शाहजहांपुर में बुधवार, 27 मई को जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने कलेक्ट्रेट स्थित अपने कार्यालय कक्ष में आयोजित जनता दर्शन में फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इन शिकायतों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के स्पष्ट निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने जोर दिया कि विभिन्न माध्यमों से प्राप्त होने वाली शिकायतों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही या हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को शिकायतों के निस्तारण में वास्तविकता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने को कहा, साथ ही जांच की आवश्यकता वाले प्रकरणों में शीघ्रता से प्रक्रिया पूरी कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। जनता दर्शन के दौरान, जिलाधिकारी ने गंभीर मामलों में संबंधित उपजिलाधिकारियों एवं तहसीलदारों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और दूरभाष के माध्यम से तुरंत बातचीत कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने राजस्व विभाग सहित सभी विभागीय अधिकारियों से पूरी संवेदनशीलता और मनोयोग से कार्य करने, तथा जनसमस्याओं के समाधान में कोई ढिलाई न बरतने की अपेक्षा की। जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि शासन की मंशा के अनुरूप आमजन को त्वरित न्याय एवं राहत उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
शाहजहांपुर में बुधवार, 27 मई को जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने कलेक्ट्रेट स्थित अपने कार्यालय कक्ष में आयोजित जनता दर्शन में फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इन शिकायतों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के स्पष्ट निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने जोर दिया कि विभिन्न माध्यमों से प्राप्त होने वाली शिकायतों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही या हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को शिकायतों के निस्तारण में वास्तविकता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने को कहा, साथ ही जांच की आवश्यकता वाले प्रकरणों में शीघ्रता से प्रक्रिया पूरी कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। जनता दर्शन के दौरान, जिलाधिकारी ने गंभीर मामलों में संबंधित उपजिलाधिकारियों एवं तहसीलदारों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और दूरभाष के माध्यम से तुरंत बातचीत कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने राजस्व विभाग सहित सभी विभागीय अधिकारियों से पूरी संवेदनशीलता और मनोयोग से कार्य करने, तथा जनसमस्याओं के समाधान में कोई ढिलाई न बरतने की अपेक्षा की। जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि शासन की मंशा के अनुरूप आमजन को त्वरित न्याय एवं राहत उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
- भीषण गर्मी और हीटवेव के बीच, भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने एक महत्वपूर्ण अलर्ट जारी किया है। इसके अनुसार, 29 मई को उत्तर प्रदेश, दिल्ली और बिहार सहित देश के लगभग 15 राज्यों में तेज बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना है। कई इलाकों में हवा की रफ्तार 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुँच सकती है, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों को अत्यधिक सतर्क रहने की सलाह दी है और कहा है कि खराब मौसम के दौरान बेवजह घरों से बाहर न निकलें। तेज हवाओं के कारण पेड़-पौधे उखड़ने के साथ-साथ बिजली के खंभे और कमजोर ढाँचे क्षतिग्रस्त होने की आशंका है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज बारिश और ओलावृष्टि भी हो सकती है। किसानों और मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी जारी करते हुए उन्हें खेतों और जल क्षेत्रों में अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है; साथ ही, खुले स्थानों, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी से कुछ राहत मिलने की संभावना है और तापमान में गिरावट दर्ज हो सकती है। हालांकि, तेज आंधी और बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा। प्रशासन ने लोगों से मौसम संबंधी अपडेट पर लगातार नज़र रखने और सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की है।1
