जब किसी उपायुक्त ने इस गांव तक प्रत्यक्ष रूप से पहुंचकर ग्रामीणों से संवाद स्थापित किया।लगभग 235 की आबादी वाले इस गांव में पहुंचकर उपायुक्त ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। ग्रामीणों द्वारा मुख्य रूप से सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं कृषि से संबंधित कठिनाइयों की जानकारी दी गई। ग्रामीणों को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि प्रोजेक्ट द्वार का उद्देश्य यही है कि प्रशासन स्वयं गांव तक पहुंचे, लोगों को योजनाओं का लाभ कैंप के माध्यम से उपलब्ध कराए और किसी भी नागरिक को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।सड़क की समस्या को लेकर उपायुक्त ने बताया कि कोजांग से कड़ांग वाया ढाउटोली तक लगभग 3.5 किलोमीटर सड़क निर्माण हेतु प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत सर्वे कराया जा रहा है। साथ ही तत्काल आवागमन सुविधा सुनिश्चित करने के लिए मनरेगा योजना के तहत अस्थायी सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ कराने का निर्देश दिया गया। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि भेलवाडीह से सान्याकोना वाया कोजांग-खुटियारी तक लगभग 5 किलोमीटर सड़क निर्माण की स्वीकृति मुख्यमंत्री ग्राम सड़क सुदृढ़ीकरण योजना के अंतर्गत प्राप्त हो चुकी है, जिसका टेंडर पूर्ण कर लिया गया है और अप्रैल 2026 तक निर्माण कार्य पूर्ण होने की संभावना है। इसके अतिरिक्त नवागढ़ से बासुदेवकोना तक 3.10 किलोमीटर सड़क का निर्माण एमएमजीएसएसवाई के तहत तथा बासुदेवकोना से भेलवाडीह प्राथमिक विद्यालय तक 4.50 किलोमीटर सड़क का निर्माण प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत विशेष प्रमंडल द्वारा कराया जा रहा है, जिसे अप्रैल माह तक पूर्ण किए जाने की संभावना है। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि सभी स्वीकृत सड़क कार्य आगामी तीन माह के भीतर प्रारंभ हो जाएंगे।स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर विशेष ध्यान देते हुए उपायुक्त ने गर्भवती महिलाओं से अपील की कि वे आठवें माह के अंत या नौवें माह से पूर्व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में समय से आ जाएं, जिससे किसी भी प्रकार का जोखिम न रहे। उन्होंने आश्वस्त किया कि स्वास्थ्य केंद्र में आवश्यक देखभाल की व्यवस्था की जाएगी तथा संबंधित परिवारों को मनरेगा के माध्यम से रोजगार और मजदूरी भी उपलब्ध कराई जाएगी। जब तक स्थायी सड़क निर्माण पूर्ण नहीं हो जाता, तब तक मनरेगा के माध्यम से एम्बुलेंस आवागमन योग्य मार्ग बनाने के निर्देश भी दिए गए।विद्यालयों के निरीक्षण के क्रम में भूर घाटी विद्यालय में पेयजल की समस्या को दूर करने का निर्देश दिया गया तथा प्राथमिक विद्यालय के पक्कीकरण की आवश्यकता पर भी संबंधित विभाग को आवश्यक कार्रवाई हेतु कहा गया। आंगनबाड़ी एवं मिनी आंगनबाड़ी केंद्र की मांग पर समाज कल्याण पदाधिकारी को प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया गया। वैक्सीनेशन को लेकर जानकारी लेते हुए उपायुक्त ने एएनएम को नियमित रूप से गांव में आने तथा प्रत्येक माह एक निर्धारित सोमवार को भ्रमण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।ग्रामीणों द्वारा बिजली कनेक्शन की मांग तथा पंचायत भवन क्षेत्र में नेटवर्क कवरेज की समस्या से अवगत कराए जाने पर उपायुक्त ने संबंधित विभागों को समाधान के लिए आवश्यक पहल करने की बात कही। कृषि कार्यों के लिए पंपसेट की मांग पर भी आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। एक अनाथ बच्चे को चाइल्ड स्पॉन्सरशिप योजना का लाभ देने की घोषणा भी की गई।दौरे के दौरान उपायुक्त ने बच्चों एवं अभिभावकों को स्वच्छता और सुरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए बच्चों को नियमित रूप से चप्पल पहनने की सलाह दी तथा न पहनने से होने वाले संभावित खतरों की जानकारी दी। इस दौरान जिन बच्चों के पास चप्पल नहीं थी, उनके बीच उपायुक्त द्वारा स्वयं चप्पल का वितरण किया गया। साथ ही उन्होंने बच्चों को शिक्षा के महत्व के बारे में बताते हुए कहा कि शिक्षित होना आत्मनिर्भर बनने का सबसे सशक्त माध्यम है।आज ही रायडीह प्रखंड के जरजट्टा पंचायत अंतर्गत राजस्व ग्राम कड़ांग में जिला एवं प्रखंड प्रशासन द्वारा एकीकृत सेवा कैंप का आयोजन किया गया। इस कैंप के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा पेंशन, आयुष्मान कार्ड, जॉब कार्ड, विभिन्न प्रमाण पत्र, मातृत्व एवं बालिका कल्याण योजनाएं, पशुधन योजनाएं, बीज एवं कंबल वितरण सहित अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ ग्रामीणों को मौके पर ही प्रदान किया गया। साथ ही स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन कर 78 लोगों की जांच की गई एवं निःशुल्क दवाएं वितरित की गईं।इस दौरान उपायुक्त द्वारा स्वयं मूंगा (सहजन) का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण एवं पोषण संवर्धन का संदेश दिया गया, साथ ही ग्रामीणों के बीच 30 से अधिक सहजन के पौधों का वितरण करते हुए उनके नियमित सेवन हेतु प्रेरित किया गया एवं सहजन के स्वास्थ्यवर्धक गुणों और पोषण लाभों के प्रति ग्रामीणों को जागरूक किया गया।इस अवसर पर निदेशक डीआरडीए, कार्यपालक अभियंता पीएचईडी, कार्यपालक अभियंता विद्युत विभाग, जिला कृषि पदाधिकारी, भूमि संरक्षण पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी रायडीह , सहायक जिला जनसंपर्क पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।
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    गुमला : जिले में संचालित प्रोजेक्ट द्वार के अंतर्गत आज उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित द्वारा रायडीह प्रखंड के सुदूरवर्ती क्षेत्र स्थित जरजट्टा पंचायत के राजस्व ग्राम कड़ांग का दौरा किया गया। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण गांव तक पहुंचने के लिए उपायुक्त द्वारा लगभग दो किलोमीटर की दूरी पैदल तय की गई। यह पहली बार था जब किसी उपायुक्त ने इस गांव तक प्रत्यक्ष रूप से पहुंचकर ग्रामीणों से संवाद स्थापित किया।लगभग 235 की आबादी वाले इस गांव में पहुंचकर उपायुक्त ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। ग्रामीणों द्वारा मुख्य रूप से सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं कृषि से संबंधित कठिनाइयों की जानकारी दी गई। ग्रामीणों को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि प्रोजेक्ट द्वार का उद्देश्य यही है कि प्रशासन स्वयं गांव तक पहुंचे, लोगों को योजनाओं का लाभ कैंप के माध्यम से उपलब्ध कराए और किसी भी नागरिक को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।सड़क की समस्या को लेकर उपायुक्त ने बताया कि कोजांग से कड़ांग वाया ढाउटोली तक लगभग 3.5 किलोमीटर सड़क निर्माण हेतु प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत सर्वे कराया जा रहा है। साथ ही तत्काल आवागमन सुविधा सुनिश्चित करने के लिए मनरेगा योजना के तहत अस्थायी सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ कराने का निर्देश दिया गया। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि भेलवाडीह से सान्याकोना वाया कोजांग-खुटियारी तक लगभग 5 किलोमीटर सड़क निर्माण की स्वीकृति मुख्यमंत्री ग्राम सड़क सुदृढ़ीकरण योजना के अंतर्गत प्राप्त हो चुकी है, जिसका टेंडर पूर्ण कर लिया गया है और अप्रैल 2026 तक निर्माण कार्य पूर्ण होने की संभावना है। इसके अतिरिक्त नवागढ़ से बासुदेवकोना तक 3.10 किलोमीटर सड़क का निर्माण एमएमजीएसएसवाई के तहत तथा बासुदेवकोना से भेलवाडीह प्राथमिक विद्यालय तक 4.50 किलोमीटर सड़क का निर्माण प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत विशेष प्रमंडल द्वारा कराया जा रहा है, जिसे अप्रैल माह तक पूर्ण किए जाने की संभावना है। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि सभी स्वीकृत सड़क कार्य आगामी तीन माह के भीतर प्रारंभ हो जाएंगे।स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर विशेष ध्यान देते हुए उपायुक्त ने गर्भवती महिलाओं से अपील की कि वे आठवें माह के अंत या नौवें माह से पूर्व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में समय से आ जाएं, जिससे किसी भी प्रकार का जोखिम न रहे। उन्होंने आश्वस्त किया कि स्वास्थ्य केंद्र में आवश्यक देखभाल की व्यवस्था की जाएगी तथा संबंधित परिवारों को मनरेगा के माध्यम से रोजगार और मजदूरी भी उपलब्ध कराई जाएगी। जब तक स्थायी सड़क निर्माण पूर्ण नहीं हो जाता, तब तक मनरेगा के माध्यम से एम्बुलेंस आवागमन योग्य मार्ग बनाने के निर्देश भी दिए गए।