- शाहजहांपुर में बुधवार, 27 मई को जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने कलेक्ट्रेट स्थित अपने कार्यालय कक्ष में आयोजित जनता दर्शन में फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इन शिकायतों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के स्पष्ट निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने जोर दिया कि विभिन्न माध्यमों से प्राप्त होने वाली शिकायतों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही या हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को शिकायतों के निस्तारण में वास्तविकता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने को कहा, साथ ही जांच की आवश्यकता वाले प्रकरणों में शीघ्रता से प्रक्रिया पूरी कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। जनता दर्शन के दौरान, जिलाधिकारी ने गंभीर मामलों में संबंधित उपजिलाधिकारियों एवं तहसीलदारों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और दूरभाष के माध्यम से तुरंत बातचीत कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने राजस्व विभाग सहित सभी विभागीय अधिकारियों से पूरी संवेदनशीलता और मनोयोग से कार्य करने, तथा जनसमस्याओं के समाधान में कोई ढिलाई न बरतने की अपेक्षा की। जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि शासन की मंशा के अनुरूप आमजन को त्वरित न्याय एवं राहत उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।1
- उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले के अमृतपुर थाना क्षेत्र से घरेलू हिंसा का एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है, जहाँ एक विवाहिता राजकुमारी ने अपने पति अवनीश और ससुरालियों पर लगातार प्रताड़ना, मारपीट और घर से बेदखल करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का कहना है कि यह अत्याचार लंबे समय से चल रहा है और कई बार मामला थाने तक पहुँचा, लेकिन हर बार समझौते और आश्वासन के नाम पर उसे न्याय नहीं मिल सका। थाना अमृतपुर क्षेत्र के ग्राम पिथनापुर निवासी राजकुमारी पत्नी अवनीश ने थाना प्रभारी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उसका पति अवनीश पुत्र दिवारीलाल अग्निहोत्री आए दिन उसके साथ अभद्रता और मारपीट करता है। पीड़िता के अनुसार, पति और उसके परिजनों ने कई बार उसके साथ बेरहमी से मारपीट की और घर से निकाल दिया। उसने आरोप लगाया कि 27 मई 2026 की रात करीब 8 बजे, मामूली बात पर पति अवनीश आगबबूला हो गया, गंदी गालियाँ दीं और विरोध करने पर लात-घूँसों से उसकी जमकर पिटाई कर दी। मारपीट के बाद उसे घर से बाहर निकाल दिया गया और दोबारा घर आने पर जान से मारने की धमकी दी गई। भय और दहशत के माहौल में महिला किसी तरह देर रात अमृतपुर थाने पहुँची और पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर इंसाफ की गुहार लगाई। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले की जाँच शुरू कर दी है। यह घटना भाजपा सरकार के नारी सुरक्षा और नारी सशक्तिकरण के दावों पर सवाल उठाती है, जहाँ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पुलिस प्रशासन के सख्ती के दावों के बावजूद जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोलती नजर आती है। अमृतपुर थाना अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह का कहना है कि पुलिस द्वारा पीड़ित महिला को घर में रहने के लिए पूरा सहयोग किया जा रहा है, जबकि पति घर का ताला लगाकर फरार हो गया है। लगातार शिकायतों के बावजूद पीड़िता को समय रहते न्याय न मिल पाना, समाज और प्रशासन दोनों के सामने गंभीर सवाल खड़े कर रहा है और कानून का डर कम होता दिखाई दे रहा है।2
- उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले के जलालाबाद थाना क्षेत्र स्थित ढका उजेरा ग्राम के पास गंगा एक्सप्रेस-वे पर बने एक पेट्रोल पंप से एक वाहन स्वामी का पर्स गायब होने का मामला सामने आया है। पीड़ित संजय गुप्ता के अनुसार, पर्स में लगभग ₹50 हजार नकद, आधार कार्ड और कई अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज थे। गुप्ता ने पेट्रोल पंप प्रबंधन पर असहयोग करने और सीसीटीवी फुटेज दिखाने से मना करने का गंभीर आरोप लगाया है। इस घटना के संबंध में जलालाबाद थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है। वहीं, पेट्रोल पंप संचालक ने बताया है कि पहले कैमरे लगे हुए थे, लेकिन ठेकेदार उन्हें निकाल ले गया, जिसके कारण इस समय पेट्रोल पंप पर सीसीटीवी कैमरे उपलब्ध नहीं हैं। पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।1
- बकरीद जैसे संवेदनशील त्योहार पर शाहाबाद के मोहल्ला चौक में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब दो पक्षों के बीच अचानक हिंसक विवाद छिड़ गया। देखते ही देखते दोनों ओर से लाठी-डंडे चलने लगे और बीच बाजार की सड़क एक 'दंगल' का अखाड़ा बन गई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पुलिस की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हैरानी की बात यह है कि इस घटना से ठीक एक दिन पहले ही, त्योहार को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से इलाके में भारी पुलिस बल के साथ फ्लैग मार्च निकाला गया था। लेकिन अगले ही दिन दबंगों ने खुलेआम बवाल कर पुलिस के खौफ को सीधी चुनौती दे डाली। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर त्योहार के दिन भी सरेआम लाठियां चलेंगी, तो आम जनता खुद को सुरक्षित कैसे महसूस करेगी। फिलहाल पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच में जुट गई है और आरोपियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। प्रशासन ने दावा किया है कि माहौल बिगाड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।1