विद्यालयों के निरीक्षण के क्रम में भूर घाटी विद्यालय में पेयजल की समस्या को दूर करने का निर्देश दिया गया तथा प्राथमिक विद्यालय के पक्कीकरण की आवश्यकता पर भी संबंधित विभाग को आवश्यक कार्रवाई हेतु कहा गया। आंगनबाड़ी एवं मिनी आंगनबाड़ी केंद्र की मांग पर समाज कल्याण पदाधिकारी को प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया गया। वैक्सीनेशन को लेकर जानकारी लेते हुए उपायुक्त ने एएनएम को नियमित रूप से गांव में आने तथा प्रत्येक माह एक निर्धारित सोमवार को भ्रमण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।ग्रामीणों द्वारा बिजली कनेक्शन की मांग तथा पंचायत भवन क्षेत्र में नेटवर्क कवरेज की समस्या से अवगत कराए जाने पर उपायुक्त ने संबंधित विभागों को समाधान के लिए आवश्यक पहल करने की बात कही। कृषि कार्यों के लिए पंपसेट की मांग पर भी आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। एक अनाथ बच्चे को चाइल्ड स्पॉन्सरशिप योजना का लाभ देने की घोषणा भी की गई।दौरे के दौरान उपायुक्त ने बच्चों एवं अभिभावकों को स्वच्छता और सुरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए बच्चों को नियमित रूप से चप्पल पहनने की सलाह दी तथा न पहनने से होने वाले संभावित खतरों की जानकारी दी। इस दौरान जिन बच्चों के पास चप्पल नहीं थी, उनके बीच उपायुक्त द्वारा स्वयं चप्पल का वितरण किया गया। साथ ही उन्होंने बच्चों को शिक्षा के महत्व के बारे में बताते हुए कहा कि शिक्षित होना आत्मनिर्भर बनने का सबसे सशक्त माध्यम है।आज ही रायडीह प्रखंड के जरजट्टा पंचायत अंतर्गत राजस्व ग्राम कड़ांग में जिला एवं प्रखंड प्रशासन द्वारा एकीकृत सेवा कैंप का आयोजन किया गया। इस कैंप के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा पेंशन, आयुष्मान कार्ड, जॉब कार्ड, विभिन्न प्रमाण पत्र, मातृत्व एवं बालिका कल्याण योजनाएं, पशुधन योजनाएं, बीज एवं कंबल वितरण सहित अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ ग्रामीणों को मौके पर ही प्रदान किया गया। साथ ही स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन कर 78 लोगों की जांच की गई एवं निःशुल्क दवाएं वितरित की गईं।इस दौरान उपायुक्त द्वारा स्वयं मूंगा (सहजन) का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण एवं पोषण संवर्धन का संदेश दिया गया, साथ ही ग्रामीणों के बीच 30 से अधिक सहजन के पौधों का वितरण करते हुए उनके नियमित सेवन हेतु प्रेरित किया गया एवं सहजन के स्वास्थ्यवर्धक गुणों और पोषण लाभों के प्रति ग्रामीणों को जागरूक किया गया।इस अवसर पर निदेशक डीआरडीए, कार्यपालक अभियंता पीएचईडी, कार्यपालक अभियंता विद्युत विभाग, जिला कृषि पदाधिकारी, भूमि संरक्षण पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी रायडीह , सहायक जिला जनसंपर्क पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।
    user_Sunderam Keshri
    Sunderam Keshri
    Journalist चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    19 hrs ago
  • ब्राउन शुगर के साथ दो आरोपी को सिसई पुलिस ने किया गिरफ्तार
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    ब्राउन शुगर के साथ दो आरोपी को सिसई पुलिस ने किया गिरफ्तार
    user_उदय कुशवाहा
    उदय कुशवाहा
    Journalist सिसई, गुमला, झारखंड•
    2 hrs ago
  • उर्दू स्कूल में 35 साल से शासन कर रहा है..🤔😱
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    उर्दू स्कूल में 35 साल से शासन कर रहा है..🤔😱
    user_AAM JANATA
    AAM JANATA
    Journalist लोहरदगा, लोहरदगा, झारखंड•
    4 hrs ago
  • DAV मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल पंडरीपानी में भव्य एनुअल फंक्शन | Students का शानदार परफॉर्मेंस पत्थलगांव विकासखंड के पंडरीपानी स्थित DAV मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल में एनुअल फंक्शन का आयोजन अत्यंत उत्साह और गरिमामय वातावरण में किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों के अभिभावक, समाजसेवी, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं क्षेत्र के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। नन्हे विद्यार्थियों से लेकर सीनियर छात्रों तक ने नृत्य, गीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया, जिसने सभी अतिथियों का दिल जीत लिया। इस अवसर पर Jashpur Times ने विद्यालय प्राचार्य, अभिभावकों और क्षेत्रवासियों से बातचीत कर उनका फीडबैक भी लिया। Jashpur Times – सच सब तक।
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    DAV मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल पंडरीपानी में भव्य एनुअल फंक्शन | Students का शानदार परफॉर्मेंस
पत्थलगांव विकासखंड के पंडरीपानी स्थित DAV मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल में एनुअल फंक्शन का आयोजन अत्यंत उत्साह और गरिमामय वातावरण में किया गया।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों के अभिभावक, समाजसेवी, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं क्षेत्र के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
नन्हे विद्यार्थियों से लेकर सीनियर छात्रों तक ने नृत्य, गीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया, जिसने सभी अतिथियों का दिल जीत लिया।
इस अवसर पर Jashpur Times ने विद्यालय प्राचार्य, अभिभावकों और क्षेत्रवासियों से बातचीत कर उनका फीडबैक भी लिया।
Jashpur Times – सच सब तक।
    user_Ibnul khan
    Ibnul khan
    Reporter कांसबेल, जशपुर, छत्तीसगढ़•
    7 hrs ago
  • Post by Vikash Tirkey
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    Post by Vikash Tirkey
    user_Vikash Tirkey
    Vikash Tirkey
    Yoga instructor बतौली, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    3 hrs ago
  • अंबिकापुर जिला न्यायालय को बम से उड़ने की धमकी ईमेल मिलते ही मचा हड़कंप अम्बिकापुर. छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिला मुख्यालय अम्बिकापुर स्थित जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया. न्यायालय के आधिकारिक ईमेल आईडी पर धमकी भरा मेल प्राप्त होते ही प्रशासन और पुलिस महकमा सतर्क हो गया. सूचना के बाद न्यायालय परिसर और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. न्यायालय आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति की सघन जांच की जा रही है. पुलिस कर्मियों द्वारा बाइक, कार, बैग सहित आगंतुकों की बारीकी से तलाशी ली जा रही है. परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, वहीं पीटीएस की टीम भी मौके पर मौजूद रहकर लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है. इस मामले में सरगुजा एसएसपी एवं डीआईजी राजेश कुमार अग्रवाल ने बताया कि न्यायालय को ईमेल के जरिए धमकी मिलने की सूचना के बाद तत्काल पुलिस बल तैनात किया गया है. पीटीएस की टीम द्वारा पूरे परिसर की जांच की जा रही है. उन्होंने कहा कि जो ईमेल प्राप्त हुआ है, उसे गंभीरता से संज्ञान में लिया गया है और यह पता लगाया जा रहा है कि मेल कहां से और किसने भेजा है, साथ ही उसके पीछे का उद्देश्य क्या है. फिलहाल जांच के दौरान कोई भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति नहीं मिला है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से मजबूत की गई है और लगातार चेकिंग जारी है. उन्होंने बताया कि यह मेल आउटलुक से भेजा गया है और उसकी तकनीकी जांच की जा रही है. बता दें कि, कुछ दिन पहले जिला न्यायालय परिसर से लगे एक बड़े भूभाग पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई थी. इस दौरान न्यायालय से सटे क्षेत्र में करीब एक दर्जन से अधिक परिवारों और गुलाब कॉलोनी क्षेत्र में बुलडोजर चलाकर कब्जा हटाया गया था. गौरतलब है कि इससे पहले भी छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव और बिलासपुर जिलों में न्यायालयों को बम से उड़ाने की धमकी भरे मेल मिल चुके हैं. हालांकि उन मामलों में पुलिस की सघन तलाशी के बाद कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली थी. बावजूद इसके, पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है और अम्बिकापुर न्यायालय परिसर की सुरक्षा में किसी भी तरह की चूक नहीं बरती जा रही है.
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    अंबिकापुर जिला न्यायालय को बम से उड़ने की धमकी ईमेल मिलते ही मचा हड़कंप
अम्बिकापुर. छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिला मुख्यालय अम्बिकापुर स्थित जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया. न्यायालय के आधिकारिक ईमेल आईडी पर धमकी भरा मेल प्राप्त होते ही प्रशासन और पुलिस महकमा सतर्क हो गया. सूचना के बाद न्यायालय परिसर और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.
न्यायालय आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति की सघन जांच की जा रही है. पुलिस कर्मियों द्वारा बाइक, कार, बैग सहित आगंतुकों की बारीकी से तलाशी ली जा रही है. परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, वहीं पीटीएस की टीम भी मौके पर मौजूद रहकर लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है.
इस मामले में सरगुजा एसएसपी एवं डीआईजी राजेश कुमार अग्रवाल ने बताया कि न्यायालय को ईमेल के जरिए धमकी मिलने की सूचना के बाद तत्काल पुलिस बल तैनात किया गया है. पीटीएस की टीम द्वारा पूरे परिसर की जांच की जा रही है. उन्होंने कहा कि जो ईमेल प्राप्त हुआ है, उसे गंभीरता से संज्ञान में लिया गया है और यह पता लगाया जा रहा है कि मेल कहां से और किसने भेजा है, साथ ही उसके पीछे का उद्देश्य क्या है. फिलहाल जांच के दौरान कोई भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति नहीं मिला है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से मजबूत की गई है और लगातार चेकिंग जारी है. उन्होंने बताया कि यह मेल आउटलुक से भेजा गया है और उसकी तकनीकी जांच की जा रही है.
बता दें कि, कुछ दिन पहले जिला न्यायालय परिसर से लगे एक बड़े भूभाग पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई थी. इस दौरान न्यायालय से सटे क्षेत्र में करीब एक दर्जन से अधिक परिवारों और गुलाब कॉलोनी क्षेत्र में बुलडोजर चलाकर कब्जा हटाया गया था.
गौरतलब है कि इससे पहले भी छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव और बिलासपुर जिलों में न्यायालयों को बम से उड़ाने की धमकी भरे मेल मिल चुके हैं. हालांकि उन मामलों में पुलिस की सघन तलाशी के बाद कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली थी. बावजूद इसके, पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है और अम्बिकापुर न्यायालय परिसर की सुरक्षा में किसी भी तरह की चूक नहीं बरती जा रही है.
    user_Jarif Khan
    Jarif Khan
    Journalist सीतापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    21 hrs ago
  • लोहरदगा में :- शिवलिंग को नदी में तोड़फोड़ करने के बाद श्रद्धालुओं में गहरा दुःख हैं? #shivling #new
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    लोहरदगा में :- शिवलिंग को नदी में तोड़फोड़ करने के बाद श्रद्धालुओं में गहरा दुःख हैं? #shivling #new
    user_AAM JANATA
    AAM JANATA
    Journalist लोहरदगा, लोहरदगा, झारखंड•
    17 hrs ago